अंदीपट्टी (विधानसभा क्षेत्र संख्या 198), थेनी जिले के पश्चिमी हिस्से में स्थित एक राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण और सामाजिक रूप से बहुस्तरीय क्षेत्र है. यह निर्वाचन क्षेत्र कृषि, छोटे कस्बाई व्यापार और ग्रामीण नेटवर्क पर आधारित है. पश्चिमी घाट और वैगई नदी बेसिन के बीच बसे अंदीपट्टी की अर्थव्यवस्था सिंचाई, खेती, कृषि आधारित आजीविका पर निर्भर करती है. इसमें कृषि गांव, बाजार कस्बे और पहाड़ी इलाकों से सटे बसाव शामिल हैं, जिससे यह एक ऐसा ग्रामीण क्षेत्र बनता है जहां लोगों की आकांक्षाएं धीरे-धीरे बदल रही हैं. इस क्षेत्र में पलायन एक बड़ा मुद्दा है.
परंपरागत रूप से खेती, पशुपालन और कृषि आधारित व्यापार के लिए जाना जाने वाला अंदीपट्टी पिछले एक दशक में सामाजिक-आर्थिक परिवर्तन के दौर से गुजरा है. सरकारी कल्याण योजनाओं से बुनियादी सुरक्षा तो बेहतर हुई है, लेकिन पानी की उपलब्धता, रोजगार के सीमित विकल्प और अधोसंरचना की कमी जैसी संरचनात्मक चुनौतियां आज भी राजनीतिक विमर्श को प्रभावित करती हैं.
राजनीतिक और सामाजिक चरित्र की बात करें तो अंदीपट्टी का इतिहास काफी उल्लेखनीय रहा है. एम. जी. रामचंद्रन (एमजीआर) ने 1984 के तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में अंदीपट्टी सीट से जीत दर्ज की थी, जबकि उस समय वे इलाज के लिए अमेरिका में थे. यह दूसरी बार था जब एमजीआर ने अस्पताल से चुनाव जीतकर इतिहास रचा. इससे पहले 1967 में भी उन्होंने ऐसा किया था, जब अभिनेता एम. आर. राधा द्वारा गोली मारे जाने के बाद वे अस्पताल में भर्ती थे. इसी तरह जयललिता का अंदीपट्टी से गहरा राजनीतिक जुड़ाव रहा है. 2001 में अयोग्यता के बाद उन्होंने 2002 का उपचुनाव इसी सीट से जीतकर राजनीति में वापसी की और 2006 में भी अंदीपट्टी से विजय हासिल की.
राजनीतिक दृष्टि से अंदीपट्टी की पहचान जमीनी स्तर पर संगठन, जाति-आधारित सामाजिक नेटवर्क और व्यक्तित्व-आधारित स्थानीय नेतृत्व से होती है. यहां चुनावी नतीजे आम तौर पर किसी बड़े राजनीतिक लहर पर निर्भर नहीं रहते, बल्कि बूथ-स्तरीय प्रभाव, कल्याणकारी योजनाओं की जमीनी डिलीवरी और उम्मीदवार की जनता तक पहुंच पर तय होते हैं.
किसान, खेत मजदूर, छोटे व्यापारी, कल्याण योजनाओं के लाभार्थी और पलायन करने वाले परिवार इस क्षेत्र का मुख्य मतदाता वर्ग हैं. ग्रामीण इलाकों में जातिगत समीकरण अहम भूमिका निभाते हैं, जबकि युवा मतदाता अब शासन की कार्यक्षमता, रोजगार के अवसर और शिक्षा तक पहुंच जैसे मुद्दों को ज्यादा महत्व देने लगे हैं.
अंदीपट्टी के प्रमुख स्थानीय केंद्रों में अंदीपट्टी कस्बे का बाजार क्षेत्र, वैगई बेसिन के सिंचाई क्षेत्र, ग्रामीण पंचायत समूह, पहाड़ी इलाकों से सटे गांव, सरकारी अस्पताल के आसपास का इलाका और साप्ताहिक हाट व व्यापारिक केंद्र शामिल हैं.
इस विधानसभा क्षेत्र के मुख्य मुद्दों में अनियमित सिंचाई आपूर्ति और तालाबों की खुदाई में देरी, मानसून पर अत्यधिक निर्भरता और गिरता भूजल स्तर, खेतों तक पहुंच को प्रभावित करने वाली खराब ग्रामीण सड़कें, गैर-कृषि रोजगार के सीमित अवसर, सरकारी अस्पताल और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों की अपर्याप्त सुविधाएं, युवाओं का पलायन, आवास स्वीकृतियों और निर्माण में देरी तथा बिजली की अनियमित आपूर्ति शामिल हैं, जो खेती और छोटे व्यवसायों को प्रभावित करती है.
वर्तमान मतदाता मनोदशा में किसान सुनिश्चित सिंचाई, तालाबों के पुनरुद्धार और स्थिर बिजली आपूर्ति की मांग कर रहे हैं. मजदूर वर्ग नियमित कल्याण सहायता और मजदूरी सुरक्षा चाहता है. युवा वर्ग स्थानीय रोजगार, कौशल विकास और उच्च शिक्षा के अवसरों की तलाश में है, जबकि महिलाएं पानी की उपलब्धता, स्वास्थ्य सेवाओं और आवास सुरक्षा को प्राथमिकता देती हैं. ग्रामीण परिवार तेज कल्याण वितरण और शिकायतों के शीघ्र समाधान की अपेक्षा रखते हैं. कुल मिलाकर, अंदीपट्टी के मतदाता अपने विधायक की उपलब्धता और जवाबदेही पर कड़ी नजर रखते हैं.
A.logirajan
ADMK
R.jeyakumar
AMMKMNKZ
A.jeyakumar
NTK
S.gunasekaran
MNM
Nota
NOTA
C.kanivel
AMPK
S.velmani
IND
M.raghunathan
IND
S.kamatchi
BSP
P.pandidurai
IND
P.panivuraja
IND
P.mariyammal
IND
V.jeyakodi
IND
Balamurugan Rathinam
NDPOSI
M.easwaran
IND
M.divakar
IND
S.govindharaj
AIMGRMMK
A.velusamy
APTADMK
M.kumaran
MIDP
Kasendran @ Gajendran
IND
कमल हासन, जिन्हें लोग ‘उलगनायगन’ कहते हैं, ने अपने अभियान के जरिए साफ कर दिया कि यह चुनाव सिर्फ तमिलनाडु का नहीं, बल्कि पूरे देश के भविष्य का सवाल है. उन्होंने परिसीमन के मुद्दे को केंद्र में रखते हुए मुख्यमंत्री स्टालिन के रुख का समर्थन किया.
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