किल्वैथिनंकुप्पम विधानसभा क्षेत्र (संख्या 45), वेल्लोर जिला मुख्य रूप से एक ग्रामीण इलाका है. यहां की अर्थव्यवस्था खेती पर निर्भर है, दलित आबादी की संख्या काफी है और गांवों की आजीविका सिंचाई व्यवस्था से जुड़ी हुई है. यह क्षेत्र पालार नदी के बेसिन और तालाबों (टैंकों) से सिंचित इलाकों में फैला है. इसलिए यहां की राजनीति पानी की उपलब्धता, सरकारी योजनाओं का सही लाभ, जमीन से जुड़े कामकाज और विधायक की लोगों तक सीधी पहुंच जैसे मुद्दों के इर्द-गिर्द घूमती है.
यह सीट दिखने में शांत लगती है, लेकिन चुनावी तौर पर काफी संवेदनशील मानी जाती है. यहां नतीजे इस बात पर तय होते हैं कि बूथ स्तर पर कितना संगठित मतदान हुआ और सरकार या विधायक का प्रदर्शन कैसा रहा. रणनीतिक रूप से यह क्षेत्र वेल्लोर-गुडियाट्टम मार्ग पर स्थित है. यहां मोरधाना बांध जैसे स्थानीय महत्व के स्थल हैं, जो सिंचाई और पानी के भंडारण में अहम भूमिका निभाते हैं.
राजनीतिक और सामाजिक चरित्र की बात करें तो यहां के मतदाता मुख्य रूप से अनुसूचित जाति समुदायों, छोटे और सीमांत किसानों, खेतिहर मजदूरों, ग्रामीण महिलाओं और स्वयं सहायता समूह (SHG) से जुड़ी महिलाओं, तथा सरकारी कल्याण योजनाओं के लाभार्थियों से मिलकर बने हैं. यहां दलित नेतृत्व और पंचायत स्तर के प्रभावशाली लोग चुनावी नतीजों में निर्णायक भूमिका निभाते हैं. मतदान ज्यादातर विचारधारा से नहीं, बल्कि कामकाज और प्रदर्शन के आधार पर होता है.
भूगोल और कनेक्टिविटी के लिहाज से यह क्षेत्र पालार नदी पर निर्भर गांवों, तालाबों से सिंचित कृषि पट्टियों और अंदरूनी पंचायतों को शामिल करता है. मुख्य सड़कों की कुछ बुनियादी सुविधाएं मौजूद हैं, लेकिन अंदरूनी इलाकों की सड़कें, बस सेवाएं और पुलों की स्थिति अभी भी पर्याप्त नहीं है.
इस विधानसभा क्षेत्र के संवेदनशील और प्रमुख इलाके पालार सिंचाई पर निर्भर गांव, टैंक कमांड एरिया (तालाबों से पानी पाने वाले क्षेत्र) और अंदरूनी दलित बस्तियां हैं, जहां विकास और सुविधाओं की मांग अधिक रहती है.
मतदाताओं का मूड साफ तौर पर जरूरतों पर आधारित है. किसान सुनिश्चित और नियमित सिंचाई चाहते हैं. दलित परिवार सम्मान, सरकारी कल्याण योजनाओं का पूरा लाभ और जमीन से जुड़ी सुरक्षा की मांग करते हैं. महिलाएं पानी, स्वास्थ्य सेवाओं और पेंशन को प्राथमिकता देती हैं. युवा स्थानीय स्तर पर रोजगार और कौशल विकास के अवसर चाहते हैं, जबकि बुज़ुर्ग मतदाता अच्छी स्वास्थ्य सुविधाओं और भरोसेमंद सरकारी लाभों को अहम मानते हैं.
किल्वैथिनंकुप्पम के मतदाता हमेशा उसी नेतृत्व को समर्थन देते हैं जो जमीन पर दिखाई देने वाला काम करे, लोगों की शिकायतों को निष्पक्षता से सुने और गांव स्तर पर ठोस व वास्तविक सुधार लाए.
K Seetharaman
DMK
Divya Rani J
NTK
Nota
NOTA
P Dhanaseelan
DMDK
Elavarasan K
RPPRINAT
K Venkatasamy
IJK
Pushpalatha D
BSP
S Selva Chenguttuvan
IND
E.p.elanchezhiyan
IND
Sathu K
NDPOSI
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