नमक्कल विधानसभा क्षेत्र (निर्वाचन क्षेत्र संख्या 94) एक समृद्ध और व्यापार-आधारित कोंगु क्षेत्र माना जाता है, जहां चुनाव का परिणाम अक्सर आर्थिक माहौल और व्यापारिक भरोसे पर निर्भर करता है. यहां सिर्फ कल्याणकारी योजनाएं ही मायने नहीं रखतीं, बल्कि आर्थिक स्थिरता, उद्योगों के लिए अनुकूल प्रशासन और व्यवसाय के प्रति सकारात्मक रुख अधिक महत्वपूर्ण होते हैं. यदि व्यापारियों का विश्वास कम हो जाए, तो जीत का अंतर जल्दी बदल सकता है. नमक्कल को भारत में “एग सिटी” के नाम से जाना जाता है क्योंकि यह देश के प्रमुख पोल्ट्री केंद्रों में से एक है. साथ ही यह अपने बड़े पैमाने पर लॉरी बॉडी बिल्डिंग उद्योग के कारण एक महत्वपूर्ण “ट्रांसपोर्ट हब” भी माना जाता है. यहां का 18 फुट ऊंचा अंजनेयर मंदिर और नरसिंहस्वामी मंदिर भी प्रसिद्ध धार्मिक स्थल हैं.
राजनीतिक और सामाजिक दृष्टि से यहां कुछ मतदाता समूह बेहद प्रभावशाली हैं. कोंगु वेल्लालर गौंडर समुदाय संगठित और प्रभावशाली भूमिका निभाता है. इसके अलावा ट्रांसपोर्ट और लॉरी मालिक व संचालक, पोल्ट्री फार्म मालिक और उनसे जुड़े श्रमिक, शहर के व्यापारी और थोक कारोबारी, अनुसूचित जाति (SC) बस्तियां (शहरी और अर्ध-शहरी), तथा निजी कर्मचारी और सेवा वर्ग भी चुनावी समीकरण तय करते हैं. आमतौर पर ट्रांसपोर्ट, पोल्ट्री उद्योग, कोंगु समुदाय का समर्थन जीत का सीधा रास्ता माना जाता है.
भौगोलिक रूप से नमक्कल में नमक्कल शहर और उसके आसपास के अर्ध-शहरी गांव शामिल हैं. राष्ट्रीय राजमार्ग (NH) और लॉजिस्टिक्स कॉरिडोर का इस क्षेत्र पर बड़ा प्रभाव है. यहां औद्योगिक और वेयरहाउस क्लस्टर विकसित हुए हैं, जबकि बाहरी हिस्सों में कृषि आधारित गांव स्थित हैं.
चुनावी और सामाजिक दृष्टि से कुछ प्रमुख क्षेत्रों में अंजनेयर मंदिर, नरसिंहस्वामी मंदिर, नमक्कल शहर के वार्ड, ट्रांसपोर्ट और लॉरी मालिकों के क्लस्टर, पोल्ट्री बेल्ट के गांव, SC बस्तियां, और अर्ध-शहरी रिहायशी कॉलोनियां शामिल हैं.
यहां के मुख्य मुद्दों में ट्रांसपोर्ट नियमों और प्रवर्तन का दबाव, ईंधन की बढ़ती कीमतें और टोल टैक्स का बोझ, पोल्ट्री फीड की लागत और बीमारियों पर नियंत्रण, बिजली आपूर्ति की विश्वसनीयता, शहरी सड़कों और जल निकासी की व्यवस्था, तथा अस्पताल और स्कूल तक आसान पहुंच शामिल हैं.
मतदाता मानसिकता की बात करें तो यहां के लोग ऐसे विधायक को पसंद करते हैं जो व्यापार के लिए सुलभ और संपर्क में रहने वाला हो. RTO, पुलिस और TNEB (बिजली बोर्ड) जैसे विभागों से जुड़े मामलों में तेज हस्तक्षेप की अपेक्षा रहती है. साथ ही, क्षेत्र में दिखने योग्य इंफ्रास्ट्रक्चर विकास, जातीय और व्यापारिक संगठनों के प्रति सम्मान, तथा कम बोलने लेकिन प्रभावी ढंग से काम करने वाली नेतृत्व शैली को महत्व दिया जाता है. यहां नीतियों में अचानक झटके या आर्थिक अस्थिरता तुरंत वोटों पर असर डाल सकती है.
Baskar K.p.p.
ADMK
Baskar B
NTK
Adham Farook S
MNM
Nota
NOTA
Selvi K
DMDK
Tamizhvanan K
TMTHK
Ramesh T
AHIMSASP
Arul Selvan
IND
Ramasamy P
BSP
Cho V
IND
Deepan Chakkravarthi S
IND
Anbumani
IND
Selvakumar R
IND
Thiyagarajan R
SMKNK
Kanakaraj K
GPI
Selvakumar E
mauk
Saravanan A
NPEP
Ramalingam K
IND
Madheswaran A.s
MIDP
Suresh Kumar L
IND
Jayaramachandran P
IND
Muthusamy S
IND
Jawahar
IND
Sivakumar D
APTADMK
Saravanan S
NADLMMKLK
Kuppusamy M
IND
तमिलनाडु चुनावों के लिए बीजेपी ने 27 उम्मीदवारों की सूची जारी की, जिसमें के. अन्नामलाई का नाम नहीं था. अब अन्नामलाई ने बताया है उन्होंने खुद चुनाव नहीं लड़ने का फैसला किया है. उन्होंने कहा कि वो अब पूरी ताकत से NDA उम्मीदवारों के लिए प्रचार करेंगे.
तमिलनाडु चुनाव को लेकर बीजेपी जोर-शोर से तैयारियों में जुट गई है. पार्टी ने उम्मीदवारों की लिस्ट जारी की है. हालांकि इसमें पूर्व प्रदेश अध्यक्ष के. अन्नामलाई का नाम नहीं है. बताया जा रहा है कि सीट बंटवारे, खासकर कोयंबटूर को लेकर हुए विवाद और AIADMK के साथ तालमेल के कारण उनका नाम सूची से बाहर रखा गया.
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवारों की लिस्ट में केंद्रीय मंत्री के साथ ही पूर्व राज्यपाल का भी नाम है. पार्टी ने अपने कोटे की सभी 27 सीटों के लिए उम्मीदवारों के नाम घोषित कर दिए हैं.
तमिलनाडु कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मणिकम टैगोर ने राज्य में लोकसभा चुनाव के लिए गठित चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया है. सूत्रों के अनुसार, टैगोर ने ये कदम डीएमके के साथ हुए सीट बंटवारे के फॉर्मूले में कांग्रेस को कमजोर सीटें मिलने की नाराजगी के कारण उठाया है.
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