TVK
AIADMK
VCK
NTK
नोटा
NOTA
IND
IND
IND
IND
IND
IND
IND
Kallakurichi Vidhan Sabha Chunav Result: कल्लाकुरिची सीट पर Arul Vignesh ने लहराया जीत का परचम
Kallakurichi Vidhan Sabha Result Live: तमिलनाडु इलेक्शन रिजल्ट अपडेट्स कैसे चेक करें?
Kallakurichi Vidhan Sabha Result Live: Rajeevgandhi S पिछड़े, Arul Vignesh से 467 वोट पीछे
Tamil Nadu Assembly Election Results 2026 Live: दिग्गज उम्मीदवारों में कौन खुश होगा, किसे लगेगा झटका? जानें रुझानों में कौन आगे और कौन पीछे?
Kallakurichi Chunav Results 2026 Live: कल्लाकुरिची विधानसभा सीट पर यह क्या हो गया!
Tamil Nadu Election Results 2026 Live: तमिलनाडु चुनाव में राजनीतिक गठबंधनों का प्रदर्शन कैसा है?
कल्लाकुरिची, विधानसभा क्षेत्र (संख्या 80), एक ऐसा क्षेत्र है जो सीधे प्रशासन से जुड़ा हुआ और पूरी तरह कार्य पर आधारित सीट माना जाता है. यहां के मतदाता रोजाना जिला कलेक्टर कार्यालय, सरकारी अस्पतालों, अदालतों, बाजारों और विभिन्न सरकारी कल्याण योजनाओं से जुड़े रहते हैं. इसलिए यहां की राजनीति विचारधारा पर नहीं, बल्कि इस बात पर तय होती है कि शिकायतों का समाधान कितनी जल्दी होता है, प्रशासन पर किसका प्रभाव है, और जनता के बीच किसकी लगातार मौजूदगी दिखती है. यह एक ऐसी सीट है जहां मतदाता उसी विधायक (MLA) को पसंद करते हैं जो जिले का “समस्या समाधानकर्ता” बनकर काम करे और हर छोटी-बड़ी परेशानी में हस्तक्षेप करे. जून 2024 की कुख्यात जहरीली शराब (हूच) त्रासदी, जिसमें 65 से अधिक लोगों की मौत हुई और लगभग 200 लोग अस्पताल में भर्ती हुए, आज भी कल्लाकुरिची के मतदाताओं की यादों में एक काले साये की तरह मौजूद है और राजनीतिक माहौल को प्रभावित करती है.
सामाजिक और राजनीतिक रूप से यहां का मतदाता समूह विविध है. वन्नियार (MBC) समुदाय संख्या में मजबूत है, खासकर शहर के बाहरी इलाकों और गांवों में. अनुसूचित जाति (SC) समुदाय की भी शहरी वार्डों और पंचायतों में काफी महत्वपूर्ण उपस्थिति है. इसके अलावा अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के व्यापारी, चावल मिल और गोदाम संचालक, सरकारी कर्मचारी और ठेका कर्मचारी, शहरी गरीब और दिहाड़ी मजदूर, छात्र और पहली पीढ़ी के कॉलेज जाने वाले युवा भी यहां की राजनीति में अहम भूमिका निभाते हैं.
भौगोलिक दृष्टि से यह जिला मुख्यालय होने के कारण यहां रोज भारी आवाजाही रहती है. बस स्टैंड और क्षेत्रीय परिवहन केंद्र इसे एक महत्वपूर्ण संपर्क बिंदु बनाते हैं. शहर का फैलाव अर्ध-शहरी रूप में बढ़ रहा है, लेकिन ड्रेनेज की समस्या गंभीर है. बरसात के मौसम में निचले इलाकों के वार्डों में जलभराव हो जाता है. दूसरी ओर, बाहरी और ग्रामीण गांव खुद को उपेक्षित महसूस करते हैं. इस तरह “शहरी असुविधा और ग्रामीण उपेक्षा” मिलकर यहां के मतदाताओं के व्यवहार को बदलने वाला (स्विंग) बना देती है.
चुनावी दृष्टि से कई अहम मतदान क्षेत्र हैं. गोमुखी डैम का क्षेत्र, तिरुनारुंगोंडई में पार्श्वनाथ और चंद्रप्रभु को समर्पित मंदिर, कल्लाकुरिची शहर के मुख्य वार्ड, शहरी अनुसूचित जाति बस्तियां, बाजार और बस स्टैंड के आसपास का इलाका, सरकारी कार्यालयों के समूह वाले क्षेत्र, शहर की सीमा से लगे गांव और अंदरूनी ग्रामीण पंचायतें हैं. इन सभी क्षेत्रों में अलग-अलग प्रकार की शिकायतें और समस्याएं हैं, और हर क्लस्टर अपने अलग मुद्दों के आधार पर वोट करता है.
मुख्य स्थानीय मुद्दों में जल निकासी और बाढ़ की समस्या, पीने के पानी की आपूर्ति, सरकारी अस्पतालों की क्षमता और गुणवत्ता, पेंशन, आवास और राशन जैसी कल्याण योजनाओं में देरी, पट्टा और भूमि दस्तावेजों से जुड़ी समस्याएं, युवाओं में बेरोजगारी, तथा शहर की सड़कों और ट्रैफिक की दिक्कतें शामिल हैं.
यहां का मतदाता मूड साफ है. विधायक को लगभग रोज शहर में उपलब्ध रहना चाहिए. राजस्व, पुलिस और अस्पताल से जुड़े मामलों में तुरंत हस्तक्षेप अपेक्षित है. नियमित शिकायत निवारण शिविर आयोजित करना जरूरी है. बाढ़, विरोध-प्रदर्शन या सार्वजनिक सेवाओं में बाधा जैसी स्थिति में विधायक की सक्रिय और दिखाई देने वाली मौजूदगी ही यहां राजनीतिक सफलता की कुंजी मानी जाती है.
Manirathinem.k.i
INC
Dravidamuthamilselvi.d
NTK
Vijayakumar.n
DMDK
Nota
NOTA
Devimangayarkarasi.k
IND
Palanisamy.a
BSP
Prabu.c
IND
Ayyasamy.m
IJK
Suriyaprakash.m
IND
Selvaraj.m
IND
Subramaniyan.p
IND
Dinesh.m
MIDP
Elaiyaperumal.k
IND
Kuppusamy.k
AMGRDMK
Sivakumar.s
IND
Gurusamy.m
IND
Oviyar Ananth C
LJP
तमिलनाडु में फ्लोर टेस्ट से ठीक पहले बड़ा कानूनी मोड़ आ गया है. मद्रास हाईकोर्ट ने TVK विधायक श्रीनिवास सेतुपति को सदन में वोट देने से रोक दिया, जिसके खिलाफ उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है. पोस्टल बैलेट विवाद से जुड़ा यह मामला अब राज्य की सियासत के साथ संवैधानिक बहस का केंद्र बन गया है.
तमिलनाडु में AIADMK के भीतर अब खुली बगावत दिखाई देने लगी है. पार्टी के दो गुट अलग-अलग दावों के साथ प्रोटेम स्पीकर से मिलने पहुंचे हैं. एक गुट एडप्पादी K पलानीस्वामी को विधायक दल का नेता बनाए रखने के पक्ष में है, जबकि दूसरा गुट नेतृत्व परिवर्तन की मांग कर रहा है.
तमिलनाडु चुनावों में हार के बाद AIADMK के भीतर बगावत सामने आई है. पार्टी के वरिष्ठ नेता CV शनमुगम से जुड़े विधायकों और पूर्व मंत्रियों के एक गुट ने पार्टी प्रमुख पलानीस्वामी से इस्तीफे की मांग कर दी है. लगातार चुनावी हार की वजह से पार्टी के भीतर संभावित फूट की अटकलों को तेज कर दिया है.
तमिलनाडु की राजनीति में कभी अजेय मानी जाने वाली अन्नाद्रमुक आज अपने वजूद की सबसे कठिन लड़ाई लड़ रही है. लगातार चौथी हार और आंतरिक बगावत ने 'दो पत्तों' वाली इस विरासत को दो फाड़ होने के कगार पर खड़ा कर दिया है.
तमिलनाडु में सरकार गठन के बीच CPI और CPI(M) ने विजय की टीवीके को बाहरी समर्थन देने का फैसला किया है. वाम दलों ने खुलासा किया कि डीएमके चाहती थी कि वे एआईएडीएमके को समर्थन दें, लेकिन इसे अस्वीकार्य मानते हुए उन्होंने टीवीके का साथ चुना. एमए बेबी ने कहा कि वाम दल डीएमके के साथ वैचारिक रिश्ते जारी रखेंगे, लेकिन टीवीके सरकार में कोई मंत्री पद नहीं मांगेंगे.
थलपति विजय और अरविंद केजरीवाल दोनों ही स्थापित व्यवस्था को चुनौती देने वाले 'डिसरप्टर्स' के रूप में उभरे, जहां विजय का करिश्मा सिनेमाई पर्दे से आता है, वहीं केजरीवाल का आधार ज़मीनी सक्रियता थी, लेकिन दोनों ही जनता की राजनीतिक हताशा और बदलाव की तीव्र आकांक्षा के प्रतीक हैं.
तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) को कांग्रेस का समर्थन मिल गया है, जिससे तमिलनाडु में सत्ता गठन का रास्ता साफ होता नजर आ रहा है. इसी बीच अभिनेता-राजनेता विजय ने राज्यपाल से मुलाकात कर सरकार बनाने का दावा पेश किया है.
कांग्रेस द्वारा TVK को समर्थन देने के फैसले ने सियासी हलचल तेज कर दी है. DMK ने इसे गठबंधन के साथ विश्वासघात बताते हुए तीखा हमला बोला है. पार्टी के वरिष्ठ नेता डीआर बालू ने कांग्रेस पर अवसरवादिता का आरोप लगाया है.
तमिलनाडु की राजनीति में विजय की एंट्री सिर्फ एक सुपरस्टार की सफलता नहीं, बल्कि पिता-पुत्र के संघर्ष, सपनों और रिश्तों की कहानी भी बन गई है. कभी बेटे को फिल्मों में लॉन्च करने वाले एसए चंद्रशेखर आज उसी विजय की राजनीतिक जीत पर गर्व कर रहे हैं. कानूनी विवाद, रिश्तों में दूरियां और फिर भावनात्मक मेल-मिलाप के बाद अब विजय सत्ता के सबसे बड़े दरवाजे तक पहुंच चुके हैं.
तमिलनाडु में चुनाव नतीजों के बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गई है. अभिनेता-राजनेता विजय की पार्टी टीवीके सरकार गठन की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है. कांग्रेस ने टीवीके को समर्थन देने का ऐलान किया है, जबकि डीएमके ने इस फैसले पर नाराजगी जताई है. पहली बार चुनाव लड़कर 108 सीटें जीतने वाली टीवीके अब बहुमत जुटाने और नई सरकार बनाने की कोशिशों में लगी हुई है.