scorecardresearch
 

पूजापाठ

गया में स्थित प्रेत श‍िला का पितरों से खास संबंध है

प्रेतशिला से निकल कर पिंडदान ग्रहण करते हैं पूर्वज, जानें ये रहस्य

28 सितंबर 2021

Gaya significance: पितृपक्ष (Pitru Paksha 2021) में पूर्वजों की आत्मा की शांति पिंडदान और श्राद्ध किया जाता है. प्रेतश‍िला वेदी पर भगवान व‍िष्‍णुजी के चरण च‍िह्न बने हुए हैं. ऐसी मान्यता है कि पितृपक्ष के दौरान प्रेत श‍िला की छिद्रों और दरारों से प्रेतात्‍माएं बाहर निकलती हैं और अपने पर‍िजनों द्वारा क‍िए गए प‍िंडदान को स्‍वीकार कर वापस चली जाती हैं.

संकष्टी चतुर्थी व्रत कथा

पार्वती मां को मनाने के लिए भोलेनाथ ने रखा था संकष्टी चतुर्थी व्रत, पढ़ें कथा

23 सितंबर 2021

Sankashti Chaturthi 2021 date: संकष्टी चतुर्थी पर विधि विधान से पूजा किए जाने पर गणेश जी प्रसन्न होकर अपने भक्तों का हर संकट ही नहीं हरते, बल्कि उनकी हर मनोकामना भी पूरी करते हैं.

श्राद्ध के अनुष्ठानों का कड़ाई से पालन करना चाहिए (Pitru Paksha 2021)

पितृपक्ष में जरूर करें ये 5 काम, नहीं तो अधूरा माना जाएगा तर्पण

21 सितंबर 2021

Pitru Paksha 2021: पितृपक्ष (Pitru Paksha 2021) में पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए पूरे विधि-विधान से अनुष्ठान किए जाते हैं. पितृपक्ष में किए गए तर्पण से पूर्वजों का आशीर्वाद मिलता है और घर में हमेशा सुख-शांति बनी रहती है. शास्त्रों के अनुसार, श्राद्ध के अनुष्ठानों का कड़ाई से पालन किया जाना चाहिए और इस दौरान ये 5 काम जरूर करने चाहिए.

पूर्णिमा के दिन भगवान विष्णु के सत्यनारायण रूप की पूजा की जाती है

भाद्रपद पूर्णिमा: सुख-समृद्धि के लिए करें सत्यनारायण की पूजा

20 सितंबर 2021

हिन्दू धर्म में पूर्णिमा की तिथि का विशेष महत्व है. आज के दिन भगवान विष्णु के सत्यनारायण रूप की पूजा की जाती है और उमा-महेश्वर व्रत भी रखा जाता है. भादो मास की पूर्णिमा से ही पितृपक्ष की शुरुआत हो जाती है. पितृपक्ष (Pitrupaksha 2021)आज से शुरू होकर 06 अक्टूबर तक रहेंगे.

 दूर्वा अष्टमी पर होती है पवित्र घास की पूजा

दूर्वा अष्टमी पर करें ये खास उपाय, दूर होंगे सारे संकट

13 सितंबर 2021

आज दूर्वा अष्टमी मनाई जा रही है. ये हर साल भाद्रपद के महीने में मनाई जाती है. गणपति की पूजा करते समय दूर्वा यानी पवित्र घास का विशेष रूप से उपयोग किया जाता है. गणेश भगवान की पूजा में दूर्वा का इस्तेमाल बहुत शुभ माना जाता है.

पितृपक्ष में श्राद्ध और तर्पण का होता है खास महत्व

कब से शुरू हो रहे पितृ पक्ष? जानें श्राद्ध का महत्व और प्रमुख तिथियां

12 सितंबर 2021

Pitru Paksha 2021 Date: पितृपक्ष में पूर्वजों को याद करके दान धर्म करने की परंपरा है. हिन्दू धर्म में इन दिनों का खास महत्व है. पितृ पक्ष (Pitru Paksha) पर पितरों की मुक्ति के लिए कर्म किये जाते हैं.

गणेश चतुर्थी के 10 दिन गणपति बप्पा को चढ़ाएं ये 10 भोग

10 सितंबर 2021

हिंदू धर्म में गणेश चतुर्थी का त्योहार विशेष महत्व रखता है. भाद्रपस मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को गणेश चतुर्थी मनाई जाती है. हम सबके प्यारे गणपति बप्पा के आगमन की तैयारियां जो-शोर से शुरू हो चुकी हैं. 10 सितंबर यानी आज देवों में प्रथम पूज्य देव भगवान गणेश की स्थापना की जाएगी और 19 सितंबर रविवार के दिन उन्हें विदा किया जाएगा.

Guruvar Vrat Katha

गुरुवार व्रत की पूरी कथा जिसे सुनने से मिलेगी देव बृहस्पति की कृपा

09 सितंबर 2021

देव गुरु बृहस्पति को बुद्धि और शिक्षा का कारक माना जाता है. गुरुवार को बृहस्पति देव की पूजा करने से धन, विद्या, मान-सम्मान, प्रतिष्ठा और कई अन्य मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है. धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, गुरुवार को भगवान बृहस्पति की पूजा का विधान है. गुरुवार के दिन व्रत और कथा सुनने से घर-परिवार में सुख-समृद्धि बनी रहती है. आइए जानते हैं गुरुवार व्रत कथा के बारे में....

गणेश चतुर्थी पर भूलकर भी ना लाएं गणपति की ऐसी मूर्ति

07 सितंबर 2021

विघ्नहर्ता भगवान गणेश को सुख, समृद्धि और वैभव का प्रतीक माना जाता है. घर में भगवान गणेश की मूर्ति रखने से किसी प्रकार का क्लेश पैदा नहीं होता और घर सदा खुशियों से भरा रहता है. वास्तु के अनुसार घर में गणपति की मूर्ति स्थापित करने से पहले कई तरह की सावधानियां बरतनी चाहिए. आइए जानते हैं कि गणेश जी को घर में कहां और किस तरह स्थापित करने से  सुख, समृद्धि का वास रहता है.

मंगलवार के दिन कुछ कार्यों को करने की मनाही होती है

मंगलवार को नहीं करने चाहिए ये 6 काम, बजरंगबली होते हैं रुष्ट

07 सितंबर 2021

मंगलवार के दिन बजरंगबली को प्रसन्न करने के लिए कोई मंत्र जाप करता है तो कोई चालीसा या हनुमानाष्टक का पाठ करता है लेकिन मंगलवार को कुछ ऐसे काम हैं जो नहीं करने चाहिए. माना जाता है कि इन कामों को करने से बजरंगबली रुष्ट हो जाते हैं.

Somvati Amavasya Vrat Katha

सोमवती अमावस्या आज, जानें, व्रत कथा और इसका महत्व

06 सितंबर 2021

Somvati Amavasya Vrat Katha: सोमवती अमावस्या का हिंदू धर्म में विशेष महत्व माना जाता है. सोमवार के दिन पड़ने वाली अमावस्या को सोमवती अमावस्या कहते हैं. आज यानी 6 सितंबर को भाद्रपद माह की सोमवती अमावस्या है. सोमवती अमावस्या भगवान शिव को समर्पित है. माना जाता है कि जो व्यक्ति इस दिन व्रत रखता है उसके जीवन में कोई समस्या नहीं आती है और सुख-समृद्धि में वृद्धि होती है

जानें सोमवार की व्रत कथा

सोमवार के व्रत में जरूर सुनें ये कथा, मिलेगी श‍िव-पार्वती की कृपा

06 सितंबर 2021

Somvar vrat katha: सोमवार का दिन शंकर भगवान को समर्पित होता है. आज के दिन भक्त भोलेनाथ को प्रसन्न करने के लिए विशेष पूजा-अर्चना करते हैं. कुछ लोग आज के दिन व्रत भी रखते हैं ताकि शिव की विशेष कृपा प्राप्त की जा सके. बाबा भोलेनाथ के आशिर्वाद के लिए आप भी सोमवार का व्रत कर रहे हैं, तो शिव व्रत कथा को पढ़कर या सुनकर इस उपवास को पूरा करें.

आज मनाई जा रही है सोमवती अमावस्या

सोमवती अमावस्या आज, सिद्ध योग में पूजन का विशेष महत्व

06 सितंबर 2021

Somvati Amavasya 6 September 2021: आज कुशग्रहनी सोमवती अमावस्या मनाई जा रही है. जो अमावस्या सोमवार के दिन पड़ती है उसे सोमवती अमावस्या (Somvati Amavasya 2021) कहते हैं. सोमवती अमावस्या का हिंदू धर्म में विशेष महत्व है. इस दिन चंद्रमा के दर्शन नहीं होते हैं. सुहागिन स्त्रियां अपने पति की लंबी उम्र के लिए सोमवती अमावस्या का व्रत रखती हैं.

vaibhav lakshmi vrat katha

वैभव लक्ष्मी व्रत की पूरी कथा, जानें महत्व और पूजा विधि

03 सितंबर 2021

Vaibhav Lakshmi Vrat katha- हिंदू धर्म में पूजा-पाठ और तीज-त्योहारों का विशेष महत्व है. शायद की ऐसा कोई दिन गुजरता होगा, जब कोई खास पूजा का संयोग न बनता हो. धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, हर व्रत और अनुष्ठान का अपना अलग महत्व है. सप्ताह के हर दिन के अनुसार व्रत-उपवास करने का विधान है. इसी तरह से शुक्रवार को देवी लक्ष्मी का व्रत रखा जाता है. इसे 'वैभव लक्ष्मी व्रत' भी कहते हैं.

सैकड़ों साल पुराने बेशकीमती गहने से सजते है गोपाल मंदिर के राधा-कृष्ण

करोड़ों के गहनों से कृष्ण का श्रृंगार, सुरक्षा के लिए 100 जवान

30 अगस्त 2021

मध्यप्रदेश के ग्वालियर में एक मंदिर ऐसा भी है, जहां जन्माष्टमी पर भगवान राधा-कृष्ण के विग्रह को बेशकीमती गहने पहनाए जाते हैं. ये सिंधिया रियासत के सैकड़ों साल पुराने कीमती गहने हैं. इन पर मोतियों की जगह हीरे, पन्ना, माणिक, पुखराज, नीलम लगे हैं. इनकी कीमत वर्तमान में 100 करोड़ रुपए (एक अरब) के लगभग बताई जाती है. इनमें सोने का मुकुट, हीरे का हार, पन्ना जड़ित गहने हैं. इनकी सुरक्षा भी किसी किले की सुरक्षा की तरह होती है.

कृष्ण जन्माष्टमी: पूजा के लिए 45 मिनट का शुभ मुहूर्त, जानें-पूजा विधि

30 अगस्त 2021

कृष्ण जन्माष्टमी (Shri Krishna Janmashtami 2021) का त्योहार आज पूरे देश में बहुत धूमधाम से मनाया जा रहा है. हर साल भाद्रपद मास की अष्टमी तिथि को कृष्ण जन्माष्टमी मनाई जाती है. जन्माष्टमी के दिन कान्हा का पूरा श्रृंगार किया जाता है. कान्हा के श्रृंगार में फूलों का खूब प्रयोग करना चाहिए. आज के दिन गाय-बछड़े की प्रतिमा की भी पूजा की जाती है.

नारियल का फल धार्मिक रूप से महत्वपूर्ण क्यों माना जाता है?

29 अगस्त 2021

किस्मत कनेक्शन के इस एपिसोड में ज्योतिष शैलेंद्र पांडेय बात करेंगे कि नारियल का फल धार्मिक रूप से महत्वपूर्ण क्यों माना जाता है? ज्योतिष के अनुसार- नारियल का फल हर पूजा उपासना में सम्पन्नता के लिए प्रयोग किया जाता है. देवी की पूजा तो बिना नारियल के सम्पन्न हो ही नहीं सकती. इसको लक्ष्मी जी का स्वरुप मानते हैं , इसलिए इसको श्रीफल भी कहा जाता है. चूंकि इसका स्वरुप मानव की खोपड़ी की तरह होता है अतः इसको बलि के प्रतीक के रूप में प्रयोग करते हैं. नारियल का जल, गिरी और खोल तीनों ही पूजा में अलग अलग तरह से प्रयोग होते हैं. साथ ही बात होगी आपके दैनिक राशिफल की. ज्यादा जानकारी के लिए देखें वीडियो.