वेल्लोर उत्तरी तमिलनाडु का एक प्रमुख शहरी विधानसभा क्षेत्र है, जिसका निर्वाचन क्षेत्र नंबर 43 है. यह सीट राष्ट्रीय स्तर पर अपने मेडिकल, शैक्षणिक और प्रशासनिक संस्थानों के लिए जानी जाती है. वेल्लोर शहर, क्रिश्चियन मेडिकल कॉलेज (CMC), सरकारी मेडिकल कॉलेज और जिला प्रशासनिक कार्यालय इस क्षेत्र की पहचान हैं. यह एक ज्ञान-आधारित शहरी क्षेत्र है, जहां के मतदाता राजनीति के प्रति जागरूक हैं और बेहतर सेवाओं की अपेक्षा रखते हैं.
यहां के मतदाता मुद्दों को समझने वाले, तुलना करने वाले और जवाबदेही मांगने वाले हैं. शासन और प्रशासन की सेवाओं की गुणवत्ता पर यहां कड़ी नजर रखी जाती है. केवल वादों से नहीं, बल्कि जमीनी कामकाज से ही नेता को आंका जाता है.
राजनीति के अलावा वेल्लोर अपने समृद्ध इतिहास और विरासत के लिए भी प्रसिद्ध है. वेल्लोर किला, प्राचीन मंदिर, श्रीपुरम स्थित स्वर्ण मंदिर (गोल्डन टेंपल), भारत के चमड़ा उद्योग (लेदर हब) में इसकी अहम भूमिका और पास की येलगिरी पहाड़ियां इस क्षेत्र को विशेष महत्व देती हैं.
वेल्लोर के मतदाता वर्ग में मेडिकल प्रोफेशनल्स, नर्सें और अस्पताल कर्मी, छात्र और शैक्षणिक समुदाय, सरकारी कर्मचारी और पेंशनधारक, व्यापारी, सेवा क्षेत्र के कर्मचारी, शहरी मध्यम वर्ग तथा कामकाजी और हाशिए पर रहने वाले मोहल्लों के लोग शामिल हैं. यहां जातीय पहचान मौजूद तो है, लेकिन शिक्षा, सेवा की गुणवत्ता और शहरी प्रशासन उससे अधिक महत्वपूर्ण माने जाते हैं. अल्पसंख्यक समुदाय और महिला मतदाता चुनावी नतीजों में निर्णायक भूमिका निभाते हैं.
वेल्लोर एक क्षेत्रीय केंद्र के रूप में कार्य करता है और राष्ट्रीय राजमार्गों के माध्यम से चेन्नई, बेंगलुरु, रानीपेट और तिरुवन्नामलाई से जुड़ा हुआ है. बस कनेक्टिविटी अच्छी है, लेकिन अस्पतालों और बाजारों के आसपास ट्रैफिक जाम एक बढ़ती हुई समस्या बन चुका है.
यहां के प्रमुख भीड़भाड़ वाले इलाके हैं, CMC और सरकारी अस्पतालों के आसपास का क्षेत्र, बस स्टैंड और बाजार इलाके, कॉलेजों के आसपास के कॉरिडोर, और घनी आबादी वाले रिहायशी मोहल्ले इन क्षेत्रों में प्रशासनिक व्यवस्था पर सबसे ज्यादा दबाव रहता है.
वेल्लोर में अस्पतालों के आसपास ट्रैफिक जाम और पार्किंग की कमी बड़ी समस्या है. बरसात के समय जल निकासी और जलभराव, ठोस कचरा प्रबंधन में कमियां, पीने के पानी की नियमित आपूर्ति, बाहरी आबादी (फ्लोटिंग पॉपुलेशन) के कारण बुनियादी ढांचे पर दबाव, बढ़ती आवासीय घनत्व और किराए से जुड़ी समस्याएं, पैदल यात्रियों की सुरक्षा और स्ट्रीट लाइट की कमी जैसे मुद्दे प्रमुख हैं.
मेडिकल और शैक्षणिक समुदाय व्यवस्था, अनुशासन और भरोसेमंद प्रशासन चाहता है. मध्यम वर्ग साफ-सफाई, पानी की उपलब्धता और सड़कों की हालत को प्राथमिकता देता है. कामकाजी वर्ग और गरीब इलाकों के लोग सरकारी योजनाओं और कल्याणकारी लाभों की सही डिलीवरी चाहते हैं. महिला मतदाता सुरक्षा और स्वच्छता पर ध्यान देती हैं. युवा और छात्र बेहतर परिवहन, अच्छी आवास व्यवस्था और रोजगार के अवसरों की अपेक्षा रखते हैं.
वेल्लोर के मतदाता ऐसे नेतृत्व को समर्थन देते हैं जो सक्षम हो, जमीनी स्तर पर दिखाई दे, आंकड़ों और तथ्यों के आधार पर काम करे. यहां प्रतीकात्मक राजनीति या सिर्फ नारों से काम नहीं चलता, काम करने वाला और परिणाम देने वाला नेतृत्व ही स्वीकार किया.
Appu S.r.k
ADMK
Poonkundran .n
NTK
Vikram Chakravarthy .g
MNM
Nota
NOTA
Naresh Kumar .r
TNLK
Dharmalingam .v.d
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Vishnumohan .e
IND
Vijayaraj .k
IND
Senthilkumar .p
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Syed Jalaluddin .m
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IND
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IND
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Srinivasan .n
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Sathishkumar .s
IND
Karthikeyan .r
IND
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IND
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