


तबले की थाप और घुंघरुओं की झंकार जब एक ही लय में एकाकार हो जाती है, तो नृत्य केवल दृश्य नहीं रह जाता वह स्मृति बन जाता है. स्मृति उस समय की, उस स्त्री की और उस भक्ति की, जिसने प्रेम को विद्रोह और समर्पण को साधना बना दिया. कथक की परंपरा में सजी एक ऐसी ही संध्या में मीरा की गाथा ने मंच पर आकार लिया.
नई दिल्ली के इंडिया हैबिटेट सेंटर में आयोजित 'Continuing Tradition 2025' कार्यक्रम में पद्मश्री गुरु शोवना नारायण के कथक नृत्य में पांच दशकों से अधिक योगदान का सम्मान किया गया. कार्यक्रम में पंडित ज्वाला प्रसाद और पंडित माधो प्रसाद को श्रद्धांजलि दी गई और उनकी रचनाओं को मंच पर प्रस्तुत किया गया.
नई दिल्ली के इंडिया हैबिटैट सेंटर में आयोजित ओडिसी नृत्य प्रस्तुति 'अनंत कथा – सम टेल्स नेवर एंड' में गुरु रंजना गौहर के प्रमुख शिष्य विनोद केविन बचन ने अपनी उत्कृष्ट नृत्य कला से दर्शकों का मन मोह लिया.
नई दिल्ली में ध्वनि संस्था ने पद्मश्री शंभूनाथ शुक्ला की 118वीं जयंती पर एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया, जिसमें पहली बार पंडित शंभू महाराज स्मृति पुरस्कार की शुरुआत की गई. यह पुरस्कार भारतीय शास्त्रीय कला में उत्कृष्ट योगदान देने वाले कलाकारों को दिया जाएगा.
गुरु कुंदनलाल गंगानी फाउंडेशन द्वारा त्रिवेणी कला संगम में आयोजित 'संतति' सांस्कृतिक संध्या में जयपुर घराने की कथक शैली की विशेष प्रस्तुति दी गई. संजीत गंगानी और अन्य कलाकारों ने पारंपरिक नृत्य की शाश्वत विरासत को जीवंत करते हुए दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया.
दिल्ली के त्रिवेणी कला संगम में भरतनाट्यम नृत्यांगना सौम्या लक्ष्मी नारायणन ने पद्मश्री गीता चंद्रन की शिष्या के रूप में एकल प्रस्तुति दी, जिसमें उन्होंने शास्त्रीय नृत्य की प्राचीन परंपरा और आध्यात्मिक सौंदर्य को जीवंत किया। इस प्रस्तुति में राग श्री, खमाज, शुद्ध सारंग और यमन कल्याण जैसे शास्त्रीय संगीत रागों का समावेश था.
राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय की संस्कार रंग टोली ने मुंशी प्रेमचंद की चार प्रमुख कहानियों को मिलाकर नया नाटक 'प्रेमचंद की लड़कियां' प्रस्तुत किया है। यह नाटक 15-19 वर्ष के युवा कलाकारों द्वारा मंचित किया गया है.
नाटक 'प्रेत' थ्री आर्ट्स क्लब द्वारा प्रस्तुत एक प्रभावशाली रंगमंचीय प्रस्तुति है, जो समाज में छुपे पाखंड, डर और झूठी नैतिकताओं को उजागर करता है. एमके रैना के निर्देशन में यह नाटक हेनरिक इब्सन के 'घोस्ट्स' का हिंदी रूपांतरण है, जो पुरानी सोच और नए विचारों के टकराव को दर्शाता है.
शिमला के गेयटी थिएटर में अभिनेता देवानंद की 102वीं जयंती पर थ्री आर्ट्स क्लब और कात्यायनी ग्रुप ने भावपूर्ण कार्यक्रम प्रस्तुत किया. इस आयोजन में देव आनंद के जीवन की अनकही कहानियां और उनके अमर गीतों का संगम दर्शकों को हिंदी सिनेमा के सुनहरे दौर में ले गया.
अयोध्या में नवरात्रि के अवसर पर रामकथा पार्क में भव्य फिल्मी रामलीला का उद्घाटन हो गया. 3डी तकनीक के साथ ये रामलीला आकर्षक है. इस रामलीला में मनोज तिवारी, रवि किशन समेत कई बड़े कलाकार भाग ले रहे हैं.
राजस्थान के शेखावाटी क्षेत्र का रामगढ़ शेखावाटी कभी समृद्ध व्यापारिक केंद्र था, जिसकी भव्य हवेलियां और ऐतिहासिक किले इसकी समृद्ध विरासत को दर्शाते हैं। समय के साथ यह विरासत धुंधली पड़ गई, जिसमें सांस्कृतिक आयोजन फिर से नए रंग भर रहे हैं.
राष्ट्रीय कलरिपयट्टू लीग 2026 का आयोजन 17-18 जनवरी को केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम में किया जा रहा है. इस प्रतियोगिता में देशभर के युवा खिलाड़ी भाग लेंगे, जिनमें दिल्ली कलरिपयट्टू एसोसिएशन के अंडर-18 वर्ग के खिलाड़ी भी शामिल हैं.
दही-चूड़ा भारत की प्राचीन धान आधारित कृषि सभ्यता का हिस्सा है, जो यात्रा, संरक्षण और सामाजिक समरसता का प्रतीक रहा है. यह भोजन न केवल पोषण देता है बल्कि लोकसंस्कृति, धार्मिक अनुष्ठान और सामूहिक उत्तरदायित्व को भी दर्शाता है.
कोच्चि के मुजिरिस बिएनाले में प्रदर्शित लियोनार्डो दा विंची की प्रसिद्ध पेंटिंग 'द लास्ट सपर' के एक विवादित वर्जन को लेकर ईसाई समुदाय ने आपत्ति जताई है. यह पेंटिंग टॉम वट्टाकुझी द्वारा बनाई गई है, जिसने धार्मिक भावनाओं को छेड़ा है.
वंदना कृष्णा की सोलो पेंटिंग प्रदर्शनी 'रिफ्लेक्शन्स' एनेक्सी आर्ट गैलरी इंडिया इंटरनेशनल सेंटर, दिल्ली में 24 नवंबर से 30 नवंबर 2025 तक आयोजित है. उनकी कला मुंबई और दिल्ली के जीवन, बदलते शहरों और धुंधलके को दर्शाती है.
दिल्ली के इंडिया हैबिटेट सेंटर में आरती उप्पल सिंगला ने अपनी सोलो पेंटिंग प्रदर्शनी 'ऑरेलिया- बिटवीन ब्रीथ एंड ब्लूम' का आयोजन किया. यह प्रदर्शनी महानगरीय जीवन की तेज़ी और प्रकृति की नाजुक सुंदरता के बीच के संतुलन को दर्शाती है.