TVK
DMK
AIADMK
IND
NTK
नोटा
NOTA
IND
IND
IND
VTVTK
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AIPTMMK
IND
IND
IND
IND
PROBC
IND
IND
IND
IND
IND
Mettuppalayam Vidhan Sabha Results Live: तमिलनाडु के मेट्टुप्पलयम विधानसभा क्षेत्र में TVK का दबदबा, DMK को हराया
Tamil Nadu Assembly Election Results 2026 Live: दिग्गज उम्मीदवारों में कौन खुश होगा, किसे लगेगा झटका? जानें रुझानों में कौन आगे और कौन पीछे?
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मेट्टुप्पलयम विधानसभा क्षेत्र (संख्या 111) तमिलनाडु के कोयंबटूर जिले में नीलगिरि पहाड़ियों की तलहटी में स्थित है. यह एक बहुत ही महत्वपूर्ण क्षेत्र है. यह इलाका मैदानी पश्चिमी तमिलनाडु को कुन्नूर और उधगमंडलम जैसे पहाड़ी क्षेत्रों से जोड़ने वाला एक प्रवेश द्वार माना जाता है. ऐतिहासिक रूप से यह एक रेलवे और व्यापारिक शहर रहा है, लेकिन आज के समय में यह क्षेत्र अर्ध-शहरी विकास, पारंपरिक रोजगार और ट्रांजिट अर्थव्यवस्था का मिश्रण बन चुका है. यह नीलगिरि पर्वतीय रेल की शुरुआत का मुख्य बिंदु है और कोयंबटूर-ऊटी मार्ग का एक अहम जंक्शन भी है, इसलिए इसका महत्व इसके आकार से कहीं ज्यादा है.
शहरीकरण धीरे-धीरे बढ़ रहा है, लेकिन फिर भी यहां का माहौल छोटे शहर जैसा ही है, जहां खेती, नदी पर निर्भर काम और सर्विस सेक्टर के रोजगार प्रमुख हैं.
राजनीतिक और सामाजिक रूप से यह क्षेत्र काफी प्रतिस्पर्धी और विविधता वाला है. यहां के मतदाताओं में व्यापारी, छोटे उद्यमी, किसान मजदूर, टेक्सटाइल से जुड़े कामगार, ट्रांसपोर्ट वर्कर और बढ़ता हुआ मध्यम वर्ग शामिल है. अल्पसंख्यक समुदाय मौजूद हैं, लेकिन नीलगिरि के पहाड़ी क्षेत्रों की तुलना में उनका प्रभाव कम है. यहां वोटिंग पैटर्न अक्सर स्थानीय नेताओं के काम और विकास कार्यों पर निर्भर करता है.
भौगोलिक रूप से यह क्षेत्र भवानी नदी के बेसिन में स्थित है, जहां नहरों और भूजल के माध्यम से सिंचाई होती है और अच्छी खेती होती है. यह कोयंबटूर शहर को नीलगिरि से जोड़ने वाला एक प्रमुख ट्रांजिट हब है, खासकर मेट्टूपालयम-कुन्नूर घाट रोड के जरिए. लेकिन इसी कारण यहां ट्रैफिक की समस्या भी बढ़ती जा रही है. रेलवे फाटक, सड़क जाम और पर्यटन के कारण वाहनों का दबाव लगातार बढ़ रहा है. मानसून के समय नदी के किनारे वाले इलाकों में बाढ़ और खराब जल निकासी की समस्या बार-बार देखने को मिलती है.
इस क्षेत्र के प्रमुख स्थानों में मेट्टुप्पलयम टाउन मार्केट एरिया, रेलवे स्टेशन और एनएमआर यार्ड, करामडई जंक्शन, सिरुमुगई का जंगल क्षेत्र, भवानी नदी के किनारे बसे गांव, मेट्टुप्पलयम-कुन्नूर घाट रोड, बस स्टैंड और मुख्य व्यापारिक इलाका शामिल हैं.
यहां की मुख्य समस्याओं में ट्रैफिक जाम और रेलवे गेट पर देरी, बरसात में पानी भरना और खराब ड्रेनेज, भारी पर्यटक ट्रैफिक से सड़कों का खराब होना, गर्मियों में पीने के पानी की कमी, सरकारी अस्पतालों की सीमित क्षमता, कचरा प्रबंधन की दिक्कतें, युवाओं के लिए रोजगार के कम अवसर और सड़कों व नदी किनारों पर अतिक्रमण शामिल हैं.
मतदाताओं का मूड भी अलग-अलग जरूरतों के अनुसार बदलता है. व्यापारी बेहतर ट्रांसपोर्ट और बाजार तक आसान पहुंच चाहते हैं, किसान सिंचाई और बाढ़ नियंत्रण की मांग करते हैं, युवा रोजगार और स्किल डेवलपमेंट की तलाश में हैं, महिलाएं पानी, साफ-सफाई और सुरक्षा को प्राथमिकता देती हैं, जबकि शहर के लोग ट्रैफिक और ड्रेनेज की समस्या का समाधान चाहते हैं. यहां के मतदाता काम के आधार पर निर्णय लेते हैं और अगर उन्हें सही विकास नहीं मिलता, तो वे नए विकल्पों के लिए भी तैयार रहते हैं.
Shanmugasundaram T R
DMK
Yasmin K
NTK
Nota
NOTA
Saravanan P
AMMKMNKZ
Srinivasan S
IND
Maheshwaran K
VTVTK
Shanmugasundaram P
IND
Liakathali O
IND
Shanmugasundaram K
IND
Mariappan T
IND
तमिलनाडु में फ्लोर टेस्ट से ठीक पहले बड़ा कानूनी मोड़ आ गया है. मद्रास हाईकोर्ट ने TVK विधायक श्रीनिवास सेतुपति को सदन में वोट देने से रोक दिया, जिसके खिलाफ उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है. पोस्टल बैलेट विवाद से जुड़ा यह मामला अब राज्य की सियासत के साथ संवैधानिक बहस का केंद्र बन गया है.
तमिलनाडु में AIADMK के भीतर अब खुली बगावत दिखाई देने लगी है. पार्टी के दो गुट अलग-अलग दावों के साथ प्रोटेम स्पीकर से मिलने पहुंचे हैं. एक गुट एडप्पादी K पलानीस्वामी को विधायक दल का नेता बनाए रखने के पक्ष में है, जबकि दूसरा गुट नेतृत्व परिवर्तन की मांग कर रहा है.
तमिलनाडु चुनावों में हार के बाद AIADMK के भीतर बगावत सामने आई है. पार्टी के वरिष्ठ नेता CV शनमुगम से जुड़े विधायकों और पूर्व मंत्रियों के एक गुट ने पार्टी प्रमुख पलानीस्वामी से इस्तीफे की मांग कर दी है. लगातार चुनावी हार की वजह से पार्टी के भीतर संभावित फूट की अटकलों को तेज कर दिया है.
तमिलनाडु की राजनीति में कभी अजेय मानी जाने वाली अन्नाद्रमुक आज अपने वजूद की सबसे कठिन लड़ाई लड़ रही है. लगातार चौथी हार और आंतरिक बगावत ने 'दो पत्तों' वाली इस विरासत को दो फाड़ होने के कगार पर खड़ा कर दिया है.
तमिलनाडु में सरकार गठन के बीच CPI और CPI(M) ने विजय की टीवीके को बाहरी समर्थन देने का फैसला किया है. वाम दलों ने खुलासा किया कि डीएमके चाहती थी कि वे एआईएडीएमके को समर्थन दें, लेकिन इसे अस्वीकार्य मानते हुए उन्होंने टीवीके का साथ चुना. एमए बेबी ने कहा कि वाम दल डीएमके के साथ वैचारिक रिश्ते जारी रखेंगे, लेकिन टीवीके सरकार में कोई मंत्री पद नहीं मांगेंगे.
थलपति विजय और अरविंद केजरीवाल दोनों ही स्थापित व्यवस्था को चुनौती देने वाले 'डिसरप्टर्स' के रूप में उभरे, जहां विजय का करिश्मा सिनेमाई पर्दे से आता है, वहीं केजरीवाल का आधार ज़मीनी सक्रियता थी, लेकिन दोनों ही जनता की राजनीतिक हताशा और बदलाव की तीव्र आकांक्षा के प्रतीक हैं.
तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) को कांग्रेस का समर्थन मिल गया है, जिससे तमिलनाडु में सत्ता गठन का रास्ता साफ होता नजर आ रहा है. इसी बीच अभिनेता-राजनेता विजय ने राज्यपाल से मुलाकात कर सरकार बनाने का दावा पेश किया है.
कांग्रेस द्वारा TVK को समर्थन देने के फैसले ने सियासी हलचल तेज कर दी है. DMK ने इसे गठबंधन के साथ विश्वासघात बताते हुए तीखा हमला बोला है. पार्टी के वरिष्ठ नेता डीआर बालू ने कांग्रेस पर अवसरवादिता का आरोप लगाया है.
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तमिलनाडु में चुनाव नतीजों के बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गई है. अभिनेता-राजनेता विजय की पार्टी टीवीके सरकार गठन की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है. कांग्रेस ने टीवीके को समर्थन देने का ऐलान किया है, जबकि डीएमके ने इस फैसले पर नाराजगी जताई है. पहली बार चुनाव लड़कर 108 सीटें जीतने वाली टीवीके अब बहुमत जुटाने और नई सरकार बनाने की कोशिशों में लगी हुई है.