मदुरै पश्चिम विधानसभा क्षेत्र (निर्वाचन क्षेत्र संख्या 194) शहर के सबसे राजनीतिक रूप से सक्रिय और सामाजिक रूप से बहुस्तरीय इलाकों में से एक है. यहां पुराने मदुरै की सांस्कृतिक जड़ें तेजी से फैलते आवासीय लेआउट और अर्ध-शहरी विकास की ओर अग्रसर है. मदुरै सेंट्रल जहां वाणिज्यिक और प्रशासनिक प्रभुत्व का प्रतीक है, वहीं मदुरै पश्चिम रोजमर्रा के शहरी तमिलनाडु की वास्तविक तस्वीर पेश करता है. घनी आबादी वाले मोहल्ले, श्रमिक वर्ग की बस्तियां, मंदिर-केंद्रित इलाके और तेजी से विकसित हो रहे उपनगरीय क्षेत्रों में इसका विकास हो रहा है.भले ही यह भौगोलिक रूप से शहर का हिस्सा है, लेकिन कई इलाके आज भी अर्ध-ग्रामीण विशेषताओं को बनाए हुए हैं, जिससे यहां शहरी आकांक्षाओं और जमीनी समस्याओं का अनूठा संगम दिखाई देता है.
राजनीतिक और सामाजिक दृष्टि से मदुरै पश्चिम का विशेष महत्व है. 17 फरवरी 1980 को राष्ट्रपति नीलम संजीव रेड्डी द्वारा एमजीआर के नेतृत्व वाली एआईएडीएमके सरकार को बर्खास्त किए जाने के बाद हुए चुनाव में एमजीआर ने मदुरै पश्चिम से चुनाव लड़ा. उन्होंने डीएमके प्रत्याशी पोन. मुथुरामलिंगम को 21,066 मतों के अंतर से हराया. यह दौर तमिलनाडु की राजनीति में एक निर्णायक मोड़ माना जाता है.
राजनीतिक रूप से यह सीट अत्यंत प्रतिस्पर्धी और भावनात्मक रूप से संवेदनशील मानी जाती है, जहां जातिगत समीकरण, स्थानीय नेतृत्व और शासन का प्रदर्शन चुनावी नतीजों को गहराई से प्रभावित करते हैं. यहां मतदान व्यवहार शहर-स्तरीय नारों से अधिक वार्ड-स्तरीय कामकाज जैसे सड़कें, नालियां, पेयजल व्यवस्था और विधायक की सुलभता पर आधारित होता है. कामकाजी वर्ग, दिहाड़ी मजदूर, छोटे व्यापारी, ऑटो चालक और सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों की बड़ी मौजूदगी इस क्षेत्र की सामाजिक संरचना को दर्शाती है. जातीय गठबंधन अक्सर बूथ-दर-बूथ परिणामों को प्रभावित करते हैं, जबकि जब नागरिक समस्याएं लंबे समय तक अनसुलझी रहती हैं तो सत्ता-विरोधी भावना तेजी से उभरकर मजबूत हो जाती है.
मदुरै पश्चिम में लंबे समय से बसे मोहल्लों, नगर निगम वार्डों, झुग्गी पुनर्विकास क्षेत्रों और नए आवासीय लेआउट्स का मिश्रण है. पुराने इलाकों में बुनियादी नागरिक सुविधाओं के रखरखाव की मांग रहती है, जबकि विस्तार वाले क्षेत्रों में बेहतर सार्वजनिक परिवहन, स्कूलों और स्वास्थ्य सुविधाओं की अपेक्षा की जाती है. मंदिरों के आसपास बसे इलाकों में स्वच्छता और भीड़ प्रबंधन को प्राथमिकता दी जाती है, वहीं बाहरी लेआउट्स में सड़क संपर्क, स्ट्रीट लाइट और पेयजल आपूर्ति प्रमुख मुद्दे हैं.
इस क्षेत्र के प्रमुख हॉटस्पॉट्स में उच्च घनत्व वाले रिहायशी वार्ड, सरकारी आवास कॉलोनियां, वैगई नदी से जुड़ी जल निकासी क्षेत्र, मंदिर-केंद्रित मोहल्ले, झुग्गी पुनर्विकास इलाके और पश्चिमी उपनगरीय सड़क कॉरिडोर शामिल हैं. यहां की मुख्य समस्याओं में आंतरिक सड़कों की खराब स्थिति, अपर्याप्त वर्षा जल निकासी और जलभराव, अनियमित पेयजल आपूर्ति, स्वच्छता और कचरा प्रबंधन की कमी, संकरी रिहायशी गलियों में ट्रैफिक जाम, सरकारी स्वास्थ्य सुविधाओं की सीमित पहुंच, युवाओं में बेरोजगारी और स्ट्रीट लाइट तथा सार्वजनिक सुरक्षा से जुड़े मुद्दे शामिल हैं.
मतदाताओं का मूड व्यावहारिक और सेवा-केंद्रित दिखाई देता है. कामकाजी वर्ग के मतदाता प्रतीकात्मक राजनीति से अधिक भरोसेमंद नागरिक सुविधाएं चाहते हैं. महिलाएं पेयजल, स्वच्छता और मोहल्ले की सुरक्षा को प्राथमिकता देती हैं, जबकि युवा स्थायी रोजगार और कौशल प्रशिक्षण केंद्रों की मांग करते हैं. वरिष्ठ नागरिक बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं और पैदल चलने योग्य सड़कों पर ध्यान देते हैं. पुराने इलाकों के निवासी बार-बार की नागरिक उपेक्षा से थकान जताते हैं, वहीं बाहरी लेआउट्स के लोग कर चुकाने के अनुरूप बुनियादी ढांचे की अपेक्षा रखते हैं. कुल मिलाकर, मदुरै पश्चिम के मतदाता उम्मीदवारों को उनकी सुलभता और स्थानीय समस्याओं के समाधान की क्षमता के आधार पर परखते हैं.
Chinnammal. C
DMK
Vetrikumaran. C
NTK
Muniyasamy. V
MNM
Balachandran. P
DMDK
Nagajothi. K
TNLK
Nota
NOTA
Ramu. N
IND
Karthikeyan. R
ABHM
Venkatesan. M
IND
Premkumar. M
IND
Arasu Thiruvalavan. K. K
IND
Sulthan Badusha. J
AMGRDMK
Anbumanikandantamilsooriyan.k
IND
Sebasthiyan. B
IND
Sulthan Basha. K
IND
नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जन्म-जयंती के अवसर पर मदुरंतकम पहुंचे प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन की शुरुआत नेताजी और तमिलनाडु के स्वतंत्रता सेनानियों को नमन करके की. प्रधानमंत्री ने इस रैली को तमिलनाडु में बदलाव का शंखनाद बताते हुए कहा कि राज्य की जनता अब डीएमके के कुशासन से मुक्ति चाहती है और भाजपा-एनडीए गठबंधन उनकी पहली पसंद बनकर उभरा है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को केरल और तमिलनाडु के दौरे पर पहुंच रहे हैं. विधानसभा चुनाव के लिहाज से पीएम मोदी का दौरा काफी अहम माना जा रहा है. सवाल यही है कि विकास की सौगात देकर बीजेपी के लिए पीएम मोदी क्या सियासी जमीन उपजाऊ बना पाएंगे?
चुनाव आयोग ने अभिनेता-राजनेता विजय की TVK को ‘व्हिसल’ चुनाव चिन्ह आवंटित किया है. पार्टी नेतृत्व का कहना है कि यह विजय की पहली पसंद थी. 2026 विधानसभा चुनाव TVK की पहली चुनावी लड़ाई होगी. पार्टी को भरोसा है कि विजय मुख्यमंत्री बनेंगे.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 23 जनवरी को तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के लिए एनडीए के अभियान की शुरुआत करेंगे. वह मदुरांतकम में एक जनसभा को संबोधित करेंगे, जिसमें एआईएडीएमके समेत सभी एनडीए सहयोगी दलों के नेता उनके साथ मंच साझा करेंगे.
तमिलनाडु में डीएमके और कांग्रेस के बीच गठबंधन में बढ़ती खींचतान को लेकर कांग्रेस आलाकमान ने दिल्ली में साढ़े चार घंटे लंबी मैराथन बैठक की. पार्टी नेतृत्व ने गठबंधन में दरार पैदा करने वाले बयानों पर नेता प्रवीण चक्रवर्ती को कड़ी फटकार लगाई है. पार्टी ने नेताओं को मीडिया से दूर रहने और बयानबाजी न करने की नसीहत दी है.
तमिलनाडु चुनाव से पहले जल्लीकट्टू के अखाड़े से स्टालिन सरकार ने बड़ा सियासी संदेश दिया है. तमिल अस्मिता के प्रतीक इस खेल को नौकरी से जोड़कर डीएमके ने परंपरा, गौरव और शासन को एक फ्रेम में पेश किया है. यह फैसला सांस्कृतिक सम्मान के साथ चुनावी रणनीति भी माना जा सकता है.
तमिलनाडु चुनाव से पहले सूबे में एनडीए का कुनबा बढ़ाने में जुटी बीजेपी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अन्नामलाई ने अभिनेता से राजनेता बने टीवीके प्रमुख थलापति विजय को एनडीए में आने का न्योता दिया है.
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के लिए सियासी दांव चले जाने लगे हैं. डीएमके ने कांग्रेस को मर्जी के मुताबिक सीटें देने से इनकार किया तो पार्टी का एक धड़ा अभिनेता से नेता थलपति विजय की पार्टी के साथ गठबंधन की वकालत शुरू कर दी है. ऐसे में राहुल गांधी तमिलनाडु दौरे पर एक तीर से 3 निशाना साधते नजर आए.
तमिलनाडु में चुनाव से पहले पोंगल के मौके पर सियासी गिफ्ट पॉलिटिक्स तेज हो गई है. DMK और ADMK के नेता व्यक्तिगत तौर पर मतदाताओं को महंगे उपहार बांट रहे हैं. बीजेपी ने इसे चुनावी लालच बताया है, जबकि DMK इसे पुरानी परंपरा बता रही है. इस बार उपहारों का पैमाना पहले से कहीं ज्यादा बड़ा नजर आ रहा है.
भाजपा के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष का पद संभालने के बाद नितिन नबीन तमिलनाडु की अपनी पहली यात्रा पर पहुंचे. उन्होंने यहां भाजपा कार्यकर्ताओं से अगले 90 दिनों तक बूथ स्तर पर सघन जनसंपर्क अभियान चलाने का आह्वान किया.