जम्मू-कश्मीर में आतंकियों ने कश्मीरी पंडितों को जान से मारने की धमकी दी है, जिसके बाद सुरक्षा एजेंसियों ने घाटी में चौकसी बढ़ा दी है. प्रशासन ने कर्मचारियों को घर से काम करने की सलाह दी है और सुरक्षा बढ़ाने के लिए ट्रांजिट कैंपों की निगरानी कड़ी कर दी गई है.
जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद और कानून-व्यवस्था से प्रभावित लोगों के लिए मुआवजे के नए नियम लागू किए गए हैं. नए नियमों के तहत आम नागरिकों की मौत पर परिवार को 1 लाख रुपए, रक्षा बलों और CAPF जवानों की शहादत पर 25 लाख रुपए मुआवजा दिया जाएगा. अर्धसैनिक बलों के जवानों के परिजन, पुलिसकर्मी, पूर्व सैनिक और दिव्यांगों के लिए भी अलग-अलग मुआवजे का प्रावधान है.
जम्मू-कश्मीर में कश्मीरी पंडित अधिकारियों को धमकी भरा पत्र मिला है. प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े बताए जा रहे यूएलसी ने अधिकारियों और उनके परिवारों को निशाना बनाने की धमकी दी है. पत्र में पुलिसकर्मियों और जम्मू-कश्मीर के वरिष्ठ अधिकारियों को भी चेतावनी दी गई है.
जम्मू-कश्मीर की रहने वाली नीलम के तीन बेटियां और एक बेटा है. बेटा मां को घर बुलाता है, कभी मिलने भी आता है, लेकिन नीलम वापस नहीं जाना चाहतीं. वजह है बहू से हुआ झगड़ा. पति को करीब 8-9 साल पहले लकवा मार चुका है और नीलम उनकी देखभाल करती हैं. अब बीमार पति के साथ सोनीपत के वृद्धाश्रम में रह रही हैं.
जम्मू-कश्मीर पुलिस के काउंटर-इंटेलिजेंस विंग ने घाटी के कई जिलों में ऑनलाइन कट्टरपंथ और आतंकवाद से जुड़ी गतिविधियों को रोकने के लिए छापेमारी की. बडगाम जिले के मागाम इलाके के सिराज नबी पारे नामक संदिग्ध को गिरफ्तार किया गया, जो सोशल मीडिया पर चरमपंथी पोस्ट और आतंकवादियों का महिमामंडन कर रहा था.
पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी की नेता इल्तिजा मुफ्ती पर श्रीनगर में पुलिस अधिकारी से मारपीट करने का आरोप लगा है. प्रदर्शन के दौरान हुई इस घटना में पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने से रोका था, जिसके बाद दोनों पक्षों में झड़प हो गई थी. अब उनके खिलाफ मामला दर्ज हो गया है.
जम्मू-कश्मीर के पुंछ में LoC के पास हुए लैंडमाइन ब्लास्ट में दो जवान जख्मी हो गए. जब आर्मी की पेट्रोलिंग टीम भारी बारिश के कारण लैंडमाइन को डिफ्यूज करने का प्रयास कर रही थी, तभी यह हादसा हुआ.
जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने श्रीनगर में अनुच्छेद 370 हटाए जाने की सातवीं वर्षगांठ पर आतंकी हिंसा में मारे गए लोगों के परिवारों को सरकारी नौकरी के नियुक्ति पत्र सौंपे. उन्होंने आतंकियों और उनके समर्थकों को कड़ी चेतावनी दी और कहा कि सरकार आतंकवाद और उसके पूरे तंत्र को जड़ से खत्म करेगी.
कश्मीर के लोकजीवन में यह किस्सा आज भी उतना ही जीवंत है. जितना हर पतझड़ में लाल हो उठने वाला चिनार का पेड़. वही चिनार जो सदियों से कश्मीर को शीतलता दे रहा है और जिसकी छांव सदियों से प्रकृति प्रेमियों कवियों, सूफ़ियों-संतों और कलाकारों का रोमांटिक एड्रेस रहा है.
नेशनल कॉन्फ्रेंस सांसद चौधरी मोहम्मद रमजान के PoK को लेकर दिए बयान से सियासी विवाद छिड़ गया है. उन्होंने कहा कि PoK अलग देश है और भारत का उससे कोई लेना-देना नहीं. उनका बयान ऐसे वक्त आया है जब PoK में हिंसा, प्रदर्शन, चुनाव और पाकिस्तानी कार्रवाई को लेकर भारत लगातार सवाल उठा रहा है.
जम्मू-कश्मीर में सत्ताधारी नेशनल कॉन्फ्रेंस और कांग्रेस के साथ साथ पीडीपी भी आज सभी 20 जिलों में प्रदर्शन करने जा रही है. ये दल 370 और 35A को हटाने की 7वीं बरसी पर प्रदर्शन करने वाले हैं. 7 साल पहले हटाए गए अनुच्छेद 370 और 35A को लेकर एक दिन पहले भी श्रीनगर में महबूबा मुफ्ती ने कैंडल मार्च किया. और अब आज बड़े प्रदर्शन की तैयारी है. इसे देखते हुए जम्मू कश्मीर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम हैं.
जम्मू-कश्मीर समेत पहाड़ी राज्यों में मानसून कहर बरपा रहा है. सबसे ज्यादा तबाही जम्मू-कश्मीर में देखने को मिल रही है, जहां कई इलाकों में अचानक आई फ्लैश फ्लड ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है. तेज बहाव में सड़कें और पुल प्रभावित हुए हैं, जबकि कई जगहों पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है. प्रशासन राहत और बचाव कार्य में जुटा हुआ है.
सबसे पहले बात जम्मू-कश्मीर की. जहां मूसलाधार बारिश आफत बनकर बरस रही है. तेज बारिश के बीच नदी-नाले उफान पर हैं और जिंदगी मुसीबत में घिरी हैं. अधिक जानने के लिए देखें Video.
जम्मू कश्मीर और लद्दाख इन दिनों कुरदर के बेहिसाब संकट का सामना कर रहे हैं. जम्मू कश्मीर के कई इलाकों में फ्लैड फ्लड और उससे तबाही हुई है. लद्दाख के करगिल में भी डरावना मंजर दिखा.
जम्मू कश्मीर में मानसूनी आफत खत्म होने का नाम नहीं ले रही. वहां कई इलाकों में स्थिति अब भी गंभीर है. मूसलाधार बारिश का संकट कई हिस्सों में दिख रहा है. कहीं पहाड़ दरक रहे हैं. तो कहीं बादल फटने के बाद हाहाकार मचा है.
जम्मू-कश्मीर के कुलगाम के केल्लाम इलाके में कल शाम आतंकियों ने दो गैर-कश्मीरी मजदूरों को गोली मार दी. आतंकी हमले में एक मजदूर की मौके पर ही मौत हो गई..जबकि दूसरे ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया. दोनों ही मजदूर छत्तीसगढ़ के रहने वाले थे. इस हमले के बाद सुरक्षा बलों ने इलाके की घेराबंदी कर दी है और सर्च ऑपरेशन जारी है. कुलगाम में हुए आतंकी हमलों को लेकर स्थानीय लोगों ने आज पाकिस्तान के खिलाफ प्रदर्शन किया तो वहीं मामले पर सियासत तेज हो गई है...
गृह मंत्री अमित शाह पर विवादित कमेंट करने वाले सोशल मीडिया इन्फ्यूएंसर योगेश परमार के खिलाफ लद्दाख पुलिस ने जीरो FIR दर्ज कर ली है. केस कर्नाटक पुलिस को ट्रांसफर कर दिया गया है.
सोनम वांगचुक कश्मीर से लौटकर सिंधु नदी किनारे अपने गांव पहुंचे और वीडियो संदेश जारी किया. उन्होंने सरकार से अनशन के दौरान किए गए लिखित वादे पूरे करने और प्रदर्शनकारी छात्रों पर कानूनी कार्रवाई न करने की मांग की. आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को मुआवजा देने की भी बात कही.
जम्मू-कश्मीर के कुलगाम के केल्लाम इलाके में कल शाम आतंकियों ने दो गैर-कश्मीरी मजदूरों को गोली मार दी. आतंकी हमले में एक मजदूर की मौके पर ही मौत हो गई..जबकि दूसरे ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया. दोनों ही मजदूर छत्तीसगढ़ के रहने वाले थे। इस हमले के बाद सुरक्षा बलों ने इलाके की घेराबंदी कर दी है और सर्च ऑपरेशन जारी है. देखें...
जम्मू-कश्मीर के कुलगाम में आतंकियों ने छत्तीसगढ़ के दो प्रवासी मजदूरों की गोली मारकर हत्या कर दी. दोनों केल्लम इलाके में ईंट-भट्ठे पर काम करते थे. घटना ऐसे समय हुई जब PoK में सरकार विरोधी प्रदर्शन जोरों पर हैं. एजेंसियों ने दोनों घटनाओं में सीधा संबंध अभी नहीं माना है, लेकिन जानकार इसे व्यापक रणनीति का हिस्सा मान रहे हैं.
जम्मू-कश्मीर सरकार ने पेलेट गन पीड़िता इंशा मुश्ताक के लिए 41.16 लाख रुपये जारी करने की मंजूरी दी है. यह राशि उस गैस एजेंसी की प्रक्रिया पूरी करने के लिए जारी की गई है, जिसका वादा उनसे करीब 10 साल पहले किया गया था.