भारत में कॉर्निया ब्लाइंडनेस से पीड़ित लाखों लोगों के लिए कॉर्निया ट्रांसप्लांट ही एकमात्र उपचार है, लेकिन डोनर की कमी के कारण मरीजों को इलाज में देरी होती है. एम्स दिल्ली के आरपी सेंटर में आर्टिफिशियल कॉर्निया पर काम चल रहा है, जो सीमित मरीजों में सफल रहा है और भविष्य में यह विकल्प बढ़ सकता है.
ब्रिटेन के 14 केंद्रों में 3,477 मरीजों पर 10 साल तक हुए अध्ययन में पता चला कि HIFU तकनीक से प्रोस्टेट कैंसर का इलाज हो सकता है. इस फोकल थेरेपी में कैंसर वाले हिस्से को निशाना बनाकर इलाज किया जाता है.
बारिश के मौसम में बढ़ती नमी और पसीने के कारण स्किन पर खुजली, लाल चकत्ते और फंगल इंफेक्शन की समस्या आम हो जाती है. डॉ सौम्या सचदेवा के अनुसार, इस मौसम में स्किन की सही देखभाल जरूरी है.
महाराष्ट्र के गढ़चिरौली के एक आवासीय स्कूल में जहरीले सांप के काटने से तीन छात्राओं की मौत हो गई है जबकि अन्य छात्राओं का इलाज अस्पताल में जारी है. इस घटना से यह सवाल उठता है कि सांप के काटने के बाद मौत कैसे हो जाती है, क्यों कुछ मामलों में डॉक्टरों के लिए मरीज की जान बचाना मुश्किल हो जाता है?
आजकल प्रोटीन डाइट का चलन बढ़ा है. कुछ लोग इसके लिए सप्लीमेंट भी लेते हैं. ज्यादा प्रोटीन लेना किडनी को तो नुकसान करता ही है, लेकिन क्या इससे कोलेस्ट्रॉल भी बढ़ता है? इस बारे में डॉक्टर से जानते हैं.
ECG हार्ट की इलेक्ट्रिकल एक्टिविटी की जांच के लिए किया गया टेस्ट है. हार्ट की जांच के लिए यह सबसे पहले किए जाने वाले टेस्ट में से एक होता है, लेकिन क्या ईसीजी की रिपोर्ट नॉर्मल आने का मतलब है कि हार्ट की कोई बीमारी नहीं है?
बारिश के मौसम में कुछ लोगों को पेट में दर्द, उल्टी, दस्त जैसी समस्याएं होती हैं, शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज करने पर संक्रमण गंभीर हो सकता है. इसलिए अगर लगातार यह समस्या बनी हुई है तो इस मामले में तुरंत डॉक्टरों से सलाह लेनी चाहिए.
बारिश के मौसम में तापमान और नमी के बदलाव से कुछ लोगों को सिरदर्द या माइग्रेन की समस्या हो सकती है. बार-बार सिरदर्द होने पर डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है.
JPSC-JSSC CGL परीक्षाओं में गड़बड़ी के विरोध में छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो कई दिनों से भूख हड़ताल पर हैं. झारखंड में छात्रों का विरोध जारी है और वे विधानसभा परिसर तक पहुंच गए हैं. भूख हड़ताल के दौरान शरीर में क्या होता है इस बारे में डॉक्टर ने बताया है.
देश के कुछ इलाकों में स्वाइन फ्लू के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं. इसके लक्षणों में तेज बुखार, खांसी, गले में खराश और सांस लेने में तकलीफ शामिल हैं. समय पर इलाज और एंटीवायरल दवाओं से इसको कंट्रोल किया जा सकता है.
रनिंग करने के कई फायदे हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि कुछ लोगों को इससे कूल्हों की एक बीमारी हो रही है. किन लोगों में इसका खतरा है. इससे बचाव कैसे करें इस बारे में डॉक्टरों ने बताया है.
मानसून के मौसम में बढ़ती नमी के कारण बैक्टीरिया, वायरस और फंगस तेजी से पनपते हैं, जिससे पेट से जुड़ी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है. डॉक्टरों ने बताया है कि इस मौसम में किन चीजों को नहीं खाना चाहिए.
दिल्ली में बारिश के मौसम में स्वाइन फ्लू के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं. स्वाइन फ्लू के लक्षण सामान्य फ्लू से अलग और अधिक गंभीर होते हैं. इसके लक्षण की पहचान कैसे करें इस बारे में डॉक्टर ने बताया है.
किडनी की पथरी में मरीजों को कैल्शियम वाली चीजें कम खाने की सलाह दी जाती है, लेकिन क्या पथरी की समस्या में घी खा सकते हैं. दिल्ली के लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज के मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. एल.एच. घोटेकर ने इस बारे में बताया है.
h1n1 ( स्वाइन फ्लू) से दिल्ली में 2 मरीजों की मौत हो गई है. यह फ्लू क्या है, कैसे फैलता है, इसके कारण, लक्षण और बचाव के बारे में डॉक्टर ने बताया है. डॉक्टर का कहना है कि फ्लू के लक्षणों के दिखते ही जांच करानी चाहिए.
गोरा करने वाली क्रीम का यूज केवल स्किन तक सीमित नहीं रहता, बल्कि इसके हानिकारक तत्व किडनी, हार्ट और नर्वस सिस्टम को नुकसान पहुंचा सकते हैं. ये क्रीम अंगों को कैसे नुकसान करती हैं इस बारे में डॉक्टर ने बताया है.
ब्रेस्टफीडिंग न केवल बच्चे के पोषण के लिए जरूरी है, बल्कि यह मां के स्वास्थ्य के लिए भी फायदेमंद है. डिलीवरी के पहले घंटे में ब्रेस्टफीडिंग शुरू करने से मां के शरीर को जल्दी रिकवरी में मदद मिलती है.
दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के डॉक्टरों ने एक 209 किलो के मरीज की बेरिएट्रिक सर्जरी की है. यह मरीज मशीन के सहारे सांस लेता था. इस सर्जरी से पहले 32 दिन तक डॉक्टरों ने खास तैयारी की थी.
गुजरात में चांदीपुरा वायरस से अब तक 22 बच्चों की मौत हो चुकी है, यह वायरस बारिश के मौसम में ज्यादा फैलता है और इसके लक्षणों में बुखार, सिरदर्द, थकान, उल्टी और सांस लेने में दिक्कत शामिल हैं.
डायबिटीज के मरीजों के लिए फल खाने को लेकर भ्रम होता है कि कौन से फल खाएं और कौन से नहीं, दिल्ली AIIMS के प्रोफेसर डॉ. राजेश खड़गावत के अनुसार, फल का ग्लाइसेमिक लोड को जानकर उसको खाना बेहतर है. जितना कम ग्लाइसेमिक लोड उतना अच्छा है.
नई स्टडी में पाया गया है कि आज की युवा पीढ़ी की बायोलॉजिकल उम्र उनकी असली उम्र से तेजी से बढ़ रही है, जिससे कैंसर का खतरा बढ़ रहा है. अमेरिका, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया और कनाडा में 1990 के बाद जन्मे लोगों में शुरुआती उम्र में कोलोरेक्टल कैंसर के मामले 1960 के दशक के मुकाबले कई गुना अधिक हैं.