DMK
TVK
PMK
NTK
IND
IND
BSP
नोटा
NOTA
IND
AMKK
AIPTMMK
PRP
NADLMMKLK
IND
IND
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IND
TVVK
IND
IND
IND
IND
IND
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IND
IND
Tamil Nadu Election Result 2026 Live: ऋषिवंदियम विधानसभा सीट पर DMK ने दोबारा चखा जीत का स्वाद
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ऋषिवंदियम विधानसभा क्षेत्र (संख्या 78) एक मुख्य रूप से आंतरिक ग्रामीण सीट है, जहां चुनाव का फैसला विचारधारा या मीडिया की चर्चाओं से ज्यादा पानी की उपलब्धता, खेती की स्थिरता और विधायक की व्यक्तिगत विश्वसनीयता पर निर्भर करता है. उल्लेखनीय बात यह है कि वर्ष 2011 में अभिनेता-राजनेता विजयकांत ने इस सीट से जीत हासिल की थी. उस समय उनकी पार्टी DMDK ने AIADMK के साथ गठबंधन किया था, लेकिन वे विधानसभा में विपक्ष के नेता रहे. DMDK का इस क्षेत्र में आज भी मजबूत स्थानीय जुड़ाव माना जाता है.
राजनीतिक और सामाजिक रूप से यहां का मतदाता वर्ग विविध है. इसमें सबसे अधिक संख्या वन्नियार (MBC) समुदाय की है, जो यहां प्रभावशाली माने जाते हैं. इसके अलावा अनुसूचित जाति समुदाय की भी पंचायतों में अच्छी-खासी उपस्थिति है. क्षेत्र में छोटे और सीमांत किसान, जो नहर और तालाब आधारित सिंचाई पर निर्भर हैं, बड़ी संख्या में हैं. कृषि मजदूर, महिला स्वयं सहायता समूह (SHGs) की सदस्याएं और सरकारी कल्याण योजनाओं से लाभान्वित परिवार भी चुनावी समीकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. साथ ही, यहां से कुछ लोग मौसमी काम के लिए बाहर भी जाते हैं, जिन्हें मौसमी प्रवासी श्रमिक कहा जाता है.
भौगोलिक रूप से यह इलाका समतल कृषि भूमि वाला है. यहां सिंचाई मुख्य रूप से मौसमी नहरों और तालाबों के नेटवर्क पर निर्भर करती है. कमजोर मानसून वाले वर्षों में जल संकट गंभीर रूप ले लेता है. अंदरूनी सड़कों की स्थिति बहुत अच्छी नहीं है और कई गांवों तक पहुंचने में कठिनाई होती है. सार्वजनिक परिवहन की सुविधा भी सीमित है, जिससे लोगों को रोजमर्रा की जरूरतों के लिए परेशानी उठानी पड़ती है.
पर्यटन और सांस्कृतिक दृष्टि से ऋषिवंदियम अपने ऐतिहासिक मंदिरों और प्राकृतिक स्थलों के लिए जाना जाता है. यहां का प्रमुख आकर्षण अर्धनारीश्वरर मंदिर है, जो अपनी अनूठी वास्तुकला और संगीतमय स्तंभों के लिए प्रसिद्ध है और आसपास के जिलों से श्रद्धालुओं को आकर्षित करता है. इसके अलावा थियागदुरम हिल्स एक महत्वपूर्ण प्राकृतिक और सांस्कृतिक क्षेत्र है. स्थानीय झीलें और तालाब गांव के जीवन और कृषि से जुड़े पारंपरिक अनुष्ठानों का केंद्र हैं. गांवों में स्थित छोटे मंदिर और मंदिर समूह सामाजिक और राजनीतिक बैठकों के महत्वपूर्ण स्थल माने जाते हैं.
मुख्य मुद्दों की बात करें तो यहां सबसे अहम सवाल नहरों में समय पर पानी छोड़े जाने का है. तालाबों की सफाई (डी-सिल्टिंग) और रखरखाव भी बड़ी चिंता का विषय है. पीने के पानी की आपूर्ति, अंदरूनी सड़कों की उपलब्धता, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) सेवाएँ और एंबुलेंस की समय पर पहुंच भी प्रमुख मांगें हैं. इसके अलावा पेंशन, आवास योजना और मनरेगा (MGNREGA) जैसी कल्याणकारी योजनाओं में देरी भी मतदाताओं की नाराजगी का कारण बनती है.
मतदाताओं का मूड यह दर्शाता है कि वे अपने विधायक से नियमित रूप से गांवों का दौरा करने की अपेक्षा रखते हैं. पानी के विवादों में तुरंत हस्तक्षेप, फसल नुकसान और सूखे के समय उपस्थिति, तथा बुजुर्गों और विभिन्न जातीय समूहों के साथ सम्मानजनक व्यवहार को यहां बहुत महत्व दिया जाता है. कुल मिलाकर, ऋषिवंदियम एक ऐसा ग्रामीण क्षेत्र है जहां चुनावी सफलता का आधार जमीन से जुड़ाव, भरोसा और स्थानीय समस्याओं का समय पर समाधान है.
Santhosh S A
ADMK
Suresh Manivannan R
NTK
Prabhu S
AMMKMNKZ
Nota
NOTA
Murugan K
IND
Shanmugasundaram K
MNM
Veeran S
BSP
Santhosh M
IND
Chandrasekaran V
IND
Guru K
IND
Tamilvanan M
MIDP
Venkatraman J
NADLMMKLK
Narayanan A
AMGRDMK
Radhakrishnan K
MKLMNTRAPR
Karthik G
IND
तमिलनाडु में फ्लोर टेस्ट से ठीक पहले बड़ा कानूनी मोड़ आ गया है. मद्रास हाईकोर्ट ने TVK विधायक श्रीनिवास सेतुपति को सदन में वोट देने से रोक दिया, जिसके खिलाफ उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है. पोस्टल बैलेट विवाद से जुड़ा यह मामला अब राज्य की सियासत के साथ संवैधानिक बहस का केंद्र बन गया है.
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तमिलनाडु चुनावों में हार के बाद AIADMK के भीतर बगावत सामने आई है. पार्टी के वरिष्ठ नेता CV शनमुगम से जुड़े विधायकों और पूर्व मंत्रियों के एक गुट ने पार्टी प्रमुख पलानीस्वामी से इस्तीफे की मांग कर दी है. लगातार चुनावी हार की वजह से पार्टी के भीतर संभावित फूट की अटकलों को तेज कर दिया है.
तमिलनाडु की राजनीति में कभी अजेय मानी जाने वाली अन्नाद्रमुक आज अपने वजूद की सबसे कठिन लड़ाई लड़ रही है. लगातार चौथी हार और आंतरिक बगावत ने 'दो पत्तों' वाली इस विरासत को दो फाड़ होने के कगार पर खड़ा कर दिया है.
तमिलनाडु में सरकार गठन के बीच CPI और CPI(M) ने विजय की टीवीके को बाहरी समर्थन देने का फैसला किया है. वाम दलों ने खुलासा किया कि डीएमके चाहती थी कि वे एआईएडीएमके को समर्थन दें, लेकिन इसे अस्वीकार्य मानते हुए उन्होंने टीवीके का साथ चुना. एमए बेबी ने कहा कि वाम दल डीएमके के साथ वैचारिक रिश्ते जारी रखेंगे, लेकिन टीवीके सरकार में कोई मंत्री पद नहीं मांगेंगे.
थलपति विजय और अरविंद केजरीवाल दोनों ही स्थापित व्यवस्था को चुनौती देने वाले 'डिसरप्टर्स' के रूप में उभरे, जहां विजय का करिश्मा सिनेमाई पर्दे से आता है, वहीं केजरीवाल का आधार ज़मीनी सक्रियता थी, लेकिन दोनों ही जनता की राजनीतिक हताशा और बदलाव की तीव्र आकांक्षा के प्रतीक हैं.
तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) को कांग्रेस का समर्थन मिल गया है, जिससे तमिलनाडु में सत्ता गठन का रास्ता साफ होता नजर आ रहा है. इसी बीच अभिनेता-राजनेता विजय ने राज्यपाल से मुलाकात कर सरकार बनाने का दावा पेश किया है.
कांग्रेस द्वारा TVK को समर्थन देने के फैसले ने सियासी हलचल तेज कर दी है. DMK ने इसे गठबंधन के साथ विश्वासघात बताते हुए तीखा हमला बोला है. पार्टी के वरिष्ठ नेता डीआर बालू ने कांग्रेस पर अवसरवादिता का आरोप लगाया है.
तमिलनाडु की राजनीति में विजय की एंट्री सिर्फ एक सुपरस्टार की सफलता नहीं, बल्कि पिता-पुत्र के संघर्ष, सपनों और रिश्तों की कहानी भी बन गई है. कभी बेटे को फिल्मों में लॉन्च करने वाले एसए चंद्रशेखर आज उसी विजय की राजनीतिक जीत पर गर्व कर रहे हैं. कानूनी विवाद, रिश्तों में दूरियां और फिर भावनात्मक मेल-मिलाप के बाद अब विजय सत्ता के सबसे बड़े दरवाजे तक पहुंच चुके हैं.
तमिलनाडु में चुनाव नतीजों के बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गई है. अभिनेता-राजनेता विजय की पार्टी टीवीके सरकार गठन की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है. कांग्रेस ने टीवीके को समर्थन देने का ऐलान किया है, जबकि डीएमके ने इस फैसले पर नाराजगी जताई है. पहली बार चुनाव लड़कर 108 सीटें जीतने वाली टीवीके अब बहुमत जुटाने और नई सरकार बनाने की कोशिशों में लगी हुई है.