राधापुरम विधानसभा क्षेत्र (संख्या 228) तमिलनाडु के तिरुनेलवेली जिले के दक्षिणी हिस्से में स्थित है और यह गल्फ ऑफ मन्नार के तटीय क्षेत्र के पास आता है. इस क्षेत्र में ग्रामीण खेती वाले गांव, तटीय मछुआरा बस्तियां और छोटे कस्बे शामिल हैं. यहां की स्थानीय अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से कृषि, मछली पकड़ने का काम, और बड़े ऊर्जा प्रोजेक्ट्स से जुड़े रोजगार पर आधारित है. खास तौर पर कुडनकुलम न्यूक्लियर पावर प्लांट की मौजूदगी ने इस क्षेत्र को राजनीतिक रूप से बहुत महत्वपूर्ण बना दिया है. पिछले एक दशक में इस प्रोजेक्ट से जुड़े विकास, सुरक्षा, रोजगार के अवसर और पर्यावरण संबंधी चिंताएं चुनावी बहस का मुख्य मुद्दा रही हैं.
इस क्षेत्र की राजनीतिक और सामाजिक संरचना की बात करें तो यहां का मतदाता वर्ग मुख्य रूप से ग्रामीण और तटीय है, जिसमें किसान, मछुआरे, दिहाड़ी मजदूर और छोटे व्यापारी शामिल हैं. सामाजिक रूप से यहां नाडार, थेवर, अनुसूचित जाति समुदाय और तटीय मछुआरा समुदाय का प्रभाव है. इसके अलावा चर्च संस्थाएं, मछुआरा यूनियन और किसान संगठन भी लोगों को राजनीतिक रूप से प्रभावित करने और एकजुट करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. कुडनकुलम परमाणु परियोजना से जुड़े विकास बनाम पर्यावरण के मुद्दे यहां की राजनीति में बार-बार उठते रहते हैं.
भौगोलिक रूप से यह क्षेत्र तिरुनेलवेली जिले के दक्षिण में स्थित है और गल्फ ऑफ मन्नार के तटीय इलाके के करीब आता है. यहां एक तरफ अंदरूनी खेती वाले गांव हैं, तो दूसरी तरफ समुद्र किनारे मछुआरा बस्तियां भी हैं. यह क्षेत्र राज्य राजमार्गों के जरिए तिरुनेलवेली, नागरकोइल और आसपास के शहरों से अच्छी तरह जुड़ा हुआ है. समुद्र के पास होने के कारण यहां मछली पकड़ने और छोटे बंदरगाह आधारित रोजगार भी काफी हैं. साथ ही कुडनकुलम परमाणु ऊर्जा स्टेशन जैसी बड़ी परियोजना यहां के विकास और जीवनशैली को प्रभावित करती है.
इस क्षेत्र के प्रमुख स्थानों में प्राचीन वरगुनापांडीश्वरर नित्यकल्याणी अम्मन मंदिर, अरुलमिगु श्री अम्मैनाथर तिरुकोविल मरगधा मणिका मणि विनायक मंदिर, और राधापुरम शहर शामिल हैं, जो प्रशासनिक और व्यापारिक केंद्र है और जहां अलग-अलग वर्ग के मतदाता रहते हैं. कुडनकुलम क्षेत्र राजनीतिक रूप से संवेदनशील माना जाता है क्योंकि यहां परमाणु ऊर्जा संयंत्र है. इसके अलावा उवारी जैसे तटीय मछुआरा गांव और आसपास की बस्तियां भी वोटिंग पैटर्न को प्रभावित करती हैं. यहां के कृषि गांवों में धान, दालें और बागवानी फसलें उगाई जाती हैं. यह पूरा क्षेत्र सड़कों के नेटवर्क से जुड़ा है जो तिरुनेलवेली और कन्याकुमारी जिलों तक जाता है.
मुख्य मुद्दों की बात करें तो यहां कुडनकुलम न्यूक्लियर प्लांट से जुड़े रोजगार के अवसर, किसानों के लिए पानी और सिंचाई की सुविधा, मछुआरों के लिए फिशिंग हार्बर और तटीय सुरक्षा, ग्रामीण सड़कों, पीने के पानी और आवास की व्यवस्था, और युवाओं के लिए रोजगार व स्किल डेवलपमेंट जैसे मुद्दे सबसे अहम हैं. साथ ही युवाओं का नौकरी के लिए शहरों की ओर पलायन भी एक बड़ी चिंता है.
मतदाताओं के रुझान (Voter Mood) की बात करें तो किसान सिंचाई, फसल के दाम और ग्रामीण विकास को प्राथमिकता देते हैं. मछुआरा समुदाय तटीय सुरक्षा, हार्बर सुविधाएं और सरकारी योजनाओं पर ज्यादा ध्यान देता है. वहीं युवा वर्ग रोजगार के अवसर, खासकर उद्योग और ऊर्जा परियोजनाओं से जुड़े अवसर चाहता है. यहां सरकारी योजनाएं और ग्रामीण विकास कार्यक्रम वोटिंग को काफी प्रभावित करते हैं. आमतौर पर यहां चुनाव काफी प्रतिस्पर्धी होते हैं और नतीजों पर समुदायों के गठजोड़ और क्षेत्रीय पार्टियों की साझेदारी का बड़ा असर पड़ता है.
I.s.inbadurai
ADMK
R.jesu Dhasan
NTK
K.jeyabalan
DMDK
G.deva Peran
IND
Nota
NOTA
K.subburaj
IND
R.sudalaimani
IND
E.esakkiammal
BSP
T.sermadurai
IND
J.jesu Rajendran
NIDP
A.kumar
IND
T.muthu Selvi
IND
M.chandran
VTVTK
N.godfrey Washington Noble
AJPK
T.venus Veera Arasu
IND
N.kannan
IND
M.vijayakumar
IND
D.arunraj
IND
M.saswathan
IND
M.antony Rossary
IND
D.sheik Syed Ali
IND
S.abinanth Ram
IND
S.katteri Perumal
IND
T.rethina Pandi
IND
S.manikandan
IND
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