TVK
VCK
AMMKMNKZ
NTK
नोटा
NOTA
PTM
IND
IND
IND
IND
IND
SUCI
IND
IND
Periyakulam Vidhan Sabha Election Results Live: पेरियाकुलम विधानसभा का रिजल्ट घोषित, TVK ने VCK को हराया
Tamil Nadu Assembly Election Results 2026 Live: दिग्गज उम्मीदवारों में कौन खुश होगा, किसे लगेगा झटका? जानें रुझानों में कौन आगे और कौन पीछे?
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पेरियाकुलम (निर्वाचन क्षेत्र संख्या 199), थेनी जिले के पश्चिमी हिस्से में पश्चिमी घाट की तलहटी में स्थित, तमिलनाडु के उन निर्वाचन क्षेत्रों में शामिल है जिनकी पहचान गहरी कृषि परंपरा और सामाजिक विविधता से जुड़ी है. उपजाऊ भूमि, पारंपरिक सिंचाई प्रणालियां और पहाड़ी क्षेत्रों से जुड़े कृषि उत्पाद इस क्षेत्र की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं. यहां की पहचान खेती, बागान-आधारित आजीविका और लंबे समय से चले आ रहे स्थानीय सत्ता ढांचों से बनती है.
थेनी शहर की तुलना में कम शहरीकरण होने के बावजूद पेरियाकुलम आसपास के ग्रामीण इलाकों के लिए एक क्षेत्रीय सेवा केंद्र की भूमिका निभाता है. यहां के बाजार, सरकारी कार्यालय और शैक्षणिक संस्थान आसपास के गांवों की जरूरतों को पूरा करते हैं. प्राकृतिक संसाधनों की उपलब्धता के बावजूद असमान विकास के कारण प्रशासनिक सेवाओं की प्रभावी आपूर्ति एक प्रमुख राजनीतिक मुद्दा बनी हुई है.
राजनीतिक और सामाजिक रूप से पेरियाकुलम में जातीय समीकरण, पारिवारिक प्रभाव और परंपरागत दलगत निष्ठाएं निर्णायक भूमिका निभाती हैं. यहां चुनावी परिणाम किसी बड़ी लहर से कम और स्थानीय नेतृत्व, बूथ-स्तरीय संगठन तथा जातीय गणित से अधिक प्रभावित होते हैं. किसान, कृषि मजदूर, छोटे व्यापारी और सरकारी कल्याण योजनाओं के लाभार्थी मुख्य मतदाता वर्ग हैं. मतदाता कल्याण योजनाओं के क्रियान्वयन, कृषि सहायता और बुनियादी ढांचे के कार्यों पर बारीकी से नजर रखते हैं. प्रगति में कमी आते ही असंतोष तेजी से बढ़ता है, जिससे यह सीट काफी प्रतिस्पर्धी बनी रहती है.
पेरियाकुलम नगर का बाजार क्षेत्र, वराहनदी और उससे जुड़ा सिंचाई क्षेत्र, सरकारी अस्पताल इलाका, बस स्टैंड और परिवहन केंद्र, कोडाइकनाल की ओर जाने वाला तलहटी सड़क मार्ग तथा साप्ताहिक शांडी (हाट) क्षेत्र यहाँ के प्रमुख गतिविधि केंद्र हैं.
मुख्य समस्याओं में सूखे के मौसम में अनियमित सिंचाई, ग्रामीण अंदरूनी सड़कों की खराब हालत, सरकारी अस्पतालों में अपर्याप्त सुविधाएं, नगर क्षेत्रों में जल निकासी और स्वच्छता की दिक्कतें, ग्रामीण युवाओं के लिए सीमित रोजगार, फसल कीमतों में अस्थिरता और खरीद में देरी, तलहटी के गांवों में वन्यजीवों का प्रवेश तथा आवास योजनाओं में देरी शामिल हैं.
मतदाताओं का मिजाज स्पष्ट रूप से मांग-आधारित है. किसान सुनिश्चित सिंचाई, न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद और सब्सिडी की अपेक्षा रखते हैं. मजदूर सरकारी योजनाओं के तहत स्थायी काम चाहते हैं. युवा स्थानीय रोजगार, कौशल प्रशिक्षण और खेल सुविधाओं की मांग करते हैं. महिलाएं पेयजल, स्वास्थ्य सेवाओं और आवास को प्राथमिकता देती हैं, जबकि छोटे व्यापारी बेहतर सड़क, स्वच्छता और बाजार सुविधाओं की उम्मीद रखते हैं. कुल मिलाकर, मतदाता अपने प्रतिनिधियों का मूल्यांकन उनकी उपलब्धता और शिकायतों के समाधान की क्षमता के आधार पर करते हैं.
M Murugan
ADMK
Dr.k.kathirkamu
AMMKMNKZ
Vimala
NTK
S.pandiyarajan
MNM
Nota
NOTA
Madhu Bharathi
IND
Murugan
IND
S.chinnamuthu
MIDP
M.rajendran
IND
A.murugesan
SUCI
A.c.mohan Raj B.p.t.,
IND
M.muneeswaran
IND
P.ramaiya
IND
M.muniyappan
IND
C.mayazhaku
IND
तमिलनाडु में फ्लोर टेस्ट से ठीक पहले बड़ा कानूनी मोड़ आ गया है. मद्रास हाईकोर्ट ने TVK विधायक श्रीनिवास सेतुपति को सदन में वोट देने से रोक दिया, जिसके खिलाफ उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है. पोस्टल बैलेट विवाद से जुड़ा यह मामला अब राज्य की सियासत के साथ संवैधानिक बहस का केंद्र बन गया है.
तमिलनाडु में AIADMK के भीतर अब खुली बगावत दिखाई देने लगी है. पार्टी के दो गुट अलग-अलग दावों के साथ प्रोटेम स्पीकर से मिलने पहुंचे हैं. एक गुट एडप्पादी K पलानीस्वामी को विधायक दल का नेता बनाए रखने के पक्ष में है, जबकि दूसरा गुट नेतृत्व परिवर्तन की मांग कर रहा है.
तमिलनाडु चुनावों में हार के बाद AIADMK के भीतर बगावत सामने आई है. पार्टी के वरिष्ठ नेता CV शनमुगम से जुड़े विधायकों और पूर्व मंत्रियों के एक गुट ने पार्टी प्रमुख पलानीस्वामी से इस्तीफे की मांग कर दी है. लगातार चुनावी हार की वजह से पार्टी के भीतर संभावित फूट की अटकलों को तेज कर दिया है.
तमिलनाडु की राजनीति में कभी अजेय मानी जाने वाली अन्नाद्रमुक आज अपने वजूद की सबसे कठिन लड़ाई लड़ रही है. लगातार चौथी हार और आंतरिक बगावत ने 'दो पत्तों' वाली इस विरासत को दो फाड़ होने के कगार पर खड़ा कर दिया है.
तमिलनाडु में सरकार गठन के बीच CPI और CPI(M) ने विजय की टीवीके को बाहरी समर्थन देने का फैसला किया है. वाम दलों ने खुलासा किया कि डीएमके चाहती थी कि वे एआईएडीएमके को समर्थन दें, लेकिन इसे अस्वीकार्य मानते हुए उन्होंने टीवीके का साथ चुना. एमए बेबी ने कहा कि वाम दल डीएमके के साथ वैचारिक रिश्ते जारी रखेंगे, लेकिन टीवीके सरकार में कोई मंत्री पद नहीं मांगेंगे.
थलपति विजय और अरविंद केजरीवाल दोनों ही स्थापित व्यवस्था को चुनौती देने वाले 'डिसरप्टर्स' के रूप में उभरे, जहां विजय का करिश्मा सिनेमाई पर्दे से आता है, वहीं केजरीवाल का आधार ज़मीनी सक्रियता थी, लेकिन दोनों ही जनता की राजनीतिक हताशा और बदलाव की तीव्र आकांक्षा के प्रतीक हैं.
तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) को कांग्रेस का समर्थन मिल गया है, जिससे तमिलनाडु में सत्ता गठन का रास्ता साफ होता नजर आ रहा है. इसी बीच अभिनेता-राजनेता विजय ने राज्यपाल से मुलाकात कर सरकार बनाने का दावा पेश किया है.
कांग्रेस द्वारा TVK को समर्थन देने के फैसले ने सियासी हलचल तेज कर दी है. DMK ने इसे गठबंधन के साथ विश्वासघात बताते हुए तीखा हमला बोला है. पार्टी के वरिष्ठ नेता डीआर बालू ने कांग्रेस पर अवसरवादिता का आरोप लगाया है.
तमिलनाडु की राजनीति में विजय की एंट्री सिर्फ एक सुपरस्टार की सफलता नहीं, बल्कि पिता-पुत्र के संघर्ष, सपनों और रिश्तों की कहानी भी बन गई है. कभी बेटे को फिल्मों में लॉन्च करने वाले एसए चंद्रशेखर आज उसी विजय की राजनीतिक जीत पर गर्व कर रहे हैं. कानूनी विवाद, रिश्तों में दूरियां और फिर भावनात्मक मेल-मिलाप के बाद अब विजय सत्ता के सबसे बड़े दरवाजे तक पहुंच चुके हैं.
तमिलनाडु में चुनाव नतीजों के बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गई है. अभिनेता-राजनेता विजय की पार्टी टीवीके सरकार गठन की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है. कांग्रेस ने टीवीके को समर्थन देने का ऐलान किया है, जबकि डीएमके ने इस फैसले पर नाराजगी जताई है. पहली बार चुनाव लड़कर 108 सीटें जीतने वाली टीवीके अब बहुमत जुटाने और नई सरकार बनाने की कोशिशों में लगी हुई है.