अलंगुलम विधानसभा क्षेत्र (संख्या 223) तमिलनाडु के तेनकासी जिले के पूर्वी हिस्से में स्थित है और इसमें मुख्य रूप से ग्रामीण गांव, छोटे बाजार वाले कस्बे और कृषि आधारित बस्तियां शामिल हैं. यह क्षेत्र तिरुनेलवेली और तेनकासी जैसे शहरी केंद्रों के बीच स्थित होने के कारण क्षेत्र का एक महत्वपूर्ण कृषि बेल्ट माना जाता है. यहां की स्थानीय अर्थव्यवस्था का आधार मुख्य रूप से कृषि, छोटे स्तर का व्यापार और ग्रामीण रोजगार योजनाएं हैं. इस क्षेत्र में बड़े पैमाने पर धान (पैडी), दलहन (पल्सेस) और बागवानी फसलें उगाई जाती हैं. राजनीतिक रूप से अलंगुलम में हमेशा से प्रमुख द्रविड़ पार्टियों और उनके गठबंधनों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिलता रहा है.
सामाजिक और राजनीतिक रूप से यहां का मतदाता वर्ग मुख्य रूप से किसान, कृषि मजदूर और छोटे व्यापारी हैं. सामाजिक संरचना में थेवर, नादर, अनुसूचित जातियां और अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) समुदाय प्रमुख रूप से शामिल हैं. स्थानीय स्तर पर जाति आधारित संगठन, किसान समूह और गांव स्तर के संगठन चुनावी माहौल को प्रभावित करते हैं. यहां चुनाव प्रचार में ग्रामीण विकास और सरकारी कल्याण योजनाएं बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं.
भौगोलिक रूप से यह क्षेत्र तिरुनेलवेली और तेनकासी जिलों के बीच के मैदानी इलाके में स्थित है, जहां उपजाऊ कृषि भूमि और फैली हुई ग्रामीण बस्तियां इसकी खास पहचान हैं. यह क्षेत्र सड़कों के अच्छे नेटवर्क से जुड़ा हुआ है, जो इसे तिरुनेलवेली, तेनकासी और आसपास के कस्बों से जोड़ता है. यहां की खेती मुख्य रूप से तालाब (टैंक), नहरों और भूजल संसाधनों पर आधारित सिंचाई व्यवस्था से समर्थित है. इसके अलावा साप्ताहिक हाट-बाजार और छोटे व्यापारिक केंद्र स्थानीय व्यापार को बढ़ावा देते हैं.
इस क्षेत्र के प्रमुख स्थानों में वडकासी अम्मन मंदिर, श्री कैलासनाथर अरियानायगी अम्माल कोविल और श्री इसक्कीअम्मन कोविल जैसे धार्मिक स्थल शामिल हैं. अलंगुलम कस्बा इस क्षेत्र का प्रशासनिक और व्यावसायिक केंद्र है. इसके अलावा धान और अन्य फसलें उगाने वाले कृषि गांव, ग्रामीण बाजार केंद्र जहां आसपास के गांवों से किसान और व्यापारी आते हैं, तिरुनेलवेली-तेनकासी हाईवे के किनारे बसे इलाके, और पंचायत समूह जहां कल्याणकारी योजनाओं का मतदाता व्यवहार पर गहरा असर पड़ता है, ये सभी इस क्षेत्र की महत्वपूर्ण विशेषताएं हैं.
मुख्य मुद्दों की बात करें तो यहां सिंचाई सुविधाएं और पानी की उपलब्धता, ग्रामीण सड़कों और सार्वजनिक परिवहन की स्थिति, कृषि सब्सिडी और किसान कल्याण योजनाएं, ग्रामीण युवाओं के लिए रोजगार के अवसर, और स्कूल, स्वास्थ्य सेवाओं व स्थानीय बाजारों का विकास प्रमुख मुद्दे हैं.
मतदाताओं का रुझान (वोटर मूड) भी इन मुद्दों के अनुसार तय होता है. किसान सिंचाई, फसल के दाम और सरकारी सहायता को सबसे ज्यादा महत्व देते हैं. ग्रामीण परिवार आवास और सामाजिक लाभ जैसी कल्याणकारी योजनाओं को प्राथमिकता देते हैं. युवा वर्ग रोजगार और शिक्षा के अवसरों पर ध्यान देता है, जबकि व्यापारी स्थानीय बाजारों के विकास और बेहतर कनेक्टिविटी की मांग करते हैं. कुल मिलाकर, यहां चुनाव आमतौर पर काफी प्रतिस्पर्धी होते हैं और समुदायों के आपसी गठजोड़ चुनाव परिणामों को काफी प्रभावित करते हैं.
Dr.poongothai Aladi Aruna
DMK
Hari Nadar.a
IND
M.sangeetha Esak
NTK
Rajendranathan
DMDK
Nota
NOTA
S.selvakumar
MNM
A.udhayakumar
PT
Arunkumar.k
IND
K.sivaram
IND
S.sankar Ganesh Yadav
IND
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