हर दिन कुछ अच्छा या बुरा घटता है, और यही घटनाएं आगे चलकर इतिहास बन जाती हैं. आज का दिन भी अतीत की कई ऐसी यादों को समेटे हुए है, जिनसे देश और समाज ने कुछ सीखा है. कहीं सफलता की कहानियां दर्ज हैं, तो कहीं संघर्ष और बलिदान की मिसालें. राजनीति, समाज, विज्ञान, संस्कृति और खेल के क्षेत्र में घटित घटनाएं हमें यह समझाती हैं कि समय के साथ परिवर्तन स्वाभाविक है. इतिहास में आज का दिन हमें यह संदेश देता है कि हर घटना, चाहे वह सुखद हो या दुखद, भविष्य की दिशा तय करने में अपनी भूमिका निभाती है और हमें आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है (Today in History).
आज का दिन बीयर के उत्पादन में एक नई क्रांति लेकर आया. क्योंकि, 24 जनवरी को ही पहली बार लोगों ने कैनबंद बीयर का स्वाद चखा और इसे काफी सराहना मिली.
इतिहास में आज के दिन ही दुनिया का सबसे बड़ा हीरा मिला था. इसे अफ्रीका के प्रिटोरिया स्थित खदान से निकाला गया था. इसलिए 25 जनवरी को दुनिया के सबसे बड़े हीरे के लिए याद किया जाता है.
आज सुभाष चंद्र बोस की जयंती है. उनकी मौत और गुमनाम जिंदगी के दावे हमेशा से लोगों के लिए पहली बनी रही. कभी उनके रूस में खुफिया तरीके से जिंदगी जीने के दावे किए गए, तो कभी लोगों ने फैजाबाद के गुमनामी बाबा के रूप में उनकी पहचान स्थापित करने की कोशिश की. ऐसे में आज के दिन नेता जी से जुड़ी कुछ ऐसे ही दावे और कहानियों पर एक नजर डालते हैं.
आज का दिन दुनिया की एक लाजवाब और शानदार संरचना के निर्माण की कहानी से जुड़ा है. आज यानी 26 जनवरी को ही पेरिस के एफिल टावर के निर्माण का काम शुरू हुआ था. यह निर्माण कार्य दो साल में पूरा हो गया.
आज का दिन इतिहास में हुए एक ऐसे आविष्कार से जुड़ा हुआ है. जिसने मानव इतिहास में एक नए युग की शुरुआत की. क्योंकि आज के दिन 27 जनवरी को एडिसन को उनके क्रांतिकारी आविष्कार इलेक्ट्रिक बल्ब को पेटेंट मिला था. इस बल्ब का व्यावहारिक इस्तेमाल किया जा सकता था.
आज का दिन एक ऐसी खोज से जुड़ा है, जिसने पृथ्वी का भूगोल बदल दिया. 28 जनवरी को ही पहली बार अंटार्कटिका का पता लगाया गया था.