आजकल कमर दर्द आम समस्या बन गई है, लेकिन यह हमेशा मांसपेशियों के खिंचाव के कारण नहीं होता. अक्सर हम कमर के निचले हिस्से में होने वाले दर्द को थकान या गलत तरीके से बैठने का नतीजा मानकर नजरअंदाज कर देते हैं जो गलत हो सकता है.
20 से 30 साल की उम्र में पुरुष और महिलाओं को ये जरूरी मेडिकल टेस्ट जरूर कराने चाहिए, ताकि सेहत के साथ कोई लापरवाही न हो. आज की तेज़ रफ्तार लाइफस्टाइल, बढ़ता वर्क प्रेशर और अनहेल्दी खान-पान कम उम्र में ही गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ा रहे हैं. ऐसे में समय-समय पर हेल्थ चेकअप बेहद जरूरी हो गया है, खासकर टाइप-2 डायबिटीज और हाइपरटेंशन जैसी साइलेंट बीमारियों को समय रहते पकड़ने के लिए
एक्ट्रेस दीपिका कक्कड़ इन दिनों अपनी सेहत को लेकर काफी परेशान हैं. हाल ही में आए स्कैन में उनके लिवर में दोबारा सिस्ट (गांठ) दिखने की बात सामने आई है. लिवर सिस्ट क्या होता है और यह दोबारा क्यों उभर आता है, इस बारे में डिटेल में समझ लीजिए.
सुरों की मल्लिका आशा भोसले हमारे बीच नहीं रहीं. उनका आज 12 अप्रैल को निधन हो गया है. उनकी पोती ने बताया था कि चेस्ट इंफेक्शन और थकान के कारण उनकी तबीयत बिगड़ी थी जिसके बाद 11 अप्रैल को उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था.
वैज्ञानिकों ने लड़कों के लिए एक गर्भनिरोधक गोली विकसित की है, जो स्पर्म प्रोडक्शन को अस्थायी रूप से रोक सकती है. ये गैर-हार्मोनल और रिवर्सिबल है, यानी दवा बंद करने पर प्रजनन क्षमता फिर से सामान्य हो जाती है. ये रिसर्च बेयलर कॉलेज ऑफ मेडिसिन का है, हालांकि अभी मानव परीक्षण बाकी हैं.
FSSAI के अनुसार, फल-सब्जियों पर लगे स्टिकर और उनका गोंद सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकते हैं. बिना ठीक से साफ किए इन्हें खाने से पाचन संबंधी समस्याएं और संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है. जानें फलों और सब्जियों को सुरक्षित तरीके से साफ करने के सही उपाय और जरूरी सावधानियां.
बाजार से आने वाले फलों और सब्जियों पर लगे स्टिकर आपकी सेहत बिगाड़ सकते हैं, FSSAI ने चेतावनी दी है कि इन स्टिकर में इस्तेमाल होने वाला गोंद और केमिकल्स हानिकारक हो सकते हैं. जानिए इन्हें साफ करने का सही तरीका और क्यों सिर्फ पानी से धोना काफी नहीं है, अपनी और परिवार की सेहत सुरक्षित रखें.
रिसर्च के मुताबिक, हॉट डॉग और उसमें मौजूद प्रोसेस्ड मीट आपकी जिंदगी के 36 मिनट कम कर सकता है. मिशिगन यूनिवर्सिटी की यह चौंकाने वाली स्टडी बताती है कि आप जो खाते हैं, उसका सीधा असर आपकी हेल्दी लाइफ पर पड़ता है.
वैज्ञानिकों ने एक नॉन-हार्मोनल दवा विकसित की है जो पुरुषों में स्पर्म प्रोडक्शन को अस्थायी रूप से रोक देती है. यह पूरी तरह सुरक्षित और रिवर्सिबल है जिससे भविष्य में फैमिली प्लानिंग की जिम्मेदारी महिला और पुरुष दोनों के बीच बराबरी से बंट सकेगी.
नई रिसर्च के मुताबिक सिगरेट और गांजा दिमाग पर गंभीर असर डालते हैं. ये मेमोरी, इमोशन और निर्णय लेने वाले हिस्सों को नुकसान पहुंचाते हैं. ज्यादा तंबाकू सेवन से हिप्पोकैम्पस और ग्रे मैटर सिकुड़ सकता है, जिससे याददाश्त और सोचने की क्षमता प्रभावित होती है.
एक नई रिसर्च के अनुसार, सिगरेट और गांजे का सेवन दिमाग को तेजी से सिकोड़ रहा है, जिससे याददाश्त और सोचने की शक्ति कम हो रही है. सिगरेट पीना ब्रेन सेल्स को नुकसान पहुंचाता है.
बिजी लाइफस्टाइल में फिट रहने का सबसे सरल फॉर्मूला है 'एक्सरसाइज स्नैकिंग'. दिन में केवल 5-10 मिनट के छोटे वर्कआउट सेशन आपको दिल की बीमारियों और डायबिटीज से बचा सकते हैं.
बदलते लाइफस्टाइल और बढ़ती बीमारियों के बीच भारतीय अब अपनी डाइट को लेकर अलर्ट हो गए हैं. इस गर्मी के सीजन में रिफाइंड शुगर यानी सफेद चीनी की जगह शहद (Raw Honey) का चलन तेजी से बढ़ा है.
20 से 30 साल की उम्र में अक्सर सुस्त लाइफस्टाइल, गलत खान-पान आदि के कारण बीमारियों से बचाव जरूरी होता है. ऐसे में इस उम्र से ही लोगों को बेसिक टेस्ट कराने से आप गंभीर स्वास्थ्य जोखिमों से बचा सकता है. वो कौन से टेस्ट हैं, उनके बारे में जानेंगे.
लिवर को अंदर से सुखा रही है टाइप-2 डायबिटीज, डॉक्टरों ने बताया कैसे करें बचाव. वडोदरा के एसएसजी हॉस्पिटल और मेडिकल कॉलेज द्वारा की गई, स्टडी में पाया गया कि कई मरीजों को अंदाजा भी नहीं था. कि उन्हें लिवर फाइब्रोसिस या लिवर सिरोसिस का भी जोखिम हो सकता है. डॉक्टर्स का कहना है कि ये समस्याएं फ्यूचर में लिवर फेल होने का भी कारण बन सकती हैं.
डायबिटीज के मरीजों के लिए एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है. एक स्टडी बताती है कि टाइप-2 डायबिटीज से जूझ रहे कई मरीजों का लिवर डैमेज हो सकता है और इस बढ़ती समस्या का पता तक उन्हें नहीं चलता. साइलेंट किलर बन रही इस बीमारी पर विशेषज्ञों ने तुरंत स्क्रीनिंग की सलाह दी है.
भारत में हार्ट अटैक के बराबर आ रहे ब्रेन स्ट्रोक के केस. दिल को बचाने की जंग में हम दिमाग को भूल रहे हैं. AIIMS ऋषिकेश के न्यूरोसर्जन डॉ. निशांत गोयल के मुताबिक भारत में 'स्ट्रोक' यानी ब्रेन अटैक एक बड़ा संकट बन चुका है, जिसे वे 'साइलेंट क्राइसिस' कहते हैं. हार्ट अटैक और स्ट्रोक के आंकड़ों की तुलना करें तो दोनों ही बीमारियां एक ही रफ्तार से भारतीयों को अपना शिकार बना रही हैं. दोनों ही स्थितियों में रक्त की आपूर्ति रुक जाती है, एक में दिल की नसों में, दूसरे में दिमाग में
दिल की बीमारियों के बढ़ते खतरे को देखते हुए AHA और ACC ने नई कोलेस्ट्रॉल गाइडलाइंस जारी की हैं. अब 9 साल की उम्र से स्क्रीनिंग और LDL लेवल को 55 mg/dL तक लाने पर जोर दिया गया है. जानें कैसे नया प्रिवेंट कैलकुलेटर और बेहतर लाइफस्टाइल आपको हार्ट अटैक से बचा सकते हैं.
जो लोग कभी कभार शराब पीते हैं, उनका मानना होता है कि इससे उनकी सेहत पर कोई बुरा असर नहीं पड़ेगा. अगर आप भी यही सोच रखते हैं तो फिर आपको सावधान होने की जरूरत है. शरीर इस विटामिन को सोखना बंद कर देगा.
क्या आपकी फिटनेस प्रोग्रेस रुक गई है? जिम में कड़ी मेहनत के बावजूद वजन न कम होना फिटनेस प्लेटो का संकेत है, यह स्थिति शरीर के एक्सरसाइज के अनुकूल होने, हार्मोनल बदलावों या रिकवरी की कमी से पैदा होती है, जानें इसे प्रोग्रेसिव ओवरलोड और सही न्यूट्रिशन से कैसे तोड़ें.
भारत में स्ट्रोक यानी ब्रेन अटैक एक गंभीर स्वास्थ्य संकट बन चुका है, जो हार्ट अटैक जितना ही खतरनाक है. दिल को बचाने की जंग में हम दिमाग को भूल रहे हैं! भारत में हर मिनट एक जिंदगी बदल रही है, मौत से नहीं बल्कि उम्रभर की अपंगता से. जानिए कैसे 'ब्रेन अटैक' को पहचानने के लिए ये FAST तकनीक जानना जरूरी है.