विरुधुनगर जिले में स्थित श्रीविल्लीपुथुर विधानसभा क्षेत्र (संख्या 203) सांस्कृतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण और सामाजिक रूप से विविधतापूर्ण क्षेत्र है. यह क्षेत्र प्रसिद्ध श्रीविल्लीपुथुर आंडाल मंदिर के लिए जाना जाता है, जिसका गोपुरम तमिलनाडु राज्य के प्रतीक चिह्न में भी दर्शाया गया है. यह क्षेत्र गहरी धार्मिक विरासत के साथ-साथ अर्ध-शहरी अर्थव्यवस्था का प्रतिनिधित्व करता है, जहां वस्त्र उद्योग, हथकरघा, डेयरी, छोटे व्यापार और पारंपरिक उद्योग प्रमुख हैं. यहां का प्रसिद्ध पालकोवा (दूध से बनी मिठाई) घरेलू उद्योग के रूप में विश्व-प्रसिद्ध है.
इस क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति पश्चिमी घाट की तलहटी और दक्षिणी शुष्क मैदानों के बीच है, जहां सीमित कृषि मौसमी नालों और तालाबों पर निर्भर करती है. श्रीविल्लीपुथुर कस्बा एक प्रमुख सेवा केंद्र है, जो राज्य राजमार्गों के माध्यम से राजपालायम, शिवकाशी और मदुरै से जुड़ा हुआ है. हालांकि रेल सेवाओं की आवृत्ति बढ़ाने की आवश्यकता है और आंतरिक सड़कों तथा जल निकासी व्यवस्था में सुधार की जरूरत बनी हुई है.
यहां की मतदाता संरचना में पारंपरिक व्यापारी समुदाय, बुनकर, कृषि मजदूर, सरकारी कर्मचारी और उभरता हुआ निम्न-मध्यम वर्ग शामिल है. प्रमुख मुद्दों में युवाओं के लिए रोजगार के अवसरों की कमी, हथकरघा क्षेत्र में दबाव, जल निकासी और स्वच्छता की समस्या, मंदिर और बाजार क्षेत्रों में ट्रैफिक जाम, गर्मियों में पेयजल संकट, कमजोर स्वास्थ्य सेवाएं और गांवों की जर्जर सड़कें शामिल हैं.
मतदाता वर्ग की प्राथमिकताएं स्पष्ट हैं, बुनकर आय स्थिरता चाहते हैं, व्यापारी बेहतर बाजार और यातायात व्यवस्था की मांग करते हैं, युवा रोजगार और कौशल प्रशिक्षण की अपेक्षा रखते हैं, महिलाएं पानी, स्वच्छता और स्वास्थ्य सेवाओं को प्राथमिकता देती हैं, जबकि बुजुर्ग बेहतर परिवहन और अस्पताल सुविधाओं की उम्मीद करते हैं. यहां मतदाता व्यवहार विचारधारात्मक लहरों की बजाय नेतृत्व की विश्वसनीयता, सुलभता और स्थानीय प्रदर्शन पर आधारित रहता है. धार्मिक संस्थान, सहकारी समितियां और व्यापारिक नेटवर्क जनमत को प्रभावित करते हैं, जबकि बूथ-स्तर के बदलाव अक्सर कड़े मुकाबलों में निर्णायक साबित होते हैं.
Madhavarao, P.s.w.
INC
Sangeethapriya, S.
AMMKMNKZ
Abinaya, B.
NTK
Shanthi, S.
PT
Guruvaiya, K.
MNM
Nota
NOTA
Irulandi, Dr. V.
TNLK
Muthulakshmi,r.
IND
Kannan, A.
IND
Pandiyaraj, K.
AMPK
Prabhakaran, P.
IND
Mahalakshmi, M.
IND
Veerapandi, K.
MIDP
Thamaraiselvam, K.
IND
Guruvaiya, G.
IND
कमल हासन, जिन्हें लोग ‘उलगनायगन’ कहते हैं, ने अपने अभियान के जरिए साफ कर दिया कि यह चुनाव सिर्फ तमिलनाडु का नहीं, बल्कि पूरे देश के भविष्य का सवाल है. उन्होंने परिसीमन के मुद्दे को केंद्र में रखते हुए मुख्यमंत्री स्टालिन के रुख का समर्थन किया.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तमिलनाडु में लोकसभा में महिला आरक्षण बिल का संशोधन पारित न होने पर निराशा जाहिर करते दिखे. उन्होंने कांग्रेस और डीएमके को बिल न पारित होने का जिम्मेदार ठहराया. उन्होंने कहा कि ये लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है और बीजेपी और एनडीए महिलाओं के अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रखेंगे.
Assembly Election Updates: असम, केरल और पुडुचेरी में चुनाव के बाद अब पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हैं. पश्चिम बंगाल की 294 सदस्यीय विधानसभा के लिए 23 अप्रैल और 29 अप्रैल को वोट डाले जाएंगे. जबकि तमिलनाडु की सभी 234 विधानसभा सीटों पर 23 अप्रैल को वोटिंग होगी. बंगाल में चुनावी पारा चढ़ने के बीच ममता बनर्जी की अगुवाई वाली तृणमूल कांग्रेस (TMC) को झटका लगा है. बंगाल के अल्पसंख्यक बहुल मुर्शिदाबाद जिले की जलांगी विधानसभा सीट से TMC विधायक अब्दुर रज्जाक ने गुरुवार को पार्टी छोड़ने का ऐलान किया है.
डीएमके ने काले झंडे लहराकर और परिसीमन विधेयक की प्रतियां जलाकर विरोध प्रदर्शन किया.16 अप्रैल को डीएमके की बैठकों में ‘काला रंग’ छाया रहा.
स्टालिन की डीएमके ने इस मुद्दे को 'नॉर्थ बनाम साउथ' के रूप में पेश करना शुरू कर दिया है. पार्टी का कहना है कि परिसीमन पर केंद्र सरकार का फैसला क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व को कमजोर कर सकता है.
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने केंद्र सरकार के परिसीमन बिल के खिलाफ कड़ा विरोध जताया है. उन्होंने नामक्कल में चुनाव प्रचार के दौरान बिल की प्रति जलाई और काला झंडा दिखाया. स्टालिन ने इसे तमिलों के खिलाफ फासीवादी कदम बताया और पूरे द्रविड़ क्षेत्र में आंदोलन फैलाने की चेतावनी दी. डीएमके नेताओं ने कहा कि ये बिल दक्षिण भारत के राजनीतिक अधिकारों को कमजोर करेगा और उत्तर भारत के वर्चस्व को बढ़ाएगा.
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने वोटिंग से हफ्ता भर पहले परिसीमन का मुद्दा लपक लिया है. डीएमके की कैंपेन स्ट्रैटेजी बदल कर परिसीमन पर फोकस हो गई है, और काले झंडे के साथ विरोध प्रदर्शन हो रहा है. AIADMK को बचाव की मुद्रा में आना पड़ा है, जबकि टीवीके नेता विजय परिसीमन का जोरदार विरोध कर रहे हैं.
चेन्नई के टी नगर में जब विजय का रोड शो निकला, तो सड़कों का नजारा देखने लायक था. समर्थकों की भारी भीड़ और जबरदस्त उत्साह के बीच पूरा माहौल किसी फिल्मी सीन जैसा लग रहा था. विजय ने टी नगर में घूम-घूमकर प्रचार किया. इस सीट से उनके सबसे करीबी साथी आनंद चुनाव लड़ रहे हैं, जहां मुकाबला काफी कड़ा माना जा रहा है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 2029 के आम चुनाव से महिला आरक्षण कानून लागू करना चाहते हैं, और उसके लिए संसद के विशेष सत्र में संशोधन विधेयक लाए जा रहे हैं. एक विधेयक परिसीमन को लेकर है, जिसका विपक्षी दल खासकर दक्षिण भारत के नेता कड़ा विरोध कर रहे हैं - क्या बीजेपी ने कोई जोखिम भरा कदम बढ़ाया है?
तमिलनाडु के चुनावी रण में एडप्पादी पलानीस्वामी के लिए 2026 की यह जंग उनके राजनीतिक अस्तित्व की सबसे बड़ी परीक्षा साबित होने वाली है. ईपीएस अपनी 'स्ट्रॉन्गमैन' छवि और एनडीए के साथ के भरोसे जयललिता की विरासत को अपने नाम करने की कोशिश कर रहे हैं.