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पर्व-त्यौहार

sawan 2022 upay do's and dont's

सावन में जरूर करें ये उपाय, महादेव की कृपा पाने के लिए जानें क्या करें और क्या नहीं

25 जून 2022

Sawan 2022 Upay: हिंदू धर्म में सावन महीने का विशेष महत्व है. सावन का महीना देवों के देव महादेव को अतिप्रिय है. सावन मास में भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा का विधान है.

भगवान विष्णु

24 जून को रखें योगिनी एकादशी व्रत, जानें शुभ मुहूर्त और पारण का समय

23 जून 2022

Yogini Ekadashi Date: आषाढ़ कृष्ण पक्ष की एकादशी को योगिनी एकादशी कहा जाता है. यह एकादशी पापों के प्रायश्चित के लिए विशेष महत्वपूर्ण मानी जाती है. इस दिन श्री हरि के ध्यान, भजन और कीर्तन से सभी तरह के पापों से मुक्ति मिलती है. इस बार योगिनी एकादशी 23 जून रात्रि 9 बजकर 41 मिनट से लेकर 24 जून रात्रि 11 बजकर 12 मिनट तक है. इसके बाद 25 जून सुबह 05 बजकर 51 से 08 बजकर 31 मिनट तक पारण का समय है.

Sawan Somvar Vrat 2022 Date: कब से शुरू हो रहा सावन का महीना? जानें इस बार कितने सोमवारी व्रत

कब से शुरू हो रहा सावन का महीना? जानें इस बार कितने सोमवार व्रत

21 जून 2022

Sawan Somvar Vrat 2022 Kab se hain: श्रवण मास हिंदू कैलेंडर का पांचवा महीना होता है. शास्त्रों के अनुसार, श्रवण मास में भगवान शिव की विधिवत पूजा करने वालों की हर मनोकामना पूरी हो जाती है. सावन का महीना इस साल 14 जुलाई से 12 अगस्त तक रहेगा. भगवान शिव के भक्तों को इस महीने का बेसब्री से इंतजार रहता है.

Devshayani Ekadashi 2022 Date shubh muhurat puja vidhi

कब है देवशयनी एकादशी? जानें शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और मंत्र

18 जून 2022

Devshayani Ekadashi 2022: आषाढ़ मास में आने वाली एकादशी को देवशयनी एकादशी, हरिशयनी एकादशी और पद्मनाभा एकादशी के नाम से जाना जाता है. यह समय भगवान विष्णु के शयन का होता है. इस समय भगवान विष्णु चार महीने के लिए निद्रा में चले जाते हैं.

Krishnapingala Sankashti Chaturthi 2022 shubh muhurat

कृष्णपिङ्गल चतुर्थी: आज बन रहा शुभ योग, जानें मुहूर्त और पूजा विधि

17 जून 2022

पंचांग के मुताबिक, आषाढ़ माह की कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को कृष्णपिङ्गल संकष्टी चतुर्थी मनाई जाती है. इस बार कृष्णपिङ्गल संकष्टी चतुर्थी के मौके पर खास योग बनने जा रहा है. ऐसे में इस दिन का महत्व और भी ज्यादा बढ़ गया है.

gupt navratri 2022 date shubh muhurat

गुप्त नवरात्रि इस दिन से शुरू, जानें घटस्थापना का शुभ मुहूर्त

16 जून 2022

Gupt Navratri 2022: हिंदू धर्म में चैत्र और शारदीय नवरात्रि का काफी ज्यादा महत्व होता है लेकिन माघ और आषाढ़ के महीने में गुप्त नवरात्रि भी आती है. गुप्त नवरात्रि में भी मां दुर्गा की पूजा की जाती है. गुप्त नवरात्रि के दौरान गुप्त तरीके से पूजा-उपासना की जाती है.

Yogini Ekadashi 2022 Date shubh muhurat and puja vidhi

कब है योगिनी एकादशी? यहां जानें डेट, शुभ मुहूर्त और पूजा विधि

16 जून 2022

Yogini Ekadashi 2022: योगिनी एकादशी पर भगवान विष्णु की पूजा करना काफी शुभ माना जाता है. जो व्यक्ति योगिनी एकादशी पर भगवान विष्णु की पूजा अर्चना करता है, उसे पाप से मुक्ति मिलती है. माना जाता है कि योगिनी एकादशी व्रत करने वाले लोगों को मृत्यु के बाद भगवान विष्णु के चरणों में जगह प्राप्त होती है.

raja festival odisha

ओडिशा: धरती माता गुजरती हैं मासिक धर्म से, लड़कियों को मिलती है 'छुट्टी'

14 जून 2022

नारीत्व (womanhood) का जश्न मनाने के लिए हर साल उड़ीसा में तीन दिवसीय पर्व मनाया जाता है. इसे रजो पर्व के नाम से जाना जाता है. इन तीन दिनों के बीच धरती माता मासिक धर्म से गुजरती हैं और चौथा दिन शुद्धिकरण स्नान का दिन होता है.

bada mangal 2022

आखिरी बड़ा मंगल आज, भूलकर भी ना करें ये काम, बढ़ जाएंगी मुश्किलें

14 जून 2022

Bada Mangal 2022: आज ज्येष्ठ मास का आखिरी बड़ा मंगल है. बड़े मंगल के दिन हनुमान जी की खास पूजा की जाती है. यूं तो हर मंगलवार काफी खास होता है लेकिन ज्येष्ठ मास में आने वाले मंगलवार का महत्व काफी ज्यादा होता है. कुछ काम ऐसे में जो इस दिन गलती से भी नहीं करने चाहिए वरना हनुमान जी आपसे नाराज हो सकते हैं. आइए जानते हैं इनके बारे में-

Bada Mangal 2022 shubh muhurat & puja vidhi

आखिरी बड़ा मंगल आज, जानें शुभ मुहूर्त और हनुमान जी की पूजा विधि

14 जून 2022

Last Bada Mangal 2022: ज्येष्ठ मास का आखिरी बड़ा मंगल 14 जून, मंगलवार यानी आज है. बड़े मंगल के दिन हनुमान जी की पूजा-अर्चना करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है. इस दिन पूजा- अर्चना करने से भक्तों के सभी कष्ट दूर होते हैं और सभी दुखों का नाश होता है.

निर्जला एकादशी आज

निर्जला एकादशी आज, जानें शुभ मुहूर्त और पारण का सही समय

10 जून 2022

आज निर्जला एकादशी मनाई जा रही है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, निर्जला एकादशी व्रत रखने से सभी तरह के पापों से मुक्ति मिल जाती है और सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं. शास्त्रों के अनुसार, एकादशी तिथि का व्रत रखने से मृत्यु के बाद मोक्ष की प्राप्ति होती है.

गंगा दशहरा के दिन मां गंगा धरती पर अवतरित हुई थीं

गंगा दशहरा आज, जानें स्नान-दान का शुभ मुहूर्त और महत्व

09 जून 2022

Ganga Dussehra 2022: Ganga Dussehra: गंगा दशहरा का पर्व ज्येष्ठ महीने के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को मनाया जाता है. गंगा दशहरा के दिन मां गंगा धरती पर अवतरित हुई थीं. इसलिए इस शुभ तिथि को गंगा नदी में आस्था की डुबकी लगाने की परंपरा है. मान्यता है कि इससे मनुष्य के सभी पाप धुल जाते हैं.

Ganga Dussehra 2022 Date: 4 महायोगों के साथ आ रहा गंगा दशहरा, जानें स्नान-दान का शुभ मुहूर्त (Photo: Getty Images)

4 महायोगों के साथ आ रहा गंगा दशहरा, जानें स्नान-दान का शुभ मुहूर्त

06 जून 2022

Ganga Dussehra 2022 Date: गंगा दशहरा के दिन धरती पर मां गंगा अवतरित हुई थीं. इसलिए इस शुभ तिथि को गंगा नदी में आस्था की डुबकी लगाने से 10 तरह के पापों (3 कायिक, 4 वाचिक और 3 मानसिक) से मुक्ति मिलती है. इस बार गंगा दशहरा 9 जून को मनाया जाएगा और इस दिन चार शुभ संयोग भी बन रहे हैं.

आज मनाई जा रही है विनायक चतुर्थी

विनायक चतुर्थी पर आज बना विशिष्ट योग, जानें पूजन का शुभ मुहूर्त

03 जून 2022

Vinayak Chaturthi 2022: आज ज्येष्ठ मास की विनायक चतुर्थी है. इस दिन व्रत करने से गणेश जी की असीम कृपा प्राप्त होती है और कार्य में सफलता, सुख और सौभाग्य में वृद्धि होती है. गणपति की कृपा से व्यापार और नौकरी में उन्नति होती है और राह में आने वाले सारे विघ्न दूर हो जाते हैं.

Ganga Dussehra 2022: इस शुभ योग में मनाया जाएगा गंगा दशहरा, जानें पूजन विधि और मुहूर्त (Photo: Getty Images)

इस शुभ योग में मनाया जाएगा गंगा दशहरा, जानें पूजन विधि और मुहूर्त

01 जून 2022

Ganga Dussehra 2022 Kab Hai: हिंदू धर्म की मान्यताओं के अनुसार, इस दिन मां गंगा का धरती पर अवतरण हुआ था. अपने पूर्वजों की आत्मा के उद्धार के लिए भागीरथ गंगा को पृथ्वी पर लेकर आए थे. गंगा दशहरा पर हर साल गंगा नदी में आस्था की डुबकी लगाते हैं. ऐसा कहते हैं कि इस दिन गंगा में स्नान करने से 10 तरह के पाप मिट जाते हैं.

vat savitri vrat 2022 fasting rules

रख रही हैं वट सावित्री व्रत? ये छोटी सी भूल पड़ सकती है भारी

28 मई 2022

वट सावित्री का व्रत ज्येष्ठ माह के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि को मनाया जाता है. इस दिन सुहागिन महिलाएं पति की लंबी उम्र के लिए व्रत रखती हैं. वट सावित्री के दिन बरगद के पेड़ की पूजा की जाती है.

nirjala ekadashi 2022

निर्जला एकादशी इस दिन, जानें पारण का सही तरीका, इन चीजों का करें दान

28 मई 2022

Nirjala Ekadashi 2022 Date: निर्जला एकादशी ज्येष्ठ मास में शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को मनाई जाती है. ऐसी मान्यताएं हैं कि इस दिन निर्जला उपवास का पुण्य साल की 24 एकादशी के बराबर होता है. इस व्रत में पानी पीना वर्जित होता है, इसलिए इसे निर्जला एकादशी कहते हैं.

Nirjala Ekadashi Vrat 2022: निर्जला एकदशी का व्रत कब रखा जाएगा? जानें शुभ मुहूर्त और पूजन विधि

निर्जला एकादशी का व्रत कब रखा जाएगा? जानें-शुभ मुहूर्त और पूजन विधि

24 मई 2022

Nirjala Ekadashi Vrat 2022 Date: निर्जला एकादशी ज्येष्ठ मास में शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को मनाई जाती है. ऐसी मान्यताएं हैं कि इस दिन निर्जला उपवास का पुण्य साल की 24 एकादशी के बराबर होता है. निर्जला एकादशी का व्रत इस साल शुक्रवार, 10 जून को रखा जाएगा.

bada mangal 2022

ज्येष्ठ मास का दूसरा बड़ा मंगल आज, इस विधि से करें हनुमान जी की पूजा

24 मई 2022

Bada Mangal 2022: ज्येष्ठ मास में हनुमान जी की पूजा का विशेष महत्व बताया गया है. इस दिन हनुमान की पूजा-अर्चना से जीवन के तमाम कष्ट दूर हो जाते हैं. कुछ लोगों का मानना है कि हनुमानजी ने इसी दिन बूढ़े वानर का रूप लेकर भीम का घमंड तोड़ा था.

vat savitri vrat

30 मई को रखा जाएगा वट सावित्री व्रत, नोट कर लें पूजा सामग्री की पूरी लिस्ट

21 मई 2022

Vat Savitri Vrat 2022 Puja Samagri List: इस साल वट सावित्री का व्रत 30 मई 2022 को सोमवार के दिन रखा जाएगा. इसी दिन सोमवती अमावस्या और शनि जयंती भी है. आइए जानते हैं वट सावित्री व्रत की पूजन सामग्री लिस्ट और पूजा विधि.

Pradosh Vrat Date & Shubh Muhurat

कब है ज्येष्ठ माह का पहला प्रदोष व्रत? जानें- डेट, पूजा विधि और कथा

19 मई 2022

Pradosh Vrat 2022 Date & Shubh Muhurat : प्रदोष व्रत हर महीने में दो बार आता है. कृष्ण और शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि में शाम के समय को प्रदोष कहा गया है. आज शुक्र प्रदोष (Pradosh Vrat 2022) व्रत है. जो प्रदोष शुक्रवार के दिन आता है उसे शुक्र प्रदोष कहते हैं.