पहलगाम हमले के कथित मास्टरमाइंड साजिद जट्ट की पहचान सामने आई है. रिपोर्ट्स के मुताबिक वो पाकिस्तान में नाम और हुलिया बदलकर छिपा है. जांच में फर्जी पहचान पत्र और अलग-अलग ठिकानों की जानकारी सामने आई है, जिससे मामले ने नया मोड़ ले लिया है.
कल पहलगाम हमले की बरसी है और आजतक एक्सक्लूजिव जानकारी मिली है. पहलगाम हमले का मास्टमाइंड नाम, पता और हुलिया बदलकर पाकिस्तान में छिपता फिर रहा है. NIA ने पहलगाम हमले की जांच के बाद अदालत में हजारों पन्नों की चार्जशीट दाखिल की है उसमें हमलों का मास्टरमाइंड लश्कर/TRF के मोस्ट वांटेड आतंकी साजिद जट्ट उर्फ सैफुल्लाह साजिद को बताया गया है. आज तक की तहकीकात में पता चला है कि साजिद जट्ट उर्फ सैफुल्ला साजिद का असली नाम हबीबुल्लाह तबस्सुम है. इस आतंकी पर NIA ने 10 लाख का इनाम रखा हुआ है.
पहलगाम हमले के एक साल बाद उस खूनी साजिश का मास्टरमाइंड साजिद जट्ट बेनकाब हो गया है. आजतक की इस एक्सक्लूसिव जांच में आतंकी की पहली तस्वीर और उसके पाकिस्तान में छिपे होने के पक्के दस्तावेज सामने आए हैं. लश्कर और TRF का यह मोस्ट वांटेड आतंकी 'अज्ञात हमलावरों' के डर से पाकिस्तान में नाम, हुलिया और पहचान बदलकर छिपता फिर रहा है. जांच में पता चला है कि ISI की मदद से वह सलीम लंगड़ा और 'हबीबुल्लाह तबस्सुम' जैसी नकली पहचान के साथ सेफ हाउस में लो-प्रोफाइल जिंदगी जी रहा है.
पहलगाम के बैसरन में हुए भीषण आतंकी हमले के एक साल बाद, आज भी जख्म ताजा हैं. लेकिन 'चरवाहों की घाटी' अब धीरे-धीरे अपने पैरों पर खड़ी हो रही है. सुरक्षा के नए प्रोटोकॉल के बीच पर्यटक एक बार फिर उम्मीद बनकर पहुंचने लगे हैं.
पहलगाम में स्थित बैसरन घाटी पर हुए आतंकी हमले के बाद सरकार ने घाटी के कई सारे जो पर्यटन स्थल थे उन्हें सुरक्षा एहतियात के तौर पर बंद कर दिया गया था. पिछले एक साल में हालांकि कई सारे फिर से खोल दिए गए हैं. उनमें पहलगाम के कई सारे हैं, जिन्हें बंद किया गया था, वो खोल दिए गए हैं. लेकिन बैसरन घाटी अभी बंद है. जहां सरकार की तरफ से कड़ी सुरक्षा लगाई गई हैं.
पहलगाम आतंकी घटना को आज पूरा एक साल हो गया है. इस वक्त हम पहलगाम की मेन मार्किट में हैं, जो कि पहलगाम की एक पहचान है. इसलिए भी क्योंकि बॉलीवुड की कई फिल्मों की शूटिंग यहां हुई है. ये मार्किट स्प्रिंग टूरिज्म की जान माना जाता था. ये वो समय है जब यहां टूरिस्ट आते थे. लेकिन पहलगाम आतंकी हमले के बाद से यहां टूरिज्म में काफी कमी देखने को मिल रही है.
पहलगाम हमले के करीब एक साल बाद, भारत हमले के पीड़ितों का शोक मना रहा है. इस बीच इंडियन आर्मी ने पाकिस्तान को एक तल्ख मैसेज भेजा है. यह भी याद दिलाया गया है कि अगर सीमाएं लांघी जाती हैं, क्या नतीजे होते हैं.
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकी हमले में पर्यटकों को बचाते हुए मारे गए आदिल हुसैन शाह की पत्नी गुलनाज अख्तर एक साल बाद भी संघर्ष कर रही हैं. उन्होंने कहा कि उनके बिना जिंदगी अधूरी और मुश्किल हो गई है.
उधमपुर जा रही बस के पहाड़ से गिरने से बड़ा हादसा हुआ. 16 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि कई घायल हैं. प्रशासन ने रेस्क्यू और मेडिकल सहायता तेज कर दी है और मामले की जांच की जा रही है.
जम्मू-कश्मीर के उधमपुर जिले के रामनगर इलाके में सोमवार को बड़ा सड़क हादसा हो गया. एक बस अनियंत्रित होकर खाई में जा गिरी जिसमें दस लोगों की मौत हो गई जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं. हादसे के बाद प्रशासन ने तत्काल राहत और बचाव अभियान शुरू किया और घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है.
जम्मू में रामनगर से उधमपुर जा रही एक पब्लिक ट्रांसपोर्ट बस अनियंत्रित होकर पहाड़ से नीचे गिर गई. इस हादसे में 22 लोगों की मौत की खबर सामने आई है, जबकि कई यात्री घायल बताए जा रहे हैं.
Americans detained at Srinagar airport: श्रीनगर एयरपोर्ट पर 2 अमेरिकी नागरिकों को सैटेलाइट फोन मिलने के बाद हिरासत में लेकर जांच शुरू की गई है. जिस व्यक्ति के बैग से सैटेलाइट फोन मिला है, उसकी पहचान मोंटाना, अमेरिका के रहने वाले जेफ्री स्कॉट के रूप में हुई है.
सांसद राशिद इंजीनियर ने अदालत से एक महीने की अंतरिम जमानत मांगी है. हालांकि, NIA ने उनकी याचिका का विरोध किया है.
यह गिरफ्तारी शब्बीर शाह को दूसरे मामलों में कानूनी राहत मिलने के कुछ हफ्ते बाद हुई है. 12 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें एक अलग मामले में बेलद दी थी, जिसकी जांच अभी एनआईए कर रही है.
जम्मू-कश्मीर में बड़ा पर्यावरण संकट आ गया है. CAG रिपोर्ट के अनुसार 697 प्राकृतिक झीलों में से 315 पूरी तरह गायब हो चुकी हैं. 1967 से अब तक 2851 हेक्टेयर झील क्षेत्र खत्म हो गया. 203 झीलें सिकुड़ गई हैं. प्रशासन की लापरवाही, प्रदूषण और अतिक्रमण की वजह से यह हुआ है. रिपोर्ट ने सरकार की उदासीनता को जिम्मेदार ठहराया है.
जम्मू कश्मीर के डोडा जिले में 4.6 तीव्रता का भूकंप आया है. यह भूकंप आज सुबह लगभग 4:30 बजे महसूस किया गया. साथ ही म्यांमार में भी आज भूकंप के झटके महसूस किए गए, जिसकी तीव्रता 4.0 रिपोर्ट की गई है. इस घटना से स्थानीय निवासियों में हलचल मची है और आपदा प्रबंधन टीमें सतर्क हैं. भूकंप की ऐसी घटनाएं क्षेत्र में भूस्खलन और अन्य प्राकृतिक प्रभावों को बढ़ावा दे सकती हैं, इसलिए सावधानी बरतनी आवश्यक है.
जम्मू-कश्मीर के डोडा में 4.6 तीव्रता का भूकंप आया. इसके साथ ही, म्यांमार में भी 4.0 तीव्रता के झटके महसूस किए गए.
कश्मीर का 'लाल सोना' अब किसी जानी-पहचानी वजह—जैसे जलवायु परिवर्तन या बाज़ार के उतार-चढ़ाव से नहीं, बल्कि 'इंडियन क्रेस्टेड साही' (Indian Crested Porcupine) से खतरे का सामना कर रहा है. किसानों को रात भर टॉर्च लेकर पहरा देना पड़ता है, क्योंकि साही झुंड बनाकर आते हैं. वे सिर्फ़ फूल ही नहीं खाते, बल्कि ज़मीन खोदकर केसर की जड़ें भी निकाल लेते हैं. देखें आजतक संवाददाता मीर फरीद की ये रिपोर्ट.
जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने सरकारी मशीनरी से आतंकवाद के 'कैंसर' को जड़ से उखाड़ने का अपना वादा दोहराया है. आजतक के सूत्रों के मुताबिक, बुधवार को आतंकी संबंधों के चलते दो और सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त कर दी गई.
जम्मू-कश्मीर में उमर अब्दुल्ला सरकार ने विधानसभा में प्राइवेट यूनिवर्सिटी बिल पास कर दिया है, जिसे केंद्र शासित प्रदेश के शैक्षिक ढांचे में एक बड़े बदलाव के रूप में देखा जा रहा है. मुख्यमंत्री ने इसे युवाओं के भविष्य के लिए 'गेम चेंजर' बताया है.
जम्मू-कश्मीर में इन दिनों गांदरबल में हुए एनकाउंटर का एक मामले विवादों में घिर गया है. इस मामले में अब एलजी मनोज सिन्हा ने मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दे दिए हैं और सात दिनों के भीतर रिपोर्ट मांगी है. पीड़ित परिवार का कहना है कि एनकाउंटर में मारे गए राशिद गुल बेकसूर था. वहीं, सेना का कहना है कि वह आतंकी था.