DMK
TVK
AIADMK
NTK
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PTM
नोटा
NOTA
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Tamil Nadu Election Result 2026 Live: परमकुडी विधानसभा सीट पर DMK ने दोबारा चखा जीत का स्वाद
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परमकुडी विधानसभा क्षेत्र (संख्या 209) रामनाथपुरम जिला में स्थित है. यह एक अर्ध-शहरी और ग्रामीण इलाका है. यहां की पहचान खेती-किसानी, छोटे शहरों के बाजार और अलग-अलग समाजों के मिश्रण से बनती है. यह इलाका मशहूर अभिनेता-राजनेता कमल हासन का जन्मस्थान भी है.
इस क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान पुराने मंदिरों, धार्मिक त्योहारों और व्यापारिक परंपरा से जुड़ी है. लेकिन यहां की अर्थव्यवस्था आज भी मुख्य रूप से खेती, पशुपालन और छोटे व्यापार पर आधारित हैय बड़े औद्योगिक या शहरी क्षेत्रों के विपरीत, यहां की राजनीति पर लोगों की रोजमर्रा की जरूरतें ज्यादा असर डालती हैं, जिनमें सरकारी योजनाओं का सही तरीके से मिलना, जाति और समाज का प्रभाव, पानी की उपलब्धता और स्थानीय विकास कार्य शामिल हैं. यहां के वोटर बड़े-बड़े विचारों से ज्यादा अपनी जिंदगी में होने वाले असली बदलाव (रोजगार, सड़क, शिक्षा) को महत्व देते हैं.
भौगोलिक रूप से इस क्षेत्र में सूखे इलाके, गांव और छोटे शहरी इलाके शामिल हैं. पानी की कमी यहां की सबसे बड़ी समस्या है, जो खेती को सीधे प्रभावित करती है. यहां धान, मोटे अनाज, दालें और पशुपालन पर आधारित खेती होती है. परमकुडी शहर सड़कों से रामनाथपुरम, मुदुकुलाथुर और मानामदुरै से जुड़ा हुआ है, लेकिन गांवों के अंदर की सड़कें अभी भी ठीक से विकसित नहीं हैं. सार्वजनिक परिवहन मौजूद तो है, लेकिन हर जगह समान रूप से नहीं पहुंचता, जिससे महिलाओं, छात्रों और बुजुर्गों को परेशानी होती है.
इस क्षेत्र के मुख्य महत्वपूर्ण स्थानों में परमकुडी टाउन मार्केट, बड़े सिंचाई तालाब और नहरें, पंचायत और गांव की सड़कें, स्कूल और सरकारी दफ्तर, और धार्मिक स्थल शामिल हैं.
यहां की प्रमुख समस्याएं हैं. इनमें सिंचाई के लिए पानी की अनिश्चित उपलब्धता, खेती की बढ़ती लागत, गांवों की खराब सड़कें, स्वास्थ्य सेवाओं की कमी, युवाओं के लिए रोजगार की कमी और उनका बाहर पलायन, सार्वजनिक परिवहन की कमी, पीने के पानी की समस्या, और सरकारी योजनाओं के मिलने में देरी शामिल हैं.
वोटरों की सोच भी अलग-अलग वर्गों के हिसाब से है, किसान अच्छी सिंचाई, सस्ती लागत और फसलों के सही दाम चाहते हैं. खेत मजदूर स्थिर मजदूरी और सरकारी मदद चाहते हैं. युवा रोजगार, स्किल डेवलपमेंट और पढ़ाई के मौके चाहते हैं. तो वहीं महिलाएं पानी, स्वास्थ्य और सुरक्षा को प्राथमिकता देती हैं. बुजुर्ग पेंशन, इलाज और परिवहन सुविधाओं को महत्व देते हैं.
अब यहां के वोटर पार्टी से ज्यादा अपने प्रतिनिधि के काम को देखते हैं, जैसे वह कितनी आसानी से मिलते हैं, इलाके में मौजूद रहते हैं और लोगों की समस्याएं हल करते हैं.
राजनीतिक इतिहास में देखा जाए तो यहां के वोटर समय-समय पर अलग-अलग पार्टियों को समर्थन देते रहे हैं. पहले AIADMK ने लगभग 6 बार जीत हासिल की है, जबकि DMK भी कई बार यहां से जीत चुकी है. यहां किसी एक पार्टी का स्थायी दबदबा नहीं रहा है.
Sadhan Prabhakar N
ADMK
Sasikala S
NTK
Karuppu Raja M
MNM
Selvi U
DMDK
Nota
NOTA
Murukesan K
IND
Govindan V
BSP
Rajiv Gandhi K
IND
Udhayakumar M
IND
Balamurugan S
IND
Parthasarathi M
MIDP
Ramapandi C
IND
Ravisankar V
IND
Udayakumar
IND
Kumar S
IND
तमिलनाडु में फ्लोर टेस्ट से ठीक पहले बड़ा कानूनी मोड़ आ गया है. मद्रास हाईकोर्ट ने TVK विधायक श्रीनिवास सेतुपति को सदन में वोट देने से रोक दिया, जिसके खिलाफ उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है. पोस्टल बैलेट विवाद से जुड़ा यह मामला अब राज्य की सियासत के साथ संवैधानिक बहस का केंद्र बन गया है.
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तमिलनाडु चुनावों में हार के बाद AIADMK के भीतर बगावत सामने आई है. पार्टी के वरिष्ठ नेता CV शनमुगम से जुड़े विधायकों और पूर्व मंत्रियों के एक गुट ने पार्टी प्रमुख पलानीस्वामी से इस्तीफे की मांग कर दी है. लगातार चुनावी हार की वजह से पार्टी के भीतर संभावित फूट की अटकलों को तेज कर दिया है.
तमिलनाडु की राजनीति में कभी अजेय मानी जाने वाली अन्नाद्रमुक आज अपने वजूद की सबसे कठिन लड़ाई लड़ रही है. लगातार चौथी हार और आंतरिक बगावत ने 'दो पत्तों' वाली इस विरासत को दो फाड़ होने के कगार पर खड़ा कर दिया है.
तमिलनाडु में सरकार गठन के बीच CPI और CPI(M) ने विजय की टीवीके को बाहरी समर्थन देने का फैसला किया है. वाम दलों ने खुलासा किया कि डीएमके चाहती थी कि वे एआईएडीएमके को समर्थन दें, लेकिन इसे अस्वीकार्य मानते हुए उन्होंने टीवीके का साथ चुना. एमए बेबी ने कहा कि वाम दल डीएमके के साथ वैचारिक रिश्ते जारी रखेंगे, लेकिन टीवीके सरकार में कोई मंत्री पद नहीं मांगेंगे.
थलपति विजय और अरविंद केजरीवाल दोनों ही स्थापित व्यवस्था को चुनौती देने वाले 'डिसरप्टर्स' के रूप में उभरे, जहां विजय का करिश्मा सिनेमाई पर्दे से आता है, वहीं केजरीवाल का आधार ज़मीनी सक्रियता थी, लेकिन दोनों ही जनता की राजनीतिक हताशा और बदलाव की तीव्र आकांक्षा के प्रतीक हैं.
तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) को कांग्रेस का समर्थन मिल गया है, जिससे तमिलनाडु में सत्ता गठन का रास्ता साफ होता नजर आ रहा है. इसी बीच अभिनेता-राजनेता विजय ने राज्यपाल से मुलाकात कर सरकार बनाने का दावा पेश किया है.
कांग्रेस द्वारा TVK को समर्थन देने के फैसले ने सियासी हलचल तेज कर दी है. DMK ने इसे गठबंधन के साथ विश्वासघात बताते हुए तीखा हमला बोला है. पार्टी के वरिष्ठ नेता डीआर बालू ने कांग्रेस पर अवसरवादिता का आरोप लगाया है.
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तमिलनाडु में चुनाव नतीजों के बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गई है. अभिनेता-राजनेता विजय की पार्टी टीवीके सरकार गठन की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है. कांग्रेस ने टीवीके को समर्थन देने का ऐलान किया है, जबकि डीएमके ने इस फैसले पर नाराजगी जताई है. पहली बार चुनाव लड़कर 108 सीटें जीतने वाली टीवीके अब बहुमत जुटाने और नई सरकार बनाने की कोशिशों में लगी हुई है.