दिल्ली में घर का सपना देखने वालों के लिए मकर संक्रांति पर खुशियों की सौगात आई है, जहां DDA ने अपनी 'प्रीमियम हाउसिंग स्कीम 2026' लॉन्च कर दी है. इस योजना के तहत राजधानी के प्राइम लोकेशन्स पर ₹10 लाख से लेकर ₹2.14 करोड़ तक के 582 फ्लैट्स ई-ऑक्शन के लिए उपलब्ध हैं.
भारतीय रियल एस्टेट क्षेत्र के लिए वर्ष 2025 ऐतिहासिक रहा, जहां कुल पूंजी निवेश 25% की वार्षिक वृद्धि के साथ $14.3 बिलियन के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया. CBRE की ताजा रिपोर्ट भारतीय रियल एस्टेट की मजबूती की एक नई कहानी बयां करती है.
आज का लग्जरी रियल एस्टेट बाजार केवल मकान बेचने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक विशिष्ट जीवनशैली और बेहतरीन अनुभवों का नया पता बन गया है, ऐसे में अपने सपनों का प्रीमियम घर चुनते समय 'पेंटहाउस' की ऊंचाई और 'विला' की जमीन के बीच के अंतर को समझना आपके निवेश के लिए निर्णायक साबित हो सकता है.
2026 के रियल एस्टेट मार्केट में निवेश का गणित बदल चुका है, जहां फैसला केवल बजट पर नहीं बल्कि रेंटल इनकम और लॉन्ग टर्म प्रॉफिट पर निर्भर है. 2BHK और 3BHK में से कौन सा विकल्प आपके पोर्टफोलियो के लिए 'मोटा मुनाफा' देने वाला सौदा साबित होगा.
अगर आपका बजट 1 करोड़ रुपये है और आप मुंबई या गुड़गांव में घर तलाश रहे हैं, तो यह जानना जरूरी है कि एक ही कीमत में आपकी लाइफस्टाइल कितनी बदल सकती है. निवेश के लिए कौन सा शहर है सबसे बेस्ट.
अचानक नौकरी जाने के बाद लोगों के लिए सबसे बड़ी मुश्किल अपने होम लोन की ईएमआई चुकाने की होती है. लेकिन अगर आप समझदारी से प्लान करके चलें तो आप अपने घर को सुरक्षित रख सकते हैं.
जापानी कंपनी NTT ग्लोबल डेटा सेंटर्स के साथ हुई यह डील इस साल के सबसे बड़े रियल एस्टेट सौदों में से एक मानी जा रही है. इससे पहले भी कपूर परिवार अंधेरी में ₹855 करोड़ की रिकॉर्ड जमीन बेचकर सुर्खियां बटोर चुका है.
सुरक्षा ग्रुप ने टाउनशिप के 63 टावरों में करीब 6,000 फ्लैटों का निर्माण पूरा कर लिया है, जिससे एक दशक से जारी इंतजार अब खत्म होने वाला है. इनमें से 3,135 यूनिट्स को OC मिल चुका है, जिसका मतलब है कि खरीदार अब जल्द ही अपने आशियाने में कदम रख सकेंगे.
भारतीय रियल एस्टेट सेक्टर अब सुधार से आगे बढ़कर रिकॉर्ड ग्रोथ की ओर है, जिसे बजट 2026 से एक बड़े बूस्ट की उम्मीद है. मध्यम वर्ग से लेकर लग्जरी इन्वेस्टर तक, हर कोई इस बार बड़े वित्तीय सुधारों की आस लगाए बैठा है.
नया फ्लैट खरीदते समय पहली मंजिल की सुविधा बेहतर है या टॉप फ्लोर का शानदार नज़ारा. निवेश और सुख-सुविधा के नजरिए से समझें कि आपके पैसे के लिए कौन सा फ्लोर सबसे सही रहेगा.
अगर आप घर खरीदने की सोच रहे हैं या रियल एस्टेट सेक्टर पर नजर रखते हैं, तो बजट 2026 आपके लिए अहम साबित हो सकता है. इस बार डेवलपर्स से लेकर आम घर खरीदार तक चाहते हैं कि बजट ऐसा रोडमैप दे, जिससे घर खरीदना आसान हो और रियल एस्टेट को लंबी अवधि की स्थिरता मिले.
अगर आप इस साल किराए और EMI के बीच उलझे हुए हैं और यह तय नहीं कर पा रहे कि 2026 में घर खरीदना सही फैसला होगा या नहीं, तो सिर्फ भावनाओं में बहकर फैसला लेना भारी पड़ सकता है. इस खबर में विस्तार से समझें कि आपकी फाइनेंशियल कंडीशन के हिसाब से कब अपना घर लेना फायदे का सौदा बनता है और किन हालातों में सिर्फ किराए पर रहना ही असली समझदारी कहलाता है.
केंद्र सरकार का 'स्वामीह इन्वेस्टमेंट फंड' देश के रियल एस्टेट सेक्टर के लिए गेमचेंजर साबित हुआ है. इस फंड ने अब तक 110 ठप पड़े प्रोजेक्ट्स को पूरा कर 61,000 परिवारों को उनके घर की चाबियां सौंपी हैं. इस पहल से न केवल 53 लाख लोगों के जीवन पर असर पड़ा है, बल्कि 36,000 से ज्यादा नौकरियां भी पैदा हुई हैं.
बजट 2026 से पहले सस्ते घरों को लेकर बड़ा मंथन शुरू हो गया है. नीति आयोग ने सरकार को ऐसी सिफारिशें दी हैं, जिनमें किफायती आवास बनाने वाले बिल्डर्स को 100% टैक्स छूट देने का प्रस्ताव शामिल है. इन सुझावों से घर खरीदने वालों और निवेशकों को भी राहत मिल सकती है.
घर खरीदने का सपना अब पहले जैसा आसान नहीं रहा. ताजा आंकड़े बताते हैं कि रेजिडेंशियल मार्केट में बिक्री भले ही ऊंचे स्तर पर बनी हुई हो, लेकिन तस्वीर पूरी तरह बदल चुकी है. सस्ते और किफायती फ्लैट्स की पकड़ कमजोर पड़ती दिख रही है, जबकि महंगे और प्रीमियम घर रिकॉर्ड बना रहे हैं. यहां जानें पूरी कहानी...
शॉपिंग मॉल, आईटी पार्क और बड़े कॉरपोरेट ऑफिस… इन्हें हमेशा बड़े बिल्डर्स और अरबपतियों की संपत्ति माना जाता रहा है. लेकिन अब हालात बदल रहे हैं. रियल एस्टेट में निवेश का एक ऐसा रास्ता खुल चुका है, जिसमें करोड़ों रुपये लगाए बिना भी आप इन प्राइम कमर्शियल प्रॉपर्टीज़ के हिस्सेदार बन सकते हैं.
देश के 8 प्रमुख शहरों में घरों की औसत कीमतें 19% तक बढ़ीं हैं, जिसके चलते खरीदारों ने दूरी बनाई, महंगे घरों के बोझ तले दिल्ली-NCR के रियल एस्टेट बाजार में 9% की सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की गई है.
1950 के दशक की ऐतिहासिक बनावट और समुद्र की लहरों का दीदार, मुंबई के सबसे पॉश इलाके में बिकने जा रही इस हेरिटेज प्रॉपर्टी की खासियतें किसी राजमहल से कम नहीं हैं.
एक तरफ तेजी से बढ़ता सिद्धार्थ विहार तो दूसरी तरफ विशाल इंफ्रास्ट्रक्चर वाला नोएडा एक्सटेंशन हैं. प्रॉपर्टी से पैसा बनाने का क्या है सही फॉर्मूला और कहां निवेश करने से भविष्य में मुनाफा मिलेगा.
उत्तर प्रदेश के रियल एस्टेट सेक्टर में ₹16,865 करोड़ का निवेश. GBC-5 के तहत अयोध्या, काशी, प्रयागराज समेत कई शहरों में आवासीय और व्यावसायिक परियोजनाओं को रफ्तार.
रिपोर्ट बताती है कि रियल एस्टेट ही नहीं, बल्कि तमाम दूसरे बिजनेस सेक्टर्स में भी भारत पूरी दुनिया के लिए निवेश का सबसे सुरक्षित और पसंदीदा ठिकाना बनता जा रहा है.