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कन्याकुमारी जिले के पश्चिमी हिस्से में स्थित पद्मनाभपुरम (नंबर 232), तमिलनाडु के सबसे ऐतिहासिक और सांस्कृतिक रूप से खास निर्वाचन क्षेत्रों में से एक है. कभी त्रावणकोर साम्राज्य की राजधानी रहा यह क्षेत्र एक गहरी प्रशासनिक विरासत रखता है जो आज भी इसकी राजनीतिक चेतना को आकार दे रही है. पश्चिमी घाट और तटीय मैदानों के बीच स्थित, पद्मनाभपुरम में खेती वाले गांव, मंदिर शहर और बढ़ते हुए अर्ध-शहरी बस्तियों का मिश्रण है.
परंपरागत रूप से कृषि, हथकरघा गतिविधि और सरकारी नौकरी से पहचाना जाने वाला यह निर्वाचन क्षेत्र आज शिक्षा-प्रेरित प्रवासन, प्रेषण प्रवाह और थुक्कलई और मार्तंडम जैसे पड़ोसी शहरों से लगातार शहरी विस्तार से आकार ले रहे एक क्रमिक परिवर्तन को दर्शाता है.
पद्मनाभपुरम निर्वाचन क्षेत्र में पद्मनाभपुरम शहर, थुक्कलई, विलावन्कोड सीमावर्ती गांव, अंदरूनी कृषि पंचायतें और तलहटी की बस्तियां शामिल हैं. हर इलाके की अपनी अलग प्राथमिकताएं हैं. कृषि गांव सिंचाई और सड़क पहुंच पर ध्यान केंद्रित करते हैं. शहरी क्षेत्र जल निकासी और यातायात प्रबंधन चाहते हैं. साथ ही अर्ध-शहरी समूह स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा और सार्वजनिक परिवहन में सुधार की मांग करते हैं.
यहां के मुख्य स्थानों में पद्मनाभपुरम पैलेस और हेरिटेज जोन, थुक्कलई बाजार और बस स्टैंड क्षेत्र, तलहटी कृषि बेल्ट, अंदरूनी पंचायत सड़क नेटवर्क, मंदिर और संस्थागत समूह शामिल है.
यहां के मतदाताओं के मुख्य मुद्दो में गांवों में सड़कों का अपर्याप्त रखरखाव, मानसून के महीनों में जल निकासी और बाढ़, सरकारी अस्पतालों की सीमित क्षमता,
युवाओं में बेरोजगारी और प्रवासन, ग्रामीण इलाकों में सार्वजनिक परिवहन की कमी, आवास योजना के कार्यान्वयन में धीमी गति, पुरानी जल आपूर्ति बुनियादी ढांचा, उच्च शिक्षा संस्थानों की कमी, मतदाताओं का मिजाज शामिल है.
इन मुद्दों के साथ ही किसान सुनिश्चित सिंचाई और खेत-सड़क कनेक्टिविटी चाहते हैं. सरकारी कर्मचारी प्रशासनिक दक्षता को प्राथमिकता देते हैं. युवा स्थानीय रोजगार और कौशल के रास्ते तलाशते हैं. महिलाएं स्वास्थ्य सेवा तक पहुंच, जल आपूर्ति और सुरक्षा पर जोर देती हैं. वरिष्ठ नागरिक सार्वजनिक परिवहन और अस्पताल तक पहुंच पर ध्यान केंद्रित करते हैं. प्रेषण पर निर्भर परिवार स्थिर शासन और विश्वसनीय बुनियादी सेवाओं की उम्मीद करते हैं.
John Thankam, D.
ADMK
Seelan
NTK
Jenkins, D.
AMMKMNKZ
Latha, P.
BSP
Nota
NOTA
Jeyaraj, M.
MNM
Syedali, A.
IND
Glory Selvi, T.
IND
Mathan, F.
IND
Robert Singh, I.
IND
Nagarajan, M.
IND
Anchalose, Y.
IND
तमिलनाडु में फ्लोर टेस्ट से ठीक पहले बड़ा कानूनी मोड़ आ गया है. मद्रास हाईकोर्ट ने TVK विधायक श्रीनिवास सेतुपति को सदन में वोट देने से रोक दिया, जिसके खिलाफ उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है. पोस्टल बैलेट विवाद से जुड़ा यह मामला अब राज्य की सियासत के साथ संवैधानिक बहस का केंद्र बन गया है.
तमिलनाडु में AIADMK के भीतर अब खुली बगावत दिखाई देने लगी है. पार्टी के दो गुट अलग-अलग दावों के साथ प्रोटेम स्पीकर से मिलने पहुंचे हैं. एक गुट एडप्पादी K पलानीस्वामी को विधायक दल का नेता बनाए रखने के पक्ष में है, जबकि दूसरा गुट नेतृत्व परिवर्तन की मांग कर रहा है.
तमिलनाडु चुनावों में हार के बाद AIADMK के भीतर बगावत सामने आई है. पार्टी के वरिष्ठ नेता CV शनमुगम से जुड़े विधायकों और पूर्व मंत्रियों के एक गुट ने पार्टी प्रमुख पलानीस्वामी से इस्तीफे की मांग कर दी है. लगातार चुनावी हार की वजह से पार्टी के भीतर संभावित फूट की अटकलों को तेज कर दिया है.
तमिलनाडु की राजनीति में कभी अजेय मानी जाने वाली अन्नाद्रमुक आज अपने वजूद की सबसे कठिन लड़ाई लड़ रही है. लगातार चौथी हार और आंतरिक बगावत ने 'दो पत्तों' वाली इस विरासत को दो फाड़ होने के कगार पर खड़ा कर दिया है.
तमिलनाडु में सरकार गठन के बीच CPI और CPI(M) ने विजय की टीवीके को बाहरी समर्थन देने का फैसला किया है. वाम दलों ने खुलासा किया कि डीएमके चाहती थी कि वे एआईएडीएमके को समर्थन दें, लेकिन इसे अस्वीकार्य मानते हुए उन्होंने टीवीके का साथ चुना. एमए बेबी ने कहा कि वाम दल डीएमके के साथ वैचारिक रिश्ते जारी रखेंगे, लेकिन टीवीके सरकार में कोई मंत्री पद नहीं मांगेंगे.
थलपति विजय और अरविंद केजरीवाल दोनों ही स्थापित व्यवस्था को चुनौती देने वाले 'डिसरप्टर्स' के रूप में उभरे, जहां विजय का करिश्मा सिनेमाई पर्दे से आता है, वहीं केजरीवाल का आधार ज़मीनी सक्रियता थी, लेकिन दोनों ही जनता की राजनीतिक हताशा और बदलाव की तीव्र आकांक्षा के प्रतीक हैं.
तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) को कांग्रेस का समर्थन मिल गया है, जिससे तमिलनाडु में सत्ता गठन का रास्ता साफ होता नजर आ रहा है. इसी बीच अभिनेता-राजनेता विजय ने राज्यपाल से मुलाकात कर सरकार बनाने का दावा पेश किया है.
कांग्रेस द्वारा TVK को समर्थन देने के फैसले ने सियासी हलचल तेज कर दी है. DMK ने इसे गठबंधन के साथ विश्वासघात बताते हुए तीखा हमला बोला है. पार्टी के वरिष्ठ नेता डीआर बालू ने कांग्रेस पर अवसरवादिता का आरोप लगाया है.
तमिलनाडु की राजनीति में विजय की एंट्री सिर्फ एक सुपरस्टार की सफलता नहीं, बल्कि पिता-पुत्र के संघर्ष, सपनों और रिश्तों की कहानी भी बन गई है. कभी बेटे को फिल्मों में लॉन्च करने वाले एसए चंद्रशेखर आज उसी विजय की राजनीतिक जीत पर गर्व कर रहे हैं. कानूनी विवाद, रिश्तों में दूरियां और फिर भावनात्मक मेल-मिलाप के बाद अब विजय सत्ता के सबसे बड़े दरवाजे तक पहुंच चुके हैं.
तमिलनाडु में चुनाव नतीजों के बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गई है. अभिनेता-राजनेता विजय की पार्टी टीवीके सरकार गठन की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है. कांग्रेस ने टीवीके को समर्थन देने का ऐलान किया है, जबकि डीएमके ने इस फैसले पर नाराजगी जताई है. पहली बार चुनाव लड़कर 108 सीटें जीतने वाली टीवीके अब बहुमत जुटाने और नई सरकार बनाने की कोशिशों में लगी हुई है.