बद्रीनाथ चढ़ावा चोरी केस की जांच कर रही एसआईटी के हाथ अब मंदिर कमेटी के अध्यक्ष से जुड़े लोगों तक पहुंच गए हैं. एसआईटी ने देहरादून से मंदिर कमेटी अध्यक्ष के निजी सचिव को अरेस्ट किया है.
मैदानी इलाकों में तबाही मचाने के बाद अब मानसून का कहर पहाड़ों पर टूट पड़ा है. हिमाचल प्रदेश से लेकर उत्तराखंड तक लगातार हो रही भारी बारिश से जगह-जगह भूस्खलन और सड़कों पर मलबा आने की घटनाएं सामने आ रही हैं. कई रास्ते बाधित हो गए हैं, जबकि लोगों में डर और दहशत का माहौल है.
देहरादून में बारिश का कहर देखने को मिली है. मूसलाधार बारिश के बाद विजय कॉलोनी की खाला बस्ती में एक सुरक्षा दीवार भरभराकर गिर गई. दीवार गिरने से आसपास के मकान क्षतिग्रस्त नजर आ रहे हैं. हादसे की चपेट में आने से दो से तीन मकानों को नुकसान पहुंचा है, जबकि एक महिला घायल हुई है. महिला को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया है.
उत्तराखंड में लगातार हो रही भारी बारिश से कई जिलों में जनजीवन प्रभावित हुआ है. देहरादून में सुरक्षा दीवार गिरने से 2-3 मकान क्षतिग्रस्त हुए, एक महिला घायल हुई और सात परिवारों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया. चमोली में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की दीवार ढहने से प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. नवीन डिमरी की इलाज के दौरान मौत हो गई. उत्तरकाशी में खीर गंगा का जलस्तर बढ़ने पर प्रशासन अलर्ट पर है. मौसम विभाग ने अगले कुछ घंटों तक बारिश जारी रहने की चेतावनी दी है.
देर से आया मानसून अब देशभर में कहर बनकर बरस रहा है. पहाड़ों से लेकर मैदानों तक तबाही का मंजर है. नदियां उफान पर हैं, कई इलाकों में भूस्खलन हुआ है और शहर जलभराव से जूझ रहे हैं. उत्तराखंड से तबाही की कई भयावह तस्वीरें सामने आई हैं. देखिए, मानसून की मार पर ये खास रिपोर्ट.
हरिद्वार की हर की पौड़ी पर आने वाले लाखों श्रद्धालुओं ने शायद यह आवाज कभी न कभी जरूर सुनी होगी- 'भंडारा कर दो बाबूजी... 100 में 5 बाबा, 200 में 11 बाबा खाएंगे.' यह आवाज किसी भीख मांगने वाले की नहीं थी. यह उस शख्स की थी, जो अपने लिए नहीं, भूखों के लिए हाथ जोड़ता था. सालों तक हर की पौड़ी के पास शिवसेतु पर बैठकर हजारों जरूरतमंदों के लिए भोजन जुटाने वाले 'भंडारा किंग बाबा' रमाशंकर गुप्ता अब इस दुनिया में नहीं रहे.
कुदरत ने पहाड़ों पर भीषण कोहराम मचाया हुआ है. पहाड़ों से लेकर मैदानी इलाकों तक, मानसून की बारिश ने हाहाकार मचा हुआ है. आसमान से बरस रही आफत से पहाड़ों पर लैंडस्लाइड के चलते जिंदगी पटरी से उतर चुकी हैं तो मैदानी इलाकों में में लोगों को बारिश ने हाउस अरेस्ट कर दिया है.
हरिद्वार के शिवसेतु पर जरूरतमंदों के लिए भंडारा कराने की अपील करने वाले 'भंडारा किंग बाबा' रमाशंकर गुप्ता का निधन हो गया. उनकी सेवा और समर्पण को स्थानीय लोग भावुक होकर याद कर रहे हैं. उनके जाने के साथ हरिद्वार की एक परिचित आवाज और सामाजिक सेवा से जुड़ी एक पहचान भी लोगों की यादों में सिमट गई है.
उत्तराखंड पर मौसम की दोहरी मार पड़ रही है. आसमान से बादल बरस रहे हैं तो दरकते पहाड़ से बोल्डर गिर रहे हैं. ऐसी तस्वीरें लगातार आ रही हैं. हरिद्वार के बैरागी कैंप में कुछ युवकों ने थार को गंगा की मुख्य धारा में उतार दिया. जिसके बाद JCB बुलाकर थार को बाहर निकाला गया. देखें वीडियो.
उत्तराखंड के बदरीनाथ धाम में श्रद्धालुओं की 'थाली भेंट' की गणना के दौरान कथित वित्तीय गड़बड़ी का मामला अब हाईकोर्ट पहुंच गया है. आरोपों के बाद निलंबित मंदिर समिति के कर्मचारी ने अपने निलंबन और एफआईआर को चुनौती दी है. हाईकोर्ट ने बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति से जवाब तलब करते हुए 16 जुलाई को अगली सुनवाई तय की है.
हरिद्वार की हर की पौड़ी के पास शिवसेतु पर वर्षों से तीर्थयात्रियों से गरीबों के लिए भोजन कराने की अपील करने वाले भंडारा किंग बाबा रमाशंकर गुप्ता का निधन हो गया. उनकी पहचान भंडारा कर दो बाबूजी की पुकार से थी. उनके निधन के बाद शिवसेतु पर बैठने वाले जरूरतमंदों के सामने भोजन की व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ गई है.
हरिद्वार में गंगा की मुख्य धारा में थार उतारकर स्टंट करना लड़कों को भारी पड़ गया. एसयूवी बीच नदी में फंस गई, जिसके बाद रेस्क्यू अभियान चलाना पड़ा. पुलिस ने गाड़ी सीज कर कार्रवाई की और स्टंटबाजी से बचने की अपील की. पुलिस ने लोगों से सार्वजनिक स्थानों पर इस तरह के जोखिम भरे स्टंट से बचने की अपील की है.
हरिद्वार के कनखल थाना क्षेत्र के बैरागी कैंप में कुछ युवकों ने अपनी थार कार को गंगा की नील धारा में स्टंट के लिए उतार दिया. गाड़ी नदी के बीच में फंसकर डूबने लगी, जिस पर स्थानीय लोगों ने गाड़ी में बैठे दोनों युवकों को सुरक्षित बाहर निकाला. सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और क्रेन की मदद से गाड़ी को गंगा से बाहर निकाला गया.
रुतबा दिखाने के लिए थार को गंगा की मुख्य धारा में उतार दिया. सोच थी कि एसयूवी पानी चीरते हुए निकल जाएगी. लेकिन कुछ ही मिनटों में गाड़ी बीच नदी में फंस गई, पानी भरने लगा और जान बचाने की नौबत आ गई. फिर शुरू हुआ रेस्क्यू ऑपरेशन और आखिर में पुलिस ने थार ही सीज कर दी.
कॉर्बेट टाइगर रिजर्व में पहली बार दुर्लभ ग्रेटर पेंटेड स्नाइप अपने दो चूजों के साथ कैमरे में कैद हुआ है. इसे कॉर्बेट लैंडस्केप का पहला पुष्ट प्रजनन (Confirmed Breeding Record) माना जा रहा है. इस दुर्लभ पक्षी में अंडों और चूजों की देखभाल नर करता है, जबकि मादा अंडे देने के बाद घोंसला छोड़ देती है. विशेषज्ञों ने इसे वन्यजीव संरक्षण और वेटलैंड संरक्षण की बड़ी उपलब्धि बताया है.
उत्तराखंड के नैनीताल स्थित सात नंबर आल्मा कॉटेज क्षेत्र में लगातार आठ घंटे की बारिश के बाद फिर जमीन खिसकना शुरू हो गया. पहाड़ी का बड़ा हिस्सा खिसकने से 12 परिवारों के मकान खतरे की जद में आ गए हैं. पिछले साल भी इसी इलाके में दरारें पड़ी थीं, लेकिन स्थायी सुरक्षा कार्य नहीं होने से लोगों में प्रशासन के प्रति नाराजगी है. एसडीएम ने राहत, सुरक्षा और प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट करने के निर्देश दिए हैं.
Uttarakhand Rains: उत्तराखंड में मॉनसून की भारी बारिश ने जनजीवन को प्रभावित किया है. IMD ने देहरादून, नैनीताल, चंपावत, ऊधम सिंह नगर, पौड़ी और बागेश्वर समेत कई जिलों में 10 जुलाई तक भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है.
बद्रीनाथ धाम में चढ़ावे की कथित चोरी के मामले पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सख्त रुख अपनाया है. उन्होंने कहा कि मंदिर के चढ़ावे में गड़बड़ी करना माता-पिता की हत्या और गौहत्या जैसे महापाप के समान है. मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि मामले में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और जांच पूरी पारदर्शिता से होगी.
बद्रीनाथ मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में एक्शन हुआ है. बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति ने कमेटी अध्यक्ष के निजी सचिव और आरोपी प्रमोद नौटियाल को सस्पेंड कर दिया है. इसके साथ ही आरोपी को 'कारण बताओ नोटिस' जारी किया गया है. समित द्वार परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज को खंगाला गया. इस दौरान खुलासा हुआ कि प्रमोद नौटियाल ने थाली भेंट गणना स्थान पर सामान्य गिनती के अलावा कुछ चीजें अपने मोबाइल के साथ अपने पास रख ली थी.
बद्रीनाथ चढ़ावा चोरी मामले में आरोपी कर्मचारी प्रमोद नौटियाल पर एफआईआर दर्ज हो चुकी है. धामी सरकार ने हाई लेवल जांच के आदेश देकर 15 दिन में रिपोर्ट देने को कहा है.
उत्तराखंड के राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र ने कहा है कि संबंधित विभाग बंद रास्तों से मलबा हटा जल्द से जल्द आवागमन शुरू कराने के लिए युद्ध स्तर पर जुटा है. जल्द ही इन रास्तों से आवाजाही शुरू करा दी जाएगी.