DMK
TVK
AIADMK
NTK
नोटा
NOTA
IND
TVVK
IND
NGPP
IND
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TMMK
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Coimbatore (South) Results 2026 Live: कोयंबटूर (दक्षिण) सीट के रिजल्ट का हुआ ऐलान, V Senthilbalaji ने 2271 वोटों के अंतर से मार लिया मोर्चा
Tamil Nadu Assembly Election Results 2026 Live: दिग्गज उम्मीदवारों में कौन खुश होगा, किसे लगेगा झटका? जानें रुझानों में कौन आगे और कौन पीछे?
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कोयंबटूर साउथ (विधानसभा क्षेत्र संख्या 120) एक ऐसा शहरी क्षेत्र है जहां राजनीति काफी हाई-वोल्टेज रहती है और चुनाव कई अहम फैक्टर्स पर तय होते हैं. यहां जीत-हार मुख्य रूप से अल्पसंख्यक वोटों का एकजुट होना, व्यापारियों का मूड, शहरी प्रशासन का प्रदर्शन, और वैचारिक ध्रुवीकरण को कैसे संभाला गया, इन पर निर्भर करती है. सरकारी योजनाओं (वेलफेयर) का असर तो है, लेकिन मतदाताओं के फैसले में कानून-व्यवस्था, नागरिक सुविधाएं (जैसे पानी, सफाई), और समुदाय का भरोसा ज्यादा महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. यहां चुनावी मुकाबले अक्सर बहुत करीबी होते हैं, इसलिए बूथ स्तर पर मजबूत मैनेजमेंट और वोटरों को निकालना निर्णायक साबित होता है.
इस क्षेत्र की राजनीतिक और सामाजिक संरचना विविध है. प्रमुख वोटर समूहों में मुस्लिम समुदाय शामिल हैं, जो संख्या में मजबूत हैं और चुनाव में निर्णायक भूमिका निभाते हैं. इसके अलावा शहरी व्यापारी और कारोबारी वर्ग (होलसेल, रिटेल, बाजार से जुड़े लोग), निम्न और मध्यम वर्ग के शहरी परिवार, अनुसूचित जाति (SC) समुदाय के लोग (खासकर शहरी इलाकों में), छात्र, युवा और असंगठित क्षेत्र के कामगार, तथा मंदिरों से जुड़े पारंपरिक निवासी भी महत्वपूर्ण वोटर माने जाते हैं.
भौगोलिक रूप से यह इलाका घनी आबादी वाले शहर के केंद्र, बड़े बाजार और कमर्शियल जोन, पुराने रिहायशी इलाके जिनमें संकरी गलियां हैं, अल्पसंख्यक बहुल मोहल्ले, झुग्गी बस्तियां और पुनर्विकसित आवास जैसे हिस्सों में फैला हुआ है. यहां सड़क स्तर पर प्रशासन यानी रोजमर्रा की सुविधाओं का सही संचालन, चुनावी नतीजों को सीधे प्रभावित करता है.
इस क्षेत्र के कुछ प्रमुख स्थानों (हॉटस्पॉट्स) में आदियोगी शिव की प्रतिमा (112 फीट ऊंची विशाल प्रतिमा), पेरूर पाटेश्वर मंदिर, कोवई कुट्रालम झरने, वीओसी पार्क, और गेडी कार संग्रहालय शामिल हैं. इसके अलावा अल्पसंख्यक बहुल वार्ड, बाजार और व्यापारी इलाके, मिश्रित मध्यम वर्गीय कॉलोनियां, SC बस्तियां, और ऐसे वार्ड जहां वोट स्विंग करता है, भी अहम माने जाते हैं. इन सभी क्षेत्रों में लोग कानून-व्यवस्था, नागरिक सेवाओं में बाधा, और राजनीतिक संदेश के लहजे पर तुरंत प्रतिक्रिया देते हैं.
यहां के मुख्य मुद्दों में कानून-व्यवस्था और समुदाय की सुरक्षा, पीने का पानी और सीवरेज सिस्टम, ट्रैफिक जाम और पार्किंग की समस्या, व्यापार से जुड़े नियम और प्रशासनिक दबाव, सरकारी अस्पताल और स्कूलों की गुणवत्ता, तथा महंगाई और जीवन-यापन की लागत शामिल हैं.
मतदाताओं का मूड भी काफी स्पष्ट है, वे चाहते हैं कि उनका विधायक (MLA) समुदाय के बीच भरोसेमंद और हमेशा मौजूद रहने वाला हो. लोगों को पुलिस व्यवस्था निष्पक्ष और संतुलित लगे, उनकी शिकायतों का जल्दी समाधान हो, और व्यापारियों व अल्पसंख्यकों के साथ सम्मानजनक व्यवहार किया जाए. इसके अलावा किसी भी साम्प्रदायिक तनाव या नागरिक संकट के समय नेता की तुरंत प्रतिक्रिया और स्थिति संभालने की क्षमता भी मतदाताओं के फैसले में बड़ी भूमिका निभाती है.
Kamalhaasan
MNM
Mayura S Jayakumar
INC
Abdul Wahab
NTK
Nota
NOTA
Duraisamy @ Challenger Durai
AMMKMNKZ
Roshan
BSP
Sundaravadivelu
IND
Dhandabani
IND
Selvakumar
IND
Palanikumar.v
IND
Nagavalli
IND
Gopalakrishnan
NGPP
Jayaprakash.n
IND
Sanmugavel
GPI
Vivek Subramaniam
mauk
Raghul Gandhi .k
HJP
Jayachandran
IND
Vellimalai
MSKK
Kumareasan. K
IND
Alphonseraj
IND
Chelladurai. S
IND
तमिलनाडु में फ्लोर टेस्ट से ठीक पहले बड़ा कानूनी मोड़ आ गया है. मद्रास हाईकोर्ट ने TVK विधायक श्रीनिवास सेतुपति को सदन में वोट देने से रोक दिया, जिसके खिलाफ उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है. पोस्टल बैलेट विवाद से जुड़ा यह मामला अब राज्य की सियासत के साथ संवैधानिक बहस का केंद्र बन गया है.
तमिलनाडु में AIADMK के भीतर अब खुली बगावत दिखाई देने लगी है. पार्टी के दो गुट अलग-अलग दावों के साथ प्रोटेम स्पीकर से मिलने पहुंचे हैं. एक गुट एडप्पादी K पलानीस्वामी को विधायक दल का नेता बनाए रखने के पक्ष में है, जबकि दूसरा गुट नेतृत्व परिवर्तन की मांग कर रहा है.
तमिलनाडु चुनावों में हार के बाद AIADMK के भीतर बगावत सामने आई है. पार्टी के वरिष्ठ नेता CV शनमुगम से जुड़े विधायकों और पूर्व मंत्रियों के एक गुट ने पार्टी प्रमुख पलानीस्वामी से इस्तीफे की मांग कर दी है. लगातार चुनावी हार की वजह से पार्टी के भीतर संभावित फूट की अटकलों को तेज कर दिया है.
तमिलनाडु की राजनीति में कभी अजेय मानी जाने वाली अन्नाद्रमुक आज अपने वजूद की सबसे कठिन लड़ाई लड़ रही है. लगातार चौथी हार और आंतरिक बगावत ने 'दो पत्तों' वाली इस विरासत को दो फाड़ होने के कगार पर खड़ा कर दिया है.
तमिलनाडु में सरकार गठन के बीच CPI और CPI(M) ने विजय की टीवीके को बाहरी समर्थन देने का फैसला किया है. वाम दलों ने खुलासा किया कि डीएमके चाहती थी कि वे एआईएडीएमके को समर्थन दें, लेकिन इसे अस्वीकार्य मानते हुए उन्होंने टीवीके का साथ चुना. एमए बेबी ने कहा कि वाम दल डीएमके के साथ वैचारिक रिश्ते जारी रखेंगे, लेकिन टीवीके सरकार में कोई मंत्री पद नहीं मांगेंगे.
थलपति विजय और अरविंद केजरीवाल दोनों ही स्थापित व्यवस्था को चुनौती देने वाले 'डिसरप्टर्स' के रूप में उभरे, जहां विजय का करिश्मा सिनेमाई पर्दे से आता है, वहीं केजरीवाल का आधार ज़मीनी सक्रियता थी, लेकिन दोनों ही जनता की राजनीतिक हताशा और बदलाव की तीव्र आकांक्षा के प्रतीक हैं.
तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) को कांग्रेस का समर्थन मिल गया है, जिससे तमिलनाडु में सत्ता गठन का रास्ता साफ होता नजर आ रहा है. इसी बीच अभिनेता-राजनेता विजय ने राज्यपाल से मुलाकात कर सरकार बनाने का दावा पेश किया है.
कांग्रेस द्वारा TVK को समर्थन देने के फैसले ने सियासी हलचल तेज कर दी है. DMK ने इसे गठबंधन के साथ विश्वासघात बताते हुए तीखा हमला बोला है. पार्टी के वरिष्ठ नेता डीआर बालू ने कांग्रेस पर अवसरवादिता का आरोप लगाया है.
तमिलनाडु की राजनीति में विजय की एंट्री सिर्फ एक सुपरस्टार की सफलता नहीं, बल्कि पिता-पुत्र के संघर्ष, सपनों और रिश्तों की कहानी भी बन गई है. कभी बेटे को फिल्मों में लॉन्च करने वाले एसए चंद्रशेखर आज उसी विजय की राजनीतिक जीत पर गर्व कर रहे हैं. कानूनी विवाद, रिश्तों में दूरियां और फिर भावनात्मक मेल-मिलाप के बाद अब विजय सत्ता के सबसे बड़े दरवाजे तक पहुंच चुके हैं.
तमिलनाडु में चुनाव नतीजों के बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गई है. अभिनेता-राजनेता विजय की पार्टी टीवीके सरकार गठन की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है. कांग्रेस ने टीवीके को समर्थन देने का ऐलान किया है, जबकि डीएमके ने इस फैसले पर नाराजगी जताई है. पहली बार चुनाव लड़कर 108 सीटें जीतने वाली टीवीके अब बहुमत जुटाने और नई सरकार बनाने की कोशिशों में लगी हुई है.