तेमकासी विधानसभा क्षेत्र (संख्या 222) दक्षिण तमिलनाडु का एक बहुत ही सांस्कृतिक रूप से जुड़ा हुआ और राजनीतिक रूप से संवेदनशील क्षेत्र माना जाता है. यह हाल के वर्षों में एक अलग जिला मुख्यालय के रूप में विकसित हुआ है. यह क्षेत्र अपने मंदिरों की विरासत, खेती पर आधारित जीवन और वेस्टर्न घाट के पास होने के कारण खास पहचान रखता है.
यह बहुत ज्यादा शहरीकृत नहीं है, लेकिन आसपास के ग्रामीण और पहाड़ी इलाकों के लिए एक महत्वपूर्ण सेवा केंद्र की तरह काम करता है. तेनकासी शहर खुद एक व्यापारिक, धार्मिक और परिवहन हब है, जहां से आसपास के गांवों और पहाड़ी क्षेत्रों का काम चलता है. जिला बनने के बावजूद लोगों को जितनी तेजी से विकास की उम्मीद थी, वह उतनी नजर नहीं आई, इसलिए यहां के मतदाता अब ज्यादा सोच-समझकर और काम के आधार पर वोट करते हैं.
यहां का सामाजिक और राजनीतिक ढांचा काफी परतदार है, किसान, व्यापारी, धार्मिक संस्थान और सरकारी कर्मचारी सभी मिलकर वोटर बनाते हैं. जाति और समुदाय के नेटवर्क का चुनाव पर बड़ा असर होता है. यहां चुनाव अक्सर किसी लहर से नहीं, बल्कि उम्मीदवार की छवि, भरोसे और जमीन से जुड़ाव के आधार पर तय होते हैं. मंदिरों से जुड़ी अर्थव्यवस्था, व्यापारिक समुदाय, खेती करने वाले परिवार और सेवा क्षेत्र मिलकर एक संतुलित मतदाता वर्ग बनाते हैं. यहां के लोगों की याददाश्त भी मजबूत होती है, अधूरे काम, टूटे वादे और नेता की उपलब्धता उनके फैसलों को प्रभावित करती है.
भौगोलिक रूप से यह क्षेत्र पहाड़ियों के किनारे बसा है, जहां छोटी नदियां, उपजाऊ जमीन और मौसमी पानी के स्रोत हैं. खेती काफी हद तक बारिश और टैंकों-नहरों पर निर्भर करती है, इसलिए पानी का प्रबंधन यहां का सबसे बड़ा मुद्दा है. सड़कें टेंकासी को कोर्टालम, सेनगोट्टई, शंकरनकोविल और तिरुनेलवेली से जोड़ती हैं, लेकिन अंदरूनी गांवों और पहाड़ी रास्तों की हालत अभी भी समान नहीं है. कोर्टालम में पर्यटन सीजन के दौरान यहां काफी भीड़ बढ़ जाती है, जिससे ट्रैफिक, सफाई और सड़क व्यवस्था पर दबाव आता है.
इस क्षेत्र के प्रमुख स्थानों में तेनकासी का व्यापारिक इलाका, काशी विश्वनाथर मंदिर क्षेत्र, कोर्टालम रोड, बस स्टैंड और बाजार, पहाड़ी रास्ते और सिंचाई टैंक वाले इलाके शामिल हैं. मुख्य समस्याओं में शहर में बारिश के दौरान जलभराव और ड्रेनेज की कमी, सिंचाई टैंकों और नहरों की खराब देखरेख, पढ़े-लिखे युवाओं के लिए रोजगार की कमी, पर्यटन के समय ट्रैफिक जाम, जिला बनने के बाद भी विकास कार्यों में देरी, सरकारी अस्पतालों की सीमित क्षमता और गांवों तक कमजोर सार्वजनिक परिवहन शामिल हैं.
मतदाताओं का रुख भी साफ दिखाई देता है कि किसान बेहतर सिंचाई, टैंकों के पुनर्जीवन और फसल सुरक्षा चाहते हैं. व्यापारी शहर की बेहतर योजना, ट्रैफिक कंट्रोल और सफाई की मांग करते हैं. युवा रोजगार, कॉलेज और स्किल सेंटर चाहते हैं. महिलाएं साफ पानी, अच्छी स्वास्थ्य सेवाएं और सुरक्षा को प्राथमिकता देती हैं. बुजुर्ग अस्पताल और सार्वजनिक परिवहन पर ध्यान देते हैं, जबकि पहाड़ी इलाकों में रहने वाले लोग आपदा प्रबंधन और सुरक्षित सड़कों की मांग करते हैं.
तेनकासी एक ऐसा क्षेत्र है जहां परंपरा और विकास की उम्मीदें साथ-साथ चल रही हैं, और यहां के मतदाता अब ज्यादा जागरूक और काम के आधार पर निर्णय लेने वाले बन चुके हैं.
Selva Mohandas Pandian.s
ADMK
Vincentraj.r
NTK
Mohamed.s
AMMKMNKZ
Thirumalaimuthu.r
MNM
Madasamy.a
IND
Nota
NOTA
Chandrasegar.s
PT
Udhayakumar.k.m
ADK
Ramesh.r
IND
Palanimurugan.p
IND
Reegankumar. M
IND
Arokkiya Prabhu.j
IND
Jeganathan.m
AMPK
Selvakumar.r
NIDP
Doctor. Karuppasamy.s
IND
Mugundhan.k
MIDP
Palanikumar.a
IND
Sureshkumar.s
APTADMK
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