पेरुंदुरई (Erode जिला), विधानसभा क्षेत्र संख्या 103 तमिलनाडु के कोंगु नाडु क्षेत्र का एक अर्ध-शहरी (सेमी-अर्बन) इलाका है, जिसकी जड़ें मजबूत ग्रामीण पृष्ठभूमि में हैं. यह क्षेत्र उद्योग, कृषि और शिक्षा केंद्रों के मेल से विकसित हुआ है. SIPCOT औद्योगिक कॉरिडोर के पास होने और तिरुप्पुर के टेक्सटाइल उद्योग के प्रभाव के कारण यहां औद्योगिक विकास तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन साथ ही पारंपरिक खेती से जुड़े मुद्दे भी उतने ही महत्वपूर्ण हैं. यहां वोटिंग व्यवहार आमतौर पर विचारधारा (आइडियोलॉजी) से ज्यादा काम, विकास और स्थानीय उम्मीदवार की पकड़ पर निर्भर करता है.
इस क्षेत्र का राजनीतिक और सामाजिक स्वरूप काफी सक्रिय और जमीनी स्तर पर मजबूत संगठनों वाला है. यहां पार्टियों के कैडर (कार्यकर्ता) काफी प्रभावशाली होते हैं. प्रमुख समुदायों में कोंगु वेलालर (गौंडर), अनुसूचित जातियां और कुछ अल्पसंख्यक समूह शामिल हैं. यहां चुनाव मुख्य रूप से दो गठबंधनों, DMK (द्रविड़ मुनेत्र कड़गम) और AIADMK (अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम) के बीच होता है. मतदाता पार्टी की बजाय उम्मीदवार की छवि और विश्वसनीयता को ज्यादा महत्व देते हैं. सरकारी योजनाएं एक स्थिर वोट बैंक बनाए रखती हैं, लेकिन असली असर विकास कार्यों की डिलीवरी का होता है, जिससे वोटों का रुझान बदल सकता है. युवा और पहली बार वोट देने वाले मतदाता भी बड़ी संख्या में भाग लेते हैं, और यहां समुदाय नेटवर्क और जातीय समीकरण भी चुपचाप लेकिन निर्णायक भूमिका निभाते हैं.
भौगोलिक रूप से यह क्षेत्र इरोड जिले में स्थित है और कोंगु क्षेत्र का हिस्सा है. यह एक ऐसा इलाका है जहां शहर और गांव दोनों का मिश्रण देखने को मिलता है. आसपास के गांवों में खेती प्रमुख है, जबकि पास का तिरुप्पुर टेक्सटाइल हब रोजगार के अवसरों को प्रभावित करता है. SIPCOT इंडस्ट्रियल बेल्ट यहां की अर्थव्यवस्था और कनेक्टिविटी का मुख्य केंद्र है. सड़क मार्ग से यह इलाका इरोड, कोयंबटूर और तिरुप्पुर से अच्छी तरह जुड़ा हुआ है, और यहां लगातार इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार हो रहा है, जिससे उद्योग और शिक्षा दोनों को बढ़ावा मिल रहा है.
यहां के प्रमुख गतिविधि केंद्र (हॉटस्पॉट्स) में पेरुंदुरई SIPCOT औद्योगिक क्षेत्र शामिल है, जो रोजगार और उद्योग का मुख्य केंद्र है. इसके अलावा तिरुप्पुर के प्रभाव से जुड़े टेक्सटाइल और गारमेंट क्लस्टर भी यहां महत्वपूर्ण हैं. कृषि क्षेत्र में हल्दी, गन्ना और धान की खेती प्रमुख है. कई इंजीनियरिंग और आर्ट्स कॉलेज होने के कारण यहां युवाओं की अच्छी-खासी मौजूदगी है, और छोटे-छोटे शहरी इलाकों में एक बढ़ता हुआ मध्यम वर्ग भी दिखाई देता है.
मुख्य मुद्दों की बात करें तो यहां सबसे बड़ी जरूरत अच्छी सैलरी वाली नौकरियों का सृजन, खासकर निजी क्षेत्र में, मानी जाती है. इसके साथ ही SIPCOT से जुड़े औद्योगिक अवसरों का विस्तार, पानी की कमी और भूजल स्तर गिरना, हल्दी और अन्य फसलों की कीमतों में उतार-चढ़ाव, और सड़क, नाली, पीने का पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं में सुधार बड़े मुद्दे हैं. युवाओं के लिए शिक्षा और स्किल डेवलपमेंट भी एक अहम मांग है.
मतदाताओं के मूड की बात करें तो यहां उद्योग और कनेक्टिविटी में सुधार को लेकर सकारात्मक सोच है, लेकिन साथ ही कृषि की स्थिरता और किसानों की आय को लेकर चिंता भी बनी हुई है. युवा मतदाता खासकर उन उम्मीदवारों की ओर झुकाव रखते हैं जो रोजगार और आर्थिक प्रगति के वादे करते हैं. यह क्षेत्र एक परफॉर्मेंस-आधारित वोटर बेस दिखाता है, जहां दिखने वाला विकास चुनाव के नतीजों को निर्णायक रूप से प्रभावित कर सकता है.
Kkc Balu
DMK
Loganathan, C.
NTK
Thoppu Venkatachalam (a) N.d .venkatachalam
IND
Nandhakumar, C. K.
MNM
Shankarsamy
IND
Thambi, M.
BSP
Nota
NOTA
Kulandaivel, P. R.
DMDK
Sathishkumar, N.
IND
Dhakshinamurthi, K. S.
DMSK
Sampath Kumar, K.
IND
Venkadachalam, P. R.
IND
Gopalakrishnan, J.
IND
Devendaramanickam, S. R.
IND
Karthi, M.
IND
Balamurugan, M.
IND
Balasubramani, V. M.
IND
Velusamy, P.
APTADMK
Jothimurugan, P.
IND
Prabakaran, D.
AIJYMKG
Ramesh, M.
NKMK
Myilsamy, M.
IND
Krishnan, S.
IND
Jeeva, N.
IND
Venkatachalam, K.
IND
Assembly Election News 2026 Live Updates: असम, केरल और पुडुचेरी में चुनाव के बाद अब पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मी चरम पर है. इस बीच AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने हुमायूं कबीर की पार्टी से गठबंधन तोड़ने का ऐलान किया है. वहीं, भारतीय जनता पार्टी (BJP) ममता बनर्जी के गढ़ में सत्ता हासिल करने के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक रही है. अमित शाह ने बंगाल के लिए आज बीजेपी का मेनिफेस्टो जारी किया है. बता दें कि पश्चिम बंगाल की 294 सदस्यीय विधानसभा के लिए 23 और 29 अप्रैल को वोट डाले जाएंगे.
भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने अपने ताजा इंटरव्यू में चुनावी राज्यों बंगाल, असम, केरलम, तमिलनाडु और वहां के मुद्दों पर खुलकर चर्चा की. नबीन ने कहा कि बीजेपी शुरू से एक पॉलिसी पर काम करती आई है कि हम ‘राष्ट्र प्रथम’ की बात करते हैं. बीजेपी अध्यक्ष ने साथ ही कहा कि हम सांस्कृतिक विरासत को बढ़ाने वाले लोग हैं. देखें बातचीत.
Assembly Election News 2026 Live Updates: विधानसभा चुनाव 2026 को लेकर राजनीतिक सरगर्मी अपने चरम पर है. असम, केरल और पुडुचेरी में 9 अप्रैल को एक ही चरण में विधानसभा चुनाव के लिए वोट डाले जाएंगे. वहीं, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भवानीपुर सीट से अपना नामांकन पत्र दाखिल कर दिया है.
तमिलनाडु के चुनावी रण में TVK प्रमुख विजय के हमशक्लों की एंट्री ने मुकाबले को पूरी तरह 'सिनेमैटिक' बना दिया है. भारी गर्मी और प्रचार की बंदिशों के बीच, क्या पार्टी के ये 'बॉडी डबल्स' दिग्गज राजनेताओं के अनुभव और जमीनी संघर्ष पर भारी पड़ पाएंगे.
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तमिलनाडु को सामाजिक न्याय की प्रयोगशाला माना जाता है, जिसका नतीजा है कि इस बार के विधानसभा चुनाव में डीएमके और AIADMK ही नहीं कांग्रेस और बीजेपी ने भी किसी ब्राह्मण को उम्मीदवार नहीं बनाया है. सवाल उठता है कि आखिर क्यों ब्राह्मण प्रत्याशी देने से सियासी दल बच रहे हैं?
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