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Ottapidaram Vidhan Sabha Results Live: तमिलनाडु के ओट्टापीदारम विधानसभा क्षेत्र में TVK का दबदबा, DMK को हराया
Ottapidaram Vidhan Sabha Election Results Live: ओट्टापीदारम विधानसभा का रिजल्ट घोषित, TVK ने DMK को हराया
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ओट्टापिदारम विधानसभा क्षेत्र तमिलनाडु के थूथुक्कुडी जिले के दक्षिणी हिस्से में स्थित एक प्रमुख रूप से ग्रामीण क्षेत्र है. यहां की अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से कृषि, पशुपालन और छोटे-मोटे व्यापार पर आधारित है. टैंक आधारित और वर्षा पर निर्भर खेती लोगों की आजीविका का मुख्य साधन है, जबकि बाहर काम करने वाले प्रवासी मजदूरों से आने वाला पैसा कई परिवारों की आय को सहारा देता है. सांस्कृतिक रूप से यह क्षेत्र काफी समृद्ध है, जहां मंदिर, मस्जिद और स्थानीय त्योहार सामाजिक एकता को मजबूत करते हैं.
राजनीतिक रूप से ओट्टापिडारम को पहले एक स्विंग सीट माना जाता रहा है, जहां कांग्रेस और कम्युनिस्ट दलों को जीत मिली है. पुथिया तमिझगम के नेता डॉ. कृष्णास्वामी यहां से दो बार विधायक रह चुके हैं. हाल के वर्षों में द्रविड़ दलों का यहां राजनीतिक प्रभुत्व बढ़ा है.
भौगोलिक रूप से यह क्षेत्र सूखे और टैंक सिंचित गांवों से मिलकर बना है, जहां धान, मोटे अनाज, दलहन और पशुपालन प्रमुख आजीविका हैं. मानसूनी बारिश और टैंकों का रखरखाव क्षेत्र की स्थिरता के लिए बेहद जरूरी है. सड़क मार्ग से यह क्षेत्र थूथुक्कुडी, विलाथिकुलम और श्रीवैकुंठम से जुड़ा है, लेकिन कई आंतरिक गांवों की सड़कें जर्जर स्थिति में हैं. अनियमित सार्वजनिक परिवहन के कारण महिलाओं, छात्रों और बुजुर्गों को खास दिक्कतों का सामना करना पड़ता है.
यहां के प्रमुख केंद्रों में ओट्टापिदारम टाउन मार्केट, सिंचाई टैंक और नहरें, पंचायत यूनियन और गांव की सड़कें, धार्मिक स्थल, स्कूल, अस्पताल और सरकारी कार्यालय शामिल हैं. क्षेत्र की मुख्य समस्याओं में अनियमित सिंचाई जल आपूर्ति, खेती की बढ़ती लागत, खराब ग्रामीण सड़कें, सीमित स्वास्थ्य सुविधाएं, युवाओं का पलायन, पेयजल संकट, कमजोर सार्वजनिक परिवहन और कल्याणकारी योजनाओं में देरी शामिल है.
मतदाताओं की प्राथमिकताओं की बात करें तो किसान सुनिश्चित सिंचाई और फसल के उचित दाम चाहते हैं. कृषि मजदूरों के लिए मजदूरी की स्थिरता और कल्याण योजनाएं अहम हैं. युवा शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार की मांग कर रहे हैं. महिलाएं स्वास्थ्य सेवाओं, पेयजल और सुरक्षा पर जोर देती हैं, जबकि बुजुर्ग पेंशन, स्वास्थ्य और परिवहन सुविधाओं को प्राथमिकता देते हैं.
Mohan P
ADMK
Vaikundamari M
NTK
Dr.k.krishnasamy
PT
Arumuganainar S
DMDK
Arunadevi R
IJK
Nota
NOTA
Murugan P
NIDP
Samuthiram P
IND
M.a.dharmar
IND
Raj V
IND
Maharajan A
BHUDRP
Elambirai Manimaran P
IND
Sasi Murugan C
IND
Gunasekaran
IND
Velmurugan
IND
Karupparaja
IND
Ganeshkumar M
IND
तमिलनाडु में फ्लोर टेस्ट से ठीक पहले बड़ा कानूनी मोड़ आ गया है. मद्रास हाईकोर्ट ने TVK विधायक श्रीनिवास सेतुपति को सदन में वोट देने से रोक दिया, जिसके खिलाफ उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है. पोस्टल बैलेट विवाद से जुड़ा यह मामला अब राज्य की सियासत के साथ संवैधानिक बहस का केंद्र बन गया है.
तमिलनाडु में AIADMK के भीतर अब खुली बगावत दिखाई देने लगी है. पार्टी के दो गुट अलग-अलग दावों के साथ प्रोटेम स्पीकर से मिलने पहुंचे हैं. एक गुट एडप्पादी K पलानीस्वामी को विधायक दल का नेता बनाए रखने के पक्ष में है, जबकि दूसरा गुट नेतृत्व परिवर्तन की मांग कर रहा है.
तमिलनाडु चुनावों में हार के बाद AIADMK के भीतर बगावत सामने आई है. पार्टी के वरिष्ठ नेता CV शनमुगम से जुड़े विधायकों और पूर्व मंत्रियों के एक गुट ने पार्टी प्रमुख पलानीस्वामी से इस्तीफे की मांग कर दी है. लगातार चुनावी हार की वजह से पार्टी के भीतर संभावित फूट की अटकलों को तेज कर दिया है.
तमिलनाडु की राजनीति में कभी अजेय मानी जाने वाली अन्नाद्रमुक आज अपने वजूद की सबसे कठिन लड़ाई लड़ रही है. लगातार चौथी हार और आंतरिक बगावत ने 'दो पत्तों' वाली इस विरासत को दो फाड़ होने के कगार पर खड़ा कर दिया है.
तमिलनाडु में सरकार गठन के बीच CPI और CPI(M) ने विजय की टीवीके को बाहरी समर्थन देने का फैसला किया है. वाम दलों ने खुलासा किया कि डीएमके चाहती थी कि वे एआईएडीएमके को समर्थन दें, लेकिन इसे अस्वीकार्य मानते हुए उन्होंने टीवीके का साथ चुना. एमए बेबी ने कहा कि वाम दल डीएमके के साथ वैचारिक रिश्ते जारी रखेंगे, लेकिन टीवीके सरकार में कोई मंत्री पद नहीं मांगेंगे.
थलपति विजय और अरविंद केजरीवाल दोनों ही स्थापित व्यवस्था को चुनौती देने वाले 'डिसरप्टर्स' के रूप में उभरे, जहां विजय का करिश्मा सिनेमाई पर्दे से आता है, वहीं केजरीवाल का आधार ज़मीनी सक्रियता थी, लेकिन दोनों ही जनता की राजनीतिक हताशा और बदलाव की तीव्र आकांक्षा के प्रतीक हैं.
तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) को कांग्रेस का समर्थन मिल गया है, जिससे तमिलनाडु में सत्ता गठन का रास्ता साफ होता नजर आ रहा है. इसी बीच अभिनेता-राजनेता विजय ने राज्यपाल से मुलाकात कर सरकार बनाने का दावा पेश किया है.
कांग्रेस द्वारा TVK को समर्थन देने के फैसले ने सियासी हलचल तेज कर दी है. DMK ने इसे गठबंधन के साथ विश्वासघात बताते हुए तीखा हमला बोला है. पार्टी के वरिष्ठ नेता डीआर बालू ने कांग्रेस पर अवसरवादिता का आरोप लगाया है.
तमिलनाडु की राजनीति में विजय की एंट्री सिर्फ एक सुपरस्टार की सफलता नहीं, बल्कि पिता-पुत्र के संघर्ष, सपनों और रिश्तों की कहानी भी बन गई है. कभी बेटे को फिल्मों में लॉन्च करने वाले एसए चंद्रशेखर आज उसी विजय की राजनीतिक जीत पर गर्व कर रहे हैं. कानूनी विवाद, रिश्तों में दूरियां और फिर भावनात्मक मेल-मिलाप के बाद अब विजय सत्ता के सबसे बड़े दरवाजे तक पहुंच चुके हैं.
तमिलनाडु में चुनाव नतीजों के बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गई है. अभिनेता-राजनेता विजय की पार्टी टीवीके सरकार गठन की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है. कांग्रेस ने टीवीके को समर्थन देने का ऐलान किया है, जबकि डीएमके ने इस फैसले पर नाराजगी जताई है. पहली बार चुनाव लड़कर 108 सीटें जीतने वाली टीवीके अब बहुमत जुटाने और नई सरकार बनाने की कोशिशों में लगी हुई है.