राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि असम और पश्चिम बंगाल में चुनाव BJP ने चुनाव आयोग की मदद से चोरी किए. उन्होंने ममता बनर्जी के दावे का समर्थन करते हुए कहा कि बंगाल में 100 से ज्यादा सीटों पर जनादेश लूटा गया.
बंगाल, असम और पुडुचेरी में बीजेपी-एनडीए की जीत को पीएम मोदी ने जनता के भरोसे और सुशासन की जीत बताया. उन्होंने बंगाल के लिए 'बदला नहीं, बदलाव' का संदेश दिया और सभी दलों से राज्य को राजनीतिक हिंसा मुक्त बनाने में सहयोग करने की अपील की.
ममता बनर्जी ने कहा कि बीजेपी ने 100 से अधिक सीटों पर लूट की है. बीजेपी ने वोटों की चोरी की है. उन्होंने मेरा घेराव किया. यह बीजेपी की अनैतिक जीत है. मैंने बंगाल चुनाव आयुक्त से शिकायत की है.
असम के जोरहाट में बीजेपी नेता हितेंद्र नाथ गोस्वामी ने कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई को 23 हजार वोटों से हराकर बड़ी जीत दर्ज की. साढ़े तीन दशक के अनुभव के दम पर गोस्वामी छठी बार विधायक बने. शांत और जमीनी अभियान उनकी जीत की खास वजह रहा. पहली बार विधानसभा चुनाव लड़ रहे सांसद गौरव गोगोई को हार मिली. कुल मिलाकर अनुभव ने युवा चुनौती पर बाजी मार ली.
देश के पांच राज्यों के चुनावी तस्वीर साफ हो गई है, लेकिन मुस्लिम आधार वाले दलों के लिए चुनाव नतीजे निराश करने वाले हैं. असम में पिछले दो चुनाव से अहम रोल में रहने वाले बदरुद्दीन अजमल पूरी तरह फ्लाप रहे तो बंगाल में हुमायूं कबीर और असदुद्दीन ओवैसी बेअसर साबित हुए.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ऊपरी असम के चाय बागान इलाकों में विशेष जनसंपर्क और योजनाओं का असर चुनाव नतीजों में साफ दिख रहा है. चाय बागान वाले छह विधानसभा सीटों पर बीजेपी ने जीत हासिल कर ली है. पीएम मोदी के सीधे संपर्क और विकास योजनाओं ने कांग्रेस के परंपरागत गढ़ को बीजेपी के मजबूत किले में बदल दिया है.
अपनी अजेयता के भ्रम में डूबे ममता बनर्जी, एम.के. स्टालिन और पिनराई विजयन जैसे दिग्गज क्षेत्रीय क्षत्रप अपनी ही गलतियों से उपजी सत्ता-विरोधी लहर में तिनके की तरह बह गए. केरल से बंगाल तक आए ये नतीजे केवल सरकारों की हार नहीं, बल्कि भारतीय चुनावी इतिहास के एक बड़े वैचारिक युग के अंत का स्पष्ट उद्घोष हैं.
पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी की हार और तमिलनाडु में एमके स्टालिन की सत्ता से विदाई ने विपक्षी एकजुटता के चूल्हे हिला दिए हैं. इन दोनों नेताओं की हार इंडिया गठबंधन के लिए बड़ा झटका है. बंगाल और तमिलनाडु के चुनावी नतीजों ने सियासी फिजा को ही बदल दिया है.
पश्चिम बंगाल और असम के रुझानों में भाजपा की जबरदस्त बढ़त के बाद दिल्ली स्थित पार्टी मुख्यालय में जश्न का माहौल है. इस ऐतिहासिक सफलता पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज शाम 6:30 बजे मुख्यालय पहुंचकर कार्यकर्ताओं को संबोधित करेंगे.
भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने 90 सीटों पर चुनाव लड़ा और 82 सीटों पर जीत दर्ज की. उसके सहयोगी दलों में बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट (BPF), जिसने 11 सीटों पर चुनाव लड़ा, और असम गण परिषद (AGP), जिसने 26 सीटों पर उम्मीदवार उतारे, दोनों ने 10-10 सीटें जीतीं.
आज जब 126 सीटों के नतीजे आ रहे हैं, तो सबकी निगाहें इसी 'डॉक्टर' पर टिकी हैं. विपक्ष ने भले ही उन पर भ्रष्टाचार और अवसरवाद के आरोप लगाए हों, लेकिन उनका चुनावी हलफनामा अब तक बेदाग रहा है. वह अपनी लोकप्रियता, विकास के दावों और असमिया पहचान की लड़ाई के दम पर एक बार फिर सत्ता की दहलीज पर खड़े नजर आ रहे हैं.
Badruddin Ajmal Vidhan Sabha Chunav Result: असम में बिन्नाकंडी विधानसभा सीट की काउंटिंग पूरी हो चुकी है. यहां जो नतीजे सामने आए हैं, उनमें AIUDF के बदरुद्दीन अजमल ने 35380 वोटों की बढ़त के साथ जीत दर्ज की है. उन्होंने कांग्रेस समर्थित रेजाउल करीम चौधरी को हराया है, यहां चौधरी को कुल 84341 वोट मिले हैं.
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असम समेत 5 राजों के चुनाव नतीजे 4 मई 2026 को घोषित हुए. असम में हिमंत बिस्वा सरमा के नेतृत्व में BJP (82 सीटें) ने तीसरी बार सरकार बनाई, जो पार्टी की मजबूत होती पकड़ को दर्शाता है. वहीं, कांग्रेस महज 19 सीटों पर सिमट गई. किस सीट पर कौन जीता, जानने के लिए यहां क्लिक करें.