मां गंगा की आरती करने से मन को गहरी शांति और सुकून मिलता है. यह आरती भक्तों के हृदय को शीतलता देती है और जीवन की परेशानियों से राहत दिलाती है. जब कोई व्यक्ति नियमित रूप से मां गंगा की आरती करता है, तो उसकी भक्ति और विश्वास और भी मजबूत हो जाता है. आरती के माध्यम से भक्त मां गंगा का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं, जो उनके दुःख-कष्ट दूर करता है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा व समाधान का मार्ग दिखाता है.
ओम जय गंगे माता, श्री जय गंगे माता ।
जो नर तुमको ध्याता, मनवांछित फल पाता ॥
चंद्र सी जोत तुम्हारी, जल निर्मल आता ।
शरण पडें जो तेरी, सो नर तर जाता ॥
॥ ओम जय गंगे माता..॥
पुत्र सगर के तारे, सब जग को ज्ञाता ।
कृपा दृष्टि तुम्हारी, त्रिभुवन सुख दाता ॥
॥ ओम जय गंगे माता..॥
एक ही बार जो तेरी, शारणागति आता ।
यम की त्रास मिटा कर, परमगति पाता ॥
॥ ओम जय गंगे माता..॥
आरती मात तुम्हारी, जो जन नित्य गाता ।
दास वही सहज में, मुक्त्ति को पाता ॥
॥ ओम जय गंगे माता..॥
ओम जय गंगे माता, श्री जय गंगे माता ।
जो नर तुमको ध्याता, मनवांछित फल पाता ॥
ओम जय गंगे माता, श्री जय गंगे माता ।
-------समाप्त------