हाल में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कुछ ऐसे गणराज्यों का जिक्र किया, जो यूक्रेन से अलग हो चुके और मान्यता के लिए छटपटा रहे थे. ये डोनबास क्षेत्र के दो इलाके हैं, जो पिछले आठ साल से यूक्रेन से छिटककर खुद को स्वतंत्र गणराज्य घोषित कर चुके. अब वे रूस से जुड़ना चाहते हैं. हालांकि यूक्रेन का इसपर अलग मत रहा.
जैविक हथियारों पर बात करते हुए विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि इसके न सिर्फ सैन्य, बल्कि आर्थिक और पर्यावरणीय खतरे भी हैं. हाल ही में दिल्ली में आयोजित बायोलॉजिकल वेपन्स कन्वेंशन (BWC) में 80 देशों के एक्सपर्ट और राजनयिकों ने बातचीत की. बायोवेपन को किसी भी हथियार से कहीं ज्यादा तबाही मचाने वाला माना जा रहा है और इसे रोकने के लिए कई संधियां भी हो चुकीं.
आज से ठीक साढ़े तीन दशक पहले सोवियत संघ (USSR) आधिकारिक तौर पर 15 टुकड़ों में बंट गया था. लगातार युद्ध के चलते भारी आर्थिक गिरावट आ चुकी थी. तब ऐसा लगा कि रूस, जो कि सोवियत का स्वाभाविक उत्तराधिकारी था, कमजोर पड़ जाएगा, लेकिन ऐसा हुआ नहीं. वो अब भी अमेरिका के बाद दूसरी बड़ी शक्ति माना जाता है.
भारत काफी समय से यूनाइटेड नेशन्स सिक्योरिटी काउंसिल (UNSC) की स्थायी सदस्यता पाने की कोशिश में है. चीन इसपर खुली रोक लगाता रहा. वहीं रूस अकेला ऐसा देश है, जिसने भारत की मेंबरशिप की अर्जी को तगड़ा सपोर्ट दिया.राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की भारत यात्रा के दौरान यह भी मुद्दा हो सकता है.
रूस पर साल 2014 से ही अमेरिका समेत पूरे यूरोप ने काफी सारे प्रतिबंध लगाए हुए थे. लगभग चार साल पहले यूक्रेन पर रूसी हमले के बाद पाबंदियों का घेरा और सख्त हो गया. इसके बीच भी रूसी अर्थव्यवस्था भरभराने की बजाए फलती-फूलती रही.
गोवा को पुर्तगालियों से आजादी मिले लगभग छह दशक हो चुके. इस समुद्री हिस्से को स्वतंत्र करने के लिए जब भारत जोर लगा था, तब कई पश्चिमी देश उसके खिलाफ हो गए. अंतरराष्ट्रीय दबाव के बीच रूस उसका साथी बना, और संयुक्त राष्ट्र में भारत का खुलकर समर्थन किया, यहां तक कि वीटो पावर का इस्तेमाल तक कर डाला.
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन गुरुवार को भारत पहुंच रहे हैं. उनके स्वागत और सुरक्षा की तैयारियों के बीच ये बात भी उठ रही है कि क्या पुतिन को इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट (ICC) के अरेस्ट वारंट से डरना चाहिए. ICC ने साल 2023 में यूक्रेन में वॉर क्राइम के आरोप में पुतिन के खिलाफ वारंट निकाला था.
इजरायल और हमास में सीजफायर के काफी पहले से डोनाल्ड ट्रंप रूस-यूक्रेन लड़ाई रुकवाने की कोशिश में थे. अब ये प्रयास 28 पॉइंट्स के पीस प्लान के रूप में सामने आ चुका. अमेरिकी सरकार की प्रस्तावित योजना में हालांकि यूक्रेन के हिस्से कम ही शांति दिख रही है.
ईरान लगातार छह सालों से सूखा झेल रहा है. गर्मियों में यहां तापमान 50 डिग्री से ऊपर जाने लगा. अब सैटेलाइट इमेज भी इस देश की खस्ता हालत को बता रही है. तेहरान में पांच में से चार पानी के स्त्रोत सूखे दिखने लगे. यहां तक कि अब राजधानी शिफ्ट करने की भी बात होने लगी.
100 साल बाद इंसान ज्यादा लंबा, लचीला और मोटा होगा. हड्डियां शार्क जैसी, दांत चोंच जैसे होंगे. फेफड़े मंगल के लिए तैयार किए जाएंगे. दिमाग कंप्यूटर से जुड़ेगा. यादें डाउनलोड होंगी. त्वचा गिरगिट जैसी रंग बदलेगी. हम गर्मी सहेंगे, जेनेटिक बीमारियां खत्म होंगी और अमरता के करीब पहुंचेंगे. टेक्नोलॉजी व बायोलॉजी मिलकर नया इंसान बनाएंगी.
हाल में स्विट्जरलैंड ने अपने वोटर्स के सामने बड़ा प्रस्ताव रखा. इसके तहत पुरुषों की तरह ही महिलाओं के लिए भी सैन्य सेवा की अनिवार्यता की बात थी, हालांकि इसे खारिज कर दिया गया. इस बीच ये बात भी उठ रही है कि पांच सौ सालों से न्यूट्रल रहते आया ये देश अचानक अपनी सेनाएं क्यों बढ़ा रहा है.
लगभग तीन महीने बाद रूस-यूक्रेन युद्ध शुरू हुए पूरे चार साल हो जाएंगे. मॉस्को की अपनी शर्तें हैं, जिसे कीव मानने को राजी नहीं. इस बीच यूक्रेन में राजनीतिक उठापटक शुरू हो चुकी. राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की के करीबी एंड्री यरमक ने इस्तीफा दे दिया. अब जेलेंस्की लगभग अकेले पड़ चुके, अपने ही देश में जिनकी लोकप्रियता भी घट रही है.
दुनिया का मौसम इस समय पूरी तरह बेकाबू हो चुका है. जमीन से 20-30 km ऊपर बहने वाली हवा यानी QBO नवंबर में ही पलट गई, जो आमतौर पर जनवरी-फरवरी में बदलती है. भारत समेत पूरी दुनिया पर 2025-26 में इसका भयंकर असर पड़ेगा. यूरोप, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, सऊदी अरब भी बाढ़, ठंड और सूखे की दोहरी मार झेल रहे हैं. यह कोई स्थानीय मौसम नहीं, पूरा ग्लोबल सिस्टम टूटने की शुरुआत है.
ब्लैक फ्राइडे 2025 अमेरिका से शुरू होकर अब विश्वव्यापी शॉपिंग महापर्व बन चुका है, जो क्रिसमस की खरीदारी की शुरुआत करता है. यह दिन भारी छूट और बचत का प्रतीक है, जिसका इतिहास फिलाडेल्फिया के ट्रैफिक जाम से जुड़ा है.
पाकिस्तान में पूर्व पीएम इमरान खान की स्थिति और सुरक्षा को लेकर तरह-तरह की बातें हो रही हैं. यहां तक कि उनके जेल बदलने और हत्या तक के दावे हो चुके. इस देश में वैसे प्रधानमंत्रियों को जेल भेजने का लंबा इतिहास रहा. यहां तक कि कोई भी पीएम अपना कार्यकाल पूरा नहीं कर सका.
कर्नाटक के उडुपी में स्थित प्राचीन श्रीकृष्ण मठ में 'कनकना किंडी' या कनकदास का झरोखा एक पवित्र स्थल है, जहां भक्त भगवान कृष्ण की अनोखी झलक देखते हैं. यह झरोखा भक्त कनकदास की गहन भक्ति और भगवान कृष्ण के चमत्कार से जुड़ा है, जिन्होंने अपने भक्त के लिए मंदिर की पश्चिमी दीवार में मुख घुमाकर दर्शन संभव किए.
देश में अवैध प्रवासियों का मुद्दा अक्सर ही जोर पकड़ता रहा. हमारे यहां कोई औपचारिक रिफ्यूजी संधि नहीं. इसके बाद भी यहां अलग-अलग देशों के लोग रह रहे हैं, जिनमें बांग्लादेश से लेकर श्रीलंका तक के शरणार्थी शामिल हैं. उन्हें काफी सारे अधिकार भी मिले हुए हैं.
चेन्नई के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ओशन टेक्नोलॉजी (एनआईओटी) में मिशन समुद्रयान की तैयारियां हो रही हैं. यह वो समुद्री अभियान है, जिसमें एक्वानॉट्स को काफी गहराई तक भेजा जाएगा. वे घरेलू पनडुब्बी के जरिए कुछ सौ मीटर से लेकर छह हजार मीटर की गहराई तय करेंगे. एक्वानॉट्स की ट्रेनिंग एस्ट्रोनॉट्स से अलग, लेकिन कहीं ज्यादा मुश्किल होती है.
इथियोपिया में हायली गुब्बी ज्वालामुखी के फटने का असर भारत तक दिख रहा है. आसमान धूल और राख के गुबार से भर चुका, जिसकी वजह से कई इंटरनेशनल उड़ानें रद्द हो गईं. अगर वॉल्केनिक इरप्शन लगातार होता रहा तो धरती और आसमान के बीच धूल की मोटी परत आ जाएगी, जिससे तापमान काफी नीचे भी गिर सकता है.
दुबई एयर शो में तेजस क्रैश हुआ, विंग कमांडर नमांश स्याल शहीद हो गए. आखिरी 2 सेकंड में उन्होंने लोगों को बचाया. ये हादसा निर्यात को बड़ा झटका है, लेकिन हादसे तो F-16 (650+), F-35 (11) के भी हुए. आज दर्जनों देश खरीद रहे हैं. भारत को पारदर्शी जांच करनी होगी. अपना इंजन बनाना होगा. नमांश का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा. तेजस उड़ रहा है और उड़ता रहेगा.
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि आज सिंध भले देश का हिस्सा नहीं, लेकिन सभ्यता के लिहाज से हमेशा भारत का अंग रहेगा, और कब बॉर्डर भी बदल जाए कौन जानता है. रक्षा मंत्री का ये बयान तब आया है, जबकि पाकिस्तान में कई अलगाववादी आंदोलन चल रहे हैं. इसमें सिंध प्रांत भी शामिल है.