TVK
DMK
AIADMK
NTK
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Thiruparankundram Election Results 2026 Live: तिरुपरनकुंद्रम विधानसभा सीट पर TVK ने फहराया जीत का परचम, जानें विजयी उम्मीदवार Nirmalkumar. R. को मिली कितनी बड़ी जीत
Tamil Nadu Assembly Election Results 2026 Live: दिग्गज उम्मीदवारों में कौन खुश होगा, किसे लगेगा झटका? जानें रुझानों में कौन आगे और कौन पीछे?
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तिरुपरनकुंद्रम विधानसभा क्षेत्र संख्या 96, मदुरै शहर के दक्षिण-पश्चिम हिस्से में स्थित एक ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण क्षेत्र है. यह इलाका तिरुपरनकुंद्रम मुरुगन मंदिर के आसपास बसा हुआ है, जो भगवान मुरुगन के छह पवित्र धामों में से एक माना जाता है. पहले यह एक पारंपरिक मंदिर नगर था, लेकिन अब मदुरै के तेजी से बढ़ते शहरी विस्तार के कारण यह एक तेजी से विकसित होता उपनगरीय (सबर्बन) क्षेत्र बन गया है. यहां के मतदाता वर्ग में व्यापारी, मंदिर से जुड़े काम करने वाले लोग, सेवा क्षेत्र के कर्मचारी, सरकारी कर्मचारी और नई कॉलोनियों में रहने वाले लोग शामिल हैं.
हाल ही में यह क्षेत्र खबरों में तब आया जब कार्तिकई दीपम विवाद को लेकर विवाद हुआ. यह विवाद पहाड़ी पर दीप जलाने को लेकर है, जिसे हिंदू सुब्रमण्यम स्वामी मंदिर और सिकंदर अया दरगाह दोनों साझा करते हैं. इस मुद्दे पर कानूनी विवाद ने अब राजनीतिक रूप ले लिया है और यह एक बड़ा संवेदनशील मुद्दा बन चुका है.
राजनीतिक और सामाजिक रूप से यह क्षेत्र शहरी और उपनगरीय मतदाताओं का मिश्रण है, जिसमें व्यापारी, मंदिर कर्मचारी, प्रोफेशनल्स और दिहाड़ी मजदूर शामिल हैं. यहां की सामाजिक संरचना में थेवर, नादार, अनुसूचित जाति और अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के लोग प्रमुख हैं. धार्मिक संस्थाएं, व्यापारियों के संगठन और समुदाय आधारित नेटवर्क यहां राजनीति को प्रभावित करते हैं. चुनाव के दौरान मंदिर पर्यटन, शहरी विकास और बुनियादी सुविधाएं जैसे मुद्दे सबसे ज्यादा चर्चा में रहते हैं.
भौगोलिक रूप से यह क्षेत्र मदुरै शहर के बाहरी हिस्से में मंदिर पहाड़ी के पास स्थित है और सड़कों व रेलवे के जरिए शहर और आसपास के कस्बों से अच्छी तरह जुड़ा हुआ है. तेजी से हो रहे शहरी विकास के कारण यहां नई कॉलोनियां और व्यापारिक केंद्र बन रहे हैं. मंदिर में सालभर श्रद्धालु आते रहते हैं, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को काफी सहारा मिलता है. इसके अलावा आसपास के इलाकों में छोटे गांव और कृषि भूमि भी मौजूद हैं.
इस क्षेत्र के मुख्य केंद्रों में मंदिर परिसर, तेजी से विकसित हो रहे रिहायशी इलाके, बाजार और व्यापारिक क्षेत्र शामिल हैं, जो तीर्थयात्रियों और स्थानीय लोगों की जरूरतों को पूरा करते हैं. साथ ही उपनगरीय कॉलोनियां और ग्रामीण इलाके भी चुनावी परिणामों को प्रभावित करते हैं.
यहां के प्रमुख मुद्दों में मंदिर पर्यटन का विकास, सड़क, पानी निकासी और परिवहन जैसी शहरी सुविधाओं में सुधार, पीने के पानी और स्वच्छता की व्यवस्था, पर्यटन और सेवा क्षेत्र में रोजगार के अवसर और मंदिर पहाड़ी के आसपास पर्यावरण संरक्षण शामिल हैं.
मतदाताओं का रुझान भी अलग-अलग है, व्यापारी और पर्यटन से जुड़े लोग मंदिर विकास के पक्ष में हैं, शहरी निवासी बेहतर सुविधाएं और प्रशासन चाहते हैं, युवा रोजगार और शिक्षा पर ध्यान देते हैं, जबकि ग्रामीण इलाके के लोग सरकारी योजनाओं और खेती से जुड़े समर्थन को प्राथमिकता देते हैं. कुल मिलाकर यहां चुनाव हमेशा कड़े मुकाबले वाले होते हैं क्योंकि सभी राजनीतिक दलों की मजबूत पकड़ इस क्षेत्र में बनी हुई है.
Ponnuthai
CPI(M)
Revathy, R.
NTK
Bharanirajan, M.
MNM
David Annadurai, K.
AMMKMNKZ
Nota
NOTA
Arumugam, V.
IND
Savitha, R.
AMGRDMK
Murugan, K.r.
IND
Rajamani, V.
NMK
Packiyaselvi, K.
IND
Ukkra Pandiyan, S.
IND
Pillai, M.m.
IND
Balamurugan, R.
IND
Karunakaran, M.
IND
Sekar, S.
IND
Palanikumar, M.
AMBDKPP
Murugesan, A.
MIDP
Ilangovan, P.
IND
Radha (a) Gunasekaran, M.
IND
Mohideen Abdul Kadar, M.k.
IND
Manikandan, S.
IND
Sankar Thayal Sharma, M.
IND
Ramachandran, K.
IND
तमिलनाडु में फ्लोर टेस्ट से ठीक पहले बड़ा कानूनी मोड़ आ गया है. मद्रास हाईकोर्ट ने TVK विधायक श्रीनिवास सेतुपति को सदन में वोट देने से रोक दिया, जिसके खिलाफ उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है. पोस्टल बैलेट विवाद से जुड़ा यह मामला अब राज्य की सियासत के साथ संवैधानिक बहस का केंद्र बन गया है.
तमिलनाडु में AIADMK के भीतर अब खुली बगावत दिखाई देने लगी है. पार्टी के दो गुट अलग-अलग दावों के साथ प्रोटेम स्पीकर से मिलने पहुंचे हैं. एक गुट एडप्पादी K पलानीस्वामी को विधायक दल का नेता बनाए रखने के पक्ष में है, जबकि दूसरा गुट नेतृत्व परिवर्तन की मांग कर रहा है.
तमिलनाडु चुनावों में हार के बाद AIADMK के भीतर बगावत सामने आई है. पार्टी के वरिष्ठ नेता CV शनमुगम से जुड़े विधायकों और पूर्व मंत्रियों के एक गुट ने पार्टी प्रमुख पलानीस्वामी से इस्तीफे की मांग कर दी है. लगातार चुनावी हार की वजह से पार्टी के भीतर संभावित फूट की अटकलों को तेज कर दिया है.
तमिलनाडु की राजनीति में कभी अजेय मानी जाने वाली अन्नाद्रमुक आज अपने वजूद की सबसे कठिन लड़ाई लड़ रही है. लगातार चौथी हार और आंतरिक बगावत ने 'दो पत्तों' वाली इस विरासत को दो फाड़ होने के कगार पर खड़ा कर दिया है.
तमिलनाडु में सरकार गठन के बीच CPI और CPI(M) ने विजय की टीवीके को बाहरी समर्थन देने का फैसला किया है. वाम दलों ने खुलासा किया कि डीएमके चाहती थी कि वे एआईएडीएमके को समर्थन दें, लेकिन इसे अस्वीकार्य मानते हुए उन्होंने टीवीके का साथ चुना. एमए बेबी ने कहा कि वाम दल डीएमके के साथ वैचारिक रिश्ते जारी रखेंगे, लेकिन टीवीके सरकार में कोई मंत्री पद नहीं मांगेंगे.
थलपति विजय और अरविंद केजरीवाल दोनों ही स्थापित व्यवस्था को चुनौती देने वाले 'डिसरप्टर्स' के रूप में उभरे, जहां विजय का करिश्मा सिनेमाई पर्दे से आता है, वहीं केजरीवाल का आधार ज़मीनी सक्रियता थी, लेकिन दोनों ही जनता की राजनीतिक हताशा और बदलाव की तीव्र आकांक्षा के प्रतीक हैं.
तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) को कांग्रेस का समर्थन मिल गया है, जिससे तमिलनाडु में सत्ता गठन का रास्ता साफ होता नजर आ रहा है. इसी बीच अभिनेता-राजनेता विजय ने राज्यपाल से मुलाकात कर सरकार बनाने का दावा पेश किया है.
कांग्रेस द्वारा TVK को समर्थन देने के फैसले ने सियासी हलचल तेज कर दी है. DMK ने इसे गठबंधन के साथ विश्वासघात बताते हुए तीखा हमला बोला है. पार्टी के वरिष्ठ नेता डीआर बालू ने कांग्रेस पर अवसरवादिता का आरोप लगाया है.
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तमिलनाडु में चुनाव नतीजों के बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गई है. अभिनेता-राजनेता विजय की पार्टी टीवीके सरकार गठन की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है. कांग्रेस ने टीवीके को समर्थन देने का ऐलान किया है, जबकि डीएमके ने इस फैसले पर नाराजगी जताई है. पहली बार चुनाव लड़कर 108 सीटें जीतने वाली टीवीके अब बहुमत जुटाने और नई सरकार बनाने की कोशिशों में लगी हुई है.