उत्तर प्रदेश के नगीना लोकसभा सीट से सांसद चंद्रशेखर आजाद 2027 में मेरठ की हस्तिनापुर सीट से चुनाव लड़ सकते हैं. ऐसे में सवाल उठता है कि चंद्रशेखर की जन्मभूमि सहारनपुर है और कर्मभूमि बिजनौर को बनाया, लेकिन चुनाव लड़ने के लिए मेरठ की हस्तिनापुर सीट को क्यों चुन रहे?
2027 के विधानसभा चुनाव से पहले यूपी में ब्राह्मण वोट बैंक को साधने की कोशिशें तेज हो गई हैं. कोई खुलकर ब्राह्मण वोटर को संबोधित कर रहा है, तो कोई दबी जुबान से. या फिर खामोशी भी अख्तियार की जा रही है - लेकिन ओमप्रकाश राजभर ने आजमगढ़ में रैली कर इरादा तो जाहिर कर ही दिया है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशभर में विकास के एजेंडे को चुनावी चर्चा के बीच में रखा है. जातिगत रूप से संवेदनशील राज्य बिहार के चुनाव में भी एनडीए की बढ़त के पीछे इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट को अहम माना गया. लेकिन, यूपी में मोदी और योगी के कॉम्बिनेशन ने डेवलपमेंट के इसी नैरेटिव को और ज्यादा अभेद्य बना दिया है.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मुलाकात के ठीक एक दिन बाद, राज्य के दोनों डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य और बृजेश पाठक भी संघ प्रमुख मोहन भागवत से मिलने पहुंचे हैं. इस महत्वपूर्ण बैठक के कई सियासी मायने निकाले जा रहे हैं.
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत से करीब 30 मिनट तक मुलाकात की है. यह मुलाकात राजनीतिक और सामाजिक दृष्टिकोण से काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है. इस मुलाकात के बाद कई कयास और चर्चाएं शुरू हो गई हैं, जो 2027 के यूपी चुनावों में नई दिशा दे सकती हैं.
बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती ने उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 में पार्टी के अकेले चुनाव लड़ने का ऐलान किया है. उन्होंने सभी गठबंधन चर्चाओं को गलत और बेबुनियाद बताया है. मायावती ने अपने समर्थकों से अपील की है कि वे चुनाव से जुड़ी भ्रामक खबरों पर ध्यान न देकर चुनाव की तैयारी पर फोकस करें.
उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आक्रामक हिंदुत्व कार्ड के जरिए यूजीसी मुद्दे और अखिलेश के पीडीए वाले दांव को काउंटर करने की कोशिश में हैं. देखें रिपोर्ट.
उत्तर प्रदेश में भले ही विधानसभा चुनाव एक साल बाद हैं, लेकिन सियासी दल बदल और गठजोड़ की कवायद शुरू हो गई है. ऐसे में असदुद्दीन ओवैसी को यूपी में गठबंधन की दरकार है, लेकिन किसी भी दल के साथ उनकी बात नहीं बन पा रही है. बसपा प्रमुख मायावती के अकेले चुनाव लड़ने के ऐलान के बाद ओवैसी के सामने क्या विकल्प बचता है?
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों को लेकर बहुजन समाज पार्टी (BSP) की सुप्रीमो मायावती ने अपनी रणनीति साफ कर दी है. उन्होंने ऐलान किया है कि पार्टी किसी भी दल के साथ गठबंधन नहीं करेगी.
मायावती के कभी सबसे भरोसेमंद माने जाने वाले नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने रविवार को सपा का दामन थाम लिया है. नसीमुद्दीन सिद्दीकी सपा के लिए सियासी तौर पर कितने मुफीद होंगे और अखिलेश यादव के लिए कितने कारगर साबित होंगे?
बसपा प्रमुख मायावती के एक समय राइटहैंड माने जाने वाले नसीमुद्दीन सिद्दीकी कांग्रेस से होते हुए अब सपा में शामिल हो गए हैं. सपा में पहले से ही मुस्लिम नेताओं की पूरी फौज है. ऐसे में नसीमुद्दीन सिद्दीकी क्या आजम खान की तरह तनकर मुस्लिम चेहरे के तौर पर खड़े हो पाएंगे?
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर बीजेपी फुल एक्शन में नजर आ रही है. योगी सरकार ने बुधवार को 2026-27 का बजट पेश किया, जिसमें महिला, किसान और युवाओं पर खास मेहरबान नजर आई. यूपी की सियासत में ये तीनों अहम वोटबैंक माने जाते हैं, जिसके सहारे बीजेपी ने 2027 में सत्ता की हैट्रिक लगाने का प्लान बनाया है.