देश की सेवा करने वाले सैनियों और उनके परिवारों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए जयपुर के युवाओं ने मिसाल पेश की है. जयश्री पेरीवाल इंटरनेशनल स्कूल के कक्षा 12 के दो छात्र कनिष्क रूंगटा और कृषा रूंगटा ने वीरसहारा (VeerSahara) नाम का एक AI-बेस्ड डिजिटल प्लेटफॉर्म विकसित किया है.
जहां एक आम इंसान के लिए ग्रेजुएशन या पोस्ट ग्रेजुएशन की एक डिग्री हासिल करने में पसीने छूट जाते हैं, रात-रात भर उठकर पढ़ना पड़ता है और कई बार तो लोग एक ही विषय पढ़ते-पढ़ते थक जाते हैं. लेकिन वीरों की भूमि राजस्थान के रहने वाले पूर्व सैनिक दशरथ सिंह ने138 डिग्रियां अपने नाम की है. आइए जानते हैं उनकी कहानी के बारे में.
यूपी में रिकॉर्ड तोड़ 32,019 फैक्ट्रियां रजिस्टर्ड हो चुकी हैं, जिनमें से सबसे ज्यादा 10,895 पश्चिमी यूपी (नोएडा बेल्ट) में हैं. लेकिन क्या इन फैक्ट्रीज में काम करने वाले युवा अपनी मेहनत के बदले इतनी कमाई कर पा रहे हैं जिसमें असल में जिया जा सके या सिर्फ 'सर्वाइवल' की जंग लड़ रहे हैं? समझें क्या होती हैं इस शहर की दुश्वारियां?
Degree vs Skills Gap: नोएडा की सड़कों पर उतरा कर्मचारियों का गुस्सा सिर्फ सैलरी की मांग नहीं, बल्कि हमारी शिक्षा व्यवस्था की नाकामी का भी सबूत है. जानिए क्यों 90% अंक लाने वाले छात्र भी 10 हजार की नौकरी के लिए तरस रहे हैं.
दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने एक बड़े हाईटेक नकल रैकेट का खुलासा किया है, जिसने पुलिस भर्ती परीक्षा की पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर दिए हैं. करीब दो महीने की जांच के बाद 16 लोगों का गिरफ्तार कर लिया गया है, जिनमें 3 पुलिसकर्मी भी शामिल हैं. यह गिरोह तकनीक के जरिए कांस्टेबल और हेड कांस्टेबल भर्ती परीक्षाओं में धांधली करता था और उम्मीदवारों से लाखों रुपये वसूलता था.
झारखंड एक्साइज कॉन्स्टेबल परीक्षा के पेपर लीक मामले में रांची पुलिस ने निर्माणाधीन मकान पर छापा मारकर 159 उम्मीदवारों को हिरासत में लिया है. इस दौरान चार प्रश्नपत्र सेट उत्तर सहित बरामद किए गए. प्रिन्टेड और डिजिटल फॉर्मेट में उपलब्ध कराए गए प्रश्न पत्रों को जब्त कर लिया गया है. वे आज की परीक्षा में पूछे गए सवालों से मेल खाते हैं.
गुजरात से एक बेहद हैरान कर देना वाला मामला सामने आया है जहां एक कांस्टेबल की हाइट ही कम हो गई. ये सुनने में जितना अजीब लग रहा है उससे ज्यादा गंभीर भी है. साल 2019 में 165 सेमी हाइट के साथ उसका सिलेक्शन हुआ था लेकिन सब-इंस्पेक्टर के प्रमोशन में वह फेल हो गया.
पाकिस्तान की मध्यस्थता में इस्लामाबाद में आयोजित ईरान और अमेरिका के बीच उच्च स्तरीय कूटनीतिक वार्ता लंबी चर्चा के बावजूद किसी अंतिम समझौते पर नहीं पहुंच सकी. लेकिन इस बीच ईरान से पाकिस्तान गए डेलिगेशन को लेकर चर्चा तेज हो गई है.
नए शैक्षणिक सत्र के साथ ही प्राइवेट स्कूलों की मनमानी फीस वृद्धि की शिकायतें आने लगती हैं. इसके साथ ही महंगी स्टेशनरी खरीदने के लिए मजबूर किए जाने के मामले भी सामने आ रहे हैं. साथ ही चॉक, ग्लू, क्रियॉन्स, पेंसिल और इरेजर समेत कॉपियों के फिक्स्ड ब्रांड और फिक्स्ड स्टोर से खरीदने का दबाव बनाया जा रहा है. क्या है इसके पीछे की वजह और हकीकत, देखें आजतक संवाददाता की ये रिपोर्ट.
झारखंड की राजधानी रांची में प्रशासन ने नए शैक्षणिक सत्र में प्राइवेट स्कूलों के मनमानी को लेकर कड़ा रुख अपनाया है. आजतक संवाददाता सत्यजीत ने झारखंड अभिवावक संघ के अध्यक्ष से खास बातचीत की जाना कि रांची डीसी से मुलाकात में उनसे क्या चर्चा हुई. देखिए ये रिपोर्ट.
लखनऊ के नामी प्राइवेट स्कूलों ने शिक्षा के मंदिर को उगाही का केंद्र बना दिया है. किताबों के साथ अब अभिभावकों को महंगे दाम पर स्टेशनरी खरीदने के लिए मजबूर किया जा रहा है. नर्सरी के बच्चे को किस कंपनी की चॉक से लिखना है और नौवीं के छात्र को किस ब्रांड का गलू इस्तेमाल करना है, यह भी स्कूल तय कर रहे है. कॉपियों का जो सेट खुले बाजार में 500 से 600 रुपये में है, स्कूल के फिक्स्ड स्टोर पर उसके लिए 3 से 4 हजार तक वसूले जा रहे है. देखें ग्राउंड रिपोर्ट.
अक्सर माना जाता है कि UPSC की कठिन परीक्षा वही क्रैक कर सकते हैं जो बचपन से ही टॉपर रहे हों, लेकिन हरियाणा की अपराजिता सिनसिनवार ने इस धारणा को पूरी तरह बदल दिया है. एक 'औसत' स्कूली छात्रा से डॉक्टर और फिर एक आईएएस (IAS) अफसर बनने तक का उनका यह सफर किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं है.
CBSE Board Alert: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने देशभर के अपने सभी स्कूलों के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण और 'अनिवार्य' नोटिस जारी किया है. नए नियम के मुताबिक, शैक्षणिक सत्र 2026-27 से कक्षा 6 में 'तीसरी भाषा' (R3) को पढ़ाना अब अनिवार्य कर दिया गया है. बोर्ड ने सख्त निर्देश दिए हैं कि जिन स्कूलों ने अभी तक इसे लागू नहीं किया है, वे 7 दिनों के भीतर इसकी शुरुआत करें, चाहे आधिकारिक किताबें अभी उपलब्ध हों या नहीं.
MP के रीवा जिले से गुरु-शिष्य की परंपरा को कलंकित करने वाली एक शर्मनाक तस्वीर सामने आई है. यहां के एक सरकारी स्कूल में बच्चों को पढ़ाने के बजाय, महिला हेडमास्टर उनसे 'हाथ का पंखा' झलवाते हुए आराम फरमाती नजर आईं. इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल गया है, जिससे शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है.
CBSE Class 9-10 New Language Policy: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए भाषाओं के चयन को लेकर नया नोटिफिकेशन जारी किया है. अब स्कूलों में 'इंग्लिश कम्युनिकेटिव' की जगह नई किताब और नया सिलेबस लागू होगा.
सीबीएसई का विजन है कि यह सिर्फ एक नया विषय नहीं है, बल्कि बच्चों को 'फ्यूचर रेडी' बनाने की तैयारी है. 2026-27 के सत्र से शुरू होने वाले इस पाठ्यक्रम में रट्टा मारने के बजाय गेम, पजल और एक्टिविटी के जरिए पढ़ाई होगी. लेकिन सबसे बड़ा सवाल यही है, क्या हमारे टीचर्स इस 'मशीनी दिमाग' को पढ़ाने के लिए खुद तैयार हैं?
Success Story: कॉलेज में एक अहम विषय में 'बैकलॉग' लगने के बाद भी हार नहीं मानी. अपनी बुनियादी समझ को मजबूत किया और आज गूगल, माइक्रोसॉफ्ट और मेटा जैसी दुनिया की दिग्गज कंपनियों से जॉब ऑफर हासिल कर एक मिसाल पेश की है.
सीबीएसई बोर्ड 10वीं की परीक्षा दिए छात्रों के बीच एक सवाल अब तेजी से उठ रहा है कि आखिर CBSE बोर्ड का रिजल्ट कब आएगा? सूत्रों के मुताबिक, रिजल्ट 14 अप्रैल को आने की उम्मीद है. हालांकि, इसे लेकर बोर्ड ने कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की है.
खबरों के मुताबिक, अमेजन एक बार फिर बड़े पैमाने पर छंटनी करने की प्लानिंग कर रहा है. अमेरिकी कंपनी वैश्विक स्तर पर अपने विभिन्न विभागों में 14,000 कर्मचारियों को नौकरी से निकाल सकता है और कुछ टीमें बंद भी हो सकती हैं. कंपनी ने इस साल जनवरी में 16,000 कर्मचारियों को कंपनी से निकाला था.
आज जो बच्चा छठी में है, वह जब 2031 में 10वीं की परीक्षा देगा, तो उसकी मार्कशीट पर तीन भाषाओं के नंबर होंगे. यही नहीं कक्षा 10 की बोर्ड परीक्षा के लिए छात्र को तीनों भाषाओं में अलग-अलग पास होना होगा. तो क्या इस नये चेंज के लिए पेरेंट्स और स्कूल तैयार हैं? आइए समझते हैं क्या हैं चुनौतियां...
यूएस-इजरायल और ईरान के बीच जारी जंग की वजह से मीडिल ईस्ट में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है. इसके लिए आज बेहद अहम दिन है. इसके बाद से ईरान के ऊर्जा‑इन्फ्रास्ट्रक्चर, खासकर पावर प्लांटों के इंजीनियरों और तकनीकी कर्मचारियों की भूमिका लोग फोकस कर रहे हैं.