कम्बम (निर्वाचन क्षेत्र संख्या 201) तमिलनाडु-केरल सीमा के पास थेनी जिले के पश्चिमी हिस्से में स्थित एक महत्वपूर्ण विधानसभा क्षेत्र है. पश्चिमी घाट की तलहटी में बसा यह क्षेत्र उपजाऊ कम्बम घाटी का हिस्सा है, जो अपनी समृद्ध मिट्टी, अनुकूल जलवायु और विविध फसलों के लिए जाना जाता है. पारंपरिक रूप से अंगूर की खेती के लिए प्रसिद्ध कम्बम में धान, नारियल और सब्जियों की भी बड़े पैमाने पर खेती होती है. इसके साथ-साथ यह क्षेत्र थेनी के आंतरिक इलाकों और केरल के बाजारों को जोड़ने वाला एक प्रमुख व्यापारिक प्रवेश द्वार भी है.
कम्बम केवल एक कृषि प्रधान क्षेत्र नहीं है, बल्कि यहां खेती के साथ-साथ व्यापार, छोटे उद्योग और सेवा क्षेत्र से जुड़ी आजीविकाएं भी मौजूद हैं. जहां कस्बाई इलाकों में अर्ध-शहरी सुविधाएं दिखाई देती हैं, वहीं बड़ी आबादी आज भी ग्रामीण क्षेत्रों में रहती है. ऐसे में विकास योजनाओं की प्रभावी पहुंच और सिंचाई प्रबंधन स्थानीय राजनीति के प्रमुख मुद्दे बने रहते हैं.
इस विधानसभा क्षेत्र में कम्बम नगर, उत्तमपालायम के आसपास के इलाके, घाटी के ग्रामीण पंचायत क्षेत्र और सीमा से लगे व्यापारिक क्लस्टर शामिल हैं. नगर क्षेत्रों में बाजार अवसंरचना, स्वच्छता और यातायात व्यवस्था पर अधिक ध्यान रहता है, जबकि ग्रामीण इलाकों में सिंचाई की नियमित आपूर्ति, सड़कों की स्थिति और स्वास्थ्य व शिक्षा तक पहुंच प्राथमिक चिंता होती है.
कम्बम नगर का बाजार क्षेत्र, अंगूर व्यापार और भंडारण क्षेत्र, घाटी के सिंचाई टैंक समूह, राज्य राजमार्ग से जुड़े व्यावसायिक क्षेत्र, साप्ताहिक किसान बाजार और केरल सीमा से जुड़े व्यापारिक मार्ग इस क्षेत्र के प्रमुख केंद्र हैं.
यहां के मुख्य मुद्दों में अनियमित सिंचाई आपूर्ति, कृषि आदानों की बढ़ती लागत, टैंकों और नहरों के रखरखाव की कमी, सरकारी अस्पतालों की अपर्याप्त सुविधाएं, ग्रामीण सड़कों की खराब हालत, कोल्ड स्टोरेज और प्रोसेसिंग इकाइयों का अभाव, युवाओं की बेरोजगारी व पलायन और नगर क्षेत्रों में यातायात जाम शामिल हैं.
मतदाताओं की भावनाओं पर नजर डालें तो किसान सुनिश्चित सिंचाई, टैंकों के रखरखाव और फसलों के उचित मूल्य की मांग कर रहे हैं. व्यापारी बेहतर बाजार सुविधाओं और सड़क संपर्क पर जोर दे रहे हैं. श्रमिक वर्ग रोजगार की निरंतरता और कल्याणकारी योजनाओं तक पहुंच चाहता है, जबकि युवा स्थानीय रोजगार, कौशल विकास केंद्र और खेल सुविधाओं की अपेक्षा रखते हैं. वहीं महिलाएं स्वास्थ्य सेवाओं, पेयजल आपूर्ति और सड़क सुरक्षा को अपनी प्राथमिकता मानती हैं.
Syedukhan.s.p.m
ADMK
Suresh.p
AMMKMNKZ
Anish Fathima. A
NTK
Venkidesh.n
MNM
Nota
NOTA
Muthu Muneeswaran.m
IND
Saravanan.s.r
IND
Kathiravan.s
NGPP
Prakash.p
IND
Pandi Selvam.r
APTADMK
Muthuselvam.g
IND
Radhakrishnan.k
AMPK
Lal Bahdur Sasthri.v
MIDP
Marimuthu.g
IND
Thavidhu Raja. A
IND
कमल हासन, जिन्हें लोग ‘उलगनायगन’ कहते हैं, ने अपने अभियान के जरिए साफ कर दिया कि यह चुनाव सिर्फ तमिलनाडु का नहीं, बल्कि पूरे देश के भविष्य का सवाल है. उन्होंने परिसीमन के मुद्दे को केंद्र में रखते हुए मुख्यमंत्री स्टालिन के रुख का समर्थन किया.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तमिलनाडु में लोकसभा में महिला आरक्षण बिल का संशोधन पारित न होने पर निराशा जाहिर करते दिखे. उन्होंने कांग्रेस और डीएमके को बिल न पारित होने का जिम्मेदार ठहराया. उन्होंने कहा कि ये लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है और बीजेपी और एनडीए महिलाओं के अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रखेंगे.
Assembly Election Updates: असम, केरल और पुडुचेरी में चुनाव के बाद अब पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हैं. पश्चिम बंगाल की 294 सदस्यीय विधानसभा के लिए 23 अप्रैल और 29 अप्रैल को वोट डाले जाएंगे. जबकि तमिलनाडु की सभी 234 विधानसभा सीटों पर 23 अप्रैल को वोटिंग होगी. बंगाल में चुनावी पारा चढ़ने के बीच ममता बनर्जी की अगुवाई वाली तृणमूल कांग्रेस (TMC) को झटका लगा है. बंगाल के अल्पसंख्यक बहुल मुर्शिदाबाद जिले की जलांगी विधानसभा सीट से TMC विधायक अब्दुर रज्जाक ने गुरुवार को पार्टी छोड़ने का ऐलान किया है.
डीएमके ने काले झंडे लहराकर और परिसीमन विधेयक की प्रतियां जलाकर विरोध प्रदर्शन किया.16 अप्रैल को डीएमके की बैठकों में ‘काला रंग’ छाया रहा.
स्टालिन की डीएमके ने इस मुद्दे को 'नॉर्थ बनाम साउथ' के रूप में पेश करना शुरू कर दिया है. पार्टी का कहना है कि परिसीमन पर केंद्र सरकार का फैसला क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व को कमजोर कर सकता है.
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने केंद्र सरकार के परिसीमन बिल के खिलाफ कड़ा विरोध जताया है. उन्होंने नामक्कल में चुनाव प्रचार के दौरान बिल की प्रति जलाई और काला झंडा दिखाया. स्टालिन ने इसे तमिलों के खिलाफ फासीवादी कदम बताया और पूरे द्रविड़ क्षेत्र में आंदोलन फैलाने की चेतावनी दी. डीएमके नेताओं ने कहा कि ये बिल दक्षिण भारत के राजनीतिक अधिकारों को कमजोर करेगा और उत्तर भारत के वर्चस्व को बढ़ाएगा.
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने वोटिंग से हफ्ता भर पहले परिसीमन का मुद्दा लपक लिया है. डीएमके की कैंपेन स्ट्रैटेजी बदल कर परिसीमन पर फोकस हो गई है, और काले झंडे के साथ विरोध प्रदर्शन हो रहा है. AIADMK को बचाव की मुद्रा में आना पड़ा है, जबकि टीवीके नेता विजय परिसीमन का जोरदार विरोध कर रहे हैं.
चेन्नई के टी नगर में जब विजय का रोड शो निकला, तो सड़कों का नजारा देखने लायक था. समर्थकों की भारी भीड़ और जबरदस्त उत्साह के बीच पूरा माहौल किसी फिल्मी सीन जैसा लग रहा था. विजय ने टी नगर में घूम-घूमकर प्रचार किया. इस सीट से उनके सबसे करीबी साथी आनंद चुनाव लड़ रहे हैं, जहां मुकाबला काफी कड़ा माना जा रहा है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 2029 के आम चुनाव से महिला आरक्षण कानून लागू करना चाहते हैं, और उसके लिए संसद के विशेष सत्र में संशोधन विधेयक लाए जा रहे हैं. एक विधेयक परिसीमन को लेकर है, जिसका विपक्षी दल खासकर दक्षिण भारत के नेता कड़ा विरोध कर रहे हैं - क्या बीजेपी ने कोई जोखिम भरा कदम बढ़ाया है?
तमिलनाडु के चुनावी रण में एडप्पादी पलानीस्वामी के लिए 2026 की यह जंग उनके राजनीतिक अस्तित्व की सबसे बड़ी परीक्षा साबित होने वाली है. ईपीएस अपनी 'स्ट्रॉन्गमैन' छवि और एनडीए के साथ के भरोसे जयललिता की विरासत को अपने नाम करने की कोशिश कर रहे हैं.