सुमात्रा में साइक्लोन सेन्यार ने 836 लोगों की जान ली. 40 साल में 74% जंगल कट चुके हैं, खासतौर से पाम ऑयल और कागज उद्योग के लिए. बारिश में बिना जड़ों वाली मिट्टी खिसकी. कटे लट्ठे बहकर घर तोड़ते चले गए. जंगल होते तो यह तबाही 70% तक कम होती.
जैविक हथियारों पर बात करते हुए विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि इसके न सिर्फ सैन्य, बल्कि आर्थिक और पर्यावरणीय खतरे भी हैं. हाल ही में दिल्ली में आयोजित बायोलॉजिकल वेपन्स कन्वेंशन (BWC) में 80 देशों के एक्सपर्ट और राजनयिकों ने बातचीत की. बायोवेपन को किसी भी हथियार से कहीं ज्यादा तबाही मचाने वाला माना जा रहा है और इसे रोकने के लिए कई संधियां भी हो चुकीं.
भारतीय वैज्ञानिकों ने 12 अरब साल पुरानी स्पाइरल गैलेक्सी ‘अलकनंदा’ खोजी. ब्रह्मांड सिर्फ 1.5 अरब साल का था, तब यह मिल्की वे जैसी पूरी बनी थी. इसमें 1000 करोड़ तारे हैं. 30000 प्रकाश-वर्ष चौड़ी है. जेम्स वेब से मिली खोज ने साबित किया – शुरुआती ब्रह्मांड बहुत तेजी से परिपक्व था.
11 अप्रैल 1984 को राकेश शर्मा सोयुज T-10 के गोलाकार डिसेंट कैप्सूल (2.2 मीटर व्यास, 2950 किलो) में कजाकिस्तान में सुरक्षित उतरे. 1650°C गर्मी, 7.5G दबाव सहते हुए पैराशूट और रेट्रो रॉकेट से लैंडिंग हुई. यही कैप्सूल भारत की अंतरिक्ष यात्रा का पहला कदम था. आज वह रूस में संरक्षित है. दिल्ली के नेहरू प्लेनेटेरियम इसकी 1:1 अनुपात का रेप्लिका रखा है.
रूस ने भारत के साथ आर्कटिक-क्लास जहाजों का संयुक्त उत्पादन करने का प्रस्ताव दिया है. ये जहाज 2-3 मीटर मोटी बर्फ तोड़कर साल भर उत्तरी समुद्री मार्ग पर चल सकेंगे. टैंकर, एलएनजी कैरियर और कंटेनर जहाज बनाए जाएंगे. इससे भारत को सस्ता-तेज़ व्यापार मार्ग और नई तकनीक मिलेगी. दोनों देशों के बीच यह नया रणनीतिक कदम माना जा रहा है.
11 साल बाद MH370 की नई तलाश 30 दिसंबर 2025 से शुरू होगी. ओशन इन्फिनिटी कंपनी 15,000 वर्ग किमी क्षेत्र में विमान को ढूंढेगी. मलबा मिला तो मलेशिया सरकार 600 करोड़ रुपये देगी. अब तक पायलट सुसाइड, अमेरिकी-रूसी साजिश, एलियन किडनैपिंग जैसी थ्योरीज चर्चा में रहीं, लेकिन कोई पुख्ता सबूत नहीं है. परिवारों को अभी भी जवाब का इंतजार है.
रूस ने इसरो को RD-191M सेमी-क्रायोजेनिक रॉकेट इंजन की 100% तकनीक दे सकता है. LVM3 रॉकेट में इस्तेमाल होने से GTO पेलोड 4.2 टन से बढ़कर 6.5-7 टन हो जाएगा. भारत में ही बनेगा यह इंजन. गगनयान व भारी उपग्रह मिशनों को बड़ा बढ़ावा मिलेगा.
इंसान और अन्या जीवों के मरने के बाद भी कुछ कोशिकाएं जिंदा रहती हैं. नई जिंदगी शुरू कर देती हैं. मेंढक की मरी हुई त्वचा कोशिकाएं 'जेनोबॉट' बनकर खुद चलती-फिरती हैं. घाव भरती हैं. अपने जैसे नए जेनोबॉट बनाती हैं. इंसान के मरे फेफड़ों की कोशिकाएं 'एंथ्रोबॉट' बनकर नसें ठीक करती हैं. वैज्ञानिक इसे 'थर्ड स्टेट' कहते हैं – न पूरी तरह जिंदा, न मुर्दा.
4–5 दिसंबर को साल का आखिरी Cold Supermoon अपने सबसे बड़े और चमकीले रूप में दिखेगा. जानें समय, दिशा, लोकेशन और इसका वैज्ञानिक कारण.
4-5 दिसंबर को 2025 का आखिरी पूर्ण चांद 'कोल्ड सुपरमून' निकलेगा. शाम 7 बजे पूर्व में बड़ा-चमकदार चांद दिखेगा. पूरे साल का सबसे ऊंचा चांद होगा क्योंकि सूरज सबसे नीचा है. धरती के करीब होने से 10% बड़ा लगेगा. साफ आसमान रहा तो बिना दूरबीन कमाल का नजारा.
पुतिन के दौरे में रूस-भारत SMR डील पक्की हो सकती है. छोटे मॉड्यूलर न्यूक्लियर रिएक्टर (50-300 MW) फैक्ट्री में बनेंगे. एक रिएक्टर पूरा छोटा शहर रोशन कर सकता है. 2-3 साल में तैयार हो जाएगा. ये सस्ते और 100% सुरक्षित हैं. भारत में ही बनेंगे. टेक्नोलॉजी ट्रांसफर होगा. 2033 तक 5 रिएक्टर चालू करने की योजना है. बिजली क्रांति आने वाली है.
एअर इंडिया का A320 विमान नवंबर में आठ बार बिना जरूरी सुरक्षा प्रमाण-पत्र (ARC) के उड़ता रहा. 8 कॉमर्शियल उड़ानें भरीं. गलती का पता खुद कंपनी को चला, DGCA को बताया. विमान ग्राउंडेड है. सभी जिम्मेदार कर्मचारियों को सस्पेंड किया गया. दोनों तरफ जांच चल रही है.
अमेरिका के उत्तर-पूर्वी इलाकों में सदी में एक बार आने वाली भयंकर बाढ़ अब हर साल आएगी. समुद्र का बढ़ता जलस्तर और तेज होते तूफान इसके जिम्मेदार हैं. नई रिसर्च कहती है कि 2100 तक न्यूयॉर्क-बोस्टन जैसे शहरों में हर साल बाढ़ आएगी. हमें अभी कार्बन उत्सर्जन कम करना होगा वरना तबाही तय है.
सेलिब्रिटी अपने पालतू कुत्ते-बिल्लियों को क्लोन करवा रहे हैं, लेकिन वैज्ञानिक चेतावनी दे रहे हैं. क्लोन दिखने में थोड़ा मिलता है पर स्वभाव बिलकुल अलग होता है. बीमारियां भी आ सकती हैं. क्लोन कराने में करीब 40-50 लाख लगते हैं. सफलता का चांस सिर्फ 16% होता है.
चक्रवात दित्वाह ने श्रीलंका में 390+ लोगों की जान ली. 10 लाख लोगों को प्रभावित किया और 20 साल की सबसे भयानक बाढ़ लेकर आया. अब तमिलनाडु-चेन्नई में भारी बारिश से 3 मौतें हो चुकी हैं. सैकड़ों उड़ानें रद्द हुई है. जलवायु परिवर्तन से ऐसे चक्रवात, टाइफून और हरिकेन तेज व घातक हो रहे हैं.
नई दिल्ली में जियोस्मार्ट इंडिया 2025 शुरू हो गया है. इस बार की थीम है- एक राष्ट्र, एक नक्शा. CXO समिट में सरकार-उद्योग के बड़े नेता शामिल हुए. भारत अब विदेशी डेटा पर कम निर्भर है. स्वदेशी तकनीक से किसान, शहर और आपदा प्रबंधन में क्रांति ला रहा है. 4 दिन तक 100+ सेशन, नई तकनीक प्रदर्शनी और लाइव डेमो होंगे.
100 साल बाद इंसान ज्यादा लंबा, लचीला और मोटा होगा. हड्डियां शार्क जैसी, दांत चोंच जैसे होंगे. फेफड़े मंगल के लिए तैयार किए जाएंगे. दिमाग कंप्यूटर से जुड़ेगा. यादें डाउनलोड होंगी. त्वचा गिरगिट जैसी रंग बदलेगी. हम गर्मी सहेंगे, जेनेटिक बीमारियां खत्म होंगी और अमरता के करीब पहुंचेंगे. टेक्नोलॉजी व बायोलॉजी मिलकर नया इंसान बनाएंगी.
Delhi-NCR की हवा फिर खतरनाक, AQI Severe. पराली 71% कम, लेकिन ट्रैफिक, फैक्ट्रियां, कचरा जलाना और धूल से स्मॉग बढ़ा. CSE रिपोर्ट ने हेल्थ इमरजेंसी चेतावनी दी.
CSE की नई रिपोर्ट कहती है कि इस साल प्रदूषण फैलाने में पराली का योगदान सिर्फ 5-22% रहा, फिर भी दिल्ली-NCR का AQI बहुत खराब-गंभीर है. PM2.5 के साथ NO₂ और CO का जहरीला मिश्रण बढ़ा. मुख्य वजह गाड़ियां और स्थानीय स्रोत. प्रदूषण के हॉटस्पॉट बढ़े. छोटे शहरों में स्मॉग ज्यादा हो रहा है. लंबे ट्रेंड में कोई सुधार नहीं. अब गाड़ी, इंडस्ट्री, कचरे पर बड़े कदम जरूरी.
दुनिया का मौसम इस समय पूरी तरह बेकाबू हो चुका है. जमीन से 20-30 km ऊपर बहने वाली हवा यानी QBO नवंबर में ही पलट गई, जो आमतौर पर जनवरी-फरवरी में बदलती है. भारत समेत पूरी दुनिया पर 2025-26 में इसका भयंकर असर पड़ेगा. यूरोप, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, सऊदी अरब भी बाढ़, ठंड और सूखे की दोहरी मार झेल रहे हैं. यह कोई स्थानीय मौसम नहीं, पूरा ग्लोबल सिस्टम टूटने की शुरुआत है.
भारत का नया भूकंप मैप (2025) आ गया है. इसमें नया जोन जोड़ा गया है. अब 5 जोन हैं, नया जोन VI हिमालय के लिए. 61% भारत अब मध्यम-उच्च खतरे में है. जानिए ये मैप क्यों बनाया गया और इसकी जरूरत क्यों पड़ी? क्या अब दिल्ली-NCR, देहरादून और अगरतला जैसे शहर ज्यादा खतरे में हैं.