पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले में निपाह वायरस के दो संदिग्ध मामले सामने आने से हड़कंप मच गया है. एक प्राइवेट हॉस्पिटल में काम करने वाले दो नर्सों में संक्रमण के लक्षण मिले हैं, जिसके बाद केंद्र सरकार ने स्थिति को संभालने के लिए विशेषज्ञों की एक नेशनल जॉइंट आउटब्रेक रिस्पांस टीम तैनात की है.
पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया अब विवादों में है. राज्य के अलग-अलग हिस्सों में दो लोगों की मौत के बाद परिजनों ने मानसिक तनाव को कारण बताया है. सीएम ममता बनर्जी ने दावा किया है कि SIR से जुड़ी चिंता के चलते 77 मौतें हो चुकी हैं. कोलकाता में BLO कर्मचारियों ने भी प्रदर्शन किया है.
पूर्व भारतीय क्रिकेटर और बंगाल टीम के कोच लक्ष्मी रतन शुक्ला को चुनाव आयोग ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के तहत सुनवाई के लिए बुलाया है. हावड़ा नॉर्थ के मतदाता शुक्ला 7 जनवरी को क्रिकेट ड्यूटी के कारण पेश नहीं हो सके. अब वे नई तारीख तय कर रहे हैं. मतदाता सूची में उनके पिता के नाम को लेकर आपत्ति बताई जा रही है. इससे पहले मोहम्मद शमी को भी ऐसा नोटिस मिल चुका है.
पश्चिम बंगाल में निपाह वायरस के दो संदिग्ध मामले मिलने के बाद केंद्र सरकार ने विशेषज्ञों की एक राष्ट्रीय टीम तैनात की है. स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया है. AIIMS कल्याणी और NIV पुणे की टीमें संक्रमण रोकने और जांच में जुटी हैं.
उत्तर प्रदेश के निठारी कांड के बाद अब पश्चिम बंगाल के दिनहाटा से मानव मांस खाने के शक में हत्या का मामला सामने आया है. श्मशान घाट में रहने वाले एक अज्ञात शख्स की गला और गर्दन काटकर हत्या की गई. पुलिस ने आरोपी फिर्दौस आलम को गिरफ्तार कर लिया है.
पुरुलिया में शुभेंदु अधिकारी के काफिले पर हमला पश्चिम बंगाल की राजनीति में विवाद का कारण बन गया है. शुभेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी सरकार पर भ्रष्टाचार बढ़ावा देने और बंगाल को बांग्लादेश बनाने की कोशिश करने का आरोप लगाया है. इस घटनाक्रम के बाद बंगाल की राजनीतिक गतिशीलता में तेज़ी आई है और सामाजिक माहौल तनावपूर्ण हो गया है.
कोलकाता में प्रवर्तन निदेशालय की छापेमारी के दौरान ममता बनर्जी का मौके पर जाकर जांच में कथित तौर पर बाधा डालने का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है. ईडी ने ममता बनर्जी के साथ साथ आला पुलिस अफसरों के खिलाफ FIR दर्ज कराने की अदालत से गुजारिश की है.
बंगाल में 8 जनवरी को हुई ईडी की रेड ने राजनीति में गर्माहट ला दी है. बीजेपी ने ममता बनर्जी पर ईडी कार्रवाई में दखल देने का आरोप लगाया है और हमले तेज कर दिए हैं. दूसरी तरफ ममता बनर्जी की पार्टी भी बीजेपी पर कड़ा पलटवार कर रही है. इसके अलावा शुभेंदु अधिकारी पर हुए कथित हमले को लेकर भी सियासत गरमाई हुई है.
पश्चिम बंगाल में एसआईआर को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग से जवाब मांगा है. अगली सुनवाई 19 जनवरी को होगी.
TMC के विधायक अरुणाभ सेन का एक धमकी भरा बयान सामने आया है. उनका एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है जिसमें वे यह कहते हुए नजर आ रहे हैं कि अगर हिंदी भाषी नेताओं को इलाके में बैठक के लिए भेजा गया तो वे स्थानीय नेताओं के घर गिरा देंगे. इस बयान ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है और स्थानीय नेताओं के बीच तनाव बढ़ा दिया है.
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को लेकर बीजेपी अब हर विधानसभा सीट के लिए चार्जशीट जारी करेगी. आठ विधानसभा सीटों के लिए चार्जशीट जारी कर बीजेपी ने लोकल मुद्दों पर टीएमसी को घेरा है.
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, डीजीपी राजीव कुमार और कोलकाता पुलिस कमिश्नर मनोज वर्मा के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है. ED ने आरोप लगाया है कि 8 जनवरी 2026 को I-PAC और प्रतीक जैन के ठिकानों पर हुई वैधानिक छापेमारी के दौरान जांच में बाधा डाली गई, सबूतों से छेड़छाड़ हुई और जब्त डिजिटल उपकरण जबरन ले लिए गए.
पश्चिम बर्दवान के सालानपुर थाना क्षेत्र में फर्जी दस्तावेज़ों से बांग्लादेशी महिला को भारतीय नागरिक बनाने की साज़िश का खुलासा हुआ है. पासपोर्ट सत्यापन में गड़बड़ी सामने आने पर पुलिस ने देंदुआ निवासी छोटन सेन को गिरफ्तार किया. जांच में फर्जी जन्म प्रमाण पत्र, आधार, वोटर और पैन कार्ड बनवाने की बात सामने आई है. पुलिस पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है.
आई-पैक के दफ्तर और इसके डायरेक्टर प्रतीक जैन के आवास पर ईडी की छापेमारी के मामले में पश्चिम बंगाल सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में कैविएट दाखिल किया है. इस मामले में ईडी के सुप्रीम कोर्ट का रुख करने की आशंका के मद्देनजर टीएमसी ने कैविएट में अनुरोध किया है कि कोई आदेश पारित करने से पहले राज्य सरकार का पक्ष सुना जाए.
पॉलिटिकल कंसल्टेंसी फर्म I-PAC ने अपने ठिकानों पर ईडी की छापेमारी को ‘चिंताजनक ट्रेंड’ बताते हुए कहा है कि वह जांच में पूरा सहयोग करेगी और बिना विचलित हुए अपना काम जारी रखेगी. फर्म ने साफ किया कि वह चुनाव नहीं लड़ती, बल्कि अलग-अलग दलों को पेशेवर सलाह देती है और हमेशा ईमानदारी के उच्च मानकों पर काम करती रही है.
पश्चिम बंगाल के चुनाव से पहले चोर-सिपाही और सियासत का खेल चल रहा है. जहां ममता बनर्जी देश की जांच एजेंसी ईडी को चोर कह रही हैं. वहीं ईडी कह रही है कि ममता बनर्जी ने घोटाले के अहम सबूत चुरा लिए हैं. इन सबके बीच लक्ष्मण रेखा ना पार करने की चेताावनी बीजेपी को आज ममता बनर्जी देने लगीं हैं. देखें खबरदार.
ममता बनर्जी ने कहा है कि उनके पास कोयला घोटाले में अमित शाह की संलिप्तता दिखाने वाले सबूत एक पेन ड्राइव में मौजूद हैं. उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि केंद्र सरकार की एजेंसियां उन पर दवाब बढ़ाती हैं तो वह ये सभी सबूत जनता के सामने लाएंगी. यह बयान राजनीतिक विवाद को और तूल देने वाला प्रतीत होता है, क्योंकि कोयला घोटाला एक संवेदनशील मामला है. ममता बनर्जी के इस आरोप के बाद राजनीतिक हलकों में काफी चर्चा हो रही है. इस मामले में आगे की जांच की संभावना भी बढ़ गई है. आप आगे की अपडेट्स के लिए जुड़े रहें.
ममता बनर्जी ने दावा किया है कि उनके पास कोयला घोटाले में अमित शाह की संलिप्तता के सबूत 'पेन ड्राइव' में हैं. ममता ने चेतावनी दी कि अगर केंद्रीय एजेंसियों का दबाव बढ़ तो वह सारे सबूत सार्वजनिक कर देंगी.
पश्चिम बंगाल में चुनाव से पहले सियासी संग्राम मचा हुआ है... कल ईडी की आईपैड में छापेमारी पर टीएमसी ने बीजेपी और ईडी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है... दिल्ली में जहां टीएमसी सांसदों ने मोर्चा संभाला तो वहीं कोलकाता में ममता बनर्जी सड़क पर उतरी... जहां उन्होंने मार्च निकाला और बीजेपी पर जमकर हमला किया.
पश्चिम बंगाल में ED की रेड का मामला कलकत्ता हाईकोर्ट पहुंचा. कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश सुजॉय पाल ने सुनवाई पहले कराने की ED की मांग ठुकरा दी और 14 जनवरी की तारीख बरकरार रखी. उधर, ममता बनर्जी ने ED कार्रवाई को चुनावी साजिश बताया.
पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनावों के नजदीक आने के साथ ही राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं. गुरुवार को कोलकाता स्थित पॉलिटिकल कंसल्टेंसी और इलेक्शन मैनेजमेंट कंपनी I-PAC के दफ्तर पर प्रवर्तन निदेशालय का छापा पड़ा. इस दौरान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी मौके पर पहुंचीं, जिससे इस मामले ने और अधिक तूल पकड़ लिया. बंगाल में इस मामले को लेकर ईडी के खिलाफ दो अलग-अलग एफआईआर दर्ज की गई हैं.