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साइंस न्यूज़

ट्रेंड कुत्ते पेशाब सूंघकर बताएंगे कोरोना है या नहीं, स्टडी में दावा

16 अप्रैल 2021

कोरोनावायरस की पहचान अभी तक एंटीजन और RTPCR टेस्ट से ज्यादातर हो रहा है. लेकिन वैज्ञानिकों ने दावा किया है कि अगर कुत्तों को सही से ट्रेनिंग दी जाए तो वह आपके पेशाब को सूंघकर बता देंगे कि आपको कोरोना संक्रमण है या नहीं. इसकी सटीकता भी 96 फीसदी तक होगी. फिर आपको अपने नाक और मुंह में स्वैब टेस्ट किट की स्टिक नहीं डलवानी पड़ेगी.

इंसानों के लिए बनी कोरोना वैक्सीन Sputnik-V जानवरों पर भी प्रभावी

16 अप्रैल 2021

रूस के वैज्ञानिकों ने दावा किया है कि इंसानों के लिए बनाई गई कोरोना वैक्सीन स्पुतनिक-V घरेलू जानवरों के लिए भी प्रभावी है. इस वैक्सीन को बनाने वाले गामालेया रिसर्च इंस्टीट्यूट ऑफ एपिडेमियोलॉजी और माइक्रोबायोलॉजी के प्रमुख एलेक्जेंडर जिंट्सबर्ग ने कहा कि स्पुतनिक-V वैक्सीन जानवरों को भी कोरोना वायरस से बचा सकता है. यह घरेलू जानवरों को बचाने में सक्षम हो सकता है. लेकिन पहले हम इंसानों को वैक्सीन लगाएंगे. उसके बाद जानवरों के लिए बात करेंगे.

अनोखा प्रयोगः पहली बार इंसान-बंदर के सेल से बना 'भ्रूण'

16 अप्रैल 2021

पहली बार वैज्ञानिकों ने इंसानों और बंदरों की कोशिकाओं को मिलाकर एक भ्रूण तैयार किया है. एक दूसरे का विरोध करने वाले अमेरिका और चीन के साइंटिस्ट्स ने मिलकर ये काम किया है. इस प्रयोग का मकसद है भविष्य में इंसानों और बंदरों के लिए नए अंगों को विकसित करना ताकि किसी को ट्रांसप्लांट के समय दिक्कत न हो. वैसे 95 साल पहले रूस के एक वैज्ञानिक ने इंसानों और चिम्पैंजी को मिलाकर एक हाइब्रिड जीव बनाने की कोशिश की थी.

कोरोना से बचना है तो हर साल लगाना होगा इसका टीकाः Pfizer

16 अप्रैल 2021

दुनिया भर में कोरोनावायरस की भयावह स्थिति को देखते हुए दवा कंपनियां लगातार अपने वैक्सीन के डोज बढ़ाने की बात कह रही हैं. अब फाइजर (Pfizer) कंपनी ने कहा है कि लोगों को उसके वैक्सीन की तीसरे बूस्टर डोज की जरूरत दूसरे डोज के छह से 12 महीने के भीतर लेनी होगी. कंपनी के सीईओ अल्बर्ट बोर्ला ने कहा कि अगर किसी को वैक्सीन लग चुकी है, उसके बाद भी उसे तीसरे बूस्टर डोज की जरूरत पड़ेगी. ये डोज दूसरे डोज के छह महीने से 12 महीने के भीतर लगवाएं जा सकते हैं. इसके अलावा हर साल कोरोना का वैक्सीन लगवाना पड़ेगा.

देश में नहीं होगी वैक्सीन की कमी! अब ये कंपनी भी बनाएगी Covaxin

16 अप्रैल 2021

देश में लगातार वैक्सीन की कमी की खबरें आ रही हैं. ऐसे में केंद्र सरकार ने भारत बायोटेक की कोरोना वैक्सीन COVAXIN के उत्पादन का जिम्मा एक और कंपनी को दिया है. अब भारत बायोटेक के साथ मुंबई स्थित दवा कंपनी हैफकाइन बायोफार्मा (Haffkine Biopharma) भी यह वैक्सीन बनाएगी. इस कंपनी ने दावा किया है कि इसके पास साल में 2.2 करोड़ डोज के उत्पादन की क्षमता है.

डायनासोर के 'पेट का पत्थर' मिला, दर्द में चले जाते थे 1000 KM तक

15 अप्रैल 2021

जैसे इंसानों की किडनी और गॉल ब्लैडर में स्टोन्स यानी पत्थर पाए जाते हैं. वैसे ही करोड़ों साल पहले डायनासोर के पेट में भी स्टोन्स मिलते थे. इसका पता पुरातत्वविदों इससे पता चला कि डायनासोर जब दर्द में होते थे, या उन्हें खतरा महसूस होता था तो वो एक बार में 1000 किलोमीटर तक चले जाते थे. यह काम सबसे ज्यादा लंबी गर्दन वाले शाकाहारी डायनासोरों ने किया था. ये जिस जगह जाते थे वहां अपने मल या उल्टी के साथ पेट का स्टोन निकाल देते थे. वैसे ही कुछ पत्थर अब वैज्ञानिकों को मिले हैं.

2016-17 में भी फैला था कोरोना, चीन ने नहीं बताया था किसी को

15 अप्रैल 2021

कोरोनावायरस साल 2019 में नहीं फैला, इससे पहले भी चीन में उसने कई लोगों को बीमार किया था. लेकिन इसकी जानकारी दुनिया में कम ही लोगों को है. चीन ने ये खबर तब फैलने नहीं दी थी. ये बात है 2016-17 के बीच की. चीन में 25 हजार सुअर मारे गए थे. जिसकी वजह था चमगादड़ों से निकला कोरोनावायरस. ये कोरोना वायरस हॉर्सशू चमगादड़ों की देन था. इन्हीं चमगादड़ों की वजह से साल 2002 में सार्स नाम की बीमारी फैली थी.

धरती का पारा 1 डिग्री चढ़ेगा, भारत में मॉनसूनी बारिश 5% ज्यादा होगी

14 अप्रैल 2021

भारत में अब मॉनसून की बारिश में पांच फीसदी की बढ़ोतरी होगी. क्योंकि जितनी बार धरती का पारा ग्लोबल वार्मिंग की वजह से एक डिग्री सेल्सियस ऊपर चढ़ेगा, उतनी बार भारत में मॉनसून की बारिश में 5 प्रतिशत ज्यादा बारिश होगी. नतीजा वही होगा. हमेशा की तरह ज्यादा बाढ़, करोड़ों रुपयों का नुकसान और लाखों एकड़ में फैली फसलें होंगी खराब. ये खुलासा किया है पर्यावरण परिवर्तन पर स्टडी करने वाले एक प्रोफेसर ने. आइए जानते हैं कि भारत की बारिश को लेकर उनका और क्या कहना है?

RTPCR में भी कोरोना की नहीं हो पा रही पुष्टि? देखें क्या बोले एक्सपर्ट

14 अप्रैल 2021

कोरोना की दूसरी लहर डरावनी है. आज पूरे देश में कोरोना वायरस के कहर की हॉरर वाली तस्वीरें दिख रही हैं. लगातार आठवें दिन कोरोना से संक्रमित मरीजों की संख्या 1 लाख से ज्यादा मिली है. मरीजों की संख्या में ये उछाल डरा रहा है लेकिन डरने वाली एक और बात सामने आई है. संक्रमण को पकड़ने वाला RTPCR टेस्ट पर अब सवाल खड़े हो रहे हैं. ऐसे मरीज मिल रहे हैं जो कोरोना के लक्षणों से पीड़ित है लेकिन इसके बावजूद टेस्ट रिपोर्ट बार-बार निगेटिव आ रही है. यानि कोरोना की दूसरी लहर में वायरस नई तरह से हमलावर है. कोरोना टेस्ट से जुड़ी इस नई चिंता पर हमारी रिपोर्ट देखिए.

धरती पर हर साल अंतरिक्ष से आती है 47.17 लाख KG धूल

14 अप्रैल 2021

धरती पर लगातार धूल बढ़ रही है. रेगिस्तान का दायरा भी बढ़ रहा है. इसके पीछे बड़े निर्माण कार्य, पेड़ों की कटाई और सूखी नदियां जिम्मेदार हैं. लेकिन इन सबके अलावा अंतरिक्ष से भी धरती पर धूल आती है. यह धूल अलग-अलग ग्रहों और उल्कापिंडों से निकलकर धरती पर गिरती है. हाल ही में हुई एक स्टडी में खुलासा हुआ है कि धरती पर हर साल अंतरिक्ष से 5200 टन यानी करीब 47.17 लाख किलोग्राम धूल आती है.

भारत आएंगी विदेशी कोरोना वैक्सीन! जानिए कीमत और नाम

14 अप्रैल 2021

भारत सरकार ने मंगलवार यानी 13 अप्रैल 2021 को कहा कि कोरोना की लड़ाई जीतने के लिए विदेशी वैक्सीनों को लाने की प्रक्रिया पर विचार चल रहा है. भारत में अमेरिका, यूके और जापान में उपयोग की जा रही वैक्सीन्स को लाया जा सकता है. आइए जानते हैं कि अगले कुछ महीनों में भारत में कौन-कौन सी विदेशी कंपनियों की वैक्सीन आ सकती हैं. इनकी कीमत क्या हो सकती है?