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TVK
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Vanur Election Results Live: वनूर निर्वाचन क्षेत्र में DMK की जीत, जानिए पूरा रिजल्ट
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वनूर (विधानसभा क्षेत्र संख्या 73) विल्लुपुरम जिले का एक ग्रामीण-तटीय क्षेत्र है, जो पुडुचेरी की सीमा से सटा हुआ है. यहां की अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से खेती, मछली पकड़ने और गांवों के पारंपरिक सामाजिक ढांचे पर आधारित है.
इस क्षेत्र में औद्योगिक विकास की बजाय पानी की उपलब्धता, तटीय सुरक्षा, बुनियादी सुविधाएं और सरकारी योजनाओं का सही लाभ अधिक महत्वपूर्ण माने जाते हैं. यहां के मतदाता अधिकतर किसान, मजदूर, मछुआरे, नमक-पैन में काम करने वाले श्रमिक, छोटे व्यापारी और सरकारी योजनाओं के लाभार्थी हैं. मतदान पर जातीय समीकरण, स्थानीय नेताओं का प्रभाव, विधायक की पहुंच और संकट के समय उनकी सक्रियता का खास असर पड़ता है. वनूर में बंगाल की खाड़ी से लगे तटीय गांव और अंदरूनी कृषि पंचायतें शामिल हैं, जो तालाबों, नहरों और बारिश पर निर्भर हैं.
सड़क और परिवहन की स्थिति कुछ हद तक ठीक है, लेकिन तटीय और अंदरूनी इलाकों में अब भी दिक्कतें हैं. प्रमुख क्षेत्रों में तटीय बस्तियां, वनूर कस्बा, सिंचाई टैंक, अस्पताल क्षेत्र और बाजार शामिल हैं. यहां नेशनल फॉसिल पार्क और वेदूर डैम भी स्थित हैं. क्षेत्र की मुख्य समस्याओं में सिंचाई की कमी, तटीय कटाव, खराब सड़कें, सीमित स्वास्थ्य सुविधाएं, पानी की किल्लत, कमजोर मछली पालन ढांचा, युवाओं का पलायन और अनियमित परिवहन शामिल हैं.
मतदाताओं की प्राथमिकताएं अलग-अलग हैं. किसान सिंचाई चाहते हैं, मछुआरे सुरक्षा और आवास, मजदूर स्थायी मजदूरी और योजनाएं, युवा रोजगार और कौशल, महिलाएं पानी और स्वास्थ्य सुविधा, जबकि बुजुर्ग पेंशन और परिवहन को महत्व देते हैं. यह क्षेत्र परंपरागत रूप से एआईएडीएमके का मजबूत गढ़ माना जाता है और यहां के मतदाता नाम से ज्यादा विकास को प्राथमिकता देते हैं.
Vanni Arasu
VCK
Latchoumy M
NTK
Ganapathi P M
DMDK
Sandoshkumar M
MNM
Nota
NOTA
Sakthivel S
IND
Vinayagamurthy M
BSP
तमिलनाडु में फ्लोर टेस्ट से ठीक पहले बड़ा कानूनी मोड़ आ गया है. मद्रास हाईकोर्ट ने TVK विधायक श्रीनिवास सेतुपति को सदन में वोट देने से रोक दिया, जिसके खिलाफ उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है. पोस्टल बैलेट विवाद से जुड़ा यह मामला अब राज्य की सियासत के साथ संवैधानिक बहस का केंद्र बन गया है.
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तमिलनाडु चुनावों में हार के बाद AIADMK के भीतर बगावत सामने आई है. पार्टी के वरिष्ठ नेता CV शनमुगम से जुड़े विधायकों और पूर्व मंत्रियों के एक गुट ने पार्टी प्रमुख पलानीस्वामी से इस्तीफे की मांग कर दी है. लगातार चुनावी हार की वजह से पार्टी के भीतर संभावित फूट की अटकलों को तेज कर दिया है.
तमिलनाडु की राजनीति में कभी अजेय मानी जाने वाली अन्नाद्रमुक आज अपने वजूद की सबसे कठिन लड़ाई लड़ रही है. लगातार चौथी हार और आंतरिक बगावत ने 'दो पत्तों' वाली इस विरासत को दो फाड़ होने के कगार पर खड़ा कर दिया है.
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थलपति विजय और अरविंद केजरीवाल दोनों ही स्थापित व्यवस्था को चुनौती देने वाले 'डिसरप्टर्स' के रूप में उभरे, जहां विजय का करिश्मा सिनेमाई पर्दे से आता है, वहीं केजरीवाल का आधार ज़मीनी सक्रियता थी, लेकिन दोनों ही जनता की राजनीतिक हताशा और बदलाव की तीव्र आकांक्षा के प्रतीक हैं.
तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) को कांग्रेस का समर्थन मिल गया है, जिससे तमिलनाडु में सत्ता गठन का रास्ता साफ होता नजर आ रहा है. इसी बीच अभिनेता-राजनेता विजय ने राज्यपाल से मुलाकात कर सरकार बनाने का दावा पेश किया है.
कांग्रेस द्वारा TVK को समर्थन देने के फैसले ने सियासी हलचल तेज कर दी है. DMK ने इसे गठबंधन के साथ विश्वासघात बताते हुए तीखा हमला बोला है. पार्टी के वरिष्ठ नेता डीआर बालू ने कांग्रेस पर अवसरवादिता का आरोप लगाया है.
तमिलनाडु की राजनीति में विजय की एंट्री सिर्फ एक सुपरस्टार की सफलता नहीं, बल्कि पिता-पुत्र के संघर्ष, सपनों और रिश्तों की कहानी भी बन गई है. कभी बेटे को फिल्मों में लॉन्च करने वाले एसए चंद्रशेखर आज उसी विजय की राजनीतिक जीत पर गर्व कर रहे हैं. कानूनी विवाद, रिश्तों में दूरियां और फिर भावनात्मक मेल-मिलाप के बाद अब विजय सत्ता के सबसे बड़े दरवाजे तक पहुंच चुके हैं.
तमिलनाडु में चुनाव नतीजों के बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गई है. अभिनेता-राजनेता विजय की पार्टी टीवीके सरकार गठन की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है. कांग्रेस ने टीवीके को समर्थन देने का ऐलान किया है, जबकि डीएमके ने इस फैसले पर नाराजगी जताई है. पहली बार चुनाव लड़कर 108 सीटें जीतने वाली टीवीके अब बहुमत जुटाने और नई सरकार बनाने की कोशिशों में लगी हुई है.