चिदंबरम विधानसभा क्षेत्र (संख्या 158) तमिलनाडु के कुड्डालोर जिले में स्थित एक ऐतिहासिक और धार्मिक रूप से बहुत महत्वपूर्ण क्षेत्र है. यह क्षेत्र प्रसिद्ध मंदिर नगर चिदंबरम के आसपास केंद्रित है. यहां का सबसे बड़ा आकर्षण नटराज मंदिर, चिदंबरम है, जिसे भारत के सबसे महत्वपूर्ण शैव मंदिरों में से एक माना जाता है और यह दुनिया भर में प्रसिद्ध है. इस विधानसभा क्षेत्र में एक तरफ शहरी धार्मिक केंद्र है, तो दूसरी तरफ इसके आसपास कृषि वाले गांव और अर्ध-शहरी बस्तियां भी शामिल हैं. यहां की अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से मंदिर पर्यटन, कावेरी डेल्टा के गांवों की कृषि, शिक्षा और व्यापार पर आधारित है. इसके अलावा अन्नामलाई विश्वविद्यालय की मौजूदगी इस क्षेत्र को एक महत्वपूर्ण शिक्षा केंद्र भी बनाती है. यहां के मतदाता वर्ग में किसान, व्यापारी, छात्र, मंदिर से जुड़े व्यवसायी और सेवा क्षेत्र के लोग शामिल हैं.
राजनीतिक और सामाजिक रूप से यह क्षेत्र एक मिश्रित शहरी–ग्रामीण मतदाता वर्ग वाला इलाका है. यहां वन्नियार समुदाय, अनुसूचित जातियां, मुदलियार, मुस्लिम व्यापारी और अन्य ओबीसी समुदाय प्रमुख सामाजिक समूहों में शामिल हैं. यहां चुनावों में छात्र संगठन, किसान संघ और मंदिर से जुड़े नेटवर्क राजनीतिक गतिविधियों को काफी प्रभावित करते हैं. चुनाव प्रचार में अक्सर शिक्षा, कृषि और शहरी बुनियादी ढांचे (इन्फ्रास्ट्रक्चर) जैसे मुद्दे मुख्य रहते हैं.
भौगोलिक रूप से यह क्षेत्र उत्तरी कुड्डालोर जिले में कावेरी डेल्टा के पास स्थित है. यहां सड़क और रेल मार्गों की अच्छी कनेक्टिविटी है, जो इसे कुड्डालोर, मयिलाडुथुराई और कुम्भकोणम जैसे शहरों से जोड़ती है. इस क्षेत्र का भू-भाग शहरी बस्तियों, कृषि खेतों और सिंचाई नहरों से मिलकर बना है. यहां मंदिर परिसर और विश्वविद्यालय के कैंपस प्रमुख गतिविधि केंद्र हैं. इसके अलावा पास के क्षेत्रों में तटीय इलाके और मछली पकड़ने वाले गांव भी आते हैं.
यहां के प्रमुख स्थानों में चिदंबरम शहर का केंद्र (व्यापार और प्रशासन का मुख्य हब), नटराज मंदिर परिसर (तीर्थयात्रियों का प्रमुख केंद्र), अन्नामलाई विश्वविद्यालय कैंपस (छात्र राजनीति का प्रभाव क्षेत्र), धान और गन्ना उगाने वाले कृषि गांव, और स्थानीय बाजार व व्यापारिक सड़कें शामिल हैं.
मुख्य मुद्दों की बात करें तो यहां मंदिर पर्यटन और विरासत (हेरिटेज) विकास, कृषि और सिंचाई व्यवस्था को मजबूत करना, युवाओं के लिए रोजगार अवसर, शहरी बुनियादी ढांचा जैसे सड़क, नालियां और स्वच्छता, और शिक्षा व स्वास्थ्य सेवाओं का सुधार प्रमुख विकास लक्ष्य हैं.
मतदाताओं के व्यवहार में अलग-अलग वर्गों की अलग प्राथमिकताएं होती हैं, किसान सिंचाई और फसल आय की स्थिरता चाहते हैं, व्यापारी और पर्यटन से जुड़े लोग मंदिर पर्यटन के विकास पर जोर देते हैं, छात्र और युवा रोजगार और शिक्षा सुधार की मांग करते हैं, और ग्रामीण परिवार सरकारी योजनाओं और आवास सुविधाओं को महत्व देते हैं. इसी कारण यहां चुनाव अक्सर काफी प्रतिस्पर्धी और राजनीतिक रूप से सक्रिय रहते हैं.
S. Abdul Rahman
IUML
Natarajan Krishnamoorthy
NTK
G. Devasagayam
MNM
M. Nanthinidevi
AMMKMNKZ
Nota
NOTA
D. Chandra Prabu
BSP
S. Balamurugan
IND
K. Udaya Selvan
AMPK
C. Vinoba
IND
B. Narayanamoorthy
IND
M. Raghunathan
IMK
कमल हासन, जिन्हें लोग ‘उलगनायगन’ कहते हैं, ने अपने अभियान के जरिए साफ कर दिया कि यह चुनाव सिर्फ तमिलनाडु का नहीं, बल्कि पूरे देश के भविष्य का सवाल है. उन्होंने परिसीमन के मुद्दे को केंद्र में रखते हुए मुख्यमंत्री स्टालिन के रुख का समर्थन किया.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तमिलनाडु में लोकसभा में महिला आरक्षण बिल का संशोधन पारित न होने पर निराशा जाहिर करते दिखे. उन्होंने कांग्रेस और डीएमके को बिल न पारित होने का जिम्मेदार ठहराया. उन्होंने कहा कि ये लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है और बीजेपी और एनडीए महिलाओं के अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रखेंगे.
Assembly Election Updates: असम, केरल और पुडुचेरी में चुनाव के बाद अब पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हैं. पश्चिम बंगाल की 294 सदस्यीय विधानसभा के लिए 23 अप्रैल और 29 अप्रैल को वोट डाले जाएंगे. जबकि तमिलनाडु की सभी 234 विधानसभा सीटों पर 23 अप्रैल को वोटिंग होगी. बंगाल में चुनावी पारा चढ़ने के बीच ममता बनर्जी की अगुवाई वाली तृणमूल कांग्रेस (TMC) को झटका लगा है. बंगाल के अल्पसंख्यक बहुल मुर्शिदाबाद जिले की जलांगी विधानसभा सीट से TMC विधायक अब्दुर रज्जाक ने गुरुवार को पार्टी छोड़ने का ऐलान किया है.
डीएमके ने काले झंडे लहराकर और परिसीमन विधेयक की प्रतियां जलाकर विरोध प्रदर्शन किया.16 अप्रैल को डीएमके की बैठकों में ‘काला रंग’ छाया रहा.
स्टालिन की डीएमके ने इस मुद्दे को 'नॉर्थ बनाम साउथ' के रूप में पेश करना शुरू कर दिया है. पार्टी का कहना है कि परिसीमन पर केंद्र सरकार का फैसला क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व को कमजोर कर सकता है.
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने केंद्र सरकार के परिसीमन बिल के खिलाफ कड़ा विरोध जताया है. उन्होंने नामक्कल में चुनाव प्रचार के दौरान बिल की प्रति जलाई और काला झंडा दिखाया. स्टालिन ने इसे तमिलों के खिलाफ फासीवादी कदम बताया और पूरे द्रविड़ क्षेत्र में आंदोलन फैलाने की चेतावनी दी. डीएमके नेताओं ने कहा कि ये बिल दक्षिण भारत के राजनीतिक अधिकारों को कमजोर करेगा और उत्तर भारत के वर्चस्व को बढ़ाएगा.
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने वोटिंग से हफ्ता भर पहले परिसीमन का मुद्दा लपक लिया है. डीएमके की कैंपेन स्ट्रैटेजी बदल कर परिसीमन पर फोकस हो गई है, और काले झंडे के साथ विरोध प्रदर्शन हो रहा है. AIADMK को बचाव की मुद्रा में आना पड़ा है, जबकि टीवीके नेता विजय परिसीमन का जोरदार विरोध कर रहे हैं.
चेन्नई के टी नगर में जब विजय का रोड शो निकला, तो सड़कों का नजारा देखने लायक था. समर्थकों की भारी भीड़ और जबरदस्त उत्साह के बीच पूरा माहौल किसी फिल्मी सीन जैसा लग रहा था. विजय ने टी नगर में घूम-घूमकर प्रचार किया. इस सीट से उनके सबसे करीबी साथी आनंद चुनाव लड़ रहे हैं, जहां मुकाबला काफी कड़ा माना जा रहा है.
INDIA ब्लॉक के नेतृत्व को लेकर अब कांग्रेस के भीतर भी बहस शुरू हो गई है. कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम ने विपक्षी गठबंधन में रोटेशन प्रणाली की वकालत की है. यह बहस विधानसभा चुनावों को देखते हुए शुरू की गई है, या दिक्कत राहुल गांधी से ही है?
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के मद्देनजर अभिनेता से नेता बने विजय का राजनीतिक प्रभाव चर्चा में है. पूर्व बीजेपी अध्यक्ष अन्नामलाई और कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम के बीच विजय की लोकप्रियता और चुनावी भूमिका पर मतभेद देखने को मिले.