अक्षय तृतीया का पर्व केवल सोना-चांदी खरीदने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आत्मिक उन्नति का भी विशेष अवसर है. प्रेमानंद जी महाराज के अनुसार इस दिन किया गया नामजप, मौन साधना और सादगीपूर्ण जीवन शैली व्यक्ति को भीतर से शुद्ध करती है. यदि भक्ति भाव से छोटे-छोटे उपाय अपनाए जाएं, तो यह दिन जीवन में सकारात्मक परिवर्तन और अक्षय पुण्य प्रदान कर सकता है.
Hanuman Jayanti 2026: हनुमान जयंती के दिन दान धर्म का कार्य करना भी बहुत ही शुभ माना जाता है. इसी कारण इस दिन राशिनुसार दान करने से जीवन की परेशानियां दूर होती हैं. तो आइए जानते हैं कि किस राशि के लिए क्या दान शुभ माना गया है और कैसे मिलेगा हनुमान जी का आशीर्वाद.
Hanuman Jayanti 2026: हनुमान जयंती के दिन बजरंगबली की आरती करना सिर्फ एक परंपरा नहीं होता है, बल्कि आस्था से जुड़ा एक खास उपाय भी होता है. इसे करने से घर में सकारात्मक माहौल बना रहता है.
वैसे तो लोग हनुमान जी की कृपा के लिए हनुमान चालीसा, बजरंग बाण और हनुमानष्टक का पाठ करते हैं, लेकिन एक बहुत सरल उपाय भी उनकी कृपा दिला सकता है. यह है हनुमान गयात्री मंत्र.हनुमानजी की शक्ति, बुद्धि और साहस पाने का ये एक प्रभावशाली मंत्र है.
हनुमान जयंती सिर्फ पूजा का दिन नहीं, बल्कि ग्रह दोषों से मुक्ति का अवसर भी है. शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या से प्रभावित राशियों के लिए इस दिन विशेष उपाय करने से जीवन में सकारात्मक बदलाव आ सकते हैं.
Hanuman Jayanti 2026: हनुमान जयंती का पर्व भक्तों के लिए बेहद खास होता है, इसलिए इस दिन कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी माना जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस छोटी छोटी लापरवाहियां भी शुभ फल को प्रभावित कर सकती हैं. इसलिए जान लें इस दिन किन आदतों और कामों से दूरी बनाकर रखना चाहिए.
हनुमान जयंती पर घर लाएं ये पवित्र चीजें, तरक्की और सुख-समृद्धि के खुलेंगे रास्ते. हनुमान जयंती इस साल 2 अप्रैल 2026 को मनाई जाएगी. हिंदू पंचांग के अनुसार चैत्र महीना नई शुरुआत, भक्ति और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है. इसी दौरान नवरात्रि, राम नवमी और हनुमान जयंती जैसे महत्वपूर्ण पर्व आते हैं. ये दिन लार्ड हनुमान को समर्पित होता है
Ram Navami 2026: राम नवमी 2026 का पर्व 27 मार्च को मनाया जाएगा. यह दिन भगवान श्रीराम के जन्मोत्सव के रूप में बेहद खास माना जाता है. इस मौके पर श्रीराम स्तुति का पाठ करना शुभ होता है और जीवन में सुख-शांति लाने वाला माना जाता है. जानिए राम नवमी का महत्व और पढ़ें श्रीराम स्तुति.
नवरात्रि के आठवें दिन देवी महागौरी की पूजा विशेष महत्व रखती है, जो देवी सरस्वती का एक रूप हैं. इस दिन लौंग से जुड़े उपाय राहु ग्रह के दुष्प्रभाव को कम करने में मदद करते हैं। राहु के कारण सिरदर्द, माइग्रेन, लिवर रोग और मानसिक तनाव जैसी समस्याएं होती हैं.
Chaitra Navratri 2026: देवी कवच पाठ का रहस्य यह है कि इसमें नकारात्मक ऊर्जा को सकारात्मक ऊर्जा में बदलने और साधक को सभी प्रकार की बुराइयों, अकाल मृत्यु, रोग, शत्रुओं, और मुकदमों जैसी बाधाओं से बचाने की अद्भुत शक्ति है. यह कवच मार्कंडेय पुराण का हिस्सा है, जो दुर्गा सप्तशती के अंतर्गत आता है, और इसका पाठ करने से मन शांत होता है, बुद्धि सुरक्षित रहती है, और धन, मान, तथा सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है.
Chaitra Navratri 2026: दुष्टों का विनाश करने वाली मां कालरात्रि को हिंदू धर्म में वीरता और साहस का प्रतीक माना गया है. मां काली की आराधना करने से जीवन के सारे कष्टों से मुक्ति मिलती है. आइए जानते हैं कि नवरात्र में कैसे करनी है इनकी आराधना और कैसे अपने भक्तों पर कृपा दृष्टि बनाए रखती हैं.
कब है चैत्र नवरात्र की अष्टमी-नवमी? जानें क्या रहेगा कन्या पूजन का शुभ मुहूर्त. चैत्र नवरात्र 2026 में अष्टमी और राम नवमी का विशेष महत्व है. द्रिक पंचांग के अनुसार, महाअष्टमी 26 मार्च 2026 को मनाई जाएगी. अष्टमी तिथि 25 मार्च दोपहर 1 बजकर 50 मिनट से शुरू होकर 26 मार्च सुबह 11 बजकर 48 मिनट तक रहेगी. वहीं राम नवमी 27 मार्च 2026 को मनाई जाएगी
अनजाने में टूट गया है नवरात्र का व्रत? घबराएं नहीं, इन आसान उपायों से दूर करें दोष. चैत्र नवरात्र में व्रत आस्था और श्रद्धा का प्रतीक होता है, लेकिन कई बार अनजाने में व्रत टूट जाता है. ऐसी स्थिति में घबराने की जरूरत नहीं है, क्योंकि शास्त्रों के अनुसार सच्ची भावना सबसे महत्वपूर्ण होती है. यदि व्रत टूट जाए, तो सबसे पहले मां दुर्गा से क्षमा याचना करें. शांत मन से प्रार्थना करें और ॐ दुं दुर्गायै नमः मंत्र का 108 बार माला जप करें
Chaitra Navratri 2026: शास्त्रों में माता षष्ठी देवी को भगवान ब्रह्मा की मानस पुत्री माना गया है. इन्हें ही मां कात्यायनी भी कहा गया है, माँ कात्यायनी अमोघ फलदायिनी हैं. भगवान कृष्ण को पतिरूप में पाने के लिए ब्रज की गोपियों ने इन्हीं की पूजा कालिंदी-यमुना के तट पर की थी.
Chaitra Navratri 2026: नवरात्र हिंदू धर्म का सबसे बड़ा आस्था और भक्ति का पर्व है. मां दुर्गा की कृपा पाने के लिए भक्त नौ दिनों तक कठिन उपवास रखते हैं. लेकिन कई बार किसी हेल्थ इश्यू या अनजाने में हुई गलती के कारण व्रत टूट जाता है. ऐसे में आज हम आपको कुछ विशेष उपाय बताएंगे, जिन्हें करके व्रत का दोष दूर किया जा सकता है.
चैत्र नवरात्रि के दौरान देवी दुर्गा की आरती की सही विधि और आम गलतियों पर विस्तृत जानकारी दी गई है. आरती के तीन मुख्य चरण होते हैं जिसमें घी और कपूर के दीपक का सही क्रम और संख्या महत्वपूर्ण है.
Chaitra Navratri 2026: चैत्र नवरात्र के पांचवें दिन मां स्कंदमाता की पूजा का विशेष महत्व है. इस दिन सर्वार्थसिद्धि और रवि योग का संयोग बन रहा है. जानें स्कंदमाता की पूजा विधि, लाभ, विशुद्ध चक्र को मजबूत करने के उपाय और प्रभावी मंत्र.
Chaitra Navratri 2026: चैत्र नवरात्र के तीसरे दिन मां चंद्रघंटा की पूजा करने से जातक भय, रोग और नकारात्मक ऊर्जा से दूर रहता है. ज्योतिषियों के अनुसार, जानते हैं कि मां चंद्रघंटा की पूजा किस विधि से करें और इस दिन उपाय करने चाहिए.
Maa Durga Aarti: नवरात्र के दौरान मां दुर्गा की आरती का विशेष महत्व माना जाता है. 'जय अम्बे गौरी' आरती करने से घर में सुख-समृद्धि आती है और मां की कृपा बनी रहती है. यहां पढ़ें संपूर्ण आरती.
Chaitra Navratri 2026: चैत्र नवरात्र के दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की पूजा से जातक को ज्ञान और धैर्य का आशीर्वाद प्राप्त होता है. तो आइए अब जानते हैं कि क्या रहेगा मां ब्रह्मचारिणी की उपासना का शुभ मुहूर्त, पूजन विधि और महत्व.
वृंदावन के सुप्रसिद्ध संत प्रेमानंद जी महाराज का हमेशा की तरह इस बार भी 18 और 19 मार्च को उनका जन्मोत्सव मनाया जा रहा है. महाराज जी का जन्म उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले में एक ब्राह्मण परिवार में हुआ था. उनके बचपन का नाम अनिरुद्ध कुमार पांडे था. और फिलहाल उनकी उम्र 57 साल हो गई है.