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Virudhunagar Vidhan Sabha Election Results Live: विरुधुनगर विधानसभा का रिजल्ट घोषित, TVK ने DMDK को हराया
Tamil Nadu Assembly Election Results 2026 Live: दिग्गज उम्मीदवारों में कौन खुश होगा, किसे लगेगा झटका? जानें रुझानों में कौन आगे और कौन पीछे?
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Tamil Nadu Assembly Election Results 2026 Live: दिग्गज उम्मीदवारों में कौन खुश होगा, किसे लगेगा झटका? जानें रुझानों में कौन आगे और कौन पीछे?
विरुधुनगर विधानसभा क्षेत्र (संख्या 206) दक्षिण तमिलनाडु के सबसे व्यावसायिक रूप से सक्रिय शहरों में से एक विरुधुनगर के आसपास केंद्रित है, जो ऐतिहासिक रूप से एक बड़ा व्यापारिक केंद्र रहा है. यह शहर लंबे समय से व्यापारिक नेटवर्क, माचिस और पटाखा उद्योग, तथा छोटे स्तर के मैन्युफैक्चरिंग कार्यों के लिए जाना जाता है.
यह क्षेत्र राजनीतिक रूप से भी बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि यह तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री और राज्य के सबसे प्रभावशाली नेताओं में से एक के कामराज का जन्मस्थान है. तमिलनाडु के राजनीतिक इतिहास में एक बड़ा मोड़ तब आया जब 1967 के चुनाव में कामराज के करीबी होने के बावजूद वे अपनी ही इस सीट से हार गए और पी श्रीनिवासन ने उन्हें हराया. यह चुनाव सी. एन. अन्नादुरई के नेतृत्व में राज्य में आजादी के बाद पहली बार द्रविड़ पार्टियों के शासन की शुरुआत का संकेत बना. तब से अब तक इस क्षेत्र में किसी भी राष्ट्रीय पार्टी ने सत्ता हासिल नहीं की है.
यह निर्वाचन क्षेत्र घनी आबादी वाले शहरी इलाकों, औद्योगिक क्लस्टर्स और आसपास के अर्ध-शहरी (सेमी-अर्बन) क्षेत्रों से मिलकर बना है. यहां के मतदाताओं में मुख्य रूप से व्यापारी, औद्योगिक मजदूर, छोटे कारोबारी और सेवा क्षेत्र से जुड़े लोग शामिल हैं. सामाजिक और राजनीतिक दृष्टि से यह क्षेत्र ज्यादातर शहरी और अर्ध-शहरी प्रकृति का है, जहां व्यापारी और बिजनेस समुदाय का मजबूत प्रभाव देखने को मिलता है. यहां राजनीति मुख्य रूप से द्रविड़ मुन्नेत्र कड़गम और अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम के बीच केंद्रित रहती है, जबकि कांग्रेस और अन्य दल भी अपनी मौजूदगी बनाए रखते हैं. सामाजिक संरचना में नादर, नायडू, अनुसूचित जातियां (SC) और अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के व्यापारी समुदाय शामिल हैं. यहां ट्रेडर्स एसोसिएशन, इंडस्ट्रियल ग्रुप्स और सामुदायिक संगठन राजनीतिक गतिविधियों और चुनावी माहौल को प्रभावित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. साथ ही स्थानीय नेता और पार्टी संगठन चुनावी नतीजों को काफी हद तक प्रभावित करते हैं.
भौगोलिक रूप से यह क्षेत्र तमिलनाडु के विरुधुनगर जिले के मध्य भाग में स्थित है और अर्ध-शुष्क (सेमी-एरिड) मैदानों में फैला हुआ है. यह सड़क और रेल नेटवर्क के जरिए मदुरै, शिवकाशी और तूतीकोरिन (Thoothukudi) जैसे शहरों से अच्छी तरह जुड़ा हुआ है, जिससे यह एक महत्वपूर्ण क्षेत्रीय व्यापारिक केंद्र बन गया है. इसके आसपास के गांव कपास, दालें और मूंगफली जैसी फसलों का उत्पादन करते हैं, जबकि नजदीकी औद्योगिक शहरों की गतिविधियां स्थानीय लोगों को रोजगार प्रदान करती हैं.
इस क्षेत्र के प्रमुख हॉटस्पॉट में विरुधुनगर का टाउन सेंटर, जहां घना व्यापारिक और कारोबारी माहौल है, पारंपरिक बाजार और थोक व्यापारिक इलाके, उद्योग और गोदाम से जुड़े क्षेत्र, मध्यम वर्ग और कामकाजी वर्ग के रिहायशी इलाके. और बाहरी हिस्सों के अर्ध-शहरी गांव शामिल हैं, जो ग्रामीण वोटिंग पैटर्न को प्रभावित करते हैं.
मुख्य मुद्दों की बात करें तो यहां के लोगों के लिए स्थानीय उद्योगों और छोटे मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स का विकास, युवाओं के लिए रोजगार के अवसर, शहरी बुनियादी ढांचा जैसे सड़क, जल निकासी और पानी की व्यवस्था, छोटे व्यापारियों को समर्थन और बाजारों का विकास, तथा भूजल प्रबंधन और पीने के पानी की उपलब्धता बेहद महत्वपूर्ण हैं.
मतदाताओं के रुझान को देखें तो यहां के व्यापारी और उद्यमी ऐसी नीतियों को प्राथमिकता देते हैं जो व्यापार को बढ़ावा दें और बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध कराएं. औद्योगिक मजदूर स्थायी रोजगार और श्रमिक कल्याण चाहते हैं, जबकि शहरी निवासी नगर सेवाओं और प्रशासन पर ध्यान देते हैं. युवा वर्ग खास तौर पर नौकरी और शिक्षा के अवसरों को लेकर जागरूक है. कुल मिलाकर, यहां चुनाव अक्सर कड़े मुकाबले वाले होते हैं, जहां द्रविड़ पार्टियों के मजबूत संगठनात्मक नेटवर्क का बड़ा असर देखने को मिलता है.
Pandurangan G
BJP
Selvakumar V.r
NTK
Thangaraj M
AMMKMNKZ
Manimaran N
AISMK
Nota
NOTA
Gunasekaran G
IND
Pungan K
IND
Suyambulingam L
NIDP
Ramaraj C
IND
Veluchamy S
IND
Pandurengan T
IND
Shibi B
IND
Vikraman N
DMMK
Dhamotharan R
IND
Thangaraj R
IND
Thangapandi N
IND
Karuppiah P
IND
Gurunathan G
IND
तमिलनाडु में फ्लोर टेस्ट से ठीक पहले बड़ा कानूनी मोड़ आ गया है. मद्रास हाईकोर्ट ने TVK विधायक श्रीनिवास सेतुपति को सदन में वोट देने से रोक दिया, जिसके खिलाफ उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है. पोस्टल बैलेट विवाद से जुड़ा यह मामला अब राज्य की सियासत के साथ संवैधानिक बहस का केंद्र बन गया है.
तमिलनाडु में AIADMK के भीतर अब खुली बगावत दिखाई देने लगी है. पार्टी के दो गुट अलग-अलग दावों के साथ प्रोटेम स्पीकर से मिलने पहुंचे हैं. एक गुट एडप्पादी K पलानीस्वामी को विधायक दल का नेता बनाए रखने के पक्ष में है, जबकि दूसरा गुट नेतृत्व परिवर्तन की मांग कर रहा है.
तमिलनाडु चुनावों में हार के बाद AIADMK के भीतर बगावत सामने आई है. पार्टी के वरिष्ठ नेता CV शनमुगम से जुड़े विधायकों और पूर्व मंत्रियों के एक गुट ने पार्टी प्रमुख पलानीस्वामी से इस्तीफे की मांग कर दी है. लगातार चुनावी हार की वजह से पार्टी के भीतर संभावित फूट की अटकलों को तेज कर दिया है.
तमिलनाडु की राजनीति में कभी अजेय मानी जाने वाली अन्नाद्रमुक आज अपने वजूद की सबसे कठिन लड़ाई लड़ रही है. लगातार चौथी हार और आंतरिक बगावत ने 'दो पत्तों' वाली इस विरासत को दो फाड़ होने के कगार पर खड़ा कर दिया है.
तमिलनाडु में सरकार गठन के बीच CPI और CPI(M) ने विजय की टीवीके को बाहरी समर्थन देने का फैसला किया है. वाम दलों ने खुलासा किया कि डीएमके चाहती थी कि वे एआईएडीएमके को समर्थन दें, लेकिन इसे अस्वीकार्य मानते हुए उन्होंने टीवीके का साथ चुना. एमए बेबी ने कहा कि वाम दल डीएमके के साथ वैचारिक रिश्ते जारी रखेंगे, लेकिन टीवीके सरकार में कोई मंत्री पद नहीं मांगेंगे.
थलपति विजय और अरविंद केजरीवाल दोनों ही स्थापित व्यवस्था को चुनौती देने वाले 'डिसरप्टर्स' के रूप में उभरे, जहां विजय का करिश्मा सिनेमाई पर्दे से आता है, वहीं केजरीवाल का आधार ज़मीनी सक्रियता थी, लेकिन दोनों ही जनता की राजनीतिक हताशा और बदलाव की तीव्र आकांक्षा के प्रतीक हैं.
तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) को कांग्रेस का समर्थन मिल गया है, जिससे तमिलनाडु में सत्ता गठन का रास्ता साफ होता नजर आ रहा है. इसी बीच अभिनेता-राजनेता विजय ने राज्यपाल से मुलाकात कर सरकार बनाने का दावा पेश किया है.
कांग्रेस द्वारा TVK को समर्थन देने के फैसले ने सियासी हलचल तेज कर दी है. DMK ने इसे गठबंधन के साथ विश्वासघात बताते हुए तीखा हमला बोला है. पार्टी के वरिष्ठ नेता डीआर बालू ने कांग्रेस पर अवसरवादिता का आरोप लगाया है.
तमिलनाडु की राजनीति में विजय की एंट्री सिर्फ एक सुपरस्टार की सफलता नहीं, बल्कि पिता-पुत्र के संघर्ष, सपनों और रिश्तों की कहानी भी बन गई है. कभी बेटे को फिल्मों में लॉन्च करने वाले एसए चंद्रशेखर आज उसी विजय की राजनीतिक जीत पर गर्व कर रहे हैं. कानूनी विवाद, रिश्तों में दूरियां और फिर भावनात्मक मेल-मिलाप के बाद अब विजय सत्ता के सबसे बड़े दरवाजे तक पहुंच चुके हैं.
तमिलनाडु में चुनाव नतीजों के बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गई है. अभिनेता-राजनेता विजय की पार्टी टीवीके सरकार गठन की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है. कांग्रेस ने टीवीके को समर्थन देने का ऐलान किया है, जबकि डीएमके ने इस फैसले पर नाराजगी जताई है. पहली बार चुनाव लड़कर 108 सीटें जीतने वाली टीवीके अब बहुमत जुटाने और नई सरकार बनाने की कोशिशों में लगी हुई है.