DMK
AIADMK
TVK
NTK
नोटा
NOTA
IND
IND
IND
TVVK
IND
AJPK
IND
ACDP
IND
THAKK
IND
Tamil Nadu Election Result 2026 Live: वंदावासी विधानसभा सीट पर DMK ने दोबारा चखा जीत का स्वाद
Tamil Nadu Assembly Election Results 2026 Live: दिग्गज उम्मीदवारों में कौन खुश होगा, किसे लगेगा झटका? जानें रुझानों में कौन आगे और कौन पीछे?
Vandavasi Vidhan Sabha Result Live: तमिलनाडु इलेक्शन रिजल्ट अपडेट्स कैसे चेक करें?
Tamil Nadu Assembly Election Results 2026 Live: दिग्गज उम्मीदवारों में कौन खुश होगा, किसे लगेगा झटका? जानें रुझानों में कौन आगे और कौन पीछे?
Tamil Nadu Election Results 2026 Live: तमिलनाडु चुनाव में राजनीतिक गठबंधनों का प्रदर्शन कैसा है?
Vandavasi Chunav Results 2026 Live: वंदावासी विधानसभा सीट पर यह क्या हो गया!
वंदावासी निर्वाचन क्षेत्र (संख्या 69) तिरुवन्नामलाई जिले का एक प्रमुख रूप से ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र है. यहां की पहचान इसकी कृषि आधारित अर्थव्यवस्था, बड़ी अनुसूचित जाति (SC) आबादी, गन्ना और धान की खेती, तथा सहकारी समितियों पर आधारित ग्रामीण व्यवस्था से होती है. इस क्षेत्र की राजनीति मुख्य रूप से सरकारी योजनाओं के सही क्रियान्वयन, जातीय समीकरणों और किसानों की आजीविका सुरक्षा के इर्द-गिर्द घूमती है. यही कारण है कि यह सीट जिले में संरचनात्मक रूप से बहुत महत्वपूर्ण और निर्णायक मानी जाती है. यहां चुनावों का परिणाम मुख्य रूप से दलित समुदाय के विश्वास, कल्याणकारी योजनाओं की निरंतरता और उम्मीदवार की लोगों तक पहुंच व उपलब्धता पर निर्भर करता है.
वंदावासी, जिसे ऐतिहासिक रूप से वांडीवाश भी कहा जाता है, 1760 में हुए प्रसिद्ध बैटल ऑफ वांडीवाश के कारण ऐतिहासिक महत्व रखता है. यह युद्ध भारत में ब्रिटिश सत्ता की मजबूती का एक महत्वपूर्ण मोड़ माना जाता है. इसके अलावा यह क्षेत्र कोरा घास की चटाई बुनाई और अन्य ग्रामीण हस्तशिल्प के लिए भी जाना जाता है, जो यहां के छोटे कारीगरों और परिवारों की आजीविका का साधन है.
सामाजिक और राजनीतिक दृष्टि से यहां के प्रमुख मतदाता समूहों में अनुसूचित जाति समुदाय (जो संख्या में काफी अधिक हैं), अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) और अत्यंत पिछड़ा वर्ग (MBC) के कृषि परिवार, छोटे और सीमांत किसान, कृषि मजदूर, स्वयं सहायता समूह (SHG) से जुड़ी महिलाएं और सरकारी योजनाओं के लाभार्थी शामिल हैं. यहां राय बनाने में SC समुदाय के नेता, पंचायत अध्यक्ष, सहकारी समितियों के प्रमुख, किसान संघों के प्रतिनिधि, SHG समन्वयक और आंगनवाड़ी कर्मचारी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. मतदान व्यवहार मुख्य रूप से कल्याणकारी योजनाओं पर केंद्रित, जाति-संवेदनशील और स्थानीय मुद्दों पर आधारित रहता है.
भौगोलिक रूप से यह क्षेत्र तिरुवन्नामलाई जिले के दक्षिण-पूर्वी हिस्से में स्थित है. यहां का भूभाग अधिकतर समतल और कृषि योग्य है. मुख्य सड़कों से अच्छी कनेक्टिविटी है, लेकिन अंदरूनी गांवों तक पहुंच कमजोर है. क्षेत्र की चुनौतियों में खराब अंतिम छोर (लास्ट-माइल) सड़कें, बरसात के मौसम में जलभराव और बस सेवाओं की सीमित आवृत्ति शामिल हैं.
राजनीतिक और सामाजिक दृष्टि से कुछ विशेष क्षेत्र (हॉटस्पॉट) भी महत्वपूर्ण हैं, जैसे वंदावासी नगर, गन्ना और धान की खेती वाले क्षेत्र, अनुसूचित जाति बहुल गांव, अंदरूनी कृषि प्रधान पंचायतें और साप्ताहिक बाजार केंद्र. हर इलाके की अपनी अलग प्राथमिकताएं हैं, कहीं पानी और सिंचाई का मुद्दा प्रमुख है, तो कहीं कल्याणकारी योजनाओं और पहुंच (एक्सेस) से जुड़े सवाल महत्वपूर्ण होते हैं.
मुख्य स्थानीय मुद्दों में पेयजल की उपलब्धता और गुणवत्ता, सिंचाई व्यवस्था की स्थिरता, समय पर कृषि मजदूरी और मनरेगा (MGNREGA) के तहत काम, ग्रामीण सड़कों और बस कनेक्टिविटी की स्थिति, स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच, तथा जातीय सम्मान और निष्पक्ष रूप से योजनाओं का लाभ वितरण शामिल हैं.
मतदाताओं का रुझान भी अलग-अलग वर्गों के अनुसार बदलता है. अनुसूचित जाति के मतदाता सम्मान, योजनाओं तक सीधी पहुंच और निरंतर कल्याण पर ध्यान देते हैं. किसान सिंचाई, फसल खरीद व्यवस्था और मजदूर सहयोग जैसे मुद्दों को प्राथमिकता देते हैं. महिलाएं पानी, पेंशन और राशन आपूर्ति को महत्वपूर्ण मानती हैं. युवा कौशल विकास और स्थानीय रोजगार के अवसर चाहते हैं, जबकि बुजुर्ग स्वास्थ्य सेवाओं और पेंशन पर अधिक ध्यान देते हैं. कुल मिलाकर यहां के मतदाता निरंतर संपर्क रखने वाले, सम्मानजनक व्यवहार करने वाले और जमीनी स्तर पर सक्रिय नेतृत्व को पसंद करते हैं और उसी को समर्थन देते हैं.
Murali S
PMK
Prabavathi G
NTK
Nota
NOTA
Venkatesan P
AMMKMNKZ
Suresh S
MNM
Manikandan K
IND
Arjunan M
BSP
Vignesh S
IND
Murali C
IND
Durai B
GPI
Muthuperumal K
IND
तमिलनाडु में फ्लोर टेस्ट से ठीक पहले बड़ा कानूनी मोड़ आ गया है. मद्रास हाईकोर्ट ने TVK विधायक श्रीनिवास सेतुपति को सदन में वोट देने से रोक दिया, जिसके खिलाफ उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है. पोस्टल बैलेट विवाद से जुड़ा यह मामला अब राज्य की सियासत के साथ संवैधानिक बहस का केंद्र बन गया है.
तमिलनाडु में AIADMK के भीतर अब खुली बगावत दिखाई देने लगी है. पार्टी के दो गुट अलग-अलग दावों के साथ प्रोटेम स्पीकर से मिलने पहुंचे हैं. एक गुट एडप्पादी K पलानीस्वामी को विधायक दल का नेता बनाए रखने के पक्ष में है, जबकि दूसरा गुट नेतृत्व परिवर्तन की मांग कर रहा है.
तमिलनाडु चुनावों में हार के बाद AIADMK के भीतर बगावत सामने आई है. पार्टी के वरिष्ठ नेता CV शनमुगम से जुड़े विधायकों और पूर्व मंत्रियों के एक गुट ने पार्टी प्रमुख पलानीस्वामी से इस्तीफे की मांग कर दी है. लगातार चुनावी हार की वजह से पार्टी के भीतर संभावित फूट की अटकलों को तेज कर दिया है.
तमिलनाडु की राजनीति में कभी अजेय मानी जाने वाली अन्नाद्रमुक आज अपने वजूद की सबसे कठिन लड़ाई लड़ रही है. लगातार चौथी हार और आंतरिक बगावत ने 'दो पत्तों' वाली इस विरासत को दो फाड़ होने के कगार पर खड़ा कर दिया है.
तमिलनाडु में सरकार गठन के बीच CPI और CPI(M) ने विजय की टीवीके को बाहरी समर्थन देने का फैसला किया है. वाम दलों ने खुलासा किया कि डीएमके चाहती थी कि वे एआईएडीएमके को समर्थन दें, लेकिन इसे अस्वीकार्य मानते हुए उन्होंने टीवीके का साथ चुना. एमए बेबी ने कहा कि वाम दल डीएमके के साथ वैचारिक रिश्ते जारी रखेंगे, लेकिन टीवीके सरकार में कोई मंत्री पद नहीं मांगेंगे.
थलपति विजय और अरविंद केजरीवाल दोनों ही स्थापित व्यवस्था को चुनौती देने वाले 'डिसरप्टर्स' के रूप में उभरे, जहां विजय का करिश्मा सिनेमाई पर्दे से आता है, वहीं केजरीवाल का आधार ज़मीनी सक्रियता थी, लेकिन दोनों ही जनता की राजनीतिक हताशा और बदलाव की तीव्र आकांक्षा के प्रतीक हैं.
तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) को कांग्रेस का समर्थन मिल गया है, जिससे तमिलनाडु में सत्ता गठन का रास्ता साफ होता नजर आ रहा है. इसी बीच अभिनेता-राजनेता विजय ने राज्यपाल से मुलाकात कर सरकार बनाने का दावा पेश किया है.
कांग्रेस द्वारा TVK को समर्थन देने के फैसले ने सियासी हलचल तेज कर दी है. DMK ने इसे गठबंधन के साथ विश्वासघात बताते हुए तीखा हमला बोला है. पार्टी के वरिष्ठ नेता डीआर बालू ने कांग्रेस पर अवसरवादिता का आरोप लगाया है.
तमिलनाडु की राजनीति में विजय की एंट्री सिर्फ एक सुपरस्टार की सफलता नहीं, बल्कि पिता-पुत्र के संघर्ष, सपनों और रिश्तों की कहानी भी बन गई है. कभी बेटे को फिल्मों में लॉन्च करने वाले एसए चंद्रशेखर आज उसी विजय की राजनीतिक जीत पर गर्व कर रहे हैं. कानूनी विवाद, रिश्तों में दूरियां और फिर भावनात्मक मेल-मिलाप के बाद अब विजय सत्ता के सबसे बड़े दरवाजे तक पहुंच चुके हैं.
तमिलनाडु में चुनाव नतीजों के बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गई है. अभिनेता-राजनेता विजय की पार्टी टीवीके सरकार गठन की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है. कांग्रेस ने टीवीके को समर्थन देने का ऐलान किया है, जबकि डीएमके ने इस फैसले पर नाराजगी जताई है. पहली बार चुनाव लड़कर 108 सीटें जीतने वाली टीवीके अब बहुमत जुटाने और नई सरकार बनाने की कोशिशों में लगी हुई है.