कंगायम, विधानसभा क्षेत्र संख्या 102, कोंगु क्षेत्र की एक ऐसी सीट मानी जाती है जो राजनीतिक रूप से काफी स्थिर है, लेकिन जातीय संतुलन के मामले में बेहद संवेदनशील भी है. यहां चुनाव का परिणाम मुख्य रूप से कोंगु वेल्लालर गौंडर समुदाय की एकजुटता, किसानों की आय को लेकर भरोसा और पानी प्रबंधन पर निर्भर करता है. यहां कल्याणकारी योजनाएं महत्वपूर्ण जरूर हैं, लेकिन उससे भी ज्यादा महत्व आर्थिक सम्मान और स्थिर आय को दिया जाता है. आमतौर पर जीत का अंतर मध्यम रहता है, लेकिन यदि सिंचाई व्यवस्था विफल हो जाए तो वोटों में बड़ा झटका आ सकता है.
कंगायम अपनी देशी कंगायम गाय नस्ल के लिए सबसे ज्यादा प्रसिद्ध है, जो अपनी ताकत और जलीकट्टू जैसे पारंपरिक खेलों के लिए उपयुक्त मानी जाती है. इसके अलावा यह क्षेत्र औद्योगिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है और “राइस एंड ऑयल टाउन” के नाम से जाना जाता है.
सामाजिक और राजनीतिक रूप से यहां कुछ प्रमुख मतदाता समूह निर्णायक भूमिका निभाते हैं. इनमें कोंगु वेल्लालर गौंडर समुदाय संख्यात्मक रूप से सबसे प्रभावशाली है. इनके साथ भूमि स्वामी किसान परिवार, अनुसूचित जाति (SC) के कृषि मजदूर बस्तियां, डेयरी किसान और दुग्ध सहकारी समितियों से जुड़े सदस्य, नारियल और रस्सी उद्योग से जुड़े कामगार, तथा महिला स्वयं सहायता समूह (SHGs) भी अहम भूमिका निभाते हैं. यहां चुनाव जीतने का समीकरण अक्सर कोंगु एकता और SC समुदाय का भरोसा माना जाता है.
भौगोलिक रूप से यह क्षेत्र मुख्यतः ग्रामीण है और शुष्क इलाके में आता है, जहां सिंचाई पर काफी निर्भरता रहती है. गांवों के समूह आपस में अच्छी तरह जुड़े हुए हैं और कांगायम कस्बा सेवा केंद्र (सर्विस हब) के रूप में काम करता है. यहां की राजनीति पर पानी और पशुपालन आधारित अर्थव्यवस्था का गहरा प्रभाव है.
कुछ खास इलाके चुनावी दृष्टि से महत्वपूर्ण माने जाते हैं, जैसे कोंगु समुदाय बहुल मुख्य गांव, SC मजदूर बस्तियां, नारियल और कोयर उत्पादन वाले गांव, डेयरी मार्ग के गांव और कांगायम नगर के वार्.। यहां हर क्षेत्र आय की सुरक्षा और सामाजिक सम्मान के आधार पर मतदान करता है, न कि केवल विचारधारा के आधार पर.
मुख्य मुद्दों में पीने का पानी और सिंचाई, पंपसेट के लिए बिजली आपूर्ति, दूध खरीद मूल्य और पशु चिकित्सीय सुविधाएं, नारियल के दाम में स्थिरता, ग्रामीण सड़कों और परिवहन व्यवस्था, तथा शिक्षा और छात्रावास की सुविधा शामिल हैं. मतदाताओं की मानसिकता यह है कि विधायक किसानों के लिए आसानी से उपलब्ध होना चाहिए, पानी और बिजली संकट पर तुरंत प्रतिक्रिया देनी चाहिए, सहकारी संस्थाओं में मजबूत उपस्थिति रखनी चाहिए और जाति व ग्राम पंचायतों का सम्मान करना चाहिए. यहां शांत और प्रभावी काम को ऊंची आवाज वाले प्रचार से ज्यादा महत्व दिया जाता है.
Ramalingam.a.s
ADMK
Sivanantham.k
NTK
Appasamy.r
IND
Nota
NOTA
Ramesh.c
AMMKMNKZ
Immanuvel.r
IND
Ayyavu.n
BSP
Manikandan.r
IND
Nithiyandhan.c
IND
Nallamuthu.p
IND
Mani.a
IND
Gopinath.p
IND
Selvakumar.k
IND
Manoharan.s
APTADMK
Subramanian.d
IND
Prabhakaran.g
IND
Sathyamoorthi.s
IND
Ravikumar.r
IND
Rajendran.b
IND
Jahangeer.k.o.
IND
Jothi Kalimuthu.g
IND
Vaduganathan.k.k.
IND
Sathish Kumar.p
IND
Sukumaran.n
IND
Rajendran.p
IND
Ramalingam.n
IND
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