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जम्मू-कश्मीर

अपने ही घर से दरबदर हुए 31 साल, कश्मीरी पंडितों को नहीं म‍िला इंसाफ

20 जनवरी 2021

अपने ही देश में, अपने ही घर की मिट्टी से एक नहीं, दो नहीं, तीन नहीं, बल्कि 31 साल दूर रहकर अपने ही मुल्क में विस्थापित होने का दर्द कश्मीरी पंडित झेल रहे हैं. वो कश्मीरी पंडित जिनकी पीढ़ियां आज की तारीख 19 जनवरी को कभी भूल नहीं सकतीं. आज ही के तारीख है, साल 1990 में, आज ही के तारीख है, कश्मीर में अपने ही घरों से कश्मीरी पंडितों को दरबदर करने की रात आई थी. देखिए आजतक संवाददाता सुनील जी भट की रिपोर्ट.

LAC से LoC तक, जारी है BRO के रणबांकुरों की श्वेत क्रांत‍ि

20 जनवरी 2021

कश्मीर के कुपवाड़ा स्थि‍त इंटरनेशल बॉर्डर पर सीमा सड़क संगठन की श्वेत क्रांति जारी है. जहां BRO के रणबांकुरे इतनी ठंड में भी द‍िन-रात चीन और पाकिस्तान के पैरों तले सड़क खिसकाने में जुटे हुए है. इन रणबांकुरे के कंधों पर यह जिम्मेदारी है कि अगर भारतीय सेना को अगर जरूरत पड़ने पर लाइन ऑफ कंट्रोल तक पहुंचना हो, तो ऐसी स्थिति में जरा सी भी देरी न हो. इन इलाकों में आने वाली एवलांच, तूफानों और कश्मीर में इस साल ज‍ितनी बर्फबारी हुई है, उनके बीच ये सब कर पाना काफी मुश्क‍िल होता है. लेक‍िन बॉर्डर रोड ऑर्गनाइजेशन ने ये द‍िखाया है क‍ि क्यों चीन उनसे च‍िढता है और पाक‍िस्तान उनसे डरता है. देखें यह रिपोर्ट.

लद्दाख की चादर ट्रैकिंग क्यों है देश-दुनिया में मशहूर, जान‍िए

19 जनवरी 2021

लद्दाख के जंस्कार क्षेत्र की चादर ट्रैकिंग काफी मशहूर है. दरअसल लद्दाख जंस्कार नाम की नदी है. गर्मियों में इस नदी में पानी का तेज बहाव होता है तो सर्दियों में यह जम जाती है. इस दौरान लोग इसपर ट्रैकिंग भी करते दिखाई देते हैं. ठंड में बर्फ की चादर जैसे दिखने वाली इस नदी पर होने वाली ट्रैकिंग को इसी वजह से चादर ट्रैकिंग का नाम दिया गया है. देखें यह रिपोर्ट.

ये हैंं ठंडे र‍ेग‍िस्तान के जहाज, अब आएंगे भारतीय सेना के काम

19 जनवरी 2021

डबल हम्पबैक कैमल को ठंडे रेगिस्तान का जहाज कहा जाता है. यह लद्दाख के इलाके में पाया जाता है. अब सेना इन ऊंटों अपने बेड़े में शामिल करने जा रही है. इनकी खासियत है कि यह किसी भी तापमान में भी काम कर सकते हैं. इसके अलावा यह अपने साथ लगभग 170 किलो तक का भार ले जा सकते हैं. साथ ही इस जानवर के दाने पानी में भी काफी कम खर्च आता है. देखें यह रिपोर्ट.

पीपुल्स कॉन्फ्रेंस के नेता सज्जाद लोन का PAGD से अलग होने का फैसला (फाइल-पीटीआई)

J-K: गुपकार गठबंधन को पहला बड़ा झटका, सज्जाद लोन हुए अलग

19 जनवरी 2021

हाल ही में हुए डीडीसी चुनावों पर टिप्पणी करते हुए सज्जाद लोन ने कहा कि इस गठबंधन को त्याग की जरूरत थी. हर पार्टी को साथी सहयोगियों को जगह देने को लेकर जमीनी स्तर पर त्याग करने की जरूरत थी. लेकिन कोई भी पार्टी जगह देने को तैयार नहीं है, कोई भी पार्टी त्याग देने को तैयार नहीं है.

लद्दाख में पारा -18 तक लुढ़का, थम गए खेती से लेकर कारोबार तक

18 जनवरी 2021

पहाड़ों पर इस समय जमकर बर्फबारी हो रही है. इस दौरान रविवार को लद्दाख में न्यूनतम तापमान माइनस 18 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. जबसे ठंड की शुरुआत हुई है तबसे लद्दाख में तापमान कभी ऊपर आया ही नहीं. लद्दाख के अन्य उपरी इलकों में तो कभी-कभी तापमान -30 डिग्री तक भी लुढ़क जाता है. वहीं रविवार को यहां अधिकतम तापमान -5 डिग्री रिकार्ड किया गया. देखिये ग्राउंड ज़ीरो से आजतक संवाददाता अशरफ वानी की रिपोर्ट.

पूर्व केंद्रीय मंत्री फारूक अब्दुल्ला (PTI)

...जब फारूक बोले- अभी ऐसा वक्त कि पत्नी को किस भी नहीं कर सकता

18 जनवरी 2021

जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला रविवार को जम्मू में थे. यहां उन्होंने एक कार्यक्रम में हिस्सा लिया, जहां कोरोना के संकट को लेकर हंसी मजाक किया.

LAC पर -30 डिग्री में चीन हुआ बेहाल, भारतीय जवान अब भी डटे

17 जनवरी 2021

लद्दाख में माइनस 30 डिग्री तापमान के बीच जहां चीन परेशान हो रहा है, उसी वादी में हिन्दुस्तान के जवान जय हिंद का नारा लगा रहे हैं. अपनी दिलेरी, जांबाजी, शौर्य का परिचय देते हुए हमारे वीर जवान सरहद की हिफाजत में जुटे हैं. एक तरफ जमाने वाली ठंड में चीन की अकड़ ढीली पड़ गई. 10 हजार फौजियों को पीछे हटाना पड़ा. लेकिन -30 डिग्री में भी भारत डटा है. जवान मोर्चे पर हैं और खुद पर भरोसा इतना है कि अब एलएसी तक जाने की पाबंदी भी हटा दी गई. देखें एलएसी से आजतक की ग्राउंड रिपोर्ट.

लद्दाख में माइनस 30 तक पारा, जम गया पूरा दरिया! देखें LAC का हाल

16 जनवरी 2021

पहाड़ों पर पिछले एक पखवाड़े से हो रही बर्फबारी से पारा गिरते गिरते माइनस में पहुंच गया है. श्रीनगर में जहां डल झील जमकर बर्फ का दरिया बन गई है, वहीं लद्दाख में पारा माइनस में 30 डिग्री तक पहुंच गया है. यहां सब कुछ जम गया है. आजतक संवाददाता अशरफ बानी से जानिए लद्दाख का ताजा हाल.

सबसे पहले पैंगोंग झील पहुंचा आजतक

पैंगोंग झील सैलानियों के लिए खुली, सबसे पहले पहुंचा 'आजतक'

15 जनवरी 2021

सीमा पर तनाव कम होने के बाद अब एलएसी से सटे कुछ इलाकों में पर्यटकों को दोबारा आने-जाने की इजाजत होगी. लद्दाख में कई सौ किलोमीटर तक फैली चीन से लगने वाली सीमा पर पिछले साल पूरी तरह से तनाव बना रहा.

जम्मू में हुई अभियान की शुरुआत

J-K में भी शुरू हुआ राम मंदिर निर्माण के लिए फंड इकट्ठा करने का काम

15 जनवरी 2021

भैया जी जोशी ने इस मौके पर कहा कि यह धन संग्रह नहीं, बल्कि समर्पण का कार्यक्रम है और समाज अपनी श्रद्धा एवं इच्छा से जो सहयोग करेगा वह सब स्वीकार्य है. उन्होंने कहा कि राम मंदिर भव्य बनेगा और भगवान के लिए समाज अपनी सामर्थ्य के अनुसार स्वयं प्रेरणा से सहयोग करेगा.