संकरी विधानसभा क्षेत्र (निर्वाचन क्षेत्र संख्या 87) एक मिश्रित प्रकृति की सीट है. यहां उद्योग भी है, कृषि भी है और यह एक महत्वपूर्ण परिवहन केंद्र भी है. यहां चुनाव केवल कल्याणकारी योजनाओं के आधार पर नहीं जीते जाते, बल्कि कोंगु जातीय समीकरण, मजदूरों की भावना, और विकास पर भरोसे के आधार पर तय होते हैं. यहां जीत का अंतर आमतौर पर बहुत बड़ा नहीं होता, लेकिन अगर औद्योगिक या परिवहन क्षेत्र के हितों को नुकसान पहुंचे तो वोट तेजी से इधर-उधर हो सकते हैं.
राजनीतिक और सामाजिक चरित्र की बात करें तो इस क्षेत्र में कई प्रमुख मतदाता वर्ग हैं. इनमें कोंगु वेल्लालर गौंडर समुदाय प्रभावशाली है, हालांकि पूर्ण बहुमत में नहीं है. लॉरी, ट्रांसपोर्ट और लॉजिस्टिक्स से जुड़ा समुदाय बहुत मुखर और संगठित है. इसके अलावा छोटे और मध्यम उद्योगों के मजदूर, अनुसूचित जाति (SC) बस्तियां जो शहरी और ग्रामीण दोनों इलाकों में फैली हैं, कस्बाई व्यापारी और सेवा वर्ग, तथा महिला स्वयं सहायता समूह (SHGs) और सरकारी योजनाओं के लाभार्थी भी चुनाव में अहम भूमिका निभाते हैं. कुल मिलाकर यहां परिवहन और उद्योग से जुड़ी भावना और जातीय संतुलन मिलकर चुनाव परिणाम तय करते हैं.
भौगोलिक और कनेक्टिविटी के लिहाज से संकरी कस्बा और उसके आसपास के गांव इस क्षेत्र का हिस्सा हैं. राष्ट्रीय राजमार्ग (NH) कॉरिडोर का यहां विशेष प्रभाव है क्योंकि इससे लॉजिस्टिक्स और ट्रांसपोर्ट गतिविधियां जुड़ी हैं. यहां औद्योगिक क्षेत्र और मजदूर कॉलोनियां भी हैं, जबकि किनारों पर कृषि प्रधान गांव बसे हुए हैं.
चुनावी हॉटस्पॉट की बात करें तो संकरी नगर के वार्ड, ट्रांसपोर्ट और लॉरी मालिकों के समूह वाले क्षेत्र, औद्योगिक मजदूरों की बस्तियां, कोंगु कृषि प्रधान गांव और SC बस्तियां बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती हैं. हर समूह नारेबाजी से ज्यादा आर्थिक स्थिरता और सरकारी पहुंच को महत्व देता है.
मुख्य स्थानीय मुद्दों में सड़क की गुणवत्ता और हाईवे कनेक्टिविटी, परिवहन नियमों और सख्ती का दबाव, उद्योगों को बिजली आपूर्ति और श्रम संबंधी समस्याएं, रोजगार की स्थिरता, पीने के पानी और जल निकासी व्यवस्था, तथा सरकारी अस्पताल और स्कूलों तक पहुंच शामिल हैं.
मतदाताओं का मूड साफ है, यहां का विधायक यूनियनों और व्यापारिक संगठनों के लिए आसानी से उपलब्ध होना चाहिए. RTO, पुलिस और TNEB (बिजली बोर्ड) से जुड़े मामलों में तुरंत समाधान की अपेक्षा रहती है. इलाके में दिखने वाला बुनियादी ढांचा विकास जरूरी है. जातीय और व्यापारिक संगठनों का सम्मान करना भी अहम है. संकट के समय जनता के बीच मौजूद रहना जरूरी माना जाता है. खास तौर पर परिवहन समुदाय की आवाज को नजरअंदाज करना यहां चुनावी रूप से आत्मघाती साबित हो सकता है.
Rajesh, K.m.
DMK
Shobana, S.
NTK
Sengodan, K.
MNM
Chellamuthu, A.
AMMKMNKZ
Nota
NOTA
Bakkiyamani, M.
IND
Sivalingam, C.
TMTHK
Palaniyappan, M.
IND
Prabhu, K.
IND
Manivel, P.
IND
Durairaj, C.
IND
Ravikumar, P.
GPI
Gopalakrishnan, S.
IND
Arokiasami, A.
IND
Jagannathan, M.
IND
Jaganathan, I.
IND
Sengoten, R.
IND
Settu, K.
MIDP
Gunasekaran, M.
IND
Sathishkumar, V.
IND
Vijayakumar, P.
IND
Vengadachalam, T.
IND
Viji @ Vijayan, K.
IND
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