मुधुकुलथुर विधानसभा क्षेत्र (संख्या 212) रामनाथपुरम जिले का एक मुख्यतः ग्रामीण, कृषि-प्रधान क्षेत्र है, जहां सांस्कृतिक और धार्मिक संस्थान सामाजिक जीवन में अहम भूमिका निभाते हैं. स्थानीय अर्थव्यवस्था कृषि, पशुपालन, छोटे व्यापार और रेमिटेंस पर आधारित है तथा कल्याणकारी योजनाएं सामाजिक सुरक्षा का प्रमुख आधार हैं.
भौगोलिक रूप से इसमें शुष्क भूमि वाले खेत, टैंक-आधारित सिंचाई क्षेत्र और छोटे कस्बे शामिल हैं. रामनाथपुरम और परमकुडी से सड़क संपर्क तो है, लेकिन आंतरिक सड़कों और सार्वजनिक परिवहन की स्थिति कमजोर बनी हुई है. कृषि यहां प्रमुख आजीविका है, पर सीमित रोजगार अवसरों के कारण युवाओं का पलायन जारी है.
सिंचाई, स्वास्थ्य सेवाओं, पेयजल, आंतरिक सड़कों और बाजार संपर्क में सुधार की आवश्यकता बनी हुई है. मतदाता व्यवहार में किसान पानी और उचित मूल्य चाहते हैं, मजदूर मजदूरी और कल्याण योजनाओं की निरंतरता को महत्व देते हैं, युवा शिक्षा व रोजगार की मांग करते हैं, महिलाएं स्वास्थ्य, पानी और सुरक्षा पर जोर देती हैं, जबकि बुजुर्ग पेंशन और चिकित्सा सुविधाओं की अपेक्षा रखते हैं. वर्तमान में राज्य मंत्री राजा कन्नप्पन इस क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं और अतीत में यहां एआईएडीएमके, कांग्रेस और टीएमसी के विधायक चुने जा चुके हैं. कुल मिलाकर, दोनों ही क्षेत्रों में प्रदर्शन-आधारित, जनता से जुड़ी और समस्याओं के समाधान पर केंद्रित राजनीति को प्राथमिकता दी जाती है.
Keerthika Muniyasamy
ADMK
M.murugan
AMMKMNKZ
R.rahmadnisha
NTK
C.navapanneerselvam
MNM
K.sathish
IND
G.m.senthilmurugan
IND
A.saravanakumar
NIDP
S.prabakaran
IND
N.sivanandam
BSP
Nota
NOTA
C.malaiselvam
PT
K.ramachandran
IND
K.murugan
IND
K.boomirajan Yadav
TMTHK
S.immanuvel Sekar
IND
Deva Sitham.i
IND
K.panchatcharam
MIDP
M.karthick
IND
T.azhakumalai Kumaran
IND
K.rajakumar
IND
P.murugan
IND
S.raja
PPIS
E.mohan
IND
Assembly Election News 2026 Live Updates: असम, केरल और पुडुचेरी में चुनाव के बाद अब पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मी चरम पर है. इस बीच AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने हुमायूं कबीर की पार्टी से गठबंधन तोड़ने का ऐलान किया है. वहीं, भारतीय जनता पार्टी (BJP) ममता बनर्जी के गढ़ में सत्ता हासिल करने के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक रही है. अमित शाह ने बंगाल के लिए आज बीजेपी का मेनिफेस्टो जारी किया है. बता दें कि पश्चिम बंगाल की 294 सदस्यीय विधानसभा के लिए 23 और 29 अप्रैल को वोट डाले जाएंगे.
भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने अपने ताजा इंटरव्यू में चुनावी राज्यों बंगाल, असम, केरलम, तमिलनाडु और वहां के मुद्दों पर खुलकर चर्चा की. नबीन ने कहा कि बीजेपी शुरू से एक पॉलिसी पर काम करती आई है कि हम ‘राष्ट्र प्रथम’ की बात करते हैं. बीजेपी अध्यक्ष ने साथ ही कहा कि हम सांस्कृतिक विरासत को बढ़ाने वाले लोग हैं. देखें बातचीत.
Assembly Election News 2026 Live Updates: विधानसभा चुनाव 2026 को लेकर राजनीतिक सरगर्मी अपने चरम पर है. असम, केरल और पुडुचेरी में 9 अप्रैल को एक ही चरण में विधानसभा चुनाव के लिए वोट डाले जाएंगे. वहीं, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भवानीपुर सीट से अपना नामांकन पत्र दाखिल कर दिया है.
तमिलनाडु के चुनावी रण में TVK प्रमुख विजय के हमशक्लों की एंट्री ने मुकाबले को पूरी तरह 'सिनेमैटिक' बना दिया है. भारी गर्मी और प्रचार की बंदिशों के बीच, क्या पार्टी के ये 'बॉडी डबल्स' दिग्गज राजनेताओं के अनुभव और जमीनी संघर्ष पर भारी पड़ पाएंगे.
चुनाव अधिकारियों के अनुसार, मंगलवार को जांच के दौरान एडप्पाडी विधानसभा क्षेत्र के लिए पार्टी के मुख्य और डमी दोनों उम्मीदवारों के नामांकन पत्र खारिज कर दिए गए हैं.
तमिलनाडु को सामाजिक न्याय की प्रयोगशाला माना जाता है, जिसका नतीजा है कि इस बार के विधानसभा चुनाव में डीएमके और AIADMK ही नहीं कांग्रेस और बीजेपी ने भी किसी ब्राह्मण को उम्मीदवार नहीं बनाया है. सवाल उठता है कि आखिर क्यों ब्राह्मण प्रत्याशी देने से सियासी दल बच रहे हैं?
16 अप्रैल को बुलाए गए संसद सत्र में महिला आरक्षण कानून से जुड़े संशोधन विधेयक पेश किए जाने की तैयारी है. सरकार कानूनी रूप से 2029 के लोकसभा चुनाव में 33 फीसदी महिला आरक्षण लागू करना चाहती है - विपक्ष को वैसे तो कोई ऐतराज नहीं है, लेकिन टाइमिंग को लेकर सवाल जरूर उठाया है.
तमिलनाडु की राजनीति में करुणानिधि को लेकर बड़ा बवाल मच गया है. विपक्षी नेता पलानीस्वामी ने मुख्यमंत्री एमके स्टालिन पर हमला बोलते हुए दावा किया कि उन्होंने अपने ही पिता करुणानिधि को आखिरी दिनों में घर में कैद करके रखा था. उन्होंने कहा कि वह सिर्फ वही दोहरा रहे हैं जो स्टालिन के सगे भाई अलागिरि और करीबी नेता ए. राजा पहले ही कह चुके हैं.
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के स्टालिन ने केंद्र की एनडीए सरकार और पीएम मोदी पर तीन-भाषा नीति लागू करने की चुनौती दी. उन्होंने सरकार पर हिंदी थोपने की नीति का कड़ा विरोध किया. स्टालिन महंगाई और एलपीजी सिलेंडर की कमी को लेकर भी पीएम मोदी पर निशाना साधा.
तीन भाषा फॉर्मूले को लेकर एक बार फिर से केंद्र और तमिलनाडु के बीच गतिरोध सामने आया है. मुख्यमंत्री एमके स्टालिन इन इस नीति पर एक बार फिर से सवाल खड़ा करते हुए कहा है कि हिंदी थोपने की कोशिश की जा रही है. इसे एकतरफा नीति बताया है. वहीं, केंद्र की ओर से भी इस पर प्रतिक्रिया आई है. शिक्षा मंत्री ने जवाब दिया है.