TVK
DMK
BJP
NTK
नोटा
NOTA
BSP
IND
TPMK
IND
IND
IND
IND
SMKNK
IND
IND
AIPTMMK
IND
TVVK
IND
IND
IND
TMMK
IND
IND
IND
IND
IND
IND
IND
Coimbatore (North) Vidhan Sabha Results Live: तमिलनाडु के कोयंबटूर (उत्तर) विधानसभा क्षेत्र में TVK का दबदबा, DMK को हराया
Tamil Nadu Assembly Election Results 2026 Live: दिग्गज उम्मीदवारों में कौन खुश होगा, किसे लगेगा झटका? जानें रुझानों में कौन आगे और कौन पीछे?
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Tamil Nadu Assembly Election Results 2026 Live: दिग्गज उम्मीदवारों में कौन खुश होगा, किसे लगेगा झटका? जानें रुझानों में कौन आगे और कौन पीछे?
कोयंबटूर नॉर्थ (विधानसभा क्षेत्र संख्या 118) एक पूरी तरह शहरी और राजनीतिक रूप से जागरूक सीट है, जहां चुनाव का नतीजा बड़े-बड़े विचारों से ज्यादा शहर के रोजमर्रा के कामकाज पर निर्भर करता है. यहां के मतदाता खासकर मिडिल क्लास की सेवाओं की उम्मीदें, अल्पसंख्यक समुदायों का एकजुट वोट, और कामगार वर्ग के भरोसे को ध्यान में रखकर वोट करते हैं. विचारधारा की मौजूदगी तो है, लेकिन असल में जीत-हार इस बात से तय होती है कि शहर की दिन-प्रतिदिन की समस्याओं को कितना अच्छी तरह संभाला गया. यहां चुनावी अंतर अक्सर बहुत कम रहता है और परिणाम जल्दी बदल सकते हैं, क्योंकि पानी, ट्रैफिक, सफाई, कानून-व्यवस्था और महंगाई जैसे मुद्दे सीधे वोटिंग को प्रभावित करते हैं.
इस क्षेत्र की राजनीतिक और सामाजिक बनावट में कई महत्वपूर्ण वोटर समूह शामिल हैं, जैसे शहरी मध्यम वर्ग और नौकरीपेशा लोग, व्यापारी और कारोबारी (थोक और खुदरा बाजारों से जुड़े लोग), मुस्लिम समुदाय (जो कुछ इलाकों में निर्णायक भूमिका निभाते हैं), अनुसूचित जाति (SC) के शहरी बस्तियों में रहने वाले लोग, दिहाड़ी मजदूर और कामगार वर्ग, और छात्र व युवा मतदाता.
भौगोलिक रूप से यह क्षेत्र शहर के घने वार्डों, व्यापारिक बाजार क्षेत्रों और मिश्रित उपयोग वाली सड़कों, पुरानी रिहायशी कॉलोनियों, झुग्गी बस्तियों और पुनर्विकसित आवासों से मिलकर बना है. यहां उद्योग सीमित है, इसलिए पूरे क्षेत्र का राजनीतिक माहौल काफी हद तक शहर के प्रबंधन पर निर्भर करता है.
इस क्षेत्र के प्रमुख हॉटस्पॉट्स में मरुधमलाई अरुलमिगु सुब्रमण्य स्वामी मंदिर के आसपास का इलाका, आदियोगी शिव प्रतिमा तक आसान पहुंच, बाजार और व्यापारियों के इलाके, अल्पसंख्यक बहुल मोहल्ले, मिडिल क्लास रिहायशी कॉलोनियां, SC बस्तियां, और मिश्रित शहरी वार्ड शामिल हैं. इन सभी क्षेत्रों में अगर शहर की सेवाओं में कोई गड़बड़ी होती है या कानून-व्यवस्था बिगड़ती है, तो मतदाता तुरंत प्रतिक्रिया देते हैं.
यहां के मुख्य मुद्दों में पीने के पानी और सीवरेज की समस्या, ट्रैफिक जाम और पार्किंग, कचरा प्रबंधन, कानून-व्यवस्था और रात की सुरक्षा, सरकारी अस्पतालों तक पहुंच, और महंगाई व जीवन-यापन की बढ़ती लागत शामिल हैं.
मतदाताओं का मूड साफ है, उन्हें ऐसा विधायक चाहिए जो प्रशासनिक रूप से सक्षम हो, नगर निगम और पुलिस के साथ मजबूत तालमेल रखे, लोगों की शिकायतों का जल्दी समाधान करे, व्यापारियों और अल्पसंख्यकों के साथ निष्पक्ष व्यवहार करे, और शहर में किसी भी संकट के समय जमीन पर मौजूद दिखे. अगर शहर की सेवाएं खराब होती हैं, तो मतदाता तुरंत नाराज होकर चुनाव में इसका असर दिखा देते हैं.
Shanmugasundaram V.m
DMK
Thangavelu R
MNM
Balendran C.b
NTK
Nota
NOTA
Appathurai N.r
AMMKMNKZ
Durairaj K
TNLK
Balamurugan M
IND
Keerthiga Parthasarathi
IND
Balaji V
IND
Maharishi Mandharacsalam
IND
Navamani R
IND
Loganathan M
IND
Arul Murugan A
IND
Panneer Selvaraj M
NGPP
Kannapiran V
DRMRPMKKC
Kumar G.d.k
IND
Rajkumar M.p
MKLMNTRAPR
Shanmugasundaram K
IND
Dalit. Su. Jeyaraj
IND
Rameshkumar D
IND
तमिलनाडु में फ्लोर टेस्ट से ठीक पहले बड़ा कानूनी मोड़ आ गया है. मद्रास हाईकोर्ट ने TVK विधायक श्रीनिवास सेतुपति को सदन में वोट देने से रोक दिया, जिसके खिलाफ उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है. पोस्टल बैलेट विवाद से जुड़ा यह मामला अब राज्य की सियासत के साथ संवैधानिक बहस का केंद्र बन गया है.
तमिलनाडु में AIADMK के भीतर अब खुली बगावत दिखाई देने लगी है. पार्टी के दो गुट अलग-अलग दावों के साथ प्रोटेम स्पीकर से मिलने पहुंचे हैं. एक गुट एडप्पादी K पलानीस्वामी को विधायक दल का नेता बनाए रखने के पक्ष में है, जबकि दूसरा गुट नेतृत्व परिवर्तन की मांग कर रहा है.
तमिलनाडु चुनावों में हार के बाद AIADMK के भीतर बगावत सामने आई है. पार्टी के वरिष्ठ नेता CV शनमुगम से जुड़े विधायकों और पूर्व मंत्रियों के एक गुट ने पार्टी प्रमुख पलानीस्वामी से इस्तीफे की मांग कर दी है. लगातार चुनावी हार की वजह से पार्टी के भीतर संभावित फूट की अटकलों को तेज कर दिया है.
तमिलनाडु की राजनीति में कभी अजेय मानी जाने वाली अन्नाद्रमुक आज अपने वजूद की सबसे कठिन लड़ाई लड़ रही है. लगातार चौथी हार और आंतरिक बगावत ने 'दो पत्तों' वाली इस विरासत को दो फाड़ होने के कगार पर खड़ा कर दिया है.
तमिलनाडु में सरकार गठन के बीच CPI और CPI(M) ने विजय की टीवीके को बाहरी समर्थन देने का फैसला किया है. वाम दलों ने खुलासा किया कि डीएमके चाहती थी कि वे एआईएडीएमके को समर्थन दें, लेकिन इसे अस्वीकार्य मानते हुए उन्होंने टीवीके का साथ चुना. एमए बेबी ने कहा कि वाम दल डीएमके के साथ वैचारिक रिश्ते जारी रखेंगे, लेकिन टीवीके सरकार में कोई मंत्री पद नहीं मांगेंगे.
थलपति विजय और अरविंद केजरीवाल दोनों ही स्थापित व्यवस्था को चुनौती देने वाले 'डिसरप्टर्स' के रूप में उभरे, जहां विजय का करिश्मा सिनेमाई पर्दे से आता है, वहीं केजरीवाल का आधार ज़मीनी सक्रियता थी, लेकिन दोनों ही जनता की राजनीतिक हताशा और बदलाव की तीव्र आकांक्षा के प्रतीक हैं.
तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) को कांग्रेस का समर्थन मिल गया है, जिससे तमिलनाडु में सत्ता गठन का रास्ता साफ होता नजर आ रहा है. इसी बीच अभिनेता-राजनेता विजय ने राज्यपाल से मुलाकात कर सरकार बनाने का दावा पेश किया है.
कांग्रेस द्वारा TVK को समर्थन देने के फैसले ने सियासी हलचल तेज कर दी है. DMK ने इसे गठबंधन के साथ विश्वासघात बताते हुए तीखा हमला बोला है. पार्टी के वरिष्ठ नेता डीआर बालू ने कांग्रेस पर अवसरवादिता का आरोप लगाया है.
तमिलनाडु की राजनीति में विजय की एंट्री सिर्फ एक सुपरस्टार की सफलता नहीं, बल्कि पिता-पुत्र के संघर्ष, सपनों और रिश्तों की कहानी भी बन गई है. कभी बेटे को फिल्मों में लॉन्च करने वाले एसए चंद्रशेखर आज उसी विजय की राजनीतिक जीत पर गर्व कर रहे हैं. कानूनी विवाद, रिश्तों में दूरियां और फिर भावनात्मक मेल-मिलाप के बाद अब विजय सत्ता के सबसे बड़े दरवाजे तक पहुंच चुके हैं.
तमिलनाडु में चुनाव नतीजों के बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गई है. अभिनेता-राजनेता विजय की पार्टी टीवीके सरकार गठन की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है. कांग्रेस ने टीवीके को समर्थन देने का ऐलान किया है, जबकि डीएमके ने इस फैसले पर नाराजगी जताई है. पहली बार चुनाव लड़कर 108 सीटें जीतने वाली टीवीके अब बहुमत जुटाने और नई सरकार बनाने की कोशिशों में लगी हुई है.