विलावनकोड (नंबर 233), जो तमिलनाडु-केरल सीमा के पास कन्याकुमारी जिले के पश्चिमी हिस्से में स्थित है. यह राज्य के सबसे सामाजिक रूप से विकसित और राजनीतिक रूप से संवेदनशील निर्वाचन क्षेत्रों में से एक है. त्रावणकोर-युग के प्रशासन, मिशनरी-नेतृत्व वाली शिक्षा, और विदेश प्रवास की लंबी परंपरा से आकार लेने वाला यह क्षेत्र बागान कृषि, सीमा व्यापार, और अर्ध-शहरी बस्तियों का मिश्रण दिखाता है. तटीय या औद्योगिक सीटों के विपरीत, विलवनकोड की पहचान शिक्षा, प्रेषण-आधारित आजीविका, और सीमा पार सांस्कृतिक प्रभाव में निहित है.
कभी रबर, नारियल, और मसालों की खेती का दबदबा रखने वाला विलावनकोड अब सेवा-उन्मुख और प्रवासन से जुड़ी अर्थव्यवस्था में बदल गया है. कुझितुरई और मार्तंडम जैसे शहर वाणिज्यिक केंद्र के रूप में काम करते हैं, जो गांवों को केरल के बाजारों और क्षेत्रीय परिवहन गलियारों से जोड़ते हैं.
इस निर्वाचन क्षेत्र में कुझितुरई, मार्तंडम, करंगल, थुक्कलई के बाहरी इलाके, और आसपास के गांव शामिल हैं. हर क्षेत्र की अलग-अलग प्राथमिकताएं हैं. शहर के केंद्र यातायात विनियमन और स्वच्छता पर ध्यान केंद्रित करते हैं. बागान गांव सड़कों की गुणवत्ता और मजदूरी सुरक्षा पर जोर देते हैं. वहीं आवासीय समूह साफ जल आपूर्ति, स्वास्थ्य सेवा तक पहुंच, और शैक्षिक बुनियादी ढांचे की उम्मीद करते हैं.
यहां के मुख्य स्थानों की बात करें तो कुझितुरई शहर और बाजार क्षेत्र, मार्तंडम वाणिज्यिक कॉरिडोर, सीमा व्यापार क्षेत्र, बागान बेल्ट के गांव, शैक्षणिक संस्थान समूह, क्षेत्रीय बस स्टैंड क्षेत्र शामिल हैं.
विलावनकोड क्षेत्र के मतदाताओं के मुख्य मुद्दों में शहर के केंद्रों में ट्रैफिक जाम की समस्या, सीमित स्थानीय रोजगार के अवसर, बागान और अंदरूनी गांवों में सड़कों का खराब होना, जल निकासी की समस्याएं और मानसून में बाढ़, गर्मियों में पीने के पानी की कमी, बढ़ती महंगाई शामिल हैं.
यहां के मतदाता कुशल शहरी शासन और स्पष्ट स्थानीय नेतृत्व की उम्मीद करते हैं. व्यापारी यातायात अनुशासन और साफ-सुथरे बाजार स्थानों की मांग करते हैं. युवा कौशल-आधारित रोजगार, करियर मार्गदर्शन, और स्टार्टअप सहायता चाहते हैं. महिलाएं स्वास्थ्य सेवा तक पहुंच, पानी की विश्वसनीयता, और सार्वजनिक सुरक्षा को प्राथमिकता देती हैं. बागान मजदूर मजदूरी स्थिरता, सड़क पहुंच, और सामाजिक सुरक्षा पर ध्यान केंद्रित करते हैं. प्रेषण पर निर्भर परिवार शिक्षा की गुणवत्ता और नागरिक स्थिरता पर जोर देते हैं.
Jayaseelan R
BJP
Mary Adlin
NTK
Samuel George Kalai Arasar
IND
Iden Soni L
DMDK
Nota
NOTA
Rajakumar R
MNM
Amose S
IND
Vijayakumar P
IND
Vasantheeswaran E
UlaMK
Mohan Kumar M
IND
Satheesh S
IND
Wilson G
SHS
Raja Murrugan K H
IND
Mariaselvan Y
IND
Rajesh Kumar S
NDPOSI
Assembly Election News 2026 Live Updates: असम, केरल और पुडुचेरी में चुनाव के बाद अब पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मी चरम पर है. इस बीच AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने हुमायूं कबीर की पार्टी से गठबंधन तोड़ने का ऐलान किया है. वहीं, भारतीय जनता पार्टी (BJP) ममता बनर्जी के गढ़ में सत्ता हासिल करने के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक रही है. अमित शाह ने बंगाल के लिए आज बीजेपी का मेनिफेस्टो जारी किया है. बता दें कि पश्चिम बंगाल की 294 सदस्यीय विधानसभा के लिए 23 और 29 अप्रैल को वोट डाले जाएंगे.
भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने अपने ताजा इंटरव्यू में चुनावी राज्यों बंगाल, असम, केरलम, तमिलनाडु और वहां के मुद्दों पर खुलकर चर्चा की. नबीन ने कहा कि बीजेपी शुरू से एक पॉलिसी पर काम करती आई है कि हम ‘राष्ट्र प्रथम’ की बात करते हैं. बीजेपी अध्यक्ष ने साथ ही कहा कि हम सांस्कृतिक विरासत को बढ़ाने वाले लोग हैं. देखें बातचीत.
Assembly Election News 2026 Live Updates: विधानसभा चुनाव 2026 को लेकर राजनीतिक सरगर्मी अपने चरम पर है. असम, केरल और पुडुचेरी में 9 अप्रैल को एक ही चरण में विधानसभा चुनाव के लिए वोट डाले जाएंगे. वहीं, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भवानीपुर सीट से अपना नामांकन पत्र दाखिल कर दिया है.
तमिलनाडु के चुनावी रण में TVK प्रमुख विजय के हमशक्लों की एंट्री ने मुकाबले को पूरी तरह 'सिनेमैटिक' बना दिया है. भारी गर्मी और प्रचार की बंदिशों के बीच, क्या पार्टी के ये 'बॉडी डबल्स' दिग्गज राजनेताओं के अनुभव और जमीनी संघर्ष पर भारी पड़ पाएंगे.
चुनाव अधिकारियों के अनुसार, मंगलवार को जांच के दौरान एडप्पाडी विधानसभा क्षेत्र के लिए पार्टी के मुख्य और डमी दोनों उम्मीदवारों के नामांकन पत्र खारिज कर दिए गए हैं.
तमिलनाडु को सामाजिक न्याय की प्रयोगशाला माना जाता है, जिसका नतीजा है कि इस बार के विधानसभा चुनाव में डीएमके और AIADMK ही नहीं कांग्रेस और बीजेपी ने भी किसी ब्राह्मण को उम्मीदवार नहीं बनाया है. सवाल उठता है कि आखिर क्यों ब्राह्मण प्रत्याशी देने से सियासी दल बच रहे हैं?
16 अप्रैल को बुलाए गए संसद सत्र में महिला आरक्षण कानून से जुड़े संशोधन विधेयक पेश किए जाने की तैयारी है. सरकार कानूनी रूप से 2029 के लोकसभा चुनाव में 33 फीसदी महिला आरक्षण लागू करना चाहती है - विपक्ष को वैसे तो कोई ऐतराज नहीं है, लेकिन टाइमिंग को लेकर सवाल जरूर उठाया है.
तमिलनाडु की राजनीति में करुणानिधि को लेकर बड़ा बवाल मच गया है. विपक्षी नेता पलानीस्वामी ने मुख्यमंत्री एमके स्टालिन पर हमला बोलते हुए दावा किया कि उन्होंने अपने ही पिता करुणानिधि को आखिरी दिनों में घर में कैद करके रखा था. उन्होंने कहा कि वह सिर्फ वही दोहरा रहे हैं जो स्टालिन के सगे भाई अलागिरि और करीबी नेता ए. राजा पहले ही कह चुके हैं.
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के स्टालिन ने केंद्र की एनडीए सरकार और पीएम मोदी पर तीन-भाषा नीति लागू करने की चुनौती दी. उन्होंने सरकार पर हिंदी थोपने की नीति का कड़ा विरोध किया. स्टालिन महंगाई और एलपीजी सिलेंडर की कमी को लेकर भी पीएम मोदी पर निशाना साधा.
तीन भाषा फॉर्मूले को लेकर एक बार फिर से केंद्र और तमिलनाडु के बीच गतिरोध सामने आया है. मुख्यमंत्री एमके स्टालिन इन इस नीति पर एक बार फिर से सवाल खड़ा करते हुए कहा है कि हिंदी थोपने की कोशिश की जा रही है. इसे एकतरफा नीति बताया है. वहीं, केंद्र की ओर से भी इस पर प्रतिक्रिया आई है. शिक्षा मंत्री ने जवाब दिया है.