मदुरै नॉर्थ (विधानसभा क्षेत्र संख्या 191) तमिलनाडु के सबसे राजनीतिक रूप से सक्रिय और सामाजिक रूप से जटिल शहरी निर्वाचन क्षेत्रों में गिना जाता है. यह ऐतिहासिक मदुरै शहर के उत्तरी हिस्से को समेटे हुए है. एक ओर जहां यह क्षेत्र अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से गहराई से जुड़ा हुआ है, वहीं दूसरी ओर तेजी से बढ़ते शहरीकरण की चुनौतियों का भी सामना कर रहा है. यहां पुराने विरासत मोहल्लों और तेजी से विकसित हो रही नई आवासीय बस्तियों के बीच स्पष्ट विरोधाभास दिखाई देता है. ग्रामीण मदुरै के विधानसभा क्षेत्रों से अलग, यहां की राजनीति घनी आबादी, रोजगार के दबाव और रोजमर्रा की शहरी प्रशासनिक समस्याओं के इर्द-गिर्द घूमती है. मतदाता अब केवल प्रतीकात्मक राजनीति के बजाय ठोस नागरिक सुविधाओं की आपूर्ति को अधिक महत्व देने लगे हैं.
यह निर्वाचन क्षेत्र पुराने शहर के वार्डों, व्यावसायिक बाजारों, श्रमिक वर्ग की बस्तियों और उभरती मध्यम आय वर्ग की कॉलोनियों का मिश्रण है. मदुरै की ऐतिहासिक और धार्मिक पहचान भले ही आज भी मजबूत हो, लेकिन स्थानीय लोगों की प्राथमिकता साफ तौर पर सड़क, पानी, सफाई और अन्य बुनियादी सुविधाओं पर केंद्रित होती जा रही है.
भूगोल और कनेक्टिविटी की बात करें तो मदुरै नॉर्थ घनी शहरी संरचना वाला इलाका है, जहां संकरी सड़कें, भारी पैदल आवाजाही और विस्तार की सीमित संभावनाएं हैं. शहर के केंद्र, रेलवे जंक्शन और प्रमुख मुख्य सड़कों से इसकी कनेक्टिविटी अच्छी है, लेकिन ट्रैफिक जाम एक स्थायी समस्या बना हुआ है. अंदरूनी सड़कों पर बार-बार होने वाली यूटिलिटी खुदाई, ठीक से मरम्मत न होना और नालियों का जाम रहना आम समस्या है. मानसून के दौरान निचले इलाकों में जलभराव बुनियादी ढांचे की कमजोरियों को उजागर करता है.
इस क्षेत्र में प्रमुख बाजार और व्यापारिक इलाके, अत्यधिक घनत्व वाले रिहायशी वार्ड, बस रूट और परिवहन जंक्शन, जलभराव प्रभावित गली-मोहल्ले, झुग्गी पुनर्विकास क्षेत्र तथा स्कूल और आंगनवाड़ी केंद्र महत्वपूर्ण हॉटस्पॉट माने जाते हैं.
मुख्य मुद्दों में खराब जल निकासी व्यवस्था, बार-बार पानी भरने की समस्या, संकरी सड़कें और ट्रैफिक जाम, अनियमित पेयजल आपूर्ति, ठोस कचरा प्रबंधन की कमी, जर्जर अंदरूनी सड़कें, सार्वजनिक शौचालयों की कमी, भीड़भाड़ वाली बस्तियों में आवास का दबाव और असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले श्रमिकों की आजीविका की असुरक्षा प्रमुख हैं.
स्वभाव के लिहाज से मदुरै नॉर्थ पूरी तरह शहरी निर्वाचन क्षेत्र है, जहां जनसंख्या घनत्व बहुत अधिक है और असंगठित अर्थव्यवस्था की भूमिका मजबूत है। यहां मतदाता व्यवहार मुद्दा-आधारित रहता है और बूथ स्तर की पकड़ चुनावी नतीजों में अहम भूमिका निभाती है.
मतदाताओं का मूड भी स्पष्ट रूप से व्यावहारिक है. श्रमिक वर्ग के मतदाता बुनियादी सेवाओं, राशन की उपलब्धता और आवास सुरक्षा को प्राथमिकता देते हैं व्यापारी वर्ग ट्रैफिक नियंत्रण और स्वच्छता की मांग करता है. युवा स्थायी रोजगार, कौशल विकास और किफायती शिक्षा चाहते हैं. महिलाएं पानी की आपूर्ति, स्ट्रीट लाइट और सुरक्षा पर जोर देती हैं, जबकि वरिष्ठ नागरिक सुलभ स्वास्थ्य सेवाओं और पैदल चलने योग्य सड़कों की अपेक्षा रखते हैं. शहरी गरीब तबका विधायक की उपलब्धता और समस्याओं पर त्वरित प्रतिक्रिया पर लगातार नजर रखता है. कुल मिलाकर, नागरिक कार्यों में देरी को लेकर मतदाताओं में साफ तौर पर अधीरता दिखाई देती है.
Saravanan P
BJP
Anbarasi S
NTK
Alagar M
MNM
Jeyapal M
AMMKMNKZ
Nota
NOTA
Natarajan R
IND
Vasanthakumar S
ADK
Sankarapandi P
IND
Abubakkar Sithick J
IND
Theivammal K
IND
Voltaire M J
SUCI
Ismail D
IND
Raam Vishwakarma T
IND
Kesavarajah J
IND
Kuppusamy N
IND
नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जन्म-जयंती के अवसर पर मदुरंतकम पहुंचे प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन की शुरुआत नेताजी और तमिलनाडु के स्वतंत्रता सेनानियों को नमन करके की. प्रधानमंत्री ने इस रैली को तमिलनाडु में बदलाव का शंखनाद बताते हुए कहा कि राज्य की जनता अब डीएमके के कुशासन से मुक्ति चाहती है और भाजपा-एनडीए गठबंधन उनकी पहली पसंद बनकर उभरा है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को केरल और तमिलनाडु के दौरे पर पहुंच रहे हैं. विधानसभा चुनाव के लिहाज से पीएम मोदी का दौरा काफी अहम माना जा रहा है. सवाल यही है कि विकास की सौगात देकर बीजेपी के लिए पीएम मोदी क्या सियासी जमीन उपजाऊ बना पाएंगे?
चुनाव आयोग ने अभिनेता-राजनेता विजय की TVK को ‘व्हिसल’ चुनाव चिन्ह आवंटित किया है. पार्टी नेतृत्व का कहना है कि यह विजय की पहली पसंद थी. 2026 विधानसभा चुनाव TVK की पहली चुनावी लड़ाई होगी. पार्टी को भरोसा है कि विजय मुख्यमंत्री बनेंगे.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 23 जनवरी को तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के लिए एनडीए के अभियान की शुरुआत करेंगे. वह मदुरांतकम में एक जनसभा को संबोधित करेंगे, जिसमें एआईएडीएमके समेत सभी एनडीए सहयोगी दलों के नेता उनके साथ मंच साझा करेंगे.
तमिलनाडु में डीएमके और कांग्रेस के बीच गठबंधन में बढ़ती खींचतान को लेकर कांग्रेस आलाकमान ने दिल्ली में साढ़े चार घंटे लंबी मैराथन बैठक की. पार्टी नेतृत्व ने गठबंधन में दरार पैदा करने वाले बयानों पर नेता प्रवीण चक्रवर्ती को कड़ी फटकार लगाई है. पार्टी ने नेताओं को मीडिया से दूर रहने और बयानबाजी न करने की नसीहत दी है.
तमिलनाडु चुनाव से पहले जल्लीकट्टू के अखाड़े से स्टालिन सरकार ने बड़ा सियासी संदेश दिया है. तमिल अस्मिता के प्रतीक इस खेल को नौकरी से जोड़कर डीएमके ने परंपरा, गौरव और शासन को एक फ्रेम में पेश किया है. यह फैसला सांस्कृतिक सम्मान के साथ चुनावी रणनीति भी माना जा सकता है.
तमिलनाडु चुनाव से पहले सूबे में एनडीए का कुनबा बढ़ाने में जुटी बीजेपी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अन्नामलाई ने अभिनेता से राजनेता बने टीवीके प्रमुख थलापति विजय को एनडीए में आने का न्योता दिया है.
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के लिए सियासी दांव चले जाने लगे हैं. डीएमके ने कांग्रेस को मर्जी के मुताबिक सीटें देने से इनकार किया तो पार्टी का एक धड़ा अभिनेता से नेता थलपति विजय की पार्टी के साथ गठबंधन की वकालत शुरू कर दी है. ऐसे में राहुल गांधी तमिलनाडु दौरे पर एक तीर से 3 निशाना साधते नजर आए.
तमिलनाडु में चुनाव से पहले पोंगल के मौके पर सियासी गिफ्ट पॉलिटिक्स तेज हो गई है. DMK और ADMK के नेता व्यक्तिगत तौर पर मतदाताओं को महंगे उपहार बांट रहे हैं. बीजेपी ने इसे चुनावी लालच बताया है, जबकि DMK इसे पुरानी परंपरा बता रही है. इस बार उपहारों का पैमाना पहले से कहीं ज्यादा बड़ा नजर आ रहा है.
भाजपा के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष का पद संभालने के बाद नितिन नबीन तमिलनाडु की अपनी पहली यात्रा पर पहुंचे. उन्होंने यहां भाजपा कार्यकर्ताओं से अगले 90 दिनों तक बूथ स्तर पर सघन जनसंपर्क अभियान चलाने का आह्वान किया.