मुकेश अंबानी के बेटे अनंत अंबानी ने असम के गुवाहाटी स्थित कामाख्या मंदिर में पूजा-अर्चना की और मंदिर की लोक परंपरा के अनुसार कबूतर उड़ाए तथा बकरा छोड़ा.
Somwati Amavasya Night Upay: सोमवती अमावस्या का संयोग साल में सिर्फ एक या दो बार ही आता है. जानिए इस महासंयोग की कौन कौन से विशेष उपाय करने चाहिए, जिनसे घर दरिद्रता दूर होती है.
भक्तों को खुश करने के लिए भगवान स्वामी नारायण के चरणों में अनोखा मैंगो अन्नकूट सजाया गया है. इसमें 500 किलोग्राम शुद्ध और चुने हुए केसर आम अर्पित किए गए. जिससे मंदिर परिसर में केसर आम की सुगंध फैल गई. यह अर्पण केवल आम के ढेर तक सीमित नहीं था, बल्कि आमरस और काटे हुए आम भी भगवान के सामने परोसे गए.
टीम इंडिया के हेड कोच गौतम गंभीर कुछ दिन पहले ही मध्य प्रदेश के दतिया स्थित मां बगलामुखी के दर्शन किए. उन्होंने वनखंडेश्वर महादेव की पूजा भी की. गौतम गंभीर की पीतांबरा पीठ में गहरी आस्था है और वह अक्सर यहां आते रहते है.
प्रेमानंद महाराज के अनुसार, मृत्यु कोई वास्तविक अंत नहीं है, बल्कि यह एक तरह का भ्रम है. हमारा शरीर पंच तत्वों अग्नि, जल, वायु, पृथ्वी और आकाश से बना है,मृत्यु के बाद ये तत्व फिर से प्रकृति में मिल जाते हैं. उनका कहना है कि आत्मा कभी खत्म नहीं होती, वह अविनाशी है.
माता बगलामुखी की जयंती बैसाख महीने की अष्टमी तिथि को मनाई जाती है, जो इस बार 24 अप्रैल को है. पीला रंग माता के स्वरूप और तांत्रिक साधना में विशेष महत्व रखता है, जो ज्ञान, स्थिरता और नकारात्मक ऊर्जा से रक्षा का प्रतीक है.
भगवान केदारनाथ की यात्रा अपने अंतिम चरण में है. बाबा की पंचमुखी डोली आज शाम केदारपुरी पहुंचेगी, जहां भव्य स्वागत की तैयारी है. पूरी केदारघाटी 'बम-बम भोले' के जयकारों और आर्मी बैंड की सुरीली धुनों से गूंज उठी है. कल सुबह 8:00 बजे मंदिर के कपाट खुलेंगे. हालांकि, संकरे रास्तों पर भारी भीड़ और घोड़े-खच्चरों के कारण पैदल यात्रियों को जाम का सामना करना पड़ रहा है, फिर भी भक्तों का उत्साह देखते ही बनता है
19 अप्रैल को देशभर में अक्षय तृतीया का त्योहार मनाया जाएगा. इस दिन सोने-चांदी की खरीदारी भी बहुत शुभ मानी जाती है.कहते हैं कि इस दिन मूल्यवान चीजों की खरीदारी से धनधान्य में कई गुना वृद्धि हो सकती है. हालांकि प्रेमानंद महाराज का कहना है कि अक्षय तृतीया पर एक रुपया खर्च किए बिना भी आपका उद्धार हो सकता है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 14 अप्रैल को उत्तराखंड के देहरादून पहुंचे और मां डाट काली मंदिर के दर्शन किए. यह मंदिर लगभग 200 साल पुराना है और इसे चमत्कारी माना जाता है. मंदिर की वास्तुकला स्थानीय पत्थर और लकड़ी से बनी है, जो इसे पारंपरिक रूप देती है.
अक्षय तृतीया का पर्व केवल सोना-चांदी खरीदने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आत्मिक उन्नति का भी विशेष अवसर है. प्रेमानंद जी महाराज के अनुसार इस दिन किया गया नामजप, मौन साधना और सादगीपूर्ण जीवन शैली व्यक्ति को भीतर से शुद्ध करती है. यदि भक्ति भाव से छोटे-छोटे उपाय अपनाए जाएं, तो यह दिन जीवन में सकारात्मक परिवर्तन और अक्षय पुण्य प्रदान कर सकता है.
Hanuman Jayanti 2026: हनुमान जयंती के दिन दान धर्म का कार्य करना भी बहुत ही शुभ माना जाता है. इसी कारण इस दिन राशिनुसार दान करने से जीवन की परेशानियां दूर होती हैं. तो आइए जानते हैं कि किस राशि के लिए क्या दान शुभ माना गया है और कैसे मिलेगा हनुमान जी का आशीर्वाद.
Hanuman Jayanti 2026: हनुमान जयंती के दिन बजरंगबली की आरती करना सिर्फ एक परंपरा नहीं होता है, बल्कि आस्था से जुड़ा एक खास उपाय भी होता है. इसे करने से घर में सकारात्मक माहौल बना रहता है.
वैसे तो लोग हनुमान जी की कृपा के लिए हनुमान चालीसा, बजरंग बाण और हनुमानष्टक का पाठ करते हैं, लेकिन एक बहुत सरल उपाय भी उनकी कृपा दिला सकता है. यह है हनुमान गयात्री मंत्र.हनुमानजी की शक्ति, बुद्धि और साहस पाने का ये एक प्रभावशाली मंत्र है.
हनुमान जयंती सिर्फ पूजा का दिन नहीं, बल्कि ग्रह दोषों से मुक्ति का अवसर भी है. शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या से प्रभावित राशियों के लिए इस दिन विशेष उपाय करने से जीवन में सकारात्मक बदलाव आ सकते हैं.
Hanuman Jayanti 2026: हनुमान जयंती का पर्व भक्तों के लिए बेहद खास होता है, इसलिए इस दिन कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी माना जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस छोटी छोटी लापरवाहियां भी शुभ फल को प्रभावित कर सकती हैं. इसलिए जान लें इस दिन किन आदतों और कामों से दूरी बनाकर रखना चाहिए.
हनुमान जयंती पर घर लाएं ये पवित्र चीजें, तरक्की और सुख-समृद्धि के खुलेंगे रास्ते. हनुमान जयंती इस साल 2 अप्रैल 2026 को मनाई जाएगी. हिंदू पंचांग के अनुसार चैत्र महीना नई शुरुआत, भक्ति और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है. इसी दौरान नवरात्रि, राम नवमी और हनुमान जयंती जैसे महत्वपूर्ण पर्व आते हैं. ये दिन लार्ड हनुमान को समर्पित होता है
Ram Navami 2026: राम नवमी 2026 का पर्व 27 मार्च को मनाया जाएगा. यह दिन भगवान श्रीराम के जन्मोत्सव के रूप में बेहद खास माना जाता है. इस मौके पर श्रीराम स्तुति का पाठ करना शुभ होता है और जीवन में सुख-शांति लाने वाला माना जाता है. जानिए राम नवमी का महत्व और पढ़ें श्रीराम स्तुति.
नवरात्रि के आठवें दिन देवी महागौरी की पूजा विशेष महत्व रखती है, जो देवी सरस्वती का एक रूप हैं. इस दिन लौंग से जुड़े उपाय राहु ग्रह के दुष्प्रभाव को कम करने में मदद करते हैं। राहु के कारण सिरदर्द, माइग्रेन, लिवर रोग और मानसिक तनाव जैसी समस्याएं होती हैं.
Chaitra Navratri 2026: देवी कवच पाठ का रहस्य यह है कि इसमें नकारात्मक ऊर्जा को सकारात्मक ऊर्जा में बदलने और साधक को सभी प्रकार की बुराइयों, अकाल मृत्यु, रोग, शत्रुओं, और मुकदमों जैसी बाधाओं से बचाने की अद्भुत शक्ति है. यह कवच मार्कंडेय पुराण का हिस्सा है, जो दुर्गा सप्तशती के अंतर्गत आता है, और इसका पाठ करने से मन शांत होता है, बुद्धि सुरक्षित रहती है, और धन, मान, तथा सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है.
Chaitra Navratri 2026: दुष्टों का विनाश करने वाली मां कालरात्रि को हिंदू धर्म में वीरता और साहस का प्रतीक माना गया है. मां काली की आराधना करने से जीवन के सारे कष्टों से मुक्ति मिलती है. आइए जानते हैं कि नवरात्र में कैसे करनी है इनकी आराधना और कैसे अपने भक्तों पर कृपा दृष्टि बनाए रखती हैं.
कब है चैत्र नवरात्र की अष्टमी-नवमी? जानें क्या रहेगा कन्या पूजन का शुभ मुहूर्त. चैत्र नवरात्र 2026 में अष्टमी और राम नवमी का विशेष महत्व है. द्रिक पंचांग के अनुसार, महाअष्टमी 26 मार्च 2026 को मनाई जाएगी. अष्टमी तिथि 25 मार्च दोपहर 1 बजकर 50 मिनट से शुरू होकर 26 मार्च सुबह 11 बजकर 48 मिनट तक रहेगी. वहीं राम नवमी 27 मार्च 2026 को मनाई जाएगी