AIADMK
TVK
CPM
NTK
नोटा
NOTA
BSP
IND
IND
RTSMJD
IND
IND
IND
PTM
IND
IND
IND
Palani Election Results Live: पलानी निर्वाचन क्षेत्र में AIADMK की जीत, जानिए पूरा रिजल्ट
Tamil Nadu Assembly Election Results 2026 Live: दिग्गज उम्मीदवारों में कौन खुश होगा, किसे लगेगा झटका? जानें रुझानों में कौन आगे और कौन पीछे?
Palani Vidhan Sabha Result Live: तमिलनाडु इलेक्शन रिजल्ट अपडेट्स कैसे चेक करें?
Tamil Nadu Assembly Election Results 2026 Live: दिग्गज उम्मीदवारों में कौन खुश होगा, किसे लगेगा झटका? जानें रुझानों में कौन आगे और कौन पीछे?
Palani Chunav Results 2026 Live: पलानी विधानसभा सीट पर यह क्या हो गया!
Tamil Nadu Election Results 2026 Live: तमिलनाडु चुनाव में राजनीतिक गठबंधनों का प्रदर्शन कैसा है?
पलानी विधानसभा क्षेत्र (संख्या 127) भगवान मुरुगन के छह पवित्र धामों में से एक के रूप में जाना जाता है. यह एक अनूठा मिश्रित निर्वाचन क्षेत्र है, जहां धार्मिक पर्यटन, मंदिर से जुड़ी अर्थव्यवस्था और कृषि- तीनों मिलकर चुनावी परिणामों को प्रभावित करते हैं. सामान्य कोंगु क्षेत्र के पूरी तरह कृषि-आधारित सीटों के विपरीत, पलानी में मतदान का व्यवहार तीर्थयात्रियों की आवाजाही, मंदिर-नगर की आजीविका और शहरी-ग्रामीण संतुलन से भी प्रभावित होता है. इसके साथ-साथ पारंपरिक कृषि और सरकारी कल्याण योजनाओं से जुड़े मुद्दे भी यहां महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. इस सीट पर जीत-हार का अंतर आमतौर पर मध्यम रहता है, और कभी-कभी परिणामों में बदलाव तब देखने को मिलता है जब मंदिर प्रशासन से जुड़े विवाद, पर्यटन में व्यवधान, पानी की कमी, या शहर की सेवाओं में कमी जैसी स्थितियां सामने आती हैं.
राजनीतिक और सामाजिक रूप से इस क्षेत्र में कई तरह के मतदाता समूह प्रभाव डालते हैं. इनमें मंदिर से जुड़े कामगार जैसे दुकानदार, लॉज और होटल चलाने वाले, परिवहन से जुड़े लोग और छोटे विक्रेता शामिल हैं. इसके अलावा तीर्थयात्री अर्थव्यवस्था पर निर्भर लोग, जैसे होटल मालिक, ऑटो चालक और गाइड भी एक बड़ा वर्ग हैं. आसपास के ग्रामीण इलाकों में रहने वाले किसान, कोंगु और गैर-कोंगु ओबीसी समुदाय, शहर के बाहरी इलाकों और गांवों में रहने वाले अनुसूचित जाति (SC) समुदाय, तथा छोटे व्यापारी, सेवा क्षेत्र के कर्मचारी और दैनिक मजदूरी करने वाले लोग भी चुनावी समीकरणों को प्रभावित करते हैं.
भौगोलिक दृष्टि से पलानी शहर एक प्रमुख तीर्थस्थल के रूप में जाना जाता है. इसके आसपास पलानी पहाड़ियों के तलहटी वाले गांव, सूखे और आंशिक रूप से सिंचित कृषि क्षेत्र, और ऐसे इलाके हैं जहां मौसमी रूप से बड़ी संख्या में तीर्थयात्री आते हैं. यहां अर्ध-शहरी बस्तियों का प्रभुत्व है, जबकि बाहरी हिस्सों में ग्रामीण क्षेत्र फैले हुए हैं. इस वजह से मंदिर-नगर की गतिविधियां और माहौल अक्सर पूरे क्षेत्र के राजनीतिक माहौल को प्रभावित करते हैं.
क्षेत्र के प्रमुख केंद्रों या हॉटस्पॉट्स में बाला डंडायुधपानी हिल मंदिर, मंदिर से जुड़े शहर के वार्ड, व्यापार और लॉजिंग के क्षेत्र, आसपास के कृषि प्रधान गांव, SC समुदाय की बस्तियां, और परिवहन तथा छोटे विक्रेताओं से जुड़े इलाके शामिल हैं. इन सभी क्षेत्रों की प्रतिक्रिया तीर्थयात्रियों की संख्या, नगर की सफाई व्यवस्था, ट्रैफिक प्रबंधन, पानी की उपलब्धता, मंदिर प्रशासन के फैसले और मौसमी रोजगार की स्थिति जैसे मुद्दों पर काफी तेज होती है.
मुख्य स्थानीय मुद्दों में मंदिर नगर में ट्रैफिक, सफाई और भीड़ प्रबंधन, शहर और गांवों के लिए पानी की पर्याप्त आपूर्ति, तीर्थयात्रा से जुड़ी अर्थव्यवस्था की सुरक्षा जैसे छोटे विक्रेता, ऑटो चालक और लॉज मालिक, शहरी सड़कों और जल निकासी व्यवस्था का विकास, मौसमी रोजगार की उपलब्धता, सरकारी अस्पताल और आपातकालीन सेवाओं की सुविधा, तथा छोटे व्यापारियों के लिए निष्पक्ष नियम-व्यवस्था ताकि उन्हें अनावश्यक परेशान न किया जाए, जैसे मुद्दे प्रमुख हैं.
मतदाताओं की सोच या मूड की बात करें तो यहां के लोग चाहते हैं कि उनका विधायक मंदिर-नगर की संवेदनशीलता को समझते हुए प्रशासनिक कुशलता के साथ काम करे. इसके लिए HR&CE विभाग, नगर पालिका, हाईवे विभाग और पुलिस के साथ मजबूत समन्वय जरूरी माना जाता है. त्योहारों और भीड़भाड़ वाले सीजन में दिखने वाली सक्रियता और प्रबंधन मतदाताओं को प्रभावित करता है. साथ ही छोटे व्यापारियों और सेवा क्षेत्र के कामगारों की सुरक्षा, और शहर के साथ-साथ बाहरी ग्रामीण क्षेत्रों को भी बराबर ध्यान देना जरूरी है. अगर तीर्थयात्रा से जुड़ी अर्थव्यवस्था या शहरी सेवाओं के दबाव को नजरअंदाज किया जाता है, तो मतदाताओं की नाराजगी बहुत जल्दी बढ़ सकती है और चुनावी परिणामों पर इसका सीधा असर पड़ सकता है.
Ravi Manoharan K
ADMK
Vinoth Rajasekaran G
NTK
Poovendhan T
MNM
Veerakumar V
AMMKMNKZ
Nota
NOTA
Sivabala Moorthi K
ABHM
Sudha R B
IND
Suresh M
IND
Nachimuthu S
BSP
Nagendran G
IND
Samiappa Gounder P
IND
Shahul Hameed
IND
Siddiq M
IND
Lathika
IND
Periyadurai M
IND
Ananthan S. P
IND
Thangavel B
MIDP
Munishraja M
IND
Pandeeswaran M
IND
Rasulbeevi Sahabudeen
IND
Thangavel A
IND
Kaliappan K
IND
Azhagumalai A
IND
Karuppusamy P
IND
तमिलनाडु में फ्लोर टेस्ट से ठीक पहले बड़ा कानूनी मोड़ आ गया है. मद्रास हाईकोर्ट ने TVK विधायक श्रीनिवास सेतुपति को सदन में वोट देने से रोक दिया, जिसके खिलाफ उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है. पोस्टल बैलेट विवाद से जुड़ा यह मामला अब राज्य की सियासत के साथ संवैधानिक बहस का केंद्र बन गया है.
तमिलनाडु में AIADMK के भीतर अब खुली बगावत दिखाई देने लगी है. पार्टी के दो गुट अलग-अलग दावों के साथ प्रोटेम स्पीकर से मिलने पहुंचे हैं. एक गुट एडप्पादी K पलानीस्वामी को विधायक दल का नेता बनाए रखने के पक्ष में है, जबकि दूसरा गुट नेतृत्व परिवर्तन की मांग कर रहा है.
तमिलनाडु चुनावों में हार के बाद AIADMK के भीतर बगावत सामने आई है. पार्टी के वरिष्ठ नेता CV शनमुगम से जुड़े विधायकों और पूर्व मंत्रियों के एक गुट ने पार्टी प्रमुख पलानीस्वामी से इस्तीफे की मांग कर दी है. लगातार चुनावी हार की वजह से पार्टी के भीतर संभावित फूट की अटकलों को तेज कर दिया है.
तमिलनाडु की राजनीति में कभी अजेय मानी जाने वाली अन्नाद्रमुक आज अपने वजूद की सबसे कठिन लड़ाई लड़ रही है. लगातार चौथी हार और आंतरिक बगावत ने 'दो पत्तों' वाली इस विरासत को दो फाड़ होने के कगार पर खड़ा कर दिया है.
तमिलनाडु में सरकार गठन के बीच CPI और CPI(M) ने विजय की टीवीके को बाहरी समर्थन देने का फैसला किया है. वाम दलों ने खुलासा किया कि डीएमके चाहती थी कि वे एआईएडीएमके को समर्थन दें, लेकिन इसे अस्वीकार्य मानते हुए उन्होंने टीवीके का साथ चुना. एमए बेबी ने कहा कि वाम दल डीएमके के साथ वैचारिक रिश्ते जारी रखेंगे, लेकिन टीवीके सरकार में कोई मंत्री पद नहीं मांगेंगे.
थलपति विजय और अरविंद केजरीवाल दोनों ही स्थापित व्यवस्था को चुनौती देने वाले 'डिसरप्टर्स' के रूप में उभरे, जहां विजय का करिश्मा सिनेमाई पर्दे से आता है, वहीं केजरीवाल का आधार ज़मीनी सक्रियता थी, लेकिन दोनों ही जनता की राजनीतिक हताशा और बदलाव की तीव्र आकांक्षा के प्रतीक हैं.
तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) को कांग्रेस का समर्थन मिल गया है, जिससे तमिलनाडु में सत्ता गठन का रास्ता साफ होता नजर आ रहा है. इसी बीच अभिनेता-राजनेता विजय ने राज्यपाल से मुलाकात कर सरकार बनाने का दावा पेश किया है.
कांग्रेस द्वारा TVK को समर्थन देने के फैसले ने सियासी हलचल तेज कर दी है. DMK ने इसे गठबंधन के साथ विश्वासघात बताते हुए तीखा हमला बोला है. पार्टी के वरिष्ठ नेता डीआर बालू ने कांग्रेस पर अवसरवादिता का आरोप लगाया है.
तमिलनाडु की राजनीति में विजय की एंट्री सिर्फ एक सुपरस्टार की सफलता नहीं, बल्कि पिता-पुत्र के संघर्ष, सपनों और रिश्तों की कहानी भी बन गई है. कभी बेटे को फिल्मों में लॉन्च करने वाले एसए चंद्रशेखर आज उसी विजय की राजनीतिक जीत पर गर्व कर रहे हैं. कानूनी विवाद, रिश्तों में दूरियां और फिर भावनात्मक मेल-मिलाप के बाद अब विजय सत्ता के सबसे बड़े दरवाजे तक पहुंच चुके हैं.
तमिलनाडु में चुनाव नतीजों के बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गई है. अभिनेता-राजनेता विजय की पार्टी टीवीके सरकार गठन की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है. कांग्रेस ने टीवीके को समर्थन देने का ऐलान किया है, जबकि डीएमके ने इस फैसले पर नाराजगी जताई है. पहली बार चुनाव लड़कर 108 सीटें जीतने वाली टीवीके अब बहुमत जुटाने और नई सरकार बनाने की कोशिशों में लगी हुई है.