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Pollachi Election Results Live: पोलाची निर्वाचन क्षेत्र में DMK की जीत, जानिए पूरा रिजल्ट
Tamil Nadu Assembly Election Results 2026 Live: दिग्गज उम्मीदवारों में कौन खुश होगा, किसे लगेगा झटका? जानें रुझानों में कौन आगे और कौन पीछे?
Tamil Nadu Election Results 2026 Live: तमिलनाडु चुनाव में राजनीतिक गठबंधनों का प्रदर्शन कैसा है?
Tamil Nadu Assembly Election Results 2026 Live: दिग्गज उम्मीदवारों में कौन खुश होगा, किसे लगेगा झटका? जानें रुझानों में कौन आगे और कौन पीछे?
Pollachi Election Result 2026 Live: पोलाची का रिजल्ट जानना है? यहां मिलेगा हर अपडेट
Pollachi Vidhan Sabha Chunav Result Live: तमिलनाडु के WEST TAMIL NADU क्षेत्र में पार्टियों/गठबंधनों का प्रदर्शन कैसा है?
पोलाची विधानसभा क्षेत्र (No. 123) तमिलनाडु के कोंगु क्षेत्र का एक पारंपरिक कृषि प्रधान गढ़ माना जाता है. यहां चुनावों का परिणाम आम तौर पर नारियल की कीमतों पर किसानों का भरोसा, नहर और तालाब आधारित सिंचाई व्यवस्था की स्थिरता, और कोंगु समुदाय के जातीय समीकरणों की एकजुटता से तय होता है. सरकारी कल्याण योजनाओं का असर जरूर दिखाई देता है, लेकिन मतदाताओं के व्यवहार को सबसे ज्यादा प्रभावित करने वाले मुद्दे कृषि आय की सुरक्षा और पानी के प्रबंधन से जुड़े होते हैं. यहां चुनावी जीत-हार का अंतर आमतौर पर मध्यम और स्थिर रहता है, हालांकि कभी-कभी पानी की कमी या नारियल बाजार में गिरावट जैसे हालात आने पर वोटों में उतार-चढ़ाव देखा जाता है.
कुछ साल पहले यह क्षेत्र एक बड़े विवाद के कारण भी चर्चा में रहा था, जिसे पोलाची यौन उत्पीड़न मामला कहा गया. यह घटना AIADMK सरकार के पिछले कार्यकाल के दौरान सामने आई थी और काफी समय तक सुर्खियों में रही. इस मामले में एक गिरोह पर आरोप था कि वह सोशल मीडिया के माध्यम से महिलाओं से दोस्ती करता था, फिर उन्हें एकांत स्थानों पर बुलाकर उनके साथ दुर्व्यवहार करता था, इन घटनाओं के वीडियो बनाता था और बाद में उन्हीं वीडियो के आधार पर ब्लैकमेल और उगाही करता था.
राजनीतिक और सामाजिक दृष्टि से पोलाची का मतदाता ढांचा काफी स्पष्ट और प्रभावशाली समूहों पर आधारित है. यहां कोंगु वेल्लालर गौंडर समुदाय संख्या में सबसे अधिक है और चुनावी परिणामों को प्रभावित करने में निर्णायक भूमिका निभाता है. इसके अलावा नारियल किसान और कोप्रा व्यापारी, नहर और तालाब से सिंचाई करने वाले किसान, अनुसूचित जाति के कृषि मजदूर बस्तियां, कृषि व्यापार से जुड़े व्यापारी, ट्रांसपोर्टर और कमीशन एजेंट, तथा डेयरी और पशुपालन से जुड़े परिवार भी यहां के महत्वपूर्ण मतदाता समूह हैं.
भौगोलिक और संपर्क व्यवस्था की दृष्टि से पोलाची क्षेत्र कई महत्वपूर्ण विशेषताओं वाला है. यहां अलियार-परंबिकुलम नहर प्रणाली के तहत आने वाले कई गांव हैं, जो इस सिंचाई व्यवस्था पर निर्भर हैं. क्षेत्र में बड़े पैमाने पर नारियल की खेती वाले बेल्ट मौजूद हैं. पोलाची शहर स्वयं कृषि व्यापार और सेवाओं का एक प्रमुख केंद्र है, जहां से आसपास के गांवों की आर्थिक गतिविधियां संचालित होती हैं. इसके अलावा कुछ भीतरी इलाके ऐसे भी हैं जो अपेक्षाकृत सूखे हैं और जहां सिंचाई के लिए बोरवेल पर निर्भरता ज्यादा है. पूरे क्षेत्र में बस्तियों का स्वरूप मुख्य रूप से ग्रामीण से अर्ध-शहरी प्रकार का है.
इस क्षेत्र में चुनावी दृष्टि से कुछ खास हॉटस्पॉट इलाके भी हैं. इनमें नहर कमांड क्षेत्र के गांव, नारियल उत्पादन वाले मुख्य बेल्ट, अनुसूचित जाति मजदूर बस्तियां, पोलाची शहर के वे वार्ड जो चुनावी रुझान बदल सकते हैं, और सूखे क्षेत्र के अंदरूनी गांव शामिल हैं. इन इलाकों के मतदाता अक्सर पानी छोड़ने के समय, कोप्रा (सूखे नारियल) की कीमत, बिजली आपूर्ति, और फसलों में लगने वाले कीट या बीमारियों जैसे मुद्दों पर तेजी से प्रतिक्रिया देते हैं.
पोलाची के प्रमुख स्थानीय मुद्दों में अलियार-परंबिकुलम परियोजना के तहत पानी छोड़ने की व्यवस्था और नहरों का रखरखाव, नारियल की कीमतों में स्थिरता और न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की मांग, कृषि पंपसेट के लिए पर्याप्त बिजली आपूर्ति, नारियल फसलों में कीट और रोग नियंत्रण, ग्रामीण सड़कों की बेहतर कनेक्टिविटी, और सरकारी अस्पताल व स्कूलों तक आसान पहुंच जैसे विषय शामिल हैं.
मतदाताओं के मूड को देखें तो यहां के लोग ऐसे विधायक को पसंद करते हैं जो किसानों के हितों को समझता हो और पानी से जुड़े मुद्दों पर सक्रिय हो. इसके साथ ही लोक निर्माण विभाग (PWD) और कृषि विभाग के साथ अच्छा समन्वय भी जरूरी माना जाता है. मतदाता चाहते हैं कि इलाके में नहरों, तालाबों और चेक-डैम के निर्माण और मरम्मत के काम दिखाई दें. साथ ही कोंगु समुदाय और कृषि व्यापार से जुड़े संगठनों के प्रति सम्मान भी राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जाता है. सूखा पड़ने या नारियल की कीमत गिरने जैसी परिस्थितियों में तुरंत और प्रभावी संकट प्रबंधन भी मतदाताओं की प्रमुख अपेक्षा होती है.
Dr. Varadharajan, K.
DMK
Sathieshkumar, V.t.
MNM
Logeswari, N.
NTK
Nota
NOTA
Sugumar, K.
AMMKMNKZ
Aruchamy, C.m.
BSP
Shanthu Mohamed, A.
IND
Muthukumarasamy, R.
IND
तमिलनाडु में फ्लोर टेस्ट से ठीक पहले बड़ा कानूनी मोड़ आ गया है. मद्रास हाईकोर्ट ने TVK विधायक श्रीनिवास सेतुपति को सदन में वोट देने से रोक दिया, जिसके खिलाफ उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है. पोस्टल बैलेट विवाद से जुड़ा यह मामला अब राज्य की सियासत के साथ संवैधानिक बहस का केंद्र बन गया है.
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थलपति विजय और अरविंद केजरीवाल दोनों ही स्थापित व्यवस्था को चुनौती देने वाले 'डिसरप्टर्स' के रूप में उभरे, जहां विजय का करिश्मा सिनेमाई पर्दे से आता है, वहीं केजरीवाल का आधार ज़मीनी सक्रियता थी, लेकिन दोनों ही जनता की राजनीतिक हताशा और बदलाव की तीव्र आकांक्षा के प्रतीक हैं.
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