तमिलनाडु के थेनी जिले में पश्चिमी घाट की तलहटी में स्थित बोडिनायकनूर (निर्वाचन क्षेत्र संख्या 200) राज्य के सबसे राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण और सामाजिक रूप से जटिल विधानसभा क्षेत्रों में गिना जाता है. इसे अक्सर इलायची पहाड़ियों का प्रवेश द्वार कहा जाता है. यह क्षेत्र बागान आधारित अर्थव्यवस्था, व्यापार-केंद्रित शहरी इलाकों और कृषि प्रधान ग्रामीण क्षेत्रों का अनोखा मिश्रण है. इलायची, काली मिर्च और कॉफी जैसे मसालों के व्यापार के लिए प्रसिद्ध बोडिनायकनूर लंबे समय से जिले का एक प्रमुख आर्थिक केंद्र रहा है.
यह निर्वाचन क्षेत्र एक व्यस्त नगर क्षेत्र के साथ-साथ एस्टेट गांवों, पहाड़ी बस्तियों और समतल कृषि क्षेत्रों को समेटे हुए है. जहां व्यापार और बागान इस क्षेत्र की पहचान बनाते हैं, वहीं रोजगार की अस्थिरता, सिंचाई की समस्या और बुनियादी ढांचे की कमी जैसे प्रशासनिक मुद्दे मतदाताओं की अपेक्षाओं को अधिक प्रभावित करते हैं.
राजनीतिक और सामाजिक दृष्टि से बोडिनायकनूर एक हाई-प्रोफाइल सीट मानी जाती है, जहां मजबूत राजनीतिक व्यक्तित्व, गहरी जमी हुई निष्ठाएं और बूथ स्तर पर मजबूत संगठन देखने को मिलता है. तमिलनाडु की पूर्व मुख्यमंत्री जे. जयललिता ने 1989 में इसी सीट से विधानसभा में अपनी पहली जीत दर्ज की थी. यहां का मतदान व्यवहार कृषि समुदायों, बागान श्रमिकों, व्यापारियों और बढ़ते शहरी कार्यबल से प्रभावित होता है. सामाजिक गठजोड़, जातीय समीकरण और स्थानीय नेतृत्व नेटवर्क अक्सर राज्य स्तरीय मुद्दों से अधिक निर्णायक भूमिका निभाते हैं.
यहां के मतदाता राजनीतिक रूप से जागरूक हैं और प्रतिनिधियों के प्रदर्शन, उपलब्धता और संवेदनशीलता पर करीबी नजर रखते हैं. चुनावी नतीजे आमतौर पर कड़े मुकाबले वाले होते हैं, जिनमें बागान क्षेत्रों और शहरी वार्डों में मतदान प्रतिशत निर्णायक साबित होता है.
इस क्षेत्र के प्रमुख केंद्रों में बोडिनायकनूर का मुख्य बाजार और व्यावसायिक इलाका, बागान क्षेत्र व एस्टेट बस्तियां, मेघमलई के पास स्थित तलहटी गांव, बस स्टैंड और परिवहन जंक्शन, थोक मसाला व्यापार क्षेत्र तथा सिंचाई टैंक और नहरों का नेटवर्क शामिल हैं.
स्थानीय मुद्दों की बात करें तो जल संकट से खेती और बागान दोनों प्रभावित हैं. इलायची, काली मिर्च और कॉफी की कीमतों में उतार-चढ़ाव किसानों और व्यापारियों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है. एस्टेट और पहाड़ी इलाकों में खराब सड़कों की स्थिति, नगर क्षेत्रों में जल निकासी और स्वच्छता की समस्याएं, बागान क्षेत्रों में सीमित स्वास्थ्य सुविधाएं तथा एस्टेट श्रमिकों के लिए अपर्याप्त आवास जैसी समस्याएं प्रमुख हैं. इसके साथ ही युवाओं में बेरोजगारी, कौशल और रोजगार के बीच असंतुलन, मौसमी पलायन और नौकरी की असुरक्षा भी बड़े मुद्दे बने हुए हैं.
मतदाताओं की मनोदशा को देखें तो किसान सुनिश्चित सिंचाई, कीमतों में स्थिरता और सरकारी सब्सिडी चाहते हैं. बागान श्रमिक आवास सुरक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और परिवहन सुविधाओं की मांग कर रहे हैं. व्यापारी बेहतर सड़कें, आधुनिक बाजार सुविधाएं और कानून-व्यवस्था को प्राथमिकता देते हैं. युवा रोजगार, कौशल प्रशिक्षण और शिक्षा तक बेहतर पहुंच की अपेक्षा रखते हैं, जबकि महिलाएं जल आपूर्ति, स्वास्थ्य सेवाओं और कल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर देती हैं. कुल मिलाकर मतदाता उम्मीदवार की उपलब्धता, संकट के समय प्रतिक्रिया और क्षेत्र में उनकी सक्रिय उपस्थिति के आधार पर निर्णय लेते हैं.
Thangatamilselvan
DMK
M.prem Chandar
NTK
M.muthusamy
AMMKMNKZ
P.ganesh Kumar
MNM
Nota
NOTA
K.i.m Hakkeem
AITC
Tamilselvan
IND
G.senthil Kumar
IND
N.saleem
IND
M.anantharaj
IND
P.kumaragurubaran
IND
Arun Kumar
MIDP
P.nagendhren
IND
N.krishnan
IND
P.manimaran
IND
S.krishnaveni
APTADMK
C.anbazhakan
IND
Theni.t.karnan
ADK
P.karuppiah
BHUDRP
V.ramprakaash
IND
V.nandhagopal
IND
T.raja Mohamed
IND
A.abthahir
IND
Raja Mohamed
IND
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