कठुआ जिले के बिलावर इलाके में पुलिस और सुरक्षा बलों ने संयुक्त अभियान में तीन आतंकी ठिकानों को ध्वस्त किया. तलाशी के दौरान हथियारों के कारतूस, राशन और रोजमर्रा का सामान बरामद हुआ. एसएसपी मोहिता शर्मा के अनुसार सर्च ऑपरेशन जारी है और सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हैं.
जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले के मेंढर इलाके में PIA के लोगो वाला विमान के आकार का संदिग्ध गुब्बारा मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियां जांच में जुट गई हैं. इससे पहले भी सांबा जिले के रामगढ़ क्षेत्र में ‘पाकिस्तान जिंदाबाद’ लिखा गुब्बारा भी बरामद किया जा चुका है. लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं के चलते सीमा से सटे इलाकों में सतर्कता बढ़ा दी गई है.
जम्मू कश्मीर में काफी सर्दी बनी हुई है. बर्फ़बारी से घाटी में तापमान में गिरावट आ रही है और गुलमर्ग में ठंड का असर और भी ज्यादा महसूस किया जा रहा है. ठंड इतनी गंभीर है कि इससे काफी परेशानी हो रही है. बर्फ़बारी कई जगहों पर पानी की पाइपलाइन फट गई हैं. देखें ग्राउंड रिपोर्ट.
यह वीडियो हिमालय में ग्लेशियर की स्थिति पर आधारित है जहां जम्मू कश्मीर और लद्दाख में तापमान माइनस में बना हुआ है और बर्फबारी जारी है. इस साल बर्फबारी पिछले साल की तुलना में कम हुई है. इसके साथ ही हिमालय में ग्लेशियरों की संख्या भी घट रही है. ग्राउंड रिपोर्ट में इस परिवर्तन का विश्लेषण किया गया.
जम्मू-कश्मीर के पूंछ और सांबा जिलों में भारत-पाक सीमा पर पाकिस्तानी ड्रोन देखे जाने से सुरक्षा एजेंसियों अलर्ट मोड पर हैं. LoC और अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास ड्रोन मंडराने के बाद सुरक्षा बलों ने एंटी-ड्रोन सिस्टम सक्रिय कर दिया. इससे पहले राजौरी में भी संदिग्ध ड्रोन देखे गए थे, जिन्हें रोकने के लिए सेना ने फायरिंग की थी.
द्रास क्षेत्र में तापमान माइनस 20 से माइनस 59 डिग्री सेल्सियस तक गिर जाता है. ऐसी कठोर सर्दी में भी भारतीय सेना के जवान पूरी मुस्तैदी और सतर्कता के साथ अपनी सीमा सुरक्षा का काम कर रहे हैं. बर्फ की मोटी परतों और कम ऑक्सीजन की कठिन परिस्थिति में हमारे वीर जवान प्राकृतिक और दुश्मन की चुनौतियों का लगातार सामना कर रहे हैं.
उत्तर भारत इस समय भीषण और तेज शीतलहर की चपेट में है. विशेष रूप से केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में इतनी ठंड पड़ी है कि पिछले सभी रिकॉर्ड टूट गए हैं. श्रीनगर और घाटी के कई इलाकों में तापमान शून्य से नीचे गिर गया है, जिससे यहां का जनजीवन पूरी तरह ठप पड़ गया है. जम्मू भी घने कोहरे की चपेट में हैं. देखें रिपोर्ट.
उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के पहाड़ों पर भारी बर्फबारी की आशंका है. हालांकि इस बार बर्फबारी बहुत देरी से आई है, लेकिन ऊंची चोटियां अब बर्फ की सफेद चादर से ढकने लगी हैं. अक्टूबर में कई स्थानों पर पहली बार बर्फबारी हुई थी. इधर कश्मीर घाटी में भारी बर्फबारी हुई है. द्रास से लेकर गुलमर्ग, सोनमर्ग तक बर्फ की चादर बिछी है.
पुलिस ने इमामों और धार्मिक संस्थानों से निजी और आर्थिक जानकारी मांगी है जिसे धार्मिक आजादी और सुरक्षा नीति के संदर्भ में विवादित माना जा रहा है. राजनीतिक नेताओं ने इसे मुसलमानों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई और सामूहिक संदेह की नीति बताया है. ये मामला घाटी में धार्मिक आजादी, भरोसे और सुरक्षा को लेकर एक बड़ी बहस का रूप ले चुका है.
ऑपरेशन सिंदूर के बाद दबाव में आए आतंकी संगठनों की बौखलाहट अब खुले तौर पर दिखने लगी है. पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में LoC के पास लश्कर-ए-तैयबा के बड़े आतंकी अबु मूसा कश्मीरी ने नफरती बयान दिया है. उसने कश्मीर को लेकर खुली धमकी दी और कहा कि जेहाद से ही मसला सुलझेगा.
मध्य कश्मीर के दरंग क्षेत्र में अत्यधिक ठंड के कारण झरने का पानी जम कर बर्फ में बदल गया है. शून्य से नीचे गिरते तापमान की वजह से झरना बहते हुए जम रहा है, जिससे यह एक अद्भुत प्राकृतिक दृश्य बन गया है. इस बर्फीले जलप्रपात को देखने के लिए भारी संख्या में लोग यहाँ आ रहे हैं. यह ठंड का मौसम दरंग जलप्रपात को एक अनोखी और आकर्षक कलाकृति में परिवर्तित कर देता है.
इस खास ग्राउंड रिपोर्ट में देश के सबसे ठंडे हिस्सों द्रास और लद्दाख के युद्ध क्षेत्र का नजारा दिखाया गया है. यहां तापमान माइनस 20 से माइनस 59 डिग्री सेल्सियस तक गिर जाता है. बावजूद इसके भारतीय सैनिक पूरी मुस्तैदी से सीमाओं की सुरक्षा कर रहे हैं. बर्फ की चादरों और ऑक्सीजन की कमी के बीच हमारे जवान न केवल प्रकृति की कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं, बल्कि हमेशा दुश्मनों की हरकतों पर पैनी नजर रखते हैं.
जम्मू-कश्मीर के राजौरी सेक्टर में कल दो ड्रोन दिखाई दिए हैं जिनके बारे में माना जा रहा है कि ये पाकिस्तान की किसी बड़ी साजिश का हिस्सा हो सकते हैं. सुरक्षा बलों ने इन ड्रोन को गिराने के लिए तुरंत फायरिंग की और राजौरी व पुंछ के क्षेत्र में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है. यह 48 घंटे के भीतर ड्रोन दिखने का दूसरा मामला है, जिससे सीमा सुरक्षा पर बढ़ती चिंता जाहिर होती है.
भारतीय सेना ने सीमा जिले राजौरी में दो दिवसीय मेगा पूर्व सैनिक रैली के साथ 10वें वेटरन्स डे समारोह की शुरुआत की. कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कैबिनेट मंत्री सतीश शर्मा थे. इस मौके पर व्हाइट नाइट कोर के जनरल ऑफिसर कमांडिंग लेफ्टिनेंट जनरल पी. के. मिश्रा सहित सेना, पुलिस, नागरिक प्रशासन और सुरक्षा बलों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे.
जम्मू-कश्मीर के राजौरी सेक्टर में ड्रोन देखे जाने की घटनाओं के बीच भारत ने पाकिस्तान को कड़ा संदेश दिया है. सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने साफ कहा कि LoC पर ड्रोन गतिविधि स्वीकार्य नहीं है. राजौरी, सांबा और पुंछ में ड्रोन दिखने के बाद सेना हाई अलर्ट पर है और काउंटर ऑपरेशन जारी हैं.
लद्दाख की पैंगोंग झील के पास 9 जनवरी से लापता चार पर्यटकों को 13 जनवरी को खोज लिया गया है. ये सभी व्हिस्की नाला पैंग सेरछू रोड क्षेत्र में सुरक्षित पाए गए. पुलिस के अनुसार सभी को ट्रेस कर लिया गया है, दुर्बुक ब्लॉक के टांगचे पुलिस पोस्ट प्रभारी ने इसकी जानकारी दी.
जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले के जंगलों में सुरक्षा बलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ जारी है. सर्च ऑपरेशन के दौरान सुरक्षा बलों ने आतंकियों को घेर लिया है और दोनों पक्षों के बीच फायरिंग जारी है. लंबे समय से कठुआ में आतंकवाद विरोधी अभियान चल रहा है. हाल ही में संदिग्ध गतिविधियों के चलते सुरक्षाबलों ने सर्च ऑपरेशन तेज कर दिया है.
Farmers Success Story: जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले के किसान ऑर्गेनिक सब्जियों की खेती करके अपनी आर्थिक स्थिति में सुधार कर रहे हैं. राजौरी के डूंगी ब्लॉक के स्थानीय किसान मौसम के अनुसार सब्जियां बोते हैं और अपनी जीविका के लिए बढ़िया मुनाफा कमा रहे हैं.
कश्मीर क्षेत्र में इस समय बहुत तेज सर्दी पड़ रही है. हाल के दिनों में हुई बर्फबारी के कारण तापमान में लगातार गिरावट देखी जा रही है. लद्दाख के द्रास इलाके में तापमान इस समय माइनस 18 डिग्री तक पहुंच गया है जो इसे दुनिया के सबसे ठंडे इलाकों में से एक बनाता है. इतनी ठंड के कारण द्रास में बहने वाला दरिया पूरी तरह से जम गया है. देखें ग्राउंड रिपोर्ट.
कश्मीर घाटी में बढ़ती ठंड के साथ पारंपरिक मांसाहारी व्यंजन हरीसा फिर से हजारों लोगों के नाश्ते की पहली पसंद बन गया है. खासकर श्रीनगर और अन्य शहरी इलाकों में हरीसा का स्वाद और पौष्टिकता सर्दियों में शरीर को गर्माहट देने वाला एक अहम व्यंजन बनाता है. यह कश्मीर की संस्कृति और पारंपरिक भोजन की पहचान का हिस्सा है जो सर्दियों के मौसम में विशेष रूप से लोकप्रिय होता है.
कश्मीर में इस बार कड़ाके की ठंड पड़ रही है और तापमान लगातार नीचे गिर रहा है. बर्फबारी के बाद श्रीनगर की डल झील जमने लगी है जबकि आसपास की नदियाँ, नाले और झरने भी जम गए हैं. इस प्राकृतिक ठंड के चलते वहां के लोग काफी प्रभावित हुए हैं और उनकी दिनचर्या कठिन हो गई है. देखिए ग्राउंड रिपोर्ट.