scorecardresearch
 

साइंस न्यूज़

हिंद महासागर में मिली ज्वालामुखी की 'भयावह आंख'

26 जुलाई 2021

हिंद महासागर के नीचे एक प्राचीन ज्वालामुखी की गहरी आंख दिखी है, जिसे आम भाषा में काल्डेरा (Caldera) कहते हैं. इस काल्डेरा को खोजने वाले वैज्ञानिकों ने जब इसका थ्रीडी मैप बनाया तो वह हॉलीवुड फिल्म द लॉर्ड ऑफ द रिंग्स (The Lord of the Rings) के आई ऑफ सॉरोन (Eye of Sauron) की तरह दिखता है. इस ज्वालामुखी का काल्डेरा प्राचीन समय में लावा उगलता रहा होगा, जो अब ठंडा पड़ चुका है. इसके अलावा दो और समुद्री ढांचे दिखे हैं, जिन्हें टोलकीन्स मिडल अर्थ कहते हैं.

घोड़े के खुर के निशान में मिला 460 करोड़ साल पुराना उल्कापिंड

26 जुलाई 2021

इंग्लैंड के एक मैदान में घोड़े के खुर के निशान के अंदर 460 करोड़ साल पुराना दुर्लभ उल्कापिंड (Meteorite) का टुकड़ा मिला है. यह दुर्लभ इसलिए हैं क्योंकि यह कार्बोनेसियस कोंड्राइट (Carbonaceous Chondrite) है. यानी इसमें जीवन की उत्पत्ति के सबूत हैं, या फिर यह प्राचीन जीवन के सबूत दे सकता है. धरती पर गिरने वाले उल्कापिंडों में सिर्फ 4% से 5% उल्कापिंड ही इस दुर्लभ श्रेणी में शामिल होते हैं. इसकी उम्र से सौर मंडल के कई राज खुल सकते हैं.

NASA ने पहली बार बनाया मंगल ग्रह का अंदरूनी नक्शा

26 जुलाई 2021

जीवन, भौगोलिक परिस्थितियों, मौसम, चुंबकीय शक्ति जैसी कई प्राकृतिक प्रणालियों का संचालन धरती के केंद्र में मौजूद इंजन से होता है. मंगल ग्रह इससे अलग नहीं है. इसका खुलासा अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी ने हाल ही में मंगल ग्रह का नक्शा बनाकर जारी किया. यह नक्शा मंगल ग्रह की जमीन से लेकर केंद्र तक हर परत का है. इस काम में नासा की मदद की है उसके द्वारा भेजे गए निडर लैंडर रोबोट इनसाइट मिशन (InSight Mission) ने. यह रोबोट मंगल ग्रह की भौगोलिक परिस्थितियों की जांच कर रहा है.

Covid-19 ने अमेरिकियों के जीवन से छीन लिए डेढ़ साल

26 जुलाई 2021

साल 2020 दुनिया के लिए बेहद खतरनाक साल था. महामारी और मौतें ही सबसे बड़ी खबर बनी रहीं. अमेरिका में लोगों की जीवन प्रत्याशा यानी लाइफ एक्सपेक्टेंसी (Life Expectancy) डेढ़ साल घट गई. यह द्वितीय विश्व युद्ध के बाद से सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की गई है. जिसकी सबसे बड़ी वजह है कोरोना वायरस महामारी. WHO के मुताबिक कोविड-19 के चलते अमेरिका में 6 लाख से ज्यादा लोगों की मौत हुई है.

190 करोड़ एयर कंडिशनर पूरी धरती को कैसे कर रहे हैं गर्म?

26 जुलाई 2021

दुनिया भर में गर्मी बढ़ रही है. लोग घरों में एयर कंडिशनर लगवाते जा रहे हैं. एक अनुमान के अनुसार दुनिया भर में 190 करोड़ एयर कंडिशनर का उपयोग हो रहा है. जिसकी वजह से वातावरण में गर्मी बढ़ जाती है. आमतौर पर ऐसा गर्मियों और मॉनसूनी सीजन में होता है. लेकिन क्या आपको पता है कि एयर कंडिशनर से निकलने वाली गर्म हवा से धरती के वायुमंडल का तापमान बढ़ रहा है. अब एक नई किताब में यह खुलासा किया गया है कि एयर कंडिशनर से क्या नुकसान है? इससे तापमान में कितनी बढ़ोतरी होती है.

आकाश एनजी का सफलतापूर्वक परीक्षण (फाइल फोटो)

DRDO ने Akash-NG का किया सफल परीक्षण, दुश्मनों के उड़ेंगे होश

23 जुलाई 2021

आकाश-एनजी, वायु रक्षा प्रणाली की सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल है. 30 किलोमीटर की मारक क्षमता वाली हवाई रक्षा मिसाइल प्रणाली का पिछले दो दिनों में यह दूसरा परीक्षण है. आकाश-एनजी जमीन से हवा में मार करना वाली मिसाइल है. इसे भारतीय वायुसेना के लिए बनाया गया है.

समुद्र के नीचे मिली रोमन साम्राज्य की 2000 साल पुरानी सड़क

23 जुलाई 2021

असल कहानी ये है कि इस सड़क की खोज 1980 के दशक में ही कर ली गई थी. लेकिन उसकी पुष्टि करने में काफी समय लगा. रोमन साम्राज्य के समय बनी ये सड़क वेनिस के बाहरी लगून के उत्तरी इलाके में स्थित ट्रीपोर्टी चैनल (Treporti Channel) में मौजूद है. यह सड़क वेनिस के बनने से सदियों पहले बनाई गई थी. तब कोई वेनिस के बारे में जानता भी नहीं था.

वैज्ञानिकों ने पहली बार नए चांद को बनते हुए देखा, ये है तस्वीर

23 जुलाई 2021

आपने चांद तो कई बार देखा होगा. इसके अलावा बृहस्पति और शनि ग्रह के चंद्रमाओं के बारे में देखा, पढ़ा या सुना होगा. पर पहली बार वैज्ञानिकों ने चांद को बनते देखा है. यह घटना हमारे सौर मंडल से दूर एक दूसरे सोलर सिस्टम हो रही है. यह चांद बृहस्पति जैसे ग्रह के छल्लों के अंदर बन रहा है. वैज्ञानिकों ने इसकी तस्वीर भी ली है. जिसमें एक ग्रह के चारों तरफ नारंगी-लाल रंग का छल्ला दिख रहा है. उस छ्ल्ले के अंदर दाहिनी तरफ चांद बनता हुआ दिख रहा है.

नई रिसर्चः ग्लोबल वार्मिंग से कम होंगे डेंगू के मामले

23 जुलाई 2021

ग्लोबल वार्मिंग (Global Warming) से नुकसान होता है ये सबके पता है. लेकिन इससे एक बड़ा फायदा भी है. इससे दुनिया की वो बड़ी बीमारी कम हो सकती है या फिर रुक सकती है. इस बीमारी से हर साल करीब 39 करोड़ लोग संक्रमित होते हैं. 5 लाख लोग गंभीर रूप से बीमार होते हैं. हर साल 25 हजार लोगों की मौत हो रही है. इस बीमारी का नाम है डेंगू (Dengue). एक नई रिसर्च में यह बात सामने आई है कि ग्लोबल वार्मिंग डेंगू को सीमित कर सकता है.

टमाटर में होता है 'नर्वस सिस्टम', चोट लगते ही भेजता है सिग्नल

22 जुलाई 2021

इंसानों और जानवरों की तरह टमाटर में भी 'नर्वस सिस्टम' होता है. जैसे ही पौधे में लगे एक टमाटर को कोई कीड़ा काटता है, तुरंत वह पौधे के बाकी हिस्से में इलेक्ट्रिकल सिग्नल भेजकर अलर्ट कर देता है. इस सिग्नल से पौधे के अन्य हिस्सों को हमले के प्रकार और तत्काल हुए नुकसान का पता चल जाता है. इससे टमाटर का पौधा अपनी सुरक्षा की व्यवस्था कर लेता है.

इंसानों की वजह से 100 साल में ही विलुप्त हो गई ये खूबसूरत तितली

22 जुलाई 2021

करीब 80 साल पहले आखिरी बार दिखी थी ये खूबसूरत तितली. इसका नाम है जेरसेस ब्लू बटरफ्लाई (Xerces Blue Butterfly). माना जाता है कि उसके बाद तितली की यह प्रजाति विलुप्त हो गई. इसकी वजह है इंसान. यानी इंसानों की वजह से धरती पर विलुप्त होने वाला यह पहला जीव है. या यूं कह लें कि पहला अमेरिका कीड़ा जो इंसानों की वजह से खत्म हो गया.

1260 गुना तेजी से संक्रमण फैला रहा Delta Variant... ये है वजह

22 जुलाई 2021

साल 2019 में चीन से निकले पहले कोरोनावायरस की तुलना में डेल्टा वैरिएंट से संक्रमित व्यक्तियों में 1260 गुना ज्यादा वायरल लोड है. यह इतनी ही तेजी से दुनिया भर में लोगों को संक्रमित भी कर रहा है. चीन में हुई एक स्टडी के मुताबिक अब इसके अल्ट्राफास्ट संक्रमण की वजह पता कर ली गई है. डेल्टा वैरिएंट को पहली बार पिछली साल अक्टूबर महीने में भारत में दर्ज किया गया था. इसके बाद इस खतरनाक वैरिएंट ने दुनिया भर में संक्रमित कोविड-19 मरीजों में 83% को अपनी गिरफ्त में ले लिया.

अमेरिका में छिपी है एस्टेरॉयड की टक्कर से बनी 'महालहर'

22 जुलाई 2021

जब आप पानी में पत्थर मारते हैं तो एक लहर उठती है. ठीक उसी तरह धरती पर एक एस्टेरॉयड टकराया था, तब उससे बड़ी भयानक लहर बनी थी. ये लहर थी जमीन की. जिसकी वजह से धरती पर सारे डायनासोर मारे गए थे. वैज्ञानिकों ने इसी लहर को खोज लिया है.

China Flood: मौसम ने पलटी बाजी, कमजोर तूफान को बना दिया 'आसमानी आफत'

21 जुलाई 2021

चीन में भयानक बारिश के बाद आई जानलेवा बाढ़ की वजह से पिछले 24 घंटों में 18 लोगों की मौत हो गई है. 2 लाख से ज्यादा लोग विस्थापित हुए हैं. सबसे बुरी हालत झेंगझोउ शहर और हेनान प्रांत की है. ये दोनों चीन के सबसे ज्यादा आबादी वाले इलाके हैं. लोगों के सामने बड़ा सवाल ये है कि अचानक चीन में इतनी मूसलाधार बारिश और इतनी भयावह बाढ़ कैसे आ गई? क्यों लोगों को संभलने का मौका नहीं मिला?

वैश्विक खात्मे की ओर इंसान, 19 साल में नर्क हो जाएगी जिंदगी

21 जुलाई 2021

दुनिया को खत्म करने के लिए इंसान एकदम सही रास्ते पर चल रहा है. अब से मात्र 19 साल बाद यानी 2040 में इंसानों की जिंदगी नर्क हो जाएगी. ये दावा किया जा रहा है 1972 में बनाई गई एक रिपोर्ट का दोबारा विश्लेषण करने के बाद. क्योंकि इंसान लगातार अपनी वैश्विक जिम्मेदारियों से भाग रहा है. आइए जानते हैं कि इस रिपोर्ट में इंसानों की जिंदगी को क्यों नर्क बनाने की बात कही गई है. ये क्यों कहा गया है कि इंसान वैश्विक खात्मे की ओर बढ़ रहा है.

सच में होते हैं पोकेमॉन के Pikachu, जिंदा रहने के लिए खाते हैं 'गंदी चीज'

21 जुलाई 2021

पोकेमॉन (Pokemon) कार्टून सीरीज का पिकाचु (Pikachu) असल में होता है. ये चीन में स्थित तिब्बत के पठारों में पाया जाता है. ये चूहे से थोड़ा बड़ा और खरगोश से छोटे आकार का होता है. लेकिन इतनी ऊंचाई पर रहने की वजह से इसे ऐसी चीज खानी पड़ती है, जिसके बारे में कोई उम्मीद नहीं कर सकता. क्योंकि इतनी सर्दी में जिंदा रहने के लिए उसे याक (Yak) का मल खाना पड़ता है.

कैसी रही Jeff Bezos की अंतरिक्ष यात्रा? देखें Photos

21 जुलाई 2021

ब्लू ओरिजिन (Blue Origin) ने 20 जुलाई 2021 को न्यू शेफर्ड (New Shepard) कैप्सूल से चार निजी यात्रियों को अंतरिक्ष की यात्रा कराई. इन यात्रियों में शामिल थे- जेफ बेजोस (Jeff Bezos), मार्क बेजोस, वैली फंक और ओलिवर डैमेन. इन चारों लोगों ने 100 किलोमीटर ऊपर कारमान लाइन (Karman Line) को पार किया. अंतरिक्ष की सीमा की शुरुआत कारमान लाइन से ही होती है. इसे ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अंतरिक्ष की सीमा कहा जाता है.

जीरो ग्रैविटी में चार मिनट तक रहने के बाद वापस लौटे जेफ बेजोस, देखें कैसी थी अंतरिक्ष यात्रा

21 जुलाई 2021

अंतरिक्ष यात्रा का नया इतिहास रच दिया गया है. जेफ बेजोस की स्पेस कंपनी ब्लू ओरिजिन का रॉकेट न्यू शेफर्ड चार यात्रियों के साथ अंतरिक्ष की यात्रा की. इसकी लॉन्चिंग 20 जुलाई यानी आज शाम 6.45 बजे वेस्ट टेक्सास के ब्लू ओरिजिन लॉन्च साइट वन से की गई. कैप्सूल ने चारों अंतरिक्षयात्रियों को जीरो ग्रैविटी का आनंद करीब चार मिनट तक दिलाया. उसके बाद वह शाम 6.52 मिनट पर वापस लौट आए. अंतरिक्ष का ये सफर जितना रोचक था, उनका ही जोखिम भरा. यही वजह है कि उड़ान पूरी होने के बाद जब जेफ बेजोस अपनी टीम के साथ फ्लाइट से बाहर आए तो इसे अपनी जिंदगी का सबसे शानदार दिन बताया. अंतरिक्ष में बेजोस का सफर इसलिए भी अहम है क्योंकि इससे पहले भी कंपनी की 15 उड़ानें कामयाब रही थीं. लेकिन अब तक यात्री इससे नहीं गए थे. ज्यादा जानकारी के लिए देखें वीडियो.

अंतरिक्ष यात्रा से सुरक्षित लौट आए जेफ बेजोस और उनके साथी. फोटोः ब्लू ओरिजिन

बन गया नया इतिहास, जेफ बेजोस की टीम अंतरिक्ष से सुरक्षित लौटी

20 जुलाई 2021

अंतरिक्ष यात्रा का नया इतिहास रच दिया गया है. जेफ बेजोस (Jeff Bezos) की स्पेस कंपनी ब्लू ओरिजिन (Blue Origin) का रॉकेट न्यू शेफर्ड (New Shepard) चार यात्रियों के साथ अंतरिक्ष की यात्रा पर शाम को 6.45 बजे वेस्ट टेक्सास के ब्लू ओरिजिन लॉन्च साइट वन से रवाना हुआ. अंतरिक्षयात्रियों को सबऑर्बिटल यात्रा और जीरो ग्रैविटी का आनंद दिलाने के बाद यह 6.52 पर सुरक्षित लौट आया.

अब जेफ बेजोस भरेंगे स्पेस में उड़ान, देखें कैसा है उनका अंतरिक्ष यान

20 जुलाई 2021

दुनिया के सबसे रईस इंसान जेफ बेजोस की कंपनी ब्लू ओरिजिन का स्पेस शटल. न्यू शेफर्ड अमेरिका के टेक्सस में लॉन्च के लिए तैयार है. ये एक कैप्सूल के साथ उड़ान भरेगा. धरती से करीब 80 किलोमीटर की ऊंचाई पर रॉकेट और कैप्सूल अलग-अलग हो जाएंगे. वहां से कैप्सूल धरती से 105 किलोमीटर ऊपर अंतरिक्ष की कक्षा में पहुंचेगा. जीरो गुरुत्वाकर्षण में ये कैप्सूल 4 मिनट तक रहेगा. उसके बाद कैप्सूल की धरती पर वापसी की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी. धरती की कक्षा में आने के बाद कैप्सूल में लगे पैराशूट खुल जाएंगे. इस वीडियो में जानिए जेफ बेजोस के द्वारा उपयोग किए जा रहे है यान की कुछ अन्य खास बातें.

महिला कहकर स्पेस उड़ान से रोका था, आज रचा इतिहास

20 जुलाई 2021

आज उस महिला ने स्पेस में जाकर इतिहास बनाया है, जिन्हें 60 साल पहले NASA ने महिला होने के नाते अंतरिक्ष की यात्रा पर जाने नहीं दिया था. जबकि, वो नासा के मर्करी-13 (Mercury-13) मिशन की पायलट थीं.