गोबीचेट्टीपलायम विधानसभा क्षेत्र, क्रमांक 106, कोंगु क्षेत्र के राजनीतिक रूप से बेहद सक्रिय और जागरूक इलाकों में से एक है. यहां चुनाव आमतौर पर कोंगु जातीय एकजुटता, किसानों की भावना और व्यापारियों के भरोसे पर तय होते हैं. सरकारी कल्याण योजनाओं का असर जरूर होता है, लेकिन असली निर्णायक मुद्दे कृषि, पानी की सुरक्षा और स्थानीय नेता की विश्वसनीयता होते हैं. यहां जीत-हार का अंतर आम तौर पर मध्यम और स्थिर रहता है, लेकिन यदि पानी की कमी या किसान आंदोलन जैसे हालात बन जाएं तो चुनावी समीकरण बदल सकते हैं. खास बात यह है कि पूर्व AIADMK के प्रभावशाली नेता और पूर्व मंत्री के. ए. सेंगोट्टैयन, जिन्होंने हाल ही में विजय के नेतृत्व वाली TVK पार्टी जॉइन की है, 2006 से लगातार इस सीट से जीतते आ रहे हैं.
इस क्षेत्र की सामाजिक और राजनीतिक बनावट में कुछ वोट बैंक बहुत प्रभावशाली हैं. कोंगु वेल्लालर गौंडर समुदाय यहां सबसे निर्णायक और संगठित मतदाता समूह है. इसके अलावा गन्ना, हल्दी, धान और केला उगाने वाले किसान, शहर के व्यापारी और कमीशन एजेंट, ग्रामीण और कस्बाई इलाकों के अनुसूचित जाति (SC) समुदाय, छोटे व्यवसायी और निजी क्षेत्र में काम करने वाले कर्मचारी भी चुनावी नतीजों में अहम भूमिका निभाते हैं. यहां आम धारणा है कि कोंगु एकता और किसानों का भरोसा, यही जीत का फॉर्मूला है.
भौगोलिक रूप से गोबीचेट्टीपलायम शहर इस क्षेत्र का व्यापारिक केंद्र (कमर्शियल न्यूक्लियस) है, जिसके चारों ओर घने कृषि प्रधान गांव बसे हुए हैं. यहां की खेती मुख्य रूप से भवानी नदी की सिंचाई व्यवस्था पर निर्भर करती है. यह इलाका सड़क मार्ग से सत्यमंगलम, इरोड और तिरुप्पुर से अच्छी तरह जुड़ा हुआ है. यहां की राजनीतिक हवा काफी हद तक पानी की उपलब्धता से तय होती है.
चुनावी हॉटस्पॉट की बात करें तो नहर से सिंचित किसान गांव, शुगर मिल और सहकारी समितियों से जुड़े इलाके, कोंगु बहुल आवासीय वार्ड, SC बस्तियां, और शहर के वे वार्ड जहां व्यापारी व सेवा वर्ग के लोग रहते हैं, ये सभी संवेदनशील क्षेत्र माने जाते हैं. इन इलाकों में मतदाता खास तौर पर पानी छोड़ने के फैसले, फसल की कीमत और सरकारी खरीद (प्रोक्योरमेंट) जैसे मुद्दों पर तुरंत प्रतिक्रिया देते हैं.
मुख्य मुद्दों में भवानी नदी का समय पर पानी छोड़ा जाना, गन्ने की खरीद कीमत और शुगर मिल से समय पर भुगतान, हल्दी की कीमत में स्थिरता, खेतों को जोड़ने वाली सड़कों की गुणवत्ता, सरकारी अस्पताल और शिक्षा सुविधाएं, तथा युवाओं का रोजगार के लिए पलायन शामिल हैं.
मतदाताओं की अपेक्षाओं के अनुसार यहां का विधायक ऐसा होना चाहिए जो किसानों के लिए आसानी से उपलब्ध हो, और जरूरत पड़ने पर PWD, राजस्व विभाग और कृषि विभाग में सीधे हस्तक्षेप कर सके. सिंचाई नहरों की सफाई (डीसिल्टिंग) और मरम्मत के काम दिखाई देने चाहिए. साथ ही जातीय संगठनों और सहकारी समितियों का सम्मान बनाए रखना भी जरूरी है. सूखा या बाढ़ जैसी आपदा के समय नेता की मैदान में मौजूदगी बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है. अगर पानी प्रबंधन में गड़बड़ी होती है, तो उसका तुरंत राजनीतिक नुकसान झेलना पड़ सकता है.
Manimaran G.v
DMK
Seethalakshmi M.k
NTK
Prakash N.k
MNM
Thulasimani N.k
AMMKMNKZ
Nota
NOTA
Palanisamy P
BSP
Mohanraj K
IND
Rakkimuthu Ranganadar R
IND
Sridevi R
IND
Palanisamyraaj M
IND
Boopathiraja A.n
IND
Sakthivel G
IDMMK
Dhanabal K
IND
Devaraj N
IND
Muthumani P
IND
Junayath M
IND
Sankarkumar K.a
IND
Kumar D
IND
Selvakkumar S
IND
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