गुरुग्राम में विकसित हो रही इस "मिनी-जापानी सिटी" का मुख्य लक्ष्य यहां रहने वाले जापानी प्रवासियों की जरूरतों को पूरा करना है.
दुबई के रियल एस्टेट मार्केट में पिछले तीन सालों से जारी रिकॉर्ड तोड़ तेजी पर अब लगाम लगती दिख रही है. मिडिल ईस्ट के मौजूदा हालातों और बढ़ती सप्लाई के बीच, बाजार में पहली बार ऐसी 'नरमी' आई है जिसने खरीदारों के लिए मोलभाव और भारी डिस्काउंट के बंद दरवाजे फिर से खोल दिए हैं.
इन घरों की सबसे बड़ी खूबी इनका 'सेल्फ-सस्टेनिंग' होना है. आम घर ग्रिड की बिजली और नगर निगम के पानी पर निर्भर होते हैं, लेकिन रईसों के ये बंकर खुद का बिजली उत्पादन केंद्र और उन्नत वाटर प्यूरीफिकेशन सिस्टम रखते हैं.
ये योजना निवेश और निवास के लिहाज से बेहद आकर्षक है. यह न केवल लखनऊ के बुनियादी ढांचे को मजबूत करेगी, बल्कि राज्य में शहरी विकास के नए मानक भी स्थापित करेगी. यह योजना न केवल रहने के लिए घर प्रदान करेगी, बल्कि विश्वस्तरीय सुविधाओं और आर्थिक विकास के नए द्वार भी खोलेगी.
दुबई में किरायेदारों के लिए सख्त किराया कानून बनाए गए हैं, जिनके तहत मकान मालिक लीज़ के दौरान किराया नहीं बढ़ा सकता. किराया बढ़ोतरी सिर्फ कॉन्ट्रैक्ट रिन्यूअल के समय और तय सीमा के भीतर ही संभव है. जानें दुबई के रेंटल नियम, 90 दिन का नोटिस और किरायेदारों के अधिकारों से जुड़ी अहम जानकारी.
स्पेन के सोरिया क्षेत्र के अरेनिआस गांव ने आबादी बढ़ाने के लिए एक परिवार को मुफ्त घर और नौकरी देने का अनोखा ऑफर दिया है. शर्त है कि परिवार में स्कूल जाने वाले बच्चे हों और वे गांव में स्थायी रूप से रहकर स्थानीय जिम्मेदारियां निभाएं.
दुबई में एक किरायेदार के रूप में आपकी सबसे बड़ी ताकत आपकी जानकारी है. यहां के नियम मनमानी बढ़ोतरी को रोकते हैं और एक पारदर्शी माहौल देते करते हैं.
आज के बाजार में तेजी से बढ़ने वाली प्रॉपर्टी की पहचान करना अब अंदाजे का काम नहीं, बल्कि सही संकेतों को समझने का मामला है. इंफ्रास्ट्रक्चर, नौकरियां, बड़े डेवलपर्स की हलचल और वास्तविक मांग ही वे मुख्य ताकतें हैं, जो इस बढ़त को तय कर रही हैं.
स्पेन का एक छोटा सा गांव उन परिवारों को मुफ्त घर और नौकरी का न्योता दे रहा है, जो वहां स्थायी रूप से बसने के लिए तैयार हैं. सिर्फ 40 निवासियों वाले इस गांव के इस अनोखे ऑफर ने पूरी दुनिया का ध्यान खींचा है.
घर खरीदने से पहले जान लें कि आपकी सैलरी का कितना हिस्सा EMI में जाना चाहिए. एक्सपर्ट्स के मुताबिक 30-40% तक EMI सुरक्षित मानी जाती है. ज्यादा लोन लेने से वित्तीय दबाव बढ़ सकता है. सही प्लानिंग, इमरजेंसी फंड और प्री-पेमेंट से बोझ कम किया जा सकता है.
महिला ने डर जताते हुए कहा कि अगर यह हादसा दिन के समय होता, तो किसी की जान भी जा सकती थी. इस घटना ने एक बार फिर नामी सोसायटियों के दावों और उनमें इस्तेमाल होने वाली निर्माण सामग्री की गुणवत्ता की पोल खोल दी है.
बिना इमरजेंसी फंड के लिया गया बड़ा लोन आपकी रातों की नींद उड़ाने के लिए काफी है. होम लोन लेने से पहले केवल बैंक के आंकड़ों पर भरोसा न करें, बल्कि अपनी भविष्य की जरूरतों और नौकरी की स्थिरता का आंकलन जरूर करें.
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते टकराव की वजह से जिस बाजार में सौदों पर 'ब्रेक' लग गया था, वहां अब 'ग्रीन सिग्नल' नजर आ रहा है. विशेषज्ञों का मानना है कि जो अरबों रुपये के ट्रांजैक्शन अनिश्चितता के चलते रोक दिए गए थे, वे अब तेजी से पूरे होंगे.
रेंटल एग्रीमेंट केवल किराए की रसीद नहीं है, बल्कि यह आपकी गाढ़ी कमाई की सुरक्षा का कवच है. साइन करने से पहले अपनी सुरक्षा से जुड़ी बातों को एग्रीमेंट में शामिल करवाएं.
आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने रेपो रेट को 5.25% पर स्थिर रखते हुए वित्त वर्ष 2026-27 के विकास अनुमानों पर नए जोखिमों की चेतावनी दी है. उन्होंने आगाह किया कि हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में तनाव बढ़ने से महंगाई और व्यापार पर बुरा असर पड़ सकता है.
इस कार्यक्रम में कुल 325 विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया गया, जो शहर के बुनियादी ढांचे, पर्यटन, आवास और संपर्क व्यवस्था को मजबूत करेंगी.
प्रॉपर्टी को कानूनी मान्यता मिलने से निवासियों के लिए बैंकों से होम लोन लेना अब बेहद आसान हो जाएगा. इसके साथ ही, भविष्य में मकान निर्माण या विस्तार के लिए नगर निगम से नक्शा पास कराने की जटिल प्रक्रिया भी काफी सरल और सुगम हो जाएगी.
किफायती घरों की सेल कम होने वाले आंकड़े साफ करते हैं कि मध्यम वर्ग फिलहाल खरीदारी में सावधानी बरत रहा है, जबकि रईस वर्ग महंगे घरों में जमकर निवेश कर रहा है.
₹27 करोड़ की यह भारी-भरकम राशि भारत के किसी भी बड़े शहर जैसे गुरुग्राम, नोएडा या बेंगलुरु में 10 शानदार 'लग्जरी अपार्टमेंट्स' खरीदने के लिए काफी है. यानी एक तरफ एक साल की लीज और दूसरी तरफ पूरी जिंदगी की 10 संपत्तियां!
दिल्ली के कई ऐसे इलाके हैं जहां मिडिल क्लास की साल भर की सेविंग एक महीने के किराए के बराबर है. यहां 3 और 4 बीएचके फ्लैट का किराया 5 लाख से 6 लाख रुपये महीने तक है और साथ में सिक्योरिटी मनी.
आईटी सिटी बेंगलुरु में आसमान छूती प्रॉपर्टी की कीमतों ने लोगों के लिए मुश्किलें खड़ी कर दी हैं. घर खरीदना अब केवल एक सपना नहीं, बल्कि अमीर और उच्च-मध्यम वर्ग के लिए भी एक बड़ी मानसिक और वित्तीय चुनौती बनता जा रहा है.