एडप्पाडी विधानसभा क्षेत्र (क्रमांक 86) एक बेहद रणनीतिक और कृषि प्रधान सीट मानी जाती है. यह क्षेत्र राष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा में रहता है क्योंकि इसका सीधा संबंध तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री और AIADMK के महासचिव एडप्पाडी के पलानिस्वामी (ईपीएस) से है. एडप्पाडी उनका गृह क्षेत्र और मजबूत राजनीतिक गढ़ माना जाता है. यहां की राजनीति कावेरी नदी की सिंचाई व्यवस्था, किसानों की एकजुटता और जातीय अनुशासन से प्रभावित रही है. वर्ष 2011 से पलानिस्वामी लगातार इस सीट से जीत दर्ज करते आ रहे हैं. अन्य कई “स्विंग” सीटों के विपरीत, एडप्पाडी की राजनीति व्यक्तित्व आधारित जरूर है, लेकिन यहां प्रदर्शन को भी उतनी ही गंभीरता से देखा जाता है. इसलिए यह सीट स्थिर तो है, लेकिन आत्मसंतुष्ट नहीं मानी जाती.
यह क्षेत्र पावरलूम उद्योग के लिए भी जाना जाता है, जहां कपड़ा उत्पादन बड़े स्तर पर होता है. इसके अलावा कृषि, भारी ट्रक परिवहन और ग्रेनाइट खदानों की भी यहां महत्वपूर्ण मौजूदगी है, जो स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती देती है.
राजनीतिक और सामाजिक संरचना की बात करें तो यहां का मतदाता समूह विविध लेकिन स्पष्ट रूप से संगठित है. वन्नियार (एमबीसी) समुदाय के कृषि परिवार संख्या में मजबूत हैं. कोंगु प्रभाव वाले किसान समुदाय भी प्रभावशाली भूमिका निभाते हैं. गांवों में अनुसूचित जाति (SC) बस्तियां मौजूद हैं. इसके अलावा किरायेदार किसान और कृषि मजदूर, स्वयं सहायता समूह (SHG) से जुड़ी महिलाएं और सरकारी कल्याण योजनाओं के लाभार्थी, चावल मिल मालिक, व्यापारी और कृषि-परिवहन से जुड़े श्रमिक, सभी मिलकर यहां के चुनावी समीकरण तय करते हैं.
भौगोलिक रूप से एडप्पाडी पश्चिमी सेलम जिले के कावेरी डेल्टा के किनारे स्थित है. यहां मजबूत नहर-आधारित सिंचाई व्यवस्था है और सड़क संपर्क सेलम, इरोड और नामक्कल जैसे शहरों से अच्छा है. क्षेत्र का भूभाग समतल और कृषि योग्य है. यहां पानी की उपलब्धता सीधे तौर पर मतदाताओं की संतुष्टि और चुनावी रुझान को प्रभावित करती है.
मुख्य स्थानीय इलाकों में एडप्पाडी नगर, नहरों से सिंचित खेती वाले गांव, चावल मिल और कृषि व्यापार क्षेत्र, अनुसूचित जाति कॉलोनियां और आंतरिक कृषि पंचायतें शामिल हैं. इन सभी समूहों की प्रतिक्रिया खास तौर पर पानी की उपलब्धता, न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) और सरकारी खरीद प्रणाली की दक्षता पर निर्भर करती है.
मुख्य मुद्दों में कावेरी नदी से पानी की समय पर रिहाई और नहरों का रखरखाव, MSP पर फसल खरीद की पारदर्शिता और प्रभावशीलता, कृषि के लिए बिजली आपूर्ति, खेती की लागत पर नियंत्रण, स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच और कल्याणकारी योजनाओं की नियमित डिलीवरी शामिल हैं.
मतदाता मनोदशा को समझें तो किसान पानी की निश्चित आपूर्ति और सरकारी खरीद पर भरोसा चाहते हैं. मजदूर वर्ग रोजगार की निरंतरता और कल्याण योजनाओं से जुड़ी सुरक्षा को प्राथमिकता देता है. अनुसूचित जाति मतदाता सम्मान और योजनाओं तक समान पहुंच चाहते हैं. महिलाएं राशन, पेंशन और स्वास्थ्य सुविधाओं पर विशेष ध्यान देती हैं, जबकि युवा कृषि से जुड़े रोजगार और कौशल विकास के अवसरों की अपेक्षा रखते हैं. कुल मिलाकर एडप्पाडी के मतदाता स्थिरता, विकास कार्यों की निरंतरता और मजबूत नेतृत्व को पुरस्कृत करते हैं.
Sambathkumar. T
DMK
Shri Rathna
NTK
Thasapparaj. D
MNM
Nota
NOTA
Jamuna. A
BSP
Pookadai Sekar. N
AMMKMNKZ
Kathiravan. V
IND
Iyyappan. P
IND
Guheshkumar. M
IND
Kathiresan. L
IND
Agni Sri Ramachandran. N
IND
Loganathan. S
IND
Stalin. A
IND
Lakshmi. G
IND
Eswaramoorthy P
IND
Manikandan. R
TNLK
Social Worker Eswari. P
APoI
Gunasekaran. K.n
MIDP
Murugan. M
IND
Eswaramurthy. N
IND
Shanmugam. G
IND
Suriyamoorthy. S
MGRMKKT
Balasubramaniam. J
IND
Mani. C
DAMK
Sownthararajan. G
IND
Balamurugan. M
IND
Dr. Padmarajan. K
IND
Palanisamy. A
IND
तीन भाषा फॉर्मूले को लेकर एक बार फिर से केंद्र और तमिलनाडु के बीच गतिरोध सामने आया है. मुख्यमंत्री एमके स्टालिन इन इस नीति पर एक बार फिर से सवाल खड़ा करते हुए कहा है कि हिंदी थोपने की कोशिश की जा रही है. इसे एकतरफा नीति बताया है. वहीं, केंद्र की ओर से भी इस पर प्रतिक्रिया आई है. शिक्षा मंत्री ने जवाब दिया है.
तमिलनाडु चुनावों के लिए बीजेपी ने 27 उम्मीदवारों की सूची जारी की, जिसमें के. अन्नामलाई का नाम नहीं था. अब अन्नामलाई ने बताया है उन्होंने खुद चुनाव नहीं लड़ने का फैसला किया है. उन्होंने कहा कि वो अब पूरी ताकत से NDA उम्मीदवारों के लिए प्रचार करेंगे.
तमिलनाडु चुनाव को लेकर बीजेपी जोर-शोर से तैयारियों में जुट गई है. पार्टी ने उम्मीदवारों की लिस्ट जारी की है. हालांकि इसमें पूर्व प्रदेश अध्यक्ष के. अन्नामलाई का नाम नहीं है. बताया जा रहा है कि सीट बंटवारे, खासकर कोयंबटूर को लेकर हुए विवाद और AIADMK के साथ तालमेल के कारण उनका नाम सूची से बाहर रखा गया.
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवारों की लिस्ट में केंद्रीय मंत्री के साथ ही पूर्व राज्यपाल का भी नाम है. पार्टी ने अपने कोटे की सभी 27 सीटों के लिए उम्मीदवारों के नाम घोषित कर दिए हैं.
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव से पहले AIADMK ने 17 सीटों के लिए उम्मीदवारों की सूची जारी की है. पार्टी प्रमुख एडप्पडी के. पलानीस्वामी ने अनुभवी नेताओं पर भरोसा जताया है. NDA गठबंधन के साथ AIADMK सत्ता में वापसी की कोशिश कर रही है.
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के लिए AIADMK ने अपने 23 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर दी है. पार्टी महासचिव और पूर्व मुख्यमंत्री एडप्पादी के. पलानीस्वामी अपनी पारंपरिक सीट एडप्पादी से ही चुनाव लड़ेंगे.पार्टी ने इस बार नए प्रयोगों के बजाय अपने अनुभवी चेहरों और पुराने मंत्रियों पर ही भरोसा जताया है, ताकि विकास के मुद्दे पर सत्ता में वापसी की जा सके.
तमिलनाडु चुनाव से पहले एआईएडीएमके ने अपने घोषणापत्र के जरिए कल्याणकारी योजनाओं की झड़ी लगा दी है. नकद सहायता, मुफ्त बस यात्रा, गैस सिलेंडर और घरेलू सुविधाओं के वादों के साथ पार्टी ने सीधे मतदाताओं को साधने की कोशिश की है.
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव से पहले एनडीए ने सीट बंटवारा फाइनल कर दिया है. BJP 27 सीटों पर चुनाव लड़ेगी, जबकि AIADMK 178 सीटों पर मैदान में उतरेगी.
एआईएडीएमके नेता एडप्पादी के. पलानीस्वामी ने मुख्यमंत्री एमके स्टालिन को 'कठपुतली मुख्यमंत्री' और अभिनेता से राजनेता बने विजय को 'सिर्फ सिनेमा तक सीमित सुपरस्टार' बताया.
थनी जिले में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ओ. पन्नीरसेल्वम ने पलानीस्वामी को 'बड़ा भाई' बताते हुए कहा कि मौजूदा हालात में AIADMK का एकजुट होना वक्त की सबसे बड़ी जरूरत है.